श्रेणी: पूर्वी दिल्ली

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  • उत्तर-पूर्वी दिल्ली में “शुद्ध प्रहार”: 10 दिन में 569 गिरफ्तार, 4 करोड़ के रेडियो यूनिट, 828 किलो पटाखे और मिलावटी घी ज़ब्त

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली में “शुद्ध प्रहार”: 10 दिन में 569 गिरफ्तार, 4 करोड़ के रेडियो यूनिट, 828 किलो पटाखे और मिलावटी घी ज़ब्त

    क्या हुआ: उत्तर-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने त्योहारों से पहले 10 दिन का “शुद्ध प्रहार” अभियान चलाकर 569 लोगों को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया
    कब: 20 से 29 अक्टूबर 2026; जानकारी 31 अक्टूबर को जारी
    कहां: उत्तर-पूर्वी दिल्ली ज़िला; नशे पर खास निगरानी नंद नगरी इलाके में
    आपके लिए मतलब: त्योहारी भीड़ में चोरी, झपटमारी, अवैध पटाखे और मिलावटी घी पर कार्रवाई तेज़ है; मोहल्ले में गश्त बढ़ने की उम्मीद
    क्या करें: संदिग्ध गतिविधि दिखे तो 112 पर कॉल करें; घी-मिठाई भरोसेमंद दुकान से खरीदें और बिल लें; अवैध पटाखों की सूचना पुलिस को दें

    दिवाली से ठीक पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने अपने 10 दिन के अभियान का हिसाब सामने रखा है। PTI और अमर उजाला के मुताबिक 20 से 29 अक्टूबर तक चले “शुद्ध प्रहार” अभियान में 569 लोगों को गिरफ्तार किया गया। निशाने पर आदतन अपराधी, अवैध शराब बेचने वाले, नशा तस्कर, जुआरी और दूसरे असामाजिक तत्व थे।

    सबसे बड़ी बरामदगी 161 रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) की रही, जिनकी कीमत पुलिस ने करीब 4 करोड़ रुपये आंकी है। ये उपकरण मोबाइल टावरों में लगते हैं। इस मामले में तीन लोग पकड़े गए।

    पटाखा यूनिट और मिलावटी घी की फैक्ट्री

    ज़िला पुलिस के बयान के मुताबिक अवैध पटाखे बनाने वाली दो यूनिट पकड़ी गईं। पांच मामलों में नौ लोग गिरफ्तार हुए और 828.1 किलो पटाखे बरामद हुए। अलग से 57.8 किलो पटाखे और मिले। एक फैक्ट्री में कथित तौर पर मिलावटी घी बन रहा था। वहां से 221.5 किलो घी और उसे बनाने के उपकरण ज़ब्त किए गए और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

    त्योहार के मौसम में घी और मिठाई की मांग बढ़ती है, इसलिए यह बरामदगी सीधे आपकी रसोई से जुड़ी है। खुले में बिकने वाले सस्ते घी से बचना ही बेहतर है।

    किस अपराध में कितनी गिरफ्तारियां

    • हत्या के मामलों में 6, हत्या की कोशिश में 10, लूट में 8 और झपटमारी में 7
    • ई-चोरी समेत चोरी के मामलों में 147, घर में चोरी के 28, सेंधमारी के 5 और वाहन चोरी के 4
    • आर्म्स एक्ट में 48 गिरफ्तार; एक देसी पिस्तौल, एक ज़िंदा कारतूस और 46 चाकू बरामद
    • एक्साइज़ एक्ट में 24 गिरफ्तार; देसी शराब के 1,547 क्वार्टर ज़ब्त
    • NDPS एक्ट में 8 गिरफ्तार, 5.098 किलो गांजा बरामद
    • जुए में 75 और धोखाधड़ी में 46 गिरफ्तार

    पुलिस ने 15 घोषित बदमाशों को भी पकड़ा। इसके अलावा 6,103 लोगों पर एहतियाती कार्रवाई हुई, जिनमें 5,590 पर दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत कार्रवाई शामिल है। धारा 66 के तहत 266 गाड़ियां ज़ब्त की गईं।

    नंद नगरी में नशे पर खास नज़र

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक हाल में ज़िला विकास समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने इलाके में नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर चिंता जताई थी। इसके बाद पुलिस ने नंद नगरी इलाके में विशेष निगरानी शुरू की है। पुलिस यह भी जांच रही है कि सप्लाई के तार शाहदरा ज़िले से जुड़े हैं या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार नारकोटिक्स टीम के साथ स्थानीय पुलिस काम कर रही है और ACP स्तर के अधिकारी सादी वर्दी में फील्ड में उतरेंगे।

    यानी अभियान के आंकड़े बड़े हैं, पर मोहल्लों में भरोसा लगातार गश्त से ही बनेगा।

    ऑपरेशन शुद्ध प्रहार क्या है?

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली पुलिस का 20 से 29 अक्टूबर 2026 तक चला 10 दिन का अभियान, जिसमें 569 लोग गिरफ्तार हुए।

    अभियान में क्या-क्या बरामद हुआ?

    करीब 4 करोड़ रुपये की 161 रिमोट रेडियो यूनिट, 828.1 किलो पटाखे, 221.5 किलो कथित मिलावटी घी, 46 चाकू और 5.098 किलो गांजा।

    संदिग्ध गतिविधि की शिकायत कहां करें?

    आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें या नज़दीकी थाने में सूचना दें।

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  • MCD का बड़ा फैसला: डेंगू से लड़ने को 1,066 भर्तियां, 923 करोड़ की 70 सफाई मशीनें; गाज़ीपुर समेत बॉर्डर पर बिना रुके कटेगा टोल

    MCD का बड़ा फैसला: डेंगू से लड़ने को 1,066 भर्तियां, 923 करोड़ की 70 सफाई मशीनें; गाज़ीपुर समेत बॉर्डर पर बिना रुके कटेगा टोल

    क्या हुआ: MCD स्थायी समिति ने मच्छर-रोधी काम के लिए 1,066 खाली पदों पर कॉन्ट्रैक्ट भर्ती, 923.6 करोड़ रुपये में 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और बैरियर-फ्री टोल प्रस्ताव को मंज़ूरी दी
    कब: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की बैठक
    कहां: MCD के सभी 250 वार्ड; टोल सिस्टम गाज़ीपुर समेत दिल्ली के एंट्री पॉइंट पर
    आपके लिए मतलब: डेंगू-मलेरिया जांच के लिए ज़्यादा फील्ड स्टाफ, सड़कों पर कम धूल और बॉर्डर टोल पर कमर्शियल गाड़ियों का कम जाम
    क्या करें: घर-छत पर पानी जमा न होने दें, मच्छर ब्रीडिंग या टूटी सड़क की शिकायत MCD 311 ऐप पर करें

    डेंगू के मौसम में गली-मोहल्लों में मच्छर जांच करने वाले कर्मचारी कम पड़ रहे थे। अब दिल्ली नगर निगम (MCD) ने इस कमी को भरने का रास्ता खोला है। शुक्रवार को MCD की स्थायी समिति ने जन स्वास्थ्य विभाग के 1,066 खाली पदों पर कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती को मंज़ूरी दी। इसी बैठक में सड़कों की धूल कम करने के लिए 923.6 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट और बॉर्डर पर बिना रुके टोल वसूली का प्रस्ताव भी पास हुआ।

    मच्छरों से लड़ने के लिए 1,066 पद

    टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक खाली पदों में 14 एंटी-मलेरिया ऑफिसर, 105 मलेरिया इंस्पेक्टर, 398 असिस्टेंट मलेरिया इंस्पेक्टर और 549 मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) शामिल हैं। यही लोग घर-घर जाकर लार्वा जांचते हैं, ब्रीडिंग खत्म कराते हैं, फॉगिंग करते हैं और जागरूकता अभियान चलाते हैं।

    स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि यह विभाग संक्रामक और मच्छर से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम और निगरानी में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए नियमित फील्ड जांच, लार्वा टेस्टिंग और जागरूकता ज़रूरी है।

    70 मशीनें करेंगी सड़कों की सफाई

    923.6 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें अगले 10 साल तक MCD की सड़कों पर चलेंगी। काम तीन पैकेज में बंटा है:

    • पहला पैकेज: 29 मशीनें, 369.5 करोड़ रुपये (एजेंसी को काम दिया जा चुका)
    • दूसरा पैकेज: 28 मशीनें, 368.8 करोड़ रुपये
    • तीसरा पैकेज: 13 मशीनें, 185.2 करोड़ रुपये

    छोटी मशीनें बिजली से चलेंगी, बड़ी मशीनों में बिजली या CNG का विकल्प होगा। PTI के मुताबिक ये मशीनें नवंबर के पहले हफ्ते में आनी थीं, पर इनमें देरी हुई है।

    बॉर्डर पर बिना रुके टोल

    गाज़ीपुर भी लिस्ट में

    PTI के अनुसार समिति ने दिल्ली के 126 एंट्री पॉइंट पर बैरियर-फ्री टोल वसूली का प्रस्ताव मंज़ूर किया। इकनॉमिक टाइम्स और TOI के मुताबिक पहले चरण में 20 बड़े पॉइंट पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लग रहा है, जिनसे शहर में आने वाला करीब 85% ट्रैफिक गुज़रता है। इनमें गाज़ीपुर, राजोकरी, बदरपुर, द्वारका और आया नगर शामिल हैं।

    इस सिस्टम में RFID टैग और नंबर प्लेट पढ़ने वाले ANPR कैमरों से टोल टैक्स और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) अपने आप कटेगा। बिना भुगतान निकलने वाली गाड़ियों को डिजिटल नोटिस जाएगा। ओवरहेड गैंट्री लग चुकी हैं और अगले हफ्ते ट्रायल की योजना है। एक वरिष्ठ MCD अधिकारी ने TOI से कहा कि NHAI से अनुमति 15 सितंबर को ही मिली थी।

    हर वार्ड में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग

    सत्या शर्मा ने अफसरों को हर वार्ड के कम से कम एक पार्क में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने को कहा। बैठक में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा बिना अनुमति और तालमेल के सड़कें खोदने पर भी चिंता जताई गई, जो यमुनापार के गांधी नगर-गीता कॉलोनी जैसे इलाकों में जाम की बड़ी वजह बनी हुई है। गाज़ीपुर बॉर्डर पर रोज़ जाम झेलने वाले पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए टोल सिस्टम कितना काम करता है, यह ट्रायल के बाद ही साफ होगा।

    MCD कितने पदों पर भर्ती करेगी?

    जन स्वास्थ्य विभाग के 1,066 खाली पदों पर कॉन्ट्रैक्ट भर्ती, जिनमें 549 MTS और 398 असिस्टेंट मलेरिया इंस्पेक्टर हैं।

    रोड स्वीपिंग मशीनों पर कितना खर्च होगा?

    10 साल के लिए 70 मशीनों पर करीब 923.6 करोड़ रुपये।

    बैरियर-फ्री टोल कहां लगेगा?

    पहले चरण में गाज़ीपुर, बदरपुर, राजोकरी, द्वारका, आया नगर समेत 20 बड़े एंट्री पॉइंट पर।

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  • छठ 2026: दिल्ली में 1,400 से ज़्यादा घाट, सीलमपुर के वासुदेव घाट पर भी इंतज़ाम; 16 नवंबर को छुट्टी

    छठ 2026: दिल्ली में 1,400 से ज़्यादा घाट, सीलमपुर के वासुदेव घाट पर भी इंतज़ाम; 16 नवंबर को छुट्टी

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार इस बार 1,400 से ज़्यादा छठ घाट तैयार करवा रही है; यमुना किनारे 17 मॉडल घाट और 23 बड़े प्राकृतिक घाट बनेंगे, सीलमपुर के वासुदेव घाट पर भी अस्थायी इंतज़ाम हो रहे हैं
    कब: मुख्यमंत्री ने बुनियादी तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी करने को कहा है; 16 नवंबर को छठ की सरकारी छुट्टी घोषित
    कहां: पल्ला से कालिंदी कुंज-ओखला तक यमुना का किनारा; पूर्वी दिल्ली में सीलमपुर (युधिष्ठिर सेतु के सामने वासुदेव घाट) और सभी 11 ज़िलों के पार्क-मैदान
    आपके लिए मतलब: यमुनापार के पूर्वांचली परिवारों को इस बार घर के पास कृत्रिम घाट और यमुना किनारे टेंट, पानी, शौचालय, CCTV और मेडिकल कैंप जैसी सुविधाएं मिलनी हैं
    क्या करें: अपने इलाके का घाट पहले से देख लें; घाट पर कमी दिखे तो अपने विधायक कार्यालय, ज़िला प्रशासन या छठ पूजा समिति को समय रहते बताएं

    दिवाली के ठीक बाद आने वाले छठ महापर्व के लिए दिल्ली में घाट बनाने का काम तेज़ हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 अक्टूबर को समीक्षा बैठक में अफसरों से कहा कि सभी घाटों पर बुनियादी तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी हो जाएं। उसके बाद सिर्फ घाट में पानी भरने, टेंट लगाने और आखिरी सफाई जैसे काम बचें। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक CM ने अफसरों से खुद घाटों पर जाकर जांच करने को भी कहा है, सिर्फ प्रोग्रेस रिपोर्ट पर भरोसा नहीं।

    इस बार कितने घाट

    मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार इस साल दिल्ली में 1,400 से ज़्यादा छठ घाट बनने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल 1,326 घाट बने थे। NDTV इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना के किनारे पल्ला गांव से कालिंदी कुंज तक 17 मॉडल छठ घाट और 23 बड़े प्राकृतिक घाट तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा सभी 11 ज़िलों के पार्कों, सोसायटियों और खुले मैदानों में करीब 1,300 कृत्रिम घाट बनाने की तैयारी है।

    प्राकृतिक घाटों की सूची में सूर घाट, ITO का यमुना घाट, निगमबोध घाट, वज़ीराबाद ब्रिज घाट, कालिंदी कुंज घाट, कुदेसिया घाट, वासुदेव घाट, बुराड़ी घाट, संगम विहार घाट और इंद्रपुरी घाट शामिल बताए गए हैं।

    पूर्वी दिल्ली में क्या हो रहा है

    सीलमपुर का वासुदेव घाट

    दिल्ली सरकार के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने जीटी रोड पर युधिष्ठिर सेतु के सामने, यमुना के बाएं किनारे पर बने वासुदेव घाट पर छठ पूजा 2026 के अस्थायी इंतज़ामों का टेंडर निकाला है। यह इलाका सीलमपुर, शास्त्री पार्क, वेलकम और जाफराबाद के श्रद्धालुओं के सबसे पास पड़ता है।

    कॉलोनियों में कृत्रिम घाट

    सुंदर नगरी, नंद नगरी, शाहदरा, त्रिलोकपुरी, मयूर विहार और लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में हर साल पार्कों और DDA मैदानों में अस्थायी घाट बनते हैं। इस बार भी ज़िला प्रशासन और स्थानीय छठ समितियों के ज़रिए यही इंतज़ाम होने हैं। किस पार्क में घाट बनेगा, इसकी सूची ज़िलेवार जारी होती है।

    सुविधाएं और 16 नवंबर की छुट्टी

    बड़े घाटों पर CCTV निगरानी, कपड़े बदलने के लिए टेंट, साफ पीने का पानी, मोबाइल टॉयलेट और मेडिकल कैंप का इंतज़ाम होना है। नवंबर में ठंड की आशंका को देखते हुए CM ने बड़े और मध्यम घाटों पर ढके हुए टेंट लगाने को कहा है। साथ ही 16 नवंबर को सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है।

    यमुना का दिल्ली वाला हिस्सा देश के सबसे प्रदूषित नदी हिस्सों में गिना जाता है और हर साल छठ से पहले झाग की तस्वीरें चिंता बढ़ाती हैं। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए साफ पानी वाले कृत्रिम घाट भी उतने ही अहम हैं।

    दिल्ली में इस बार कितने छठ घाट बनेंगे?

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक 1,400 से ज़्यादा, जबकि पिछले साल 1,326 घाट बने थे।

    क्या छठ पर दिल्ली में छुट्टी है?

    हां, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 16 नवंबर को सरकारी छुट्टी घोषित की है।

    पूर्वी दिल्ली में यमुना किनारे कौन सा घाट पास है?

    सीलमपुर में जीटी रोड पर युधिष्ठिर सेतु के सामने वासुदेव घाट, जहां सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग अस्थायी इंतज़ाम कर रहा है।

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  • गांधी नगर की फैक्ट्रियों से 19 बच्चे छुड़ाए गए, 10 रुपये रोज़ पर करवा रहे थे सिलाई; 9 मालिक पकड़े, 9 यूनिट सील

    गांधी नगर की फैक्ट्रियों से 19 बच्चे छुड़ाए गए, 10 रुपये रोज़ पर करवा रहे थे सिलाई; 9 मालिक पकड़े, 9 यूनिट सील

    क्या हुआ: पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में कपड़ा और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की फैक्ट्रियों से 19 बच्चों को बाल मज़दूरी से छुड़ाया गया; नौ फैक्ट्री मालिक पकड़े गए और नौ यूनिट सील की गईं
    कब: कार्रवाई की जानकारी 30 अक्टूबर 2026 को सामने आई
    कहां: गांधी नगर, पूर्वी दिल्ली; FIR गांधी नगर थाने में दर्ज
    आपके लिए मतलब: बच्चों से काम करवाना गंभीर अपराध है; आसपास ऐसा दिखे तो चुप न रहें
    क्या करें: बाल मज़दूरी की सूचना चाइल्डलाइन 1098 या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर दें; आपकी पहचान गोपनीय रखी जा सकती है

    दस साल का एक बच्चा, जिसे फैक्ट्री में काम के बदले रोज़ के सिर्फ 10 रुपये मिलते थे और जिनसे वह खाने की जगह टॉफी-नमकीन खरीद लेता था। गांधी नगर की फैक्ट्रियों से छुड़ाए गए 19 बच्चों की कहानी कुछ ऐसी ही है। समाचार एजेंसी PTI और द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में कपड़ा और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की यूनिटों पर छापे में ये बच्चे मिले। नौ फैक्ट्री मालिकों को पकड़ा गया और नौ फैक्ट्रियां सील कर दी गईं।

    उत्तर प्रदेश और बिहार से लाए गए थे बच्चे

    छुड़ाए गए बच्चों की उम्र 10 से 17 साल के बीच है। इनमें पांच बच्चे 14 साल से कम उम्र के हैं और एक लड़की भी है। पुलिस के मुताबिक बच्चों को उत्तर प्रदेश और बिहार से दिल्ली लाया गया था और वे करीब आठ महीने से इन यूनिटों में काम कर रहे थे।

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 19 में से 15 बच्चे सिलाई और कढ़ाई की यूनिटों में लगे थे, जबकि चार आर्टिफिशियल ज्वेलरी की पैकिंग करते थे।

    सुबह 7 से रात 8 बजे तक काम, फैक्ट्री में ही सोना

    पूछताछ में सामने आया कि दो बच्चे रोज़ सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक काम करते थे, रात को फैक्ट्री में ही सो जाते थे और अगली सुबह फिर मशीन पर बैठ जाते थे। बच्चों को हफ्ते के 20 से 200 रुपये तक दिए जाते थे। सबसे छोटे, 10 साल के बच्चे को रोज़ 10 रुपये मिलते थे।

    किसने की कार्रवाई

    FIR के मुताबिक छापे एक संयुक्त टीम ने मारे, जिसमें SDM, तहसीलदार, श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस और गैर-सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA), बेसिक फाउंडेशन और बाल विकास धारा शामिल थे।

    AVA के राष्ट्रीय समन्वयक धनंजय टिंगल ने कहा कि बच्चों को घर से दूर ले जाकर उनका बचपन छीन लिया गया; जिस उम्र में हाथ में किताबें और खिलौने होने चाहिए थे, उस उम्र में वे सुई-धागे और मशीनों के साथ काम कर रहे थे।

    सभी बच्चों का मेडिकल करवाया गया और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के निर्देश पर उन्हें बाल गृह भेजा गया है। फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ गांधी नगर थाने में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015, बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम 1986 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में FIR दर्ज हुई है और जांच जारी है।

    यमुनापार के लिए सबक

    गांधी नगर, सीलमपुर, जाफराबाद और आसपास के इलाकों में गलियों के अंदर सैकड़ों छोटी सिलाई और पैकिंग यूनिटें चलती हैं। ऐसी जगहों पर बाहर से लाए गए कम उम्र के बच्चे दिखें, देर रात तक काम चलता मिले या बच्चे वहीं रहते हों, तो यह खतरे का संकेत है। कानून के मुताबिक 14 साल से कम उम्र के बच्चे से किसी भी तरह का काम करवाना अपराध है, और 14 से 18 साल के किशोरों से खतरनाक काम नहीं करवाया जा सकता।

    गांधी नगर में कितने बच्चों को बाल मज़दूरी से छुड़ाया गया?

    19 बच्चों को, जिनकी उम्र 10 से 17 साल है। नौ फैक्ट्री मालिक पकड़े गए और नौ यूनिट सील हुईं।

    छुड़ाए गए बच्चों का अब क्या होगा?

    मेडिकल जांच के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के निर्देश पर उन्हें बाल गृह भेजा गया है।

    बाल मज़दूरी की शिकायत कहां करें?

    चाइल्डलाइन 1098 या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर, या नज़दीकी थाने में।

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  • गांधी नगर, गीता कॉलोनी और झील खुरेजा में जाम क्यों? ट्रैफिक पुलिस ने DM को लिखी चिट्ठी, खुदी सड़कें और मलबा बताया वजह

    गांधी नगर, गीता कॉलोनी और झील खुरेजा में जाम क्यों? ट्रैफिक पुलिस ने DM को लिखी चिट्ठी, खुदी सड़कें और मलबा बताया वजह

    क्या हुआ: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गांधी नगर ट्रैफिक सर्कल की सड़कों पर खुदाई, अधूरे काम और मलबे से लग रहे जाम पर पूर्वी ज़िले के DM को चिट्ठी लिखकर तुरंत दखल मांगा है
    कब: 15 अक्टूबर को मौके का निरीक्षण हुआ, चिट्ठी करीब दो हफ्ते पहले भेजी गई; खबर 30 अक्टूबर 2026 को सामने आई
    कहां: गीता कॉलोनी का राजा राम कोहली मार्ग और ब्लॉक 1-A, स्वामी दयानंद मार्ग, झील खुरेजा, कांति नगर साउथ और आसपास की गलियां
    आपके लिए मतलब: इन रास्तों पर रोज़ जाम, उड़ती धूल और फिसलन वाली सड़क से दोपहिया और पैदल चलने वालों को सबसे ज़्यादा खतरा है
    क्या करें: इन सड़कों से गुज़रें तो समय लेकर निकलें, बच्चों और बुज़ुर्गों के साथ सावधानी रखें; मलबे या टूटी सड़क की शिकायत MCD की 311 ऐप पर फोटो के साथ दर्ज कर सकते हैं

    गांधी नगर बाज़ार, गीता कॉलोनी या झील खुरेजा की तरफ से रोज़ निकलने वाले लोग जिस जाम को अपनी किस्मत मान चुके हैं, उसकी वजहें अब ट्रैफिक पुलिस ने खुद कागज़ पर लिख दी हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गांधी नगर ट्रैफिक सर्कल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने पूर्वी ज़िला प्रशासन यानी DM को चिट्ठी भेजकर कहा है कि खोदी गई सड़कें, अधूरे सिविल काम, बिल्डिंग मलबे के ढेर और टूटी सतह यहां जाम, धूल और हादसों की बड़ी वजह बन गए हैं।

    चिट्ठी में अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाकर मलबा हटाने, खुदी सड़कें ठीक करवाने, धूल रोकने और सड़क सुरक्षा के इंतज़ाम करने की मांग की गई है। पुलिस का कहना है कि 15 अक्टूबर को फील्ड इंस्पेक्शन किया गया और हर समस्या वाली जगह की GPS लोकेशन वाली तस्वीरें भी ली गईं।

    किन सड़कों पर सबसे बुरा हाल

    राजा राम कोहली मार्ग, गीता कॉलोनी

    यहां सड़क किनारे खुदाई की मिट्टी, ईंटें, टूटा कंक्रीट और मलबा जमा मिला। कंक्रीट के स्लैब और निर्माण सामग्री सड़क के चलने लायक हिस्से तक फैली है, जिससे दोनों तरफ के ट्रैफिक के लिए रास्ता संकरा हो गया है। पुलिस ने लिखा है कि पैदल चलने वाले, साइकिल सवार और ई-रिक्शा मजबूरी में गाड़ियों के साथ उसी तंग हिस्से में चल रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ता है।

    स्वामी दयानंद मार्ग और झील खुरेजा

    इन हिस्सों में खुदाई अधूरी छोड़ दी गई, सड़क की मरम्मत पूरी नहीं हुई और ढीली मिट्टी व रोड़ी सड़क पर बिखरी पड़ी है। ऊबड़-खाबड़ सतह पर दोपहिया वाहनों के फिसलने का डर सबसे ज़्यादा बताया गया है।

    गीता कॉलोनी ब्लॉक 1-A और कांति नगर साउथ

    यहां मलबे के अलावा सड़क पर खड़ी निजी और कमर्शियल गाड़ियां भी रास्ता घेर रही हैं। खुली मिट्टी और निर्माण कचरा गाड़ियों के गुज़रते ही धूल बनकर उड़ता है।

    एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की चिंता

    चिट्ठी का सबसे गंभीर हिस्सा यह है कि संकरी हो चुकी सड़कों पर एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियों के फंसने का खतरा है। फुटपाथ और सड़क के किनारे घिरे होने से लोग सड़क के बीच में चलने को मजबूर हैं। यानी मामला सिर्फ देरी का नहीं, सुरक्षा का भी है।

    यमुनापार के लिए इसका मतलब

    गांधी नगर एशिया के बड़े कपड़ा बाज़ारों में गिना जाता है और त्योहारी सीज़न में यहां भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। दिवाली 8 नवंबर को है, इसलिए अगले दस दिन यही सड़कें सबसे ज़्यादा भरी रहेंगी। अगर मलबा और अधूरा काम समय पर नहीं हटा, तो शाहदरा, कृष्णा नगर और लक्ष्मी नगर की तरफ जाने वाला ट्रैफिक भी इसकी चपेट में आएगा। हाल की बारिश के बाद खुली मिट्टी कीचड़ में बदल चुकी है, जो फिसलन और बढ़ाती है।

    अब नज़र इस पर है कि ज़िला प्रशासन MCD, PWD और जल बोर्ड जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर कितनी जल्दी काम पूरा करवाता है। रिपोर्ट में अभी किसी एजेंसी की तरफ से तय समय-सीमा का ज़िक्र नहीं है।

    गांधी नगर और गीता कॉलोनी में जाम की वजह क्या है?

    ट्रैफिक पुलिस की चिट्ठी के मुताबिक खोदी गई सड़कें, अधूरे सिविल काम, मलबे के ढेर, टूटी सतह और सड़क पर खड़ी गाड़ियां।

    ट्रैफिक पुलिस ने किससे कार्रवाई मांगी है?

    पूर्वी ज़िले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) से, ताकि सभी एजेंसियां मिलकर मलबा हटाएं और सड़कें ठीक करें।

    टूटी सड़क या मलबे की शिकायत कहां करें?

    MCD की 311 ऐप पर फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज की जा सकती है।

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  • पूर्वी दिल्ली में आज 3 घंटे का पावर कट: सीलमपुर, शाहदरा, घोंडा, मुस्तफाबाद और मंडोली के इन ब्लॉकों में बिजली बंद रहेगी

    पूर्वी दिल्ली में आज 3 घंटे का पावर कट: सीलमपुर, शाहदरा, घोंडा, मुस्तफाबाद और मंडोली के इन ब्लॉकों में बिजली बंद रहेगी

    क्या हुआ: बिजली कंपनी BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) ने रखरखाव के लिए पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई ब्लॉकों में तीन-तीन घंटे बिजली बंद रखने का शेड्यूल जारी किया है
    कब: आज, शुक्रवार 30 अक्टूबर 2026; सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच, इलाके के हिसाब से
    कहां: सीलमपुर (गोरख पार्क, रोहिताश नगर, प्रताप पुरा), शाहदरा का सुंदर पार्क, घोंडा, पुराना मुस्तफाबाद, दयालपुर, मंडोली एक्सटेंशन, न्यू लायलपुर, पांडव नगर, गणेश नगर, मयूर विहार फेज़-1
    आपके लिए मतलब: इन ब्लॉकों में दोपहर तक बिजली के साथ मोटर से पानी चढ़ाना भी रुकेगा
    क्या करें: 10 बजे से पहले पानी की टंकी भर लें, फोन-इन्वर्टर चार्ज कर लें; बिजली न लौटे तो BYPL हेल्पलाइन 19122 पर शिकायत करें

    यमुनापार के कई मोहल्लों में आज सुबह का काम जल्दी निपटाना पड़ेगा। बिजली कंपनी BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के 30 अक्टूबर के मेंटेनेंस शटडाउन शेड्यूल में सीलमपुर, शाहदरा, घोंडा, मुस्तफाबाद, मंडोली और लक्ष्मी नगर डिवीज़न के कई ब्लॉक शामिल हैं। ज़्यादातर जगह कटौती सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच शुरू होकर करीब तीन घंटे चलेगी। कंपनी ने इसकी वजह “प्रिवेंटिव मेंटेनेंस” यानी लाइनों और उपकरणों की नियमित जांच-मरम्मत बताई है।

    कहां, कितने बजे कटेगी बिजली

    सीलमपुर और शाहदरा

    • GT रोड डिवीज़न (सुबह 10:15 से दोपहर 1:15): गोरख पार्क वेस्ट, न्यू जाफराबाद-गोरख पार्क, गोरख पार्क ब्लॉक B, रोहिताश नगर और प्रताप पुरा ब्लॉक A (सीलमपुर)।
    • कड़कड़डूमा डिवीज़न (सुबह 10:15 से दोपहर 1:15): सुंदर पार्क, शाहदरा।
    • कृष्णा नगर डिवीज़न (सुबह 10 से दोपहर 1 बजे): न्यू लायलपुर कॉलोनी के ब्लॉक A, C, D, F, गली नंबर 1 और जगतपुरी ब्लॉक B।

    घोंडा, मुस्तफाबाद और मंडोली

    • यमुना विहार डिवीज़न (सुबह 10:30 से दोपहर 1:30): घोंडा पट्टी ब्लॉक A और गामड़ी-घोंडा।
    • करावल नगर डिवीज़न (सुबह 10:30 से दोपहर 1:30): पुराना मुस्तफाबाद के G और H ब्लॉक, मान सिंह नगर, दयालपुर D ब्लॉक (गली 3-4 और D-7) और सोनिया विहार की ओर D-3 ब्लॉक।
    • नंद नगरी डिवीज़न (सुबह 10:30 से दोपहर 1:30): मंडोली एक्सटेंशन ब्लॉक A, ब्लॉक D और मंडोली एक्सटेंशन पार्ट-2।

    लक्ष्मी नगर और मयूर विहार

    • लक्ष्मी नगर डिवीज़न (सुबह 10:30 से दोपहर 1:30): पांडव नगर ब्लॉक A, गणेश नगर ब्लॉक A, C और D (शकरपुर)।
    • मयूर विहार डिवीज़न (सुबह 10:10 से दोपहर 1:10): मयूर विहार फेज़-1 के पॉकेट-1 DDA फ्लैट्स और आचार्य निकेतन-शशि गार्डन।
    • वसुंधरा एन्क्लेव (सुबह 10:30 से दोपहर 1:30): सरस्वती कुंज-ईस्ट एंड अपार्टमेंट, न्यू अशोक नगर।

    पूरा मोहल्ला नहीं, चुने हुए ब्लॉक

    ध्यान रहे कि शेड्यूल में पूरे इलाके नहीं, बल्कि खास ब्लॉक और फीडर लिखे हैं। मसलन सीलमपुर में सिर्फ गोरख पार्क, रोहिताश नगर और प्रताप पुरा के हिस्से हैं, पूरा सीलमपुर नहीं। इसलिए अपने ब्लॉक का नाम ऊपर की सूची से मिलाकर देखें। काम जल्दी खत्म हुआ तो सप्लाई तय समय से पहले भी लौट सकती है।

    घर पर क्या तैयारी करें

    पूर्वी दिल्ली की ज़्यादातर गलियों में ऊपर की टंकी में पानी मोटर से चढ़ता है, इसलिए सबसे पहला काम सुबह 10 बजे से पहले टंकी भरना है। घर से काम करने वाले लैपटॉप और फोन पूरे चार्ज रख लें। बिजली लौटते ही फ्रिज, मोटर और गीज़र एक साथ न चलाएं, ताकि वोल्टेज के झटके से उपकरण खराब न हों। दुकानदार ठंडे सामान और बिलिंग मशीन का इंतज़ाम पहले से कर लें।

    तय समय के बाद भी बिजली न आए तो BYPL की हेल्पलाइन 19122 पर या कंपनी के ऐप पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत के समय अपना CA नंबर (बिल पर लिखा खाता नंबर) पास रखें, इससे काम जल्दी होता है।

    30 अक्टूबर को सीलमपुर में बिजली कब कटेगी?

    BYPL के शेड्यूल के मुताबिक गोरख पार्क, रोहिताश नगर और प्रताप पुरा (सीलमपुर) में सुबह 10:15 से दोपहर 1:15 बजे तक।

    मुस्तफाबाद और दयालपुर में पावर कट का समय क्या है?

    पुराना मुस्तफाबाद के G-H ब्लॉक, मान सिंह नगर और दयालपुर D ब्लॉक में सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक।

    बिजली तय समय पर न लौटे तो कहां शिकायत करें?

    BSES यमुना (BYPL) की हेल्पलाइन 19122 पर या कंपनी के मोबाइल ऐप पर, अपना CA नंबर बताकर।

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  • शाहदरा ACP और SHO का तबादला, दिल्ली की ज़िला अदालतों में वकीलों ने खत्म की हड़ताल; जांच के लिए रखी दो महीने की शर्त

    शाहदरा ACP और SHO का तबादला, दिल्ली की ज़िला अदालतों में वकीलों ने खत्म की हड़ताल; जांच के लिए रखी दो महीने की शर्त

    क्या हुआ: शाहदरा थाने के विवाद में दिल्ली पुलिस ने गांधी नगर के ACP और शाहदरा SHO का तबादला किया, जिसके बाद ज़िला अदालतों के वकीलों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म कर दी
    कब: तबादले के आदेश बुधवार 28 अक्टूबर को, हड़ताल उसी दिन वापस
    कहां: कड़कड़डूमा समेत दिल्ली की सभी ज़िला अदालतें; विवाद शाहदरा थाने का
    आपके लिए मतलब: ज़िला अदालतों में सुनवाई का काम फिर से सामान्य होगा
    क्या करें: जिनकी तारीख हड़ताल के दिनों में थी, वे eCourts पोर्टल या अपने वकील से नई तारीख पता कर लें

    दो दिन से ठप पड़ी दिल्ली की ज़िला अदालतों में अब फिर से कामकाज पटरी पर लौटने वाला है। शाहदरा थाने से शुरू हुए विवाद में दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को गांधी नगर के सब-डिविज़नल पुलिस अधिकारी ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया। इसके बाद वकीलों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली। हिंदुस्तान टाइम्स ने बार संगठनों के हवाले से यह जानकारी दी है।

    विवाद कैसे शुरू हुआ था

    वकीलों का आरोप था कि एक साथी वकील पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग लेकर जब वे शाहदरा थाने पहुंचे, तो दोनों अधिकारियों ने उन्हें धमकाया। इसके विरोध में मंगलवार से दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों में वकीलों ने काम का बहिष्कार किया था। उनकी मांग थी कि दोनों अधिकारियों को निलंबित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। इस बीच पुलिस ने भी वकीलों के खिलाफ एक FIR दर्ज की थी।

    बैठक के बाद बनी सहमति

    पुलिस अधिकारियों, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और ज़िला अदालतों के बार एसोसिएशन के अध्यक्षों-सचिवों की बैठक के बाद यह फैसला हुआ। बुधवार को पहले हड़ताल अनिश्चितकाल तक बढ़ाने और गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का एलान हुआ था, लेकिन तबादले के आदेश आने के बाद कोऑर्डिनेशन कमेटी ने प्रस्ताव पास करके विरोध खत्म कर दिया।

    वकीलों ने कहा, मामला अभी खत्म नहीं

    कमेटी ने साफ किया है कि तबादला “मामले का अंत नहीं” है। प्रस्ताव में ये शर्तें रखी गई हैं:

    • शाहदरा बार एसोसिएशन के सदस्यों की शिकायतों पर जांच दो महीने में पूरी हो।
    • शाहदरा थाने में दर्ज FIR के नामज़द आरोपियों को तुरंत पकड़ा जाए; नहीं पकड़े गए तो गैर-ज़मानती वारंट और लुक-आउट सर्कुलर के लिए कानूनी कदम उठाए जाएं।
    • वकीलों के खिलाफ दर्ज FIR की जांच एक हफ्ते में पूरी हो।

    कड़कड़डूमा आने वालों के लिए

    यमुनापार के ज़्यादातर मुकदमे कड़कड़डूमा कोर्ट में चलते हैं। हड़ताल के दो दिनों में जिनकी सुनवाई टली, उनकी अगली तारीख eCourts वेबसाइट या ऐप पर केस नंबर डालकर देखी जा सकती है।

    दिल्ली की ज़िला अदालतों में वकीलों की हड़ताल क्यों हुई थी?

    वकीलों का आरोप था कि शाहदरा थाने में एक साथी वकील पर हमले की शिकायत लेकर पहुंचे वकीलों को ACP और SHO ने धमकाया।

    हड़ताल कब खत्म हुई?

    बुधवार 28 अक्टूबर को, ACP और शाहदरा SHO के तबादले के आदेश आने के बाद।

    क्या वकीलों की सभी मांगें पूरी हो गईं?

    नहीं। वकीलों ने दो महीने में जांच पूरी करने और FIR में तय समय में कार्रवाई की शर्त रखी है।

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  • शाहदरा के अंडरपास-फ्लाईओवर होंगे रोशन: सीमापुरी, दिलशाद गार्डन, वेलकम में नई LED लाइट, पंप रहेंगे पूरे साल चालू

    शाहदरा के अंडरपास-फ्लाईओवर होंगे रोशन: सीमापुरी, दिलशाद गार्डन, वेलकम में नई LED लाइट, पंप रहेंगे पूरे साल चालू

    क्या हुआ: शाहदरा ज़िले के अंडरपास, सबवे और फ्लाईओवर पर PWD नई LED लाइटें लगाएगा; अंडरपास में पानी निकालने वाले पंप पूरे साल चालू रखने और चौबीसों घंटे ऑपरेटर-चौकीदार तैनात करने की योजना
    कब: योजना की जानकारी 28 अक्टूबर 2026 को सामने आई; काम पूरा होने की तारीख अभी नहीं बताई गई
    कहां: सीमापुरी और दिलशाद गार्डन अंडरपास, शास्त्री पार्क और लोनी रोड के सबवे-अंडरपास, शाहदरा, सीलमपुर और वेलकम फ्लाईओवर, जीटी रोड के चौराहे
    आपके लिए मतलब: रात में अंधेरे अंडरपास से गुज़रने का डर कम होगा और बारिश में अंडरपास भरने की परेशानी घट सकती है
    क्या करें: अपने इलाके के अंडरपास में लाइट बंद या पंप खराब दिखे तो PWD की हेल्पलाइन या दिल्ली सरकार के शिकायत पोर्टल पर फोटो के साथ शिकायत करें

    यमुनापार में रात के वक्त अंधेरे अंडरपास और बारिश के बाद घुटनों तक भरा पानी, ये दो शिकायतें शायद हर दूसरे घर से सुनने को मिलती हैं। अब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने शाहदरा ज़िले के अंडरपास, सबवे और फ्लाईओवर के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। अमर उजाला की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक इन जगहों पर आधुनिक LED फ्लड लाइट और स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी और जलभराव रोकने के इंतज़ाम भी किए जाएंगे।

    किन जगहों पर होगा काम

    योजना में शाहदरा ज़िले की वे जगहें शामिल हैं जहां से रोज़ लाखों लोग गुज़रते हैं:

    • सीमापुरी अंडरपास और दिलशाद गार्डन अंडरपास
    • शास्त्री पार्क और लोनी रोड के सबवे व अंडरपास
    • शाहदरा फ्लाईओवर, सीलमपुर फ्लाईओवर और वेलकम फ्लाईओवर
    • जीटी रोड के प्रमुख चौराहे

    पंप सिर्फ बरसात में नहीं, पूरे साल

    अब तक अक्सर यह होता रहा है कि अंडरपास के पंप सिर्फ मानसून के महीनों में चालू किए जाते हैं। बेमौसम बारिश हो जाए, जैसी इन दिनों हो रही है, तो पानी निकालने में घंटों लग जाते हैं। नई योजना में पंपों को उन महीनों में भी चालू हालत में रखने की बात है जब मानसून नहीं होता।

    बड़े अंडरपास पर चौबीसों घंटे के लिए एक पंप ऑपरेटर-कम-चौकीदार रखा जाएगा। रात की शिफ्ट में सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात होंगे।

    चोरी हुई तो 24 घंटे में भरपाई ठेकेदार करेगा

    यमुनापार में अंडरपास से केबल और बिजली का सामान चोरी होना पुरानी समस्या है। इसी वजह से कई बार लाइटें लगने के कुछ हफ्तों बाद ही बंद हो जाती हैं। नए नियम के तहत अगर केबल, पंप या कोई बिजली का उपकरण चोरी हुआ या तोड़ा गया, तो काम करने वाली एजेंसी को अपने खर्च पर 24 घंटे के अंदर उसे बदलना होगा। लापरवाही मिलने पर ठेकेदार पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान भी रखा गया है।

    लोगों के लिए क्यों अहम

    सीमापुरी और दिलशाद गार्डन अंडरपास से सुंदर नगरी, नंद नगरी और ताहिरपुर की तरफ जाने वाले लोग देर रात तक आते-जाते हैं। फैक्ट्रियों और दुकानों से लौटने वाले मज़दूर, कोचिंग से लौटती लड़कियां और ई-रिक्शा चालक अंधेरे में सबसे ज़्यादा असुरक्षित महसूस करते हैं। शास्त्री पार्क और वेलकम के आसपास शाम को जाम भी लंबा रहता है, जिसमें खराब रोशनी हादसों का खतरा बढ़ाती है।

    हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि काम कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा। रिपोर्ट में कोई समयसीमा नहीं दी गई है। पहले भी कई योजनाएं कागज़ पर अच्छी दिखीं, पर रखरखाव के अभाव में ज़मीन पर टिक नहीं पाईं। इसलिए असली परीक्षा अगली बारिश और अगली सर्दी की रातों में होगी। सुनोहब इस काम की प्रगति पर नज़र रखेगा।

    शाहदरा ज़िले में किन अंडरपास पर नई LED लाइटें लगेंगी?

    सीमापुरी, दिलशाद गार्डन, शास्त्री पार्क और लोनी रोड के अंडरपास-सबवे के साथ शाहदरा, सीलमपुर और वेलकम फ्लाईओवर और जीटी रोड के चौराहों को योजना में शामिल किया गया है।

    अंडरपास में जलभराव के लिए क्या इंतज़ाम होगा?

    पंपों को मानसून के अलावा बाकी महीनों में भी चालू रखा जाएगा और बड़े अंडरपास पर 24 घंटे पंप ऑपरेटर-कम-चौकीदार रहेगा।

    यह काम कब तक पूरा होगा?

    अभी कोई समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।

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  • दिल्ली की हवा फिर ‘खराब’, AQI 228; विवेक विहार 316 के साथ सबसे प्रदूषित, पूर्वी दिल्ली में सबसे बुरा हाल

    दिल्ली की हवा फिर ‘खराब’, AQI 228; विवेक विहार 316 के साथ सबसे प्रदूषित, पूर्वी दिल्ली में सबसे बुरा हाल

    क्या हुआ: दिल्ली की हवा फिर ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची; सुबह 7 बजे शहर का AQI 228 रहा और शाहदरा का विवेक विहार 316 के साथ सबसे प्रदूषित स्टेशन रहा
    कब: बुधवार, 28 अक्टूबर 2026, सुबह 7 बजे की रीडिंग
    कहां: पूरी दिल्ली; पूर्वी दिल्ली में विवेक विहार, पटपड़गंज, आनंद विहार और सोनिया विहार में हालत ज़्यादा खराब
    आपके लिए मतलब: सुबह की सैर, बच्चों के स्कूल जाने और बुज़ुर्गों के लिए हवा अब नुकसानदेह है; सांस और दिल के मरीज़ों को खास सावधानी चाहिए
    क्या करें: सुबह-सुबह बाहर कसरत टालें, बाहर निकलें तो अच्छा मास्क पहनें, कूड़ा या पत्ते न जलाएं और ऐसी शिकायत ग्रीन दिल्ली ऐप पर करें

    ठंड ने दस्तक दी और उसके साथ ही दिल्ली की हवा फिर बिगड़ने लगी। बुधवार सुबह 7 बजे राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 228 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यानी मंगलवार को यह 167 था। सबसे बुरी हालत हमारे अपने इलाके की रही: शाहदरा ज़िले का विवेक विहार 316 AQI के साथ पूरी दिल्ली में सबसे ऊपर रहा।

    59 में से 33 स्टेशन 200 के पार

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 33 पर AQI 200 से ऊपर रहा। दो स्टेशन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गए: विवेक विहार (316) और जहांगीरपुरी (305)। इसके बाद नरेला 294, सोनिया विहार 292 और सीरीफोर्ट 290 पर रहे। सबसे बड़ा प्रदूषक PM2.5 रहा, यानी वे बारीक कण जो सांस के रास्ते फेफड़ों में गहराई तक पहुंच जाते हैं।

    पूर्वी दिल्ली के स्टेशनों का हाल

    • विवेक विहार: 316 (बहुत खराब)
    • सोनिया विहार: 292 (खराब)
    • पटपड़गंज: 283 (खराब)
    • आनंद विहार: 248 (खराब), मुख्य प्रदूषक PM10

    पड़ोस के नोएडा सेक्टर 62 में भी AQI 314 दर्ज हुआ, यानी यमुनापार से लेकर नोएडा तक एक जैसी धुंध छाई रही।

    सबसे ठंडी सुबह के बाद बिगड़ी हवा

    मंगलवार को दिल्ली ने तीन साल की सबसे ठंडी अक्टूबर सुबह देखी थी, जब न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंडी और ठहरी हवा में धूल और धुआं ज़मीन के पास ही अटक जाता है। वायु गुणवत्ता की पूर्व चेतावनी प्रणाली ने पहले ही अनुमान लगाया था कि बुधवार को हवा ‘खराब’ श्रेणी में जाएगी।

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही दिल्ली-NCR में ग्रैप (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया था। इसके तहत सड़कों की मशीन से सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतज़ाम और खुले में कूड़ा जलाने पर कार्रवाई होती है। 228 का स्तर अब भी पहले चरण की सीमा (201-300) में है। अगर शहर का AQI 300 के पार गया तो कड़े प्रतिबंध वाला दूसरा चरण लग सकता है।

    विवेक विहार और आनंद विहार के आसपास भारी ट्रैफिक, बस अड्डा और औद्योगिक इलाके हैं। इसलिए ठंड बढ़ने के साथ यहां के लोगों को आने वाले हफ्तों में और सतर्क रहना होगा।

    28 अक्टूबर को दिल्ली का AQI कितना रहा?

    सुबह 7 बजे शहर का AQI 228 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी है।

    दिल्ली में सबसे प्रदूषित इलाका कौन सा रहा?

    शाहदरा का विवेक विहार 316 AQI के साथ सबसे ऊपर रहा, उसके बाद जहांगीरपुरी 305 पर।

    क्या दिल्ली में ग्रैप लागू है?

    हां, CAQM ने 21 अक्टूबर से ग्रैप का पहला चरण लागू किया हुआ है।

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  • गोकलपुर गांव में घर के अंदर चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, 34 किलो बारूद और 1480 पटाखे बरामद; 3 पकड़े गए

    गोकलपुर गांव में घर के अंदर चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, 34 किलो बारूद और 1480 पटाखे बरामद; 3 पकड़े गए

    क्या हुआ: गोकलपुरी थाना पुलिस ने गोकलपुर गांव की गली नंबर 14 में घर के अंदर चल रही अवैध पटाखा बनाने की यूनिट पकड़ी; तीन युवक हिरासत में
    कब: छापा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को; पुलिस ने 27 अक्टूबर को जानकारी दी
    कहां: गोकलपुर गांव, गोकलपुरी थाना क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी दिल्ली
    आपके लिए मतलब: घनी आबादी वाली गलियों में बारूद का ऐसा ज़खीरा पूरे मोहल्ले के लिए खतरा है; एक चिंगारी कई घरों को चपेट में ले सकती है
    क्या करें: अपनी गली में संदिग्ध पटाखा निर्माण या बारूद का भंडार दिखे तो 112 पर या नज़दीकी थाने में खबर दें

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुर गांव की एक तंग गली में बने घर से पुलिस ने ऐसा सामान निकाला जिसे देखकर पड़ोसी भी सन्न रह गए। गोकलपुरी थाने की टीम ने गली नंबर 14 में चल रही अवैध पटाखा यूनिट का भंडाफोड़ किया है। यहां से 880 तैयार पटाखे, 600 अधूरे पटाखे और करीब 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर बरामद हुआ है।

    सूचना मिली, सोमवार को पड़ा छापा

    पुलिस के मुताबिक टीम को इस यूनिट के बारे में पक्की सूचना मिली थी। इसके बाद सोमवार, 26 अक्टूबर को घर पर दबिश दी गई। अंदर पटाखों में बारूद भरने का काम चल रहा था। मौके से एक फिलिंग मशीन और पटाखे बनाने का दूसरा सामान भी ज़ब्त किया गया। डीसीपी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के आधिकारिक X हैंडल ने भी 27 अक्टूबर को इस कार्रवाई की पुष्टि की।

    बरामद तैयार पटाखे ‘कोल्ड पायरो’ किस्म के बताए गए हैं, जो आमतौर पर शादियों और मंच कार्यक्रमों में चिंगारी वाले फव्वारे की तरह इस्तेमाल होते हैं। शादी का सीज़न नज़दीक है, ऐसे में इनकी मांग इन दिनों बढ़ जाती है।

    गाज़ियाबाद के तीन युवक पकड़े गए

    पुलिस ने मौके से तीन युवकों को पकड़ा है, जिनकी उम्र 21 से 29 साल के बीच है। तीनों उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद ज़िले के फर्रुखनगर के रहने वाले बताए गए हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि बारूद कहां से आया और तैयार माल किसे बेचा जाना था। ये आरोप पुलिस के हैं, अदालत में साबित होने बाकी हैं।

    मोहल्ले के लिए क्यों खतरनाक

    गोकलपुर, गोकलपुरी, जौहरीपुर और करावल नगर जैसे इलाकों में मकान एक-दूसरे से सटे हैं और गलियां इतनी संकरी हैं कि दमकल की गाड़ी भी मुश्किल से अंदर पहुंचती है। ऐसे में रिहायशी घर के अंदर 34 किलो विस्फोटक पाउडर का होना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा था। दिवाली के आसपास पूर्वी दिल्ली में अवैध पटाखों पर पुलिस की यह अकेली कार्रवाई नहीं है; त्रिलोकपुरी में भी हाल में भारी मात्रा में अवैध पटाखे पकड़े गए थे।

    दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के लिए लाइसेंस ज़रूरी है। बिना लाइसेंस यह काम करना अपराध है, और मकान मालिक को भी किराएदार के काम की जानकारी रखनी चाहिए।

    गोकलपुर में पटाखा यूनिट कहां पकड़ी गई?

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुर गांव की गली नंबर 14 में, गोकलपुरी थाना क्षेत्र में।

    क्या-क्या बरामद हुआ?

    880 तैयार और 600 अधूरे पटाखे, करीब 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर और एक फिलिंग मशीन।

    आरोपियों पर कौन सी धाराएं लगीं?

    पुलिस ने BNS और विस्फोटक अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है।

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