क्या हुआ: शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में रानी गार्डन इलाके की झुग्गियों में भीषण आग लगी
कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06 बजे दमकल को कॉल मिली
कहां: रानी गार्डन, एसडीएम कोर्ट के पास, गीता कॉलोनी (शाहदरा)
आपके लिए मतलब: किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई परिवारों का राशन, कपड़े और जमा-पूंजी जल गई; त्योहारों से पहले घनी बस्तियों में आग का खतरा बढ़ा है
क्या करें: आग दिखे तो तुरंत 101 या 112 पर कॉल करें, गैस सिलेंडर और ढीले बिजली के तार पर नज़र रखें
शनिवार-रविवार की दरमियानी रात जब रानी गार्डन की झुग्गियों में लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक शोर मचा कि आग लग गई है। कुछ ही मिनटों में लपटें एक झुग्गी से दूसरी तक फैल गईं। लोग जो हाथ लगा, वह लेकर बाहर भागे। यह बस्ती शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में एसडीएम कोर्ट के पास है।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन जिन परिवारों की झुग्गियां जलीं, उनके पास अब सिर छुपाने की जगह भी नहीं बची है।
दमकल विभाग ने क्या बताया
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी दीपक हुड्डा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि झुग्गियों में आग की कॉल रात करीब 3:06 या 3:07 बजे मिली। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और करीब छह दमकल गाड़ियां लगाकर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। उनके मुताबिक इस घटना में लगभग 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं और किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।
वहीं ईटीवी भारत की रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से करीब 15 झुग्गियां पूरी तरह जलने की बात कही गई है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा प्रशासन के आकलन के बाद ही साफ होगा। आग किस वजह से लगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
“चीख सुनी तो बस जान बचाकर भागे”
आईएएनएस से बात करते हुए एक पीड़ित ने बताया कि वे यहां झुग्गी में रहते थे और पास में एक हैंडपंप भी था। सब सो रहे थे, तभी पीछे रहने वाले भरत नाम के व्यक्ति ने चिल्लाकर बताया कि बहुत बड़ी आग लगी है। आग इतनी तेज़ थी कि वे मुश्किल से बाहर निकल पाए। एक दूसरे पीड़ित ने बताया कि वे उस वक्त काम पर थे और घर से फोन आने पर भागकर लौटे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बस्ती में पहले भी आग की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रभावित परिवार अब प्रशासन से खाने, कपड़े और रहने की तुरंत व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
त्योहारों से पहले बढ़ता खतरा
धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। इन दिनों घनी बस्तियों में दीये, मोमबत्ती, अवैध पटाखे और ओवरलोड बिजली कनेक्शन आग का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। झुग्गियों में प्लास्टिक, लकड़ी और कपड़ा ज़्यादा होता है, इसलिए छोटी चिंगारी भी मिनटों में पूरी कतार जला देती है। पिछले हफ्ते त्रिलोकपुरी में अवैध पटाखे पकड़े गए थे, जो दिखाता है कि पूर्वी दिल्ली में यह खतरा कितना करीब है।
फायर विभाग की आम सलाह है कि रात में सोने से पहले गैस का रेगुलेटर बंद करें, एक ही सॉकेट पर कई उपकरण न चलाएं, और बस्ती में आने-जाने का रास्ता खाली रखें ताकि दमकल गाड़ी अंदर तक पहुंच सके। पूर्वी दिल्ली की दूसरी अहम खबर: गंगनहर बंद होने से 8 नवंबर तक पानी की किल्लत।
गीता कॉलोनी में आग कब लगी?
दमकल विभाग के मुताबिक कॉल रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06-3:07 बजे मिली।
क्या इस आग में कोई घायल हुआ?
दमकल अधिकारी दीपक हुड्डा के मुताबिक किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।
कितनी झुग्गियां जलीं?
दमकल के अनुसार करीब 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं; स्थानीय रिपोर्टों में लगभग 15 झुग्गियां जलने की बात कही गई है।
आग लगने पर किस नंबर पर कॉल करें?
दिल्ली फायर सर्विस के लिए 101 और आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।





