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  • शाहदरा के CBD ग्राउंड पर LPG डिस्ट्रीब्यूटरों का धरना, हड़ताल की चेतावनी; क्या रुकेगी आपके गैस सिलेंडर की डिलीवरी?

    शाहदरा के CBD ग्राउंड पर LPG डिस्ट्रीब्यूटरों का धरना, हड़ताल की चेतावनी; क्या रुकेगी आपके गैस सिलेंडर की डिलीवरी?

    क्या हुआ: LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) से जुड़े गैस एजेंसी संचालकों ने कमीशन बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर शाहदरा के CBD ग्राउंड पर धरना दिया; अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी
    कब: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, दोपहर 12 बजे से
    कहां: CBD ग्राउंड, शाहदरा (पूर्वी दिल्ली)
    आपके लिए मतलब: फिलहाल सिलेंडर सप्लाई रोकने का कोई ऐलान नहीं है। दो बड़ी फेडरेशन FLDI और AILDF इस धरने में शामिल नहीं हैं और उन्होंने डिलीवरी जारी रखने को कहा है
    क्या करें: घबराकर एक साथ कई बुकिंग न करें। सामान्य तरीके से बुकिंग करें और डिलीवरी में देरी हो तो अपनी एजेंसी या कंपनी की हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड सोमवार को अपने पहले बड़े धरने का गवाह बना। रसोई गैस की एजेंसियां चलाने वाले डिस्ट्रीब्यूटर दोपहर से यहां जुटने लगे। उनकी नाराज़गी तेल कंपनियों और केंद्र की उन नीतियों से है, जिनकी वजह से उनका कहना है कि उनका कारोबार घाटे में जा रहा है।

    पुलिस ने नहीं दी थी इजाज़त

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इस धरने की अनुमति नहीं दी थी। शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने इसकी पुष्टि की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अखबार से कहा कि त्योहारों का मौसम है, दूसरे कार्यक्रम भी हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, क्योंकि 2,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान था।

    LDAI के अध्यक्ष बी.एस. शर्मा का कहना है कि पहले धरना जंतर-मंतर पर होना था। 11 अक्टूबर को जंतर-मंतर डी-नोटिफाई होने के बाद 17 अक्टूबर को उन्होंने DDA से CBD ग्राउंड बुक किया। शर्मा ने कहा कि ग्राउंड का पैसा DDA को दिया जा चुका है, इसलिए वे धरना करेंगे।

    डिस्ट्रीब्यूटर क्या मांग रहे हैं

    एसोसिएशन का कहना है कि घरेलू सिलेंडर पर मिलने वाला कमीशन लंबे समय से नहीं बदला गया, जबकि स्टाफ, किराया और गाड़ियों का खर्च लगातार बढ़ा है। उनकी प्रमुख मांगें ये हैं:

    • कमीशन, प्रशासनिक शुल्क और होम डिलीवरी चार्ज में पूरा संशोधन
    • हर e-KYC के काम का अलग भुगतान
    • PNG वाले इलाकों में घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर कराने के नियम में राहत

    मार्च 2026 में पेट्रोलियम मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट से सप्लाई पर असर का हवाला देकर PNG कनेक्शन वाले घरों के घरेलू LPG कनेक्शन रखने पर रोक लगाई थी। डिस्ट्रीब्यूटरों का कहना है कि इससे उनके ग्राहक तेज़ी से घटे हैं।

    बड़ी फेडरेशन धरने से दूर

    फेडरेशन ऑफ LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) और ऑल इंडिया LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AILDF), जो देश के ज़्यादातर डिस्ट्रीब्यूटरों के प्रतिनिधित्व का दावा करती हैं, इस धरने में शामिल नहीं हुईं। FLDI ने बयान जारी कर कहा कि तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय से बातचीत चल रही है और जल्द समाधान का भरोसा मिला है। फेडरेशन ने सभी डिस्ट्रीब्यूटरों से डिलीवरी जारी रखने की अपील की, ताकि किसी परिवार को परेशानी न हो। AILDF ने भी घरेलू डिलीवरी बिना रुकावट जारी रखने का भरोसा दिया है।

    शाहदरा और आसपास के लोगों के लिए

    धरने और पुलिस इंतज़ाम की वजह से आसपास की सड़कों पर दोपहर बाद भीड़ और धीमा ट्रैफिक दिख सकता है। जहां तक सिलेंडर की बात है, अभी किसी भी कंपनी ने सप्लाई रुकने की सूचना नहीं दी है। अगर LDAI ने आगे हड़ताल की तो उससे जुड़ी कुछ एजेंसियों में बुकिंग या डिलीवरी में देरी हो सकती है, लेकिन कितनी एजेंसियां इसमें शामिल होंगी, यह अभी साफ नहीं है।

    क्या दिल्ली में LPG सिलेंडर की डिलीवरी बंद हो गई है?

    नहीं। अभी सप्लाई रोकने का कोई ऐलान नहीं हुआ है। FLDI और AILDF ने अपने सदस्यों से डिलीवरी जारी रखने को कहा है।

    CBD ग्राउंड पर धरना किसने दिया?

    LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) ने, जिसके अध्यक्ष बी.एस. शर्मा हैं।

    डिस्ट्रीब्यूटरों की मुख्य मांग क्या है?

    कमीशन, प्रशासनिक और होम डिलीवरी शुल्क में बढ़ोतरी, e-KYC का भुगतान और PNG इलाकों में LPG कनेक्शन सरेंडर नियम में राहत।

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  • दिल्ली के सभी 1,086 सरकारी स्कूलों में बनेगा फर्स्ट-एड मेडिकल रूम, हर स्कूल में रहेगी हेल्थ वर्कर; सालाना 48.87 करोड़ खर्च

    दिल्ली के सभी 1,086 सरकारी स्कूलों में बनेगा फर्स्ट-एड मेडिकल रूम, हर स्कूल में रहेगी हेल्थ वर्कर; सालाना 48.87 करोड़ खर्च

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय के सभी 1,086 सरकारी स्कूलों में फर्स्ट-एड मेडिकल रूम बनाने का फैसला किया
    कब: शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को घोषणा की; काम चरणों में होगा
    कहां: दिल्ली के सभी DoE सरकारी स्कूल, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के स्कूल भी
    आपके लिए मतलब: स्कूल में चोट लगने, चक्कर आने या अचानक तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को तुरंत प्राथमिक इलाज मिलेगा
    क्या करें: बच्चे की कोई पुरानी बीमारी या एलर्जी हो तो स्कूल को लिखित जानकारी दें, ताकि हेल्थ वर्कर को पता रहे

    सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे को खेलते वक्त चोट लग जाए या प्रार्थना सभा में चक्कर आ जाए, तो अब तक ज़्यादातर स्कूलों में शिक्षक ही जैसे-तैसे संभालते थे। दिल्ली सरकार अब इस कमी को दूर करने जा रही है। शिक्षा निदेशालय (DoE) के सभी 1,086 स्कूलों में फर्स्ट-एड मेडिकल रूम बनाया जाएगा और हर स्कूल में एक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेगा।

    क्या-क्या सुविधा मिलेगी

    शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने रविवार को बताया कि हर स्कूल में ANM या मल्टीपर्पज़ हेल्थ वर्कर रखा जाएगा। मेडिकल रूम में घाव की ड्रेसिंग, ORS और निगरानी में आराम करने की व्यवस्था होगी। मामूली चोट, अचानक बीमारी, थकान या चक्कर जैसी स्थिति में बच्चों को यहीं शुरुआती मदद मिलेगी।

    यह साफ कर दिया गया है कि ये कमरे क्लिनिक नहीं होंगे। यहां न जांच (डायग्नोस्टिक) होगी और न ही प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाएं दी जाएंगी। गंभीर हालत में बच्चे को अस्पताल भेजा जाएगा।

    लड़कियों के लिए अलग निजी जगह

    योजना में किशोरियों का खास ध्यान रखा गया है। मेडिकल रूम में मासिक धर्म से जुड़ी दिक्कतों के लिए अलग और निजी जगह होगी। कई अभिभावक लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं कि ऐसी हालत में बेटियों को स्कूल से घर लौटना पड़ता है।

    खर्च और रोलआउट

    हिंदुस्तान टाइम्स और पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस पर हर साल करीब 48.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे। काम चरणों में होगा। पहले उन स्कूलों में मेडिकल रूम शुरू होंगे जहां अलग कमरा खाली है। जहां जगह नहीं है, वहां वैकल्पिक कमरे या पोर्टा केबिन लगाए जाएंगे। सरकार ने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बताया है।

    मंत्री सूद ने कहा, “हमारे सरकारी स्कूलों के हर बच्चे को सुरक्षित और देखभाल वाला माहौल मिलना चाहिए।”

    पूर्वी दिल्ली के स्कूलों पर असर

    शाहदरा, सीलमपुर, सुंदर नगरी और नंद नगरी जैसे इलाकों के कई सरकारी स्कूल दो शिफ्ट में चलते हैं और एक-एक स्कूल में हज़ारों बच्चे पढ़ते हैं। यहां कमरों की पहले से कमी है, इसलिए इन स्कूलों में पोर्टा केबिन वाला विकल्प अहम होगा। किस स्कूल में कब से सुविधा शुरू होगी, इसकी सूची अभी जारी नहीं हुई है।

    दिल्ली के कितने सरकारी स्कूलों में मेडिकल रूम बनेगा?

    शिक्षा निदेशालय के सभी 1,086 सरकारी स्कूलों में फर्स्ट-एड मेडिकल रूम बनेगा।

    मेडिकल रूम में कौन रहेगा?

    हर स्कूल में एक प्रशिक्षित ANM या मल्टीपर्पज़ हेल्थ वर्कर तैनात रहेगा।

    क्या वहां दवा और जांच मिलेगी?

    नहीं। ड्रेसिंग, ORS और आराम की सुविधा होगी, लेकिन जांच और प्रिस्क्रिप्शन दवाएं नहीं मिलेंगी।

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  • हर्ष विहार के मिलन गार्डन में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर दो लोगों की मौत; रातभर चला NDRF का बचाव अभियान

    हर्ष विहार के मिलन गार्डन में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर दो लोगों की मौत; रातभर चला NDRF का बचाव अभियान

    क्या हुआ: निर्माणाधीन मकान की नई मंजिल का स्लैब और नीचे की पुरानी छत ढह गई, मलबे में दबे दो लोगों की मौत हो गई
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026, शाम करीब 6:40 बजे; शव सोमवार सुबह निकाले गए
    कहां: मिलन गार्डन, हर्ष विहार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली (मंडोली के पास)
    आपके लिए मतलब: पुराने मकानों पर बिना जांच नई मंजिल डालना जानलेवा हो सकता है; इस इलाके में एक महीने में यह दूसरा बड़ा हादसा है
    क्या करें: पुरानी छत पर निर्माण से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जांच कराएं; खतरनाक इमारत दिखे तो MCD या पुलिस (112) को बताएं

    हर्ष विहार की तंग गली में रविवार की शाम अचानक तेज़ धमाके जैसी आवाज़ आई और कुछ ही सेकंड में एक मकान का ऊपरी हिस्सा मलबे में बदल गया। मिलन गार्डन इलाके के इस मकान में ग्राउंड फ्लोर पहले से बना था और उसके ऊपर नई मंजिल का काम चल रहा था। मलबे के नीचे दो लोग दब गए। रातभर चले बचाव अभियान के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव निकाले गए।

    शाम 6:40 बजे आई कॉल, रातभर चला ऑपरेशन

    दिल्ली फायर सर्विस को हादसे की कॉल शाम करीब 6:40 बजे मिली। इसके बाद दमकल की गाड़ियां, दिल्ली पुलिस, NDRF, DDMA और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। गली संकरी होने की वजह से भारी मशीनें लाने में दिक्कत हुई, इसलिए काफी काम हाथ से मलबा हटाकर करना पड़ा। फ्लडलाइट लगाकर पूरी रात खुदाई चली।

    पीटीआई के मुताबिक सोमवार सुबह दोनों लोगों के शव बाहर निकाले गए। मृतकों की उम्र 60 और 36 साल बताई गई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में इन्हें एक ही परिवार का बताया गया है, लेकिन पुलिस की ओर से नाम और रिश्ते की आधिकारिक जानकारी अभी जारी नहीं हुई है।

    लिंटर डालते वक्त बैठ गई पुरानी छत

    नवभारत की रिपोर्ट के अनुसार रविवार सुबह ही नई छत की ढलाई शुरू हुई थी और शाम पांच बजे तक पहला चरण पूरा हो गया था। इसके कुछ देर बाद नीचे की पुरानी छत का हिस्सा भार नहीं झेल सका और नया स्लैब उसके साथ नीचे आ गिरा।

    मौके पर पहुंचे मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि शुरुआती तौर पर लग रहा है कि नया लिंटर डालते समय वह गिरा और उसके दबाव से नीचे का फ्लोर भी बैठ गया। मंत्री आशीष सूद भी घटनास्थल पर गए। एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे की असली वजह और निर्माण के नक्शे की मंजूरी थी या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ होगा।

    मौके पर जमा परिजनों और पड़ोसियों ने बचाव कार्य धीमा होने की शिकायत भी की। उनका कहना था कि शुरुआती घंटों में मशीनें देर से पहुंचीं।

    एक महीने में दूसरा बड़ा हादसा

    उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली में यह पहला मामला नहीं है। 7 अक्टूबर को न्यू सीमापुरी में चार मंजिला इमारत गिरने से एक गर्भवती महिला और दो बच्चों की जान गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। सितंबर में सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से पांच लोगों की मौत हुई थी। मंडोली, हर्ष विहार, सुंदर नगरी और नंद नगरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पुराने मकानों पर मंजिलें बढ़ाना आम बात है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में नींव और पुरानी छत की मज़बूती की जांच नहीं होती।

    आपके मोहल्ले के लिए सबक

    अगर आप पुराने मकान पर नई मंजिल बनवा रहे हैं तो पहले किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से छत और खंभों की जांच ज़रूर करवाएं। ढलाई के दौरान नीचे की मंजिल में लोगों को न रहने दें और शटरिंग के सपोर्ट पूरे लगवाएं। पड़ोस में दरारों वाली या झुकी इमारत दिखे तो MCD के शाहदरा नॉर्थ ज़ोन दफ्तर या पुलिस को सूचना दें।

    हर्ष विहार में हादसा कब हुआ?

    रविवार, 25 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:40 बजे दमकल विभाग को कॉल मिली। बचाव अभियान रातभर चला।

    हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

    मलबे में दबे दो लोगों के शव सोमवार सुबह निकाले गए। उनकी उम्र 60 और 36 साल बताई गई है।

    मकान क्यों गिरा?

    मंत्री कपिल मिश्रा के मुताबिक शुरुआती तौर पर नया लिंटर डालते वक्त वह गिरा और नीचे का फ्लोर भी बैठ गया। असली कारण पुलिस जांच के बाद साफ होगा।

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  • बारिश के बाद दिल्ली का AQI 167 पर आया, पर पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार-सोनिया विहार की हवा अब भी चिंता में; GRAP-1 लागू

    बारिश के बाद दिल्ली का AQI 167 पर आया, पर पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार-सोनिया विहार की हवा अब भी चिंता में; GRAP-1 लागू

    क्या हुआ: शनिवार रात की बारिश और तेज़ हवा के बाद रविवार सुबह दिल्ली का AQI 167 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी है
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026, सुबह 9 बजे (CPCB)
    कहां: पूरी दिल्ली; शनिवार को पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार, सोनिया विहार और पटपड़गंज स्टेशन खराब श्रेणी में थे
    आपके लिए मतलब: थोड़ी राहत ज़रूर है, लेकिन दिवाली-छठ से पहले हवा फिर बिगड़ सकती है; बच्चे, बुज़ुर्ग और सांस के मरीज़ सावधान रहें
    क्या करें: सुबह-शाम की सैर से पहले AQI देखें, कूड़ा या पत्ते न जलाएं और ज़रूरत हो तो मास्क पहनें

    शनिवार देर रात गरज के साथ हुई बारिश और तेज़ हवाओं ने दिल्ली को कुछ घंटों की राहत दी। रविवार सुबह जब लोग उठे तो मौसम ठंडा था और आसमान भी कुछ साफ दिखा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक सुबह 9 बजे राजधानी का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 167 रहा। यह “मध्यम” श्रेणी में आता है। PM2.5 और PM10 अब भी मुख्य प्रदूषक बने हुए हैं।

    लेकिन यह राहत कितनी टिकेगी, इस पर सवाल है। सिर्फ एक दिन पहले की तस्वीर कुछ और थी।

    शनिवार को पूर्वी दिल्ली के स्टेशन सबसे ऊपर

    दिल्ली सरकार के लाइव AQI पेज पर CPCB स्टेशनों के शनिवार दोपहर 3 बजे के आंकड़ों में शाहदरा ज़िले का विवेक विहार (271) राजधानी के सबसे प्रदूषित पांच स्टेशनों में चौथे नंबर पर था। उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सोनिया विहार 259 पर था और पटपड़गंज 206 पर। तीनों “खराब” श्रेणी में थे। आनंद विहार 185 के साथ मध्यम श्रेणी में रहा।

    सुंदर नगरी, नंद नगरी, सीलमपुर और यमुना विहार जैसे घने इलाकों में अपना कोई निगरानी स्टेशन नहीं है। यहां के लोग आमतौर पर पास के विवेक विहार और सोनिया विहार की रीडिंग से अंदाज़ा लगाते हैं। संकरी गलियां, सड़क किनारे की धूल और दिनभर का ट्रैफिक इन इलाकों में परेशानी और बढ़ा देता है।

    GRAP-1 में क्या-क्या बंद है

    हवा बिगड़ने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया था। इसके तहत:

    • होटल, रेस्टोरेंट और खुले ढाबों के तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाना मना है।
    • डीज़ल जनरेटर सिर्फ ज़रूरी या इमरजेंसी सेवाओं के लिए चल सकते हैं।
    • निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के नियमों का सख्ती से पालन ज़रूरी है।

    इसी हफ्ते बॉर्डर पर बसों की जांच भी शुरू हुई थी।

    यमुना पर फिर झाग

    रविवार को कालिंदी कुंज के पास यमुना पर एक बार फिर सफेद ज़हरीला झाग तैरता दिखा। छठ से पहले यह नज़ारा उन श्रद्धालुओं के लिए चिंता की बात है जो घाटों पर पूजा करने जाते हैं। पिछले दिनों हमने कालिंदी कुंज के झाग पर विस्तार से रिपोर्ट की थी।

    आगे मौसम कैसा रहेगा

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को आसमान ज़्यादातर साफ रहने और शाम या रात में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। हवा धीमी पड़ते ही प्रदूषण फिर ऊपर जा सकता है, इसलिए रोज़ AQI देखते रहना ही समझदारी है।

    आज दिल्ली का AQI कितना है?

    CPCB के अनुसार रविवार, 25 अक्टूबर सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 167 (मध्यम) था। स्टेशनवार रीडिंग अलग-अलग रही।

    पूर्वी दिल्ली में कौन से स्टेशन सबसे प्रदूषित रहे?

    शनिवार दोपहर विवेक विहार 271, सोनिया विहार 259 और पटपड़गंज 206 के साथ खराब श्रेणी में थे।

    GRAP-1 कब लागू हुआ?

    CAQM ने 21 अक्टूबर 2026 को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रैप का पहला चरण लागू किया।

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  • दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को BRICS संसदीय फोरम: संविधान सदन में जुटेंगे कई देशों के स्पीकर, PM मोदी करेंगे शिरकत

    दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को BRICS संसदीय फोरम: संविधान सदन में जुटेंगे कई देशों के स्पीकर, PM मोदी करेंगे शिरकत

    क्या हो रहा है: भारत की अध्यक्षता में 12वां BRICS संसदीय फोरम
    कब: 26 और 27 अक्टूबर 2026; उद्घाटन 26 अक्टूबर को, 25 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की बैठक
    कहां: संविधान सदन (पुराना संसद भवन) का सेंट्रल हॉल, नई दिल्ली
    आपके लिए मतलब: विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही से नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा कड़ी रहेगी
    क्या करें: संसद मार्ग और आसपास जाने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के X हैंडल और ट्रैफिक अपडेट देख लें

    अगले दो दिन दिल्ली संसदीय कूटनीति का केंद्र रहेगी। BRICS के सदस्य और साझेदार देशों के संसद अध्यक्ष और सांसद 26-27 अक्टूबर को संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में जुटेंगे। यह 12वां BRICS संसदीय फोरम है और इसकी मेज़बानी भारतीय संसद कर रही है।

    पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की विज्ञप्ति के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में शामिल होंगे और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से मिलेंगे। फोरम का उद्घाटन 26 अक्टूबर को होगा। उससे पहले आज, 25 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की बैठक में संयुक्त घोषणा-पत्र को अंतिम रूप दिया जाना है।

    चार सत्र, एक थीम

    फोरम की मुख्य थीम “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मज़बूत करना” रखी गई है। चर्चा चार उच्च-स्तरीय सत्रों में होगी:

    • लचीलापन: बेहतर भविष्य के लिए संस्थाओं को मज़बूत करने में संसद की भूमिका
    • नवाचार: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक में इंसान-केंद्रित इनोवेशन
    • सहयोग: वैश्विक शासन व्यवस्था को ज़्यादा प्रतिनिधि बनाना
    • टिकाऊपन: टिकाऊ और समावेशी भविष्य में संसदों की भूमिका

    उपराष्ट्रपति मेहमानों के सम्मान में भोज देंगे और प्रतिनिधिमंडल संसद भवन के साथ दिल्ली के सांस्कृतिक स्थलों का भी दौरा करेंगे।

    कौन आ रहा है, कौन नहीं

    द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार ज़्यादातर देशों ने भागीदारी की पुष्टि कर दी है, लेकिन सऊदी अरब और इथियोपिया ने आने में असमर्थता जताई है। इकोनॉमिक टाइम्स ने बिरला के हवाले से बताया कि भारत 64 देशों के साथ संसदीय मैत्री समूह बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

    दिल्लीवालों के लिए

    खबर लिखे जाने तक इस फोरम के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की कोई अलग एडवाइज़री सामने नहीं आई थी। विदेशी मेहमानों की आवाजाही के समय VIP मूवमेंट से रास्ते कुछ देर रोके जा सकते हैं, इसलिए 26-27 अक्टूबर को संसद मार्ग, रायसीना रोड और आसपास जाने वाले लोग निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट ज़रूर देख लें। इसी हफ्ते राजधानी की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने समीक्षा बैठक भी की थी, और 1 नवंबर को रामलीला मैदान रैली को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं।

    BRICS संसदीय फोरम 2026 कब और कहां है?

    26-27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में।

    इस फोरम की थीम क्या है?

    “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मज़बूत करना”।

    क्या प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे?

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यक्रम में शामिल होंगे और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से मिलेंगे।

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  • गीता कॉलोनी के रानी गार्डन में रात 3 बजे झुग्गियों में आग: 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, कोई घायल नहीं, परिवारों का सामान खाक

    गीता कॉलोनी के रानी गार्डन में रात 3 बजे झुग्गियों में आग: 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, कोई घायल नहीं, परिवारों का सामान खाक

    क्या हुआ: शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में रानी गार्डन इलाके की झुग्गियों में भीषण आग लगी
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06 बजे दमकल को कॉल मिली
    कहां: रानी गार्डन, एसडीएम कोर्ट के पास, गीता कॉलोनी (शाहदरा)
    आपके लिए मतलब: किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई परिवारों का राशन, कपड़े और जमा-पूंजी जल गई; त्योहारों से पहले घनी बस्तियों में आग का खतरा बढ़ा है
    क्या करें: आग दिखे तो तुरंत 101 या 112 पर कॉल करें, गैस सिलेंडर और ढीले बिजली के तार पर नज़र रखें

    शनिवार-रविवार की दरमियानी रात जब रानी गार्डन की झुग्गियों में लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक शोर मचा कि आग लग गई है। कुछ ही मिनटों में लपटें एक झुग्गी से दूसरी तक फैल गईं। लोग जो हाथ लगा, वह लेकर बाहर भागे। यह बस्ती शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में एसडीएम कोर्ट के पास है।

    राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन जिन परिवारों की झुग्गियां जलीं, उनके पास अब सिर छुपाने की जगह भी नहीं बची है।

    दमकल विभाग ने क्या बताया

    दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी दीपक हुड्डा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि झुग्गियों में आग की कॉल रात करीब 3:06 या 3:07 बजे मिली। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और करीब छह दमकल गाड़ियां लगाकर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। उनके मुताबिक इस घटना में लगभग 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं और किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।

    वहीं ईटीवी भारत की रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से करीब 15 झुग्गियां पूरी तरह जलने की बात कही गई है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा प्रशासन के आकलन के बाद ही साफ होगा। आग किस वजह से लगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    https://x.com/ians_india/status/2114138983261478998

    “चीख सुनी तो बस जान बचाकर भागे”

    आईएएनएस से बात करते हुए एक पीड़ित ने बताया कि वे यहां झुग्गी में रहते थे और पास में एक हैंडपंप भी था। सब सो रहे थे, तभी पीछे रहने वाले भरत नाम के व्यक्ति ने चिल्लाकर बताया कि बहुत बड़ी आग लगी है। आग इतनी तेज़ थी कि वे मुश्किल से बाहर निकल पाए। एक दूसरे पीड़ित ने बताया कि वे उस वक्त काम पर थे और घर से फोन आने पर भागकर लौटे।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बस्ती में पहले भी आग की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रभावित परिवार अब प्रशासन से खाने, कपड़े और रहने की तुरंत व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

    त्योहारों से पहले बढ़ता खतरा

    धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। इन दिनों घनी बस्तियों में दीये, मोमबत्ती, अवैध पटाखे और ओवरलोड बिजली कनेक्शन आग का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। झुग्गियों में प्लास्टिक, लकड़ी और कपड़ा ज़्यादा होता है, इसलिए छोटी चिंगारी भी मिनटों में पूरी कतार जला देती है। पिछले हफ्ते त्रिलोकपुरी में अवैध पटाखे पकड़े गए थे, जो दिखाता है कि पूर्वी दिल्ली में यह खतरा कितना करीब है।

    फायर विभाग की आम सलाह है कि रात में सोने से पहले गैस का रेगुलेटर बंद करें, एक ही सॉकेट पर कई उपकरण न चलाएं, और बस्ती में आने-जाने का रास्ता खाली रखें ताकि दमकल गाड़ी अंदर तक पहुंच सके। पूर्वी दिल्ली की दूसरी अहम खबर: गंगनहर बंद होने से 8 नवंबर तक पानी की किल्लत।

    गीता कॉलोनी में आग कब लगी?

    दमकल विभाग के मुताबिक कॉल रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06-3:07 बजे मिली।

    क्या इस आग में कोई घायल हुआ?

    दमकल अधिकारी दीपक हुड्डा के मुताबिक किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।

    कितनी झुग्गियां जलीं?

    दमकल के अनुसार करीब 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं; स्थानीय रिपोर्टों में लगभग 15 झुग्गियां जलने की बात कही गई है।

    आग लगने पर किस नंबर पर कॉल करें?

    दिल्ली फायर सर्विस के लिए 101 और आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।

    स्रोत

  • कृष्णा नगर के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा की मौत: पुलिस जांच में जुटी, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    कृष्णा नगर के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा की मौत: पुलिस जांच में जुटी, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    क्या हुआ: पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में एक सरकारी स्कूल परिसर में 12वीं कक्षा की 18 वर्षीय छात्रा मृत मिली; पुलिस आत्महत्या की आशंका से जांच कर रही है
    कब: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
    कहाँ: कृष्णा नगर, शाहदरा ज़िला, पूर्वी दिल्ली
    आपके लिए क्या मतलब: स्कूल परिसर की सुरक्षा और बच्चों के मानसिक तनाव पर ध्यान देने की ज़रूरत फिर सामने आई
    क्या करें: अगर आप या आपका कोई अपना तनाव में है तो सरकारी हेल्पलाइन Tele-MANAS 14416 या 1-800-891-4416 पर मुफ्त बात करें

    पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में शनिवार को एक सरकारी स्कूल से दुखद खबर आई। स्कूल परिसर में गार्ड रूम के पीछे 12वीं कक्षा की एक 18 वर्षीय छात्रा गंभीर रूप से झुलसी हालत में मिली और उसकी मौत हो गई। पुलिस इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला मानकर जांच कर रही है।

    पुलिस ने क्या बताया

    शाहदरा ज़िले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम को स्कूल में आग लगने की कॉल मिली थी। कृष्णा नगर थाने की टीम मौके पर पहुंची तो छात्रा गार्ड रूम के पीछे मिली। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में डीसीपी ने कहा, “शुरुआती कार्रवाई में मौके से और छात्रा के स्कूल बैग से कुछ सामग्री बरामद हुई है। क्राइम सीन टीम को बुलाकर सबूत जुटाए गए हैं। घटना की परिस्थितियों की जांच हो रही है।”

    रिपोर्टों के मुताबिक छात्रा के बैग से तीन पन्नों का एक नोट मिला है। क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें भी स्कूल पहुंचीं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस शिक्षकों, स्टाफ और सहपाठियों के बयान दर्ज कर रही है। नोट में क्या लिखा है, इसकी जानकारी पुलिस ने साझा नहीं की है और जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।

    परिवार और स्थानीय लोगों के सवाल

    इंडिया टुडे और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार परिजनों का कहना है कि स्कूल की ओर से उन्हें तुरंत सूचना नहीं दी गई और वे खुद ढूंढते हुए स्कूल पहुंचे तब घटना का पता चला। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि स्कूल के भीतर गार्ड रूम के पास यह सब कैसे हुआ और किसी को समय रहते पता क्यों नहीं चला। पुलिस इन पहलुओं को भी जांच में देख रही है। खबर लिखे जाने तक शिक्षा निदेशालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

    बच्चों के तनाव को नज़रअंदाज़ न करें

    बोर्ड परीक्षा का साल, पढ़ाई का दबाव या निजी परेशानियां, किशोर अक्सर अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते। मनोचिकित्सक सलाह देते हैं कि बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव, चुप रहना, नींद या खाने में बदलाव और दोस्तों से कटना जैसे संकेत दिखें तो उससे बिना डांटे बात करें और ज़रूरत हो तो विशेषज्ञ से मिलें। केंद्र सरकार की Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 चौबीसों घंटे मुफ्त है और हिंदी में भी बात होती है।

    पूर्वी दिल्ली की दूसरी खबरें: वेलकम में बालकनी गिरने का हादसा और शाहदरा समेत 48 गांवों को शहरी दर्जा।

    अगर आपके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं तो कृपया अकेले न रहें। Tele-MANAS: 14416 / 1-800-891-4416 पर बात करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं।

    कृष्णा नगर स्कूल की घटना कब हुई?

    शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को; पुलिस को स्कूल में आग की सूचना वाली कॉल मिली थी।

    पुलिस क्या कह रही है?

    शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक आत्महत्या की आशंका है; मौके और बैग से सामग्री मिली है और जांच जारी है।

    तनाव में मदद के लिए कहां फोन करें?

    सरकारी Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 या 1-800-891-4416 पर, 24 घंटे मुफ्त।

    स्रोत

  • 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली टालें: दिल्ली के व्यापारियों की राहुल गांधी से अपील, ₹10,000 करोड़ के कारोबार पर खतरा बताया

    1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली टालें: दिल्ली के व्यापारियों की राहुल गांधी से अपील, ₹10,000 करोड़ के कारोबार पर खतरा बताया

    क्या हुआ: व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से INDIA गठबंधन की रैली 10 नवंबर के बाद करने की अपील की
    कब: चिट्ठी की जानकारी शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को सामने आई; रैली 1 नवंबर को प्रस्तावित है
    कहाँ: रामलीला मैदान, दिल्ली; आसपास के करीब 20 थोक-खुदरा बाज़ार
    आपके लिए क्या मतलब: रैली के दिन पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्ज़न, बैरिकेडिंग और भीड़ से खरीदारी मुश्किल हो सकती है
    क्या करें: 1 नवंबर को चांदनी चौक, सदर बाज़ार या चावड़ी बाज़ार जाना हो तो ट्रैफिक एडवाइज़री देखें और मेट्रो का विकल्प रखें

    दिवाली की खरीदारी शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली के व्यापारी एक नई चिंता में हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि INDIA गठबंधन की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली 10 नवंबर यानी भाई दूज के बाद रखी जाए। पीटीआई के मुताबिक CTI का दावा है कि इस रैली से त्योहारी सीज़न में करीब ₹10,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

    व्यापारियों की दलील क्या है

    गोयल के मुताबिक धनतेरस (6 नवंबर) के आसपास दिल्ली में सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, बर्तन, ड्राई फ्रूट, मिठाई, गाड़ियां, प्रॉपर्टी और गिफ्ट आइटम मिलाकर करीब ₹25,000 करोड़ का कारोबार होता है। त्योहार से लगभग एक हफ्ता पहले बाज़ारों में भीड़ बढ़ने लगती है, इसलिए 1 नवंबर की तारीख व्यापारियों को सबसे ज़्यादा खटक रही है। दिवाली इस साल 8 नवंबर और भाई दूज 10 नवंबर को है।

    CTI ने गिनाया है कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में करीब 20 बड़े बाज़ार हैं, जैसे चांदनी चौक, सदर बाज़ार, चावड़ी बाज़ार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट, नई सड़क, किनारी बाज़ार, दरीबा, दरियागंज, अजमेरी गेट, जामा मस्जिद, करोल बाग और आज़ाद मार्केट। यहीं से देश के कई हिस्सों में माल जाता है।

    अक्टूबर में ₹3,000 करोड़ के नुकसान का दावा

    संगठन का कहना है कि अक्टूबर में कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली में रैलियों, मार्च और सड़कें बंद होने से व्यापारियों को पहले ही करीब ₹3,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। माल की आवाजाही रुकी और दुकानों पर ग्राहक कम पहुंचे। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि दूसरे राज्यों से पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन होकर आने वाले खरीदार सड़कों पर रोक और भीड़ देखकर आने से कतरा सकते हैं।

    CTI ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को माना है, लेकिन सभी दलों से अपील की है कि त्योहार खत्म होने तक प्रमुख कारोबारी इलाकों में बड़ी रैलियां न करें।

    रैली किस मुद्दे पर है

    INDIA गठबंधन यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कर रहा है। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने शनिवार को दोहराया कि रैली 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी। व्यापारियों की चिट्ठी पर कांग्रेस का औपचारिक जवाब अभी सामने नहीं आया है। SIR से जुड़ी जानकारी के लिए पढ़ें: दिल्ली में SIR का विशेष कैंप।

    पूर्वी दिल्ली के जो लोग थोक खरीदारी के लिए पुरानी दिल्ली जाते हैं, उनके लिए यह तारीख अहम है। इस बीच यमुनापार में 8 नवंबर तक पानी की सप्लाई पर असर की खबर भी ध्यान में रखें।

    व्यापारी रैली को कब तक टालने की मांग कर रहे हैं?

    CTI ने 10 नवंबर (भाई दूज) के बाद रैली करने की अपील की है।

    किन बाज़ारों पर असर पड़ सकता है?

    CTI के मुताबिक चांदनी चौक, सदर बाज़ार, चावड़ी बाज़ार, खारी बावली, करोल बाग समेत रामलीला मैदान के 5 किमी दायरे के करीब 20 बाज़ार।

    INDIA गठबंधन की रैली किस बारे में है?

    मतदाता सूची के SIR में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर।

    स्रोत

  • अमित शाह 4 साल बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे: प्रदर्शन, महिला सुरक्षा, गैंगस्टर और ड्रग्स पर बड़ी समीक्षा बैठक

    अमित शाह 4 साल बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे: प्रदर्शन, महिला सुरक्षा, गैंगस्टर और ड्रग्स पर बड़ी समीक्षा बैठक

    क्या हुआ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के आला अफसरों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की
    कब: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, दोपहर करीब 3 बजे से
    कहाँ: दिल्ली पुलिस मुख्यालय, जय सिंह रोड, नई दिल्ली
    आपके लिए क्या मतलब: त्योहारों से पहले महिला सुरक्षा, ड्रग्स, गैंगस्टर और प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के रवैये पर सख्ती और नए निर्देश आ सकते हैं
    क्या करें: आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें; प्रदर्शन या रैली वाले दिनों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइज़री देखकर ही निकलें

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और राजधानी की कानून-व्यवस्था पर अफसरों से सीधा हिसाब लिया। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह चार साल से ज़्यादा समय बाद उनका पुलिस मुख्यालय का दौरा है। इससे पहले वे 30 अगस्त 2022 को यहां आए थे।

    इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुए। पुलिस कमिश्नर के साथ सभी स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, ज़िलों के डीसीपी और स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच के अधिकारी मौजूद रहे।

    किन मुद्दों पर हुई बात

    रिपोर्टों के मुताबिक गृह मंत्री के सामने दिल्ली पुलिस के कामकाज की रिपोर्ट रखी गई। चर्चा के मुख्य बिंदु ये रहे:

    • पिछले पांच महीनों में दिल्ली में हुए प्रदर्शन और उनसे निपटने का तरीका
    • महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा
    • पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले
    • नशे का कारोबार, गैंगवार और विदेश में बैठकर गिरोह चलाने वाले गैंगस्टर
    • पुलिस और आम लोगों के बीच सीधा संवाद

    बैठक का समय क्यों अहम है

    यह दौरा ऐसे वक्त हुआ है जब दिल्ली पुलिस प्रदर्शनों को लेकर सवालों के घेरे में है। जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के आरोप लगे थे। सुप्रीम कोर्ट की बनाई उच्चस्तरीय जांच समिति 29 और 30 अक्टूबर को दिल्ली में बैठकर प्रभावित लोगों के बयान दर्ज करेगी, जिसमें पेलेट गन के इस्तेमाल और महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी के आरोपों पर सबूत सुने जाएंगे।

    दूसरी ओर, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के प्रदर्शन जारी हैं। शुक्रवार को बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास मार्च के चलते ट्रैफिक पुलिस को दोपहर 1 से 5 बजे तक डायवर्ज़न लगाना पड़ा था। INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में पुलिस पर भीड़ प्रबंधन का दबाव और बढ़ेगा।

    त्योहारों में सुरक्षा भी बड़ी चुनौती

    धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। बाज़ारों में भीड़, अवैध पटाखों की बिक्री और जेबकतरी जैसे अपराध हर साल इसी मौसम में बढ़ते हैं। पूर्वी दिल्ली में हाल ही में त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे पकड़े गए थे। राजधानी में प्रदूषण को लेकर GRAP-1 की पाबंदियां भी लागू हैं, जिनकी निगरानी में पुलिस की भूमिका है।

    खबर लिखे जाने तक गृह मंत्रालय या दिल्ली पुलिस की ओर से बैठक में दिए गए निर्देशों का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं हुआ था। ब्योरा आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।

    अमित शाह दिल्ली पुलिस मुख्यालय कब पहुंचे?

    शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे, जय सिंह रोड स्थित मुख्यालय में।

    बैठक में कौन-कौन शामिल था?

    रिपोर्टों के मुताबिक उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पुलिस कमिश्नर, स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, डीसीपी और स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच के अधिकारी।

    बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

    प्रदर्शनों से निपटना, महिला सुरक्षा, पुलिस पर हमले, ड्रग्स, गैंगवार और विदेश से चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क।

    स्रोत

  • दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को ग्रामीण से शहरी (urbanised) दर्जा देने का फैसला किया
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी
    कहाँ: पूरी दिल्ली के 48 गांव; पूर्वी हिस्से से सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा), पुर शाहदरा, सबापुर और जाफराबाद शामिल
    आपके लिए क्या मतलब: सड़क, सीवर, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट की योजना शहरी ढांचे के हिसाब से बन सकेगी
    क्या करें: अधिसूचना जारी होने तक इंतज़ार करें; निर्माण या ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव से पहले नियम और मंज़ूरी ज़रूर देखें

    दिल्ली के जिन गांवों में आज भी गलियों में सीवर लाइन और पक्की नाली का इंतज़ार है, उनके लिए शुक्रवार को एक अहम फैसला आया। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 48 गांवों को शहरी दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह कदम दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत उठाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से इन गांवों में ज़मीन के इस्तेमाल, सड़क संपर्क, सीवर, जलापूर्ति और साफ-सफाई जैसी ज़रूरतों पर ज़्यादा व्यवस्थित ढंग से काम हो सकेगा। उनके शब्दों में, गांव दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं और लक्ष्य उनकी पहचान का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से गांव

    सूची में शाहदरा इलाके के सुंगरपुर और जगतपुर, पुर शाहदरा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सबापुर और सीलमपुर से सटा जाफराबाद शामिल हैं। यमुना किनारे के बदरपुर खादर का नाम भी सूची में है। इन इलाकों में बीते सालों में आबादी तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन कागज़ों में इनकी पहचान अब भी गांव की थी।

    पूरी सूची

    बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर (नई दिल्ली), सुंगरपुर (शाहदरा), ताजपुर कलां, टिहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रशीदपुर, चटेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर (उत्तरी दिल्ली), जगतपुर (शाहदरा), सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, सबापुर, बदरपुर खादर, बदरपुर माजरा बुराड़ी, बकियाबाद, खानपुर खानी, जाफराबाद, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, बदूसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटीकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेड़ी, बकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला।

    शहरी दर्जे से क्या बदलेगा

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक अधिसूचना जारी होते ही इन गांवों का दर्जा ग्रामीण से शहरी हो जाएगा। इससे यह साफ होगा कि यहां कौन से कानूनी और प्रशासनिक नियम लागू होंगे। सड़क, अंदरूनी संपर्क मार्ग, पानी, सीवर नेटवर्क, नाली, कचरा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं की ज़रूरत का आकलन संबंधित एजेंसियां कर सकेंगी। यह पूरी प्रक्रिया मास्टर प्लान-2041 के मसौदे से भी जोड़ी जाएगी।

    लेकिन यह मान लेना जल्दबाज़ी होगी कि कल से ही गलियों में काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने खुद कहा है कि एजेंसियां मौजूदा नीतियों, मंज़ूर योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से ही आगे बढ़ेंगी। निर्माण, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव या कोई भी विकास कार्य भवन उपनियमों और ज़रूरी अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा।

    गांव वालों के लिए सलाह

    • अधिसूचना की कॉपी अपने निगम पार्षद या SDM कार्यालय से लेकर रखें।
    • ज़मीन की खरीद-बिक्री से पहले किसी भरोसेमंद वकील से नए नियम समझ लें; “शहरी हो गया, अब सब जायज़” जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें।
    • गली में सीवर, पानी या नाली की कमी हो तो इसे लिखित शिकायत के रूप में MCD और दिल्ली जल बोर्ड तक पहुंचाएं, ताकि सर्वे में आपकी गली छूटे नहीं।

    पूर्वी दिल्ली में इन दिनों 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर भी है। वोटर लिस्ट से जुड़ा 25 अक्टूबर का विशेष कैंप और कोंडली STP समेत यमुना परियोजनाएं वाली खबर भी पढ़ें।

    दिल्ली के कितने गांवों को शहरी दर्जा मिलेगा?

    दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को शहरी घोषित करने का फैसला किया है।

    यह फैसला किस कानून के तहत लिया गया?

    दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत।

    शाहदरा के कौन से गांव सूची में हैं?

    सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा) और पुर शाहदरा; पास के जाफराबाद और सबापुर भी सूची में हैं।

    क्या शहरी दर्जे के बाद बिना मंज़ूरी निर्माण हो सकेगा?

    नहीं, सरकार के मुताबिक निर्माण और ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव के लिए नियम और अनुमति ज़रूरी रहेंगे।

    स्रोत