दिल्ली, देश और दुनिया की ताज़ा हिंदी ख़बरें

ताज़ा ख़बर

श्रेणी: देश

भारत की बड़ी और ज़रूरी ख़बरें, आसान हिंदी में।

  • झांसी में पुलिस लाइन के बाहर किन्नर समुदाय के गुट का हंगामा, एक घंटे सड़क जाम; 5 गिरफ्तार

    झांसी में पुलिस लाइन के बाहर किन्नर समुदाय के गुट का हंगामा, एक घंटे सड़क जाम; 5 गिरफ्तार

    क्या हुआ: किन्नर समुदाय के एक गुट ने पुलिस लाइन गेट के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया; राहगीरों से हाथापाई और गाड़ियों पर चढ़ने के आरोप लगे
    कब: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की शाम
    कहां: नवाबाद थाना क्षेत्र, झांसी (उत्तर प्रदेश), SSP कार्यालय और पुलिस लाइन के बाहर
    पुलिस ने क्या किया: करीब एक घंटे बाद हालात काबू में किए, 5 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया
    आगे क्या: पुलिस के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है

    उत्तर प्रदेश के झांसी में शनिवार शाम पुलिस लाइन के सामने वाली सड़क करीब एक घंटे तक जाम रही। किन्नर समुदाय के एक गुट ने यहां बीच सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे गाड़ियां जहां की तहां रुक गईं। इस हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से शेयर हो रहे हैं। पुलिस ने बाद में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस लाइन गेट के सामने क्या हुआ

    रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का है। प्रदर्शन करने वाले लोग पहले नवाबाद थाने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इसके बाद वे SSP कार्यालय और पुलिस लाइन के गेट के सामने पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने ट्रैफिक बैरियर लगाकर रास्ता बंद कर दिया और नारेबाज़ी करने लगे।

    आरोप यह भी है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने राहगीरों से बदसलूकी और हाथापाई की, कुछ प्रदर्शनकारी रुकी हुई कारों के बोनट पर चढ़ गए और एक बाइक सवार को लात मारी गई। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि विरोध जताने के लिए कुछ सदस्यों ने कपड़े उतार दिए थे। पुलिस का कहना है कि रास्ता खुलवाने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की हुई।

    एक घंटे बाद संभले हालात

    सूचना मिलने पर नवाबाद थाना प्रभारी समेत दूसरे अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक समझाने और मशक्कत के बाद सड़क खाली कराई गई। एसपी सिटी ने बताया कि चार किन्नरों और उनके एक सहयोगी ने यातायात पूरी तरह रोक दिया था। पुलिस के मुताबिक पांचों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    हंगामे की जड़: दो गुटों का पुराना विवाद

    पुलिस के मुताबिक, इस हंगामे के पीछे किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच इलाके को लेकर चल रहा पुराना विवाद है। करीब दो साल पहले एक सदस्य के पुराने गुट से अलग होकर अपना समूह बनाने के बाद से दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि दोनों गुटों को कई बार समझाया गया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी विवाद को लेकर दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे। वहां एक सदस्य की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। प्रदर्शन करने वाला गुट दूसरे गुट की प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहा था। उनका आरोप था कि पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस के अनुसार, यह मांग पूरी न होने पर ही शनिवार को सड़क पर प्रदर्शन किया गया।

    आम लोगों के लिए इसका मतलब

    पुलिस लाइन और SSP कार्यालय के पास की सड़क शहर का व्यस्त रास्ता है। शाम के समय जाम लगने से दफ्तर से लौट रहे लोग, बाइक सवार और कार चालक काफी देर तक फंसे रहे। किसी भी शिकायत के लिए कानूनी रास्ते मौजूद हैं, जैसे थाने में लिखित शिकायत, वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात या ऑनलाइन शिकायत। सड़क रोकने से आम लोगों को परेशानी होती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, इसलिए ऐसे वीडियो आगे शेयर करने से पहले सावधानी बरतें।

    झांसी में किन्नर समुदाय का हंगामा कब और कहां हुआ?

    शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की शाम झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र में SSP कार्यालय और पुलिस लाइन गेट के सामने यह प्रदर्शन हुआ।

    पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    पुलिस के मुताबिक करीब एक घंटे बाद हालात काबू में किए गए, 5 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

    प्रदर्शन की वजह क्या थी?

    पुलिस के अनुसार दो गुटों के बीच इलाके को लेकर पुराना विवाद है। प्रदर्शन करने वाला गुट दूसरे गुट की प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहा था।

    यह भी पढ़ें

    स्रोत

  • चक्रवात अर्णब: बंगाल की खाड़ी में बना तूफान, 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने का अनुमान; 7 जिलों में रेड अलर्ट

    चक्रवात अर्णब: बंगाल की खाड़ी में बना तूफान, 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने का अनुमान; 7 जिलों में रेड अलर्ट

    क्या हुआ: बंगाल की खाड़ी का गहरा दबाव सोमवार को चक्रवाती तूफान अर्णब (उच्चारण: ओर्नब) में बदल गया
    कब: लैंडफॉल का अनुमान बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह
    कहां: आंध्र प्रदेश और यनम तट, बापटला से विशाखापत्तनम के बीच; दक्षिण ओडिशा भी अलर्ट पर
    आपके लिए मतलब: 27 से 29 अक्टूबर के बीच आंध्र-ओडिशा की यात्रा, ट्रेन या फ्लाइट पर असर पड़ सकता है
    क्या करें: तटीय इलाकों में रिश्तेदार हों तो उन्हें प्रशासन की सलाह मानने को कहें; यात्रा से पहले रेलवे और एयरलाइन का अपडेट देखें

    बंगाल की खाड़ी में कई दिनों से बन रहा सिस्टम आखिरकार तूफान बन गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह बताया कि गहरा दबाव चक्रवाती तूफान “अर्णब” में बदल चुका है। इसका उच्चारण “ओर्नब” है। अगले दो दिन में यह और ताकतवर होगा और बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।

    अभी कहां है तूफान

    IMD के अनुसार सोमवार सुबह 5:30 बजे तूफान का केंद्र श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) से करीब 590 किमी उत्तर-पश्चिम, ओडिशा के गोपालपुर से 610 किमी दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से 650 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था। काकीनाडा से इसकी दूरी 730 किमी और मछलीपट्टनम से 830 किमी थी। यह करीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

    कितना ताकतवर होगा

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 अक्टूबर की आधी रात तक अर्णब गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बन जाएगा। 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जो झोंकों में 140 किमी तक पहुंच सकती है।

    किन जिलों में रेड अलर्ट

    28 अक्टूबर के लिए एलुरु, NTR, कृष्णा, कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी जिलों में रेड अलर्ट है। 29 अक्टूबर को इनके अलावा गुंटूर, अल्लूरी सीताराम राजू, अनकापल्ली और विशाखापत्तनम भी रेड अलर्ट में शामिल हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया है। दक्षिण ओडिशा के तटीय जिलों के लिए भी चेतावनी जारी हुई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली पर क्या असर?

    फिलहाल IMD ने दिल्ली-NCR के लिए इस तूफान से जुड़ी कोई चेतावनी नहीं दी है। सीधा असर दक्षिण और पूर्वी तट पर रहेगा। हां, जो लोग इस हफ्ते विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, राजमुंदरी या ओडिशा जाने वाले हैं, उनकी ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। सफर से पहले ताज़ा अपडेट ज़रूर देख लें।

    चक्रवात अर्णब कब और कहां टकराएगा?

    IMD के अनुसार बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश-यनम तट पर।

    तूफान में हवा की रफ्तार कितनी होगी?

    लैंडफॉल के समय 115-125 किमी प्रति घंटा, झोंकों में 140 किमी प्रति घंटा तक।

    अर्णब नाम का उच्चारण क्या है?

    IMD के मुताबिक इसे “ओर्नब” बोला जाता है।

    यह भी पढ़ें

    स्रोत

  • मन की बात 139वां एपिसोड: 12 साल पूरे, ई-संजीवनी पर 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन; दिवाली-छठ पर लोकल सामान खरीदने की अपील

    मन की बात 139वां एपिसोड: 12 साल पूरे, ई-संजीवनी पर 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन; दिवाली-छठ पर लोकल सामान खरीदने की अपील

    क्या हुआ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम मन की बात का 139वां एपिसोड प्रसारित किया
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026
    कहां: आकाशवाणी, दूरदर्शन और पीएमओ के प्लेटफॉर्म
    आपके लिए मतलब: त्योहारों की खरीदारी में स्थानीय कारीगरों का सामान लेने की अपील; गांव-कस्बे में भी ई-संजीवनी से डॉक्टर की सलाह मिल सकती है
    क्या करें: ई-संजीवनी पर मुफ्त ऑनलाइन परामर्श के लिए नज़दीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर से संपर्क करें

    बारह साल पहले विजयादशमी के दिन शुरू हुआ मन की बात रविवार को अपने 139वें एपिसोड पर पहुंचा। इस सफर में देश के कोने-कोने के ऐसे लोगों की कहानियां सामने आती रही हैं जिनका काम अक्सर किसी की नज़र में नहीं आता। इस बार की बातचीत खेत, करघे, अस्पताल और लैब, चारों तरफ घूमी।

    त्योहार पर लोकल की अपील

    दिवाली और छठ से ठीक पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि त्योहारों में हम परिवार और अपनों के लिए बहुत कुछ खरीदते हैं, इस बार खरीदारी में स्थानीय कारीगरों के बनाए सामान को प्राथमिकता दें, क्योंकि इससे उनका हौसला बढ़ेगा।

    उन्होंने कुछ उदाहरण भी दिए। बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस तक पहुंच रहा है और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव भेजी जा रही है। इस गांधी जयंती पर खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री एक ही दिन में ₹28 करोड़ से पार चली गई, जो पिछले साल से करीब ₹1.5 करोड़ ज़्यादा है।

    महाराष्ट्र की आदिवासी पहल “शबरी नेचुरल्स” का भी ज़िक्र हुआ, जिसकी आदिवासी कला वाली पैकेजिंग को जापान का गुड डिज़ाइन अवॉर्ड मिला है। इसके उत्पादों में शहद, महुआ और चिरौंजी शामिल हैं।

    ई-संजीवनी: 50 करोड़ परामर्श

    प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार के टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म ई-संजीवनी पर अब तक करीब 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन हो चुके हैं। अंडमान के बाराटांग द्वीप पर निमोनिया से जूझ रहे एक बच्चे, लक्षद्वीप के कल्पेनी में बीमार एक बुज़ुर्ग और लद्दाख के ज़ांस्कर में एक गर्भवती महिला को इसी के ज़रिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह मिली। देश में करीब 1.9 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसमें अहम कड़ी बने हैं।

    नदी, कपास और दिमाग पर रिसर्च

    • पंजाब: खेती विरासत मिशन की “नव-त्रिंजन” पहल में बिना केमिकल के प्राकृतिक रंग वाली कपास उगाई जा रही है और बुनाई स्कूल से कई महिलाएं हुनरमंद बुनकर बनी हैं।
    • उत्तराखंड: टिहरी गढ़वाल में गांववालों और प्रशासन ने मिलकर सूखती हेवल नदी को फिर से ज़िंदा किया।
    • आईआईटी मद्रास: सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर 100 मानव मस्तिष्कों की हाई-रिज़ॉल्यूशन 3D मैपिंग कर रहा है और यह डेटा ओपन-सोर्स किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर को “फाइबर ऑप्टिक्स के जनक” नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती की भी याद दिलाई और युवाओं से ऐसे वैज्ञानिकों के बारे में पढ़ने को कहा। साथ ही त्योहारों से पहले अपने आसपास सफाई रखने की अपील की।

    दिल्ली के बाज़ारों के लिए भी यह अपील मायने रखती है, जहां इन दिनों व्यापारी दिवाली कारोबार को लेकर पहले से सतर्क हैं।

    मन की बात का 139वां एपिसोड कब प्रसारित हुआ?

    रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को।

    ई-संजीवनी पर कितने परामर्श हो चुके हैं?

    प्रधानमंत्री के मुताबिक करीब 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन।

    गांधी जयंती पर खादी की कितनी बिक्री हुई?

    एक दिन में ₹28 करोड़ से ज़्यादा, जो पिछले साल से ₹1.5 करोड़ अधिक है।

    यह भी पढ़ें

    स्रोत

  • दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को BRICS संसदीय फोरम: संविधान सदन में जुटेंगे कई देशों के स्पीकर, PM मोदी करेंगे शिरकत

    दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को BRICS संसदीय फोरम: संविधान सदन में जुटेंगे कई देशों के स्पीकर, PM मोदी करेंगे शिरकत

    क्या हो रहा है: भारत की अध्यक्षता में 12वां BRICS संसदीय फोरम
    कब: 26 और 27 अक्टूबर 2026; उद्घाटन 26 अक्टूबर को, 25 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की बैठक
    कहां: संविधान सदन (पुराना संसद भवन) का सेंट्रल हॉल, नई दिल्ली
    आपके लिए मतलब: विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही से नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा कड़ी रहेगी
    क्या करें: संसद मार्ग और आसपास जाने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के X हैंडल और ट्रैफिक अपडेट देख लें

    अगले दो दिन दिल्ली संसदीय कूटनीति का केंद्र रहेगी। BRICS के सदस्य और साझेदार देशों के संसद अध्यक्ष और सांसद 26-27 अक्टूबर को संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में जुटेंगे। यह 12वां BRICS संसदीय फोरम है और इसकी मेज़बानी भारतीय संसद कर रही है।

    पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की विज्ञप्ति के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में शामिल होंगे और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से मिलेंगे। फोरम का उद्घाटन 26 अक्टूबर को होगा। उससे पहले आज, 25 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की बैठक में संयुक्त घोषणा-पत्र को अंतिम रूप दिया जाना है।

    चार सत्र, एक थीम

    फोरम की मुख्य थीम “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मज़बूत करना” रखी गई है। चर्चा चार उच्च-स्तरीय सत्रों में होगी:

    • लचीलापन: बेहतर भविष्य के लिए संस्थाओं को मज़बूत करने में संसद की भूमिका
    • नवाचार: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक में इंसान-केंद्रित इनोवेशन
    • सहयोग: वैश्विक शासन व्यवस्था को ज़्यादा प्रतिनिधि बनाना
    • टिकाऊपन: टिकाऊ और समावेशी भविष्य में संसदों की भूमिका

    उपराष्ट्रपति मेहमानों के सम्मान में भोज देंगे और प्रतिनिधिमंडल संसद भवन के साथ दिल्ली के सांस्कृतिक स्थलों का भी दौरा करेंगे।

    कौन आ रहा है, कौन नहीं

    द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार ज़्यादातर देशों ने भागीदारी की पुष्टि कर दी है, लेकिन सऊदी अरब और इथियोपिया ने आने में असमर्थता जताई है। इकोनॉमिक टाइम्स ने बिरला के हवाले से बताया कि भारत 64 देशों के साथ संसदीय मैत्री समूह बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

    दिल्लीवालों के लिए

    खबर लिखे जाने तक इस फोरम के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की कोई अलग एडवाइज़री सामने नहीं आई थी। विदेशी मेहमानों की आवाजाही के समय VIP मूवमेंट से रास्ते कुछ देर रोके जा सकते हैं, इसलिए 26-27 अक्टूबर को संसद मार्ग, रायसीना रोड और आसपास जाने वाले लोग निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट ज़रूर देख लें। इसी हफ्ते राजधानी की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने समीक्षा बैठक भी की थी, और 1 नवंबर को रामलीला मैदान रैली को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं।

    BRICS संसदीय फोरम 2026 कब और कहां है?

    26-27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में।

    इस फोरम की थीम क्या है?

    “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मज़बूत करना”।

    क्या प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे?

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यक्रम में शामिल होंगे और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से मिलेंगे।

    स्रोत

  • यूरोप को हथियार बेचने में भारत तीसरे नंबर पर: रक्षा सचिव बोले, गोला-बारूद की मांग से निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड पर

    यूरोप को हथियार बेचने में भारत तीसरे नंबर पर: रक्षा सचिव बोले, गोला-बारूद की मांग से निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड पर

    क्या हुआ: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में
    कितना निर्यात: भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ (करीब 3.6 अरब यूरो) पर, 80 से ज़्यादा देशों को
    आपके लिए मतलब: रक्षा उत्पादन में छोटी कंपनियों और स्टार्टअप के लिए काम और रोज़गार के मौके बढ़ रहे हैं
    आगे क्या: भारत यूरोप में जॉइंट वेंचर बनाकर वहां की सरकारी खरीद में हिस्सा लेना चाहता है

    कभी दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदारों में गिना जाने वाला भारत अब यूरोप को हथियार बेचने वालों की कतार में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। यह बात खुद रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कही। डीडी न्यूज़ पर प्रकाशित आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इसका श्रेय यूरोप के “रीआर्म यूरोप” अभियान से बढ़ी मांग और देश में मज़बूत हुए रक्षा उत्पादन को दिया।

    रक्षा सचिव ने क्या कहा

    राजेश कुमार सिंह ने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर, ₹38,424 करोड़ यानी करीब 3.6 अरब यूरो पर पहुंच गया है। उन्होंने ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक साल में अचानक भारत यूरोप को हथियार देने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया। उनके मुताबिक यूरोप में बड़ी मात्रा में अलग-अलग तरह का स्टैंडर्ड गोला-बारूद, तोप के गोले और छोटे-बड़े कैलिबर की गोलियां भेजी जा रही हैं।

    निर्यात सिर्फ गोला-बारूद तक सीमित नहीं है। उन्होंने हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट, छोटे हथियार और तोप प्रणालियों का भी ज़िक्र किया। दक्षिण-पूर्व एशिया के कई खरीदारों से भी अलग-अलग रक्षा उपकरणों के सौदों पर बातचीत चल रही है।

    कितना बड़ा हो गया देश का रक्षा उद्योग

    • 16 बड़ी सरकारी रक्षा कंपनियां
    • करीब 840 बड़ी और मझोली निजी कंपनियां
    • लगभग 17,000 छोटी इकाइयां और स्टार्टअप
    • घरेलू बिक्री करीब 17 अरब यूरो
    • 80 से ज़्यादा देशों को निर्यात

    रक्षा सचिव के मुताबिक सरकार हर साल के करीब 20-25 अरब डॉलर के रक्षा पूंजीगत खर्च में से 75 फीसदी देश के भीतर खर्च करने की कोशिश करती है, और भारत में डिज़ाइन व विकसित उत्पादों को प्राथमिकता दी जाती है।

    रूस पर निर्भरता घटी

    उन्होंने माना कि भारत के पास अब भी बहुत सा रूसी मूल का साजो-सामान है, लेकिन समय के साथ यह निर्भरता घटी है। उनके मुताबिक रूस के बाद फ्रांस और इज़राइल की हिस्सेदारी लगभग 15-15 फीसदी है। हाल में ग्रीस और साइप्रस की यात्रा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत यूरोप में जॉइंट वेंचर बनाकर वहां की सरकारी खरीद में हिस्सा लेना चाहता है, और यूरोपीय कंपनियां भी भारत में साझेदारी कर सकती हैं।

    आम लोगों के लिए इसका मतलब यह है कि रक्षा उत्पादन अब सिर्फ बड़ी सरकारी फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहा। छोटे कारखानों और तकनीकी स्टार्टअप को सप्लाई चेन में जगह मिल रही है। देश की दूसरी आर्थिक खबरें: केजी बेसिन में ऑयल इंडिया की गैस खोज और कच्चे तेल की कीमत का पेट्रोल-डीज़ल पर असर।

    यूरोप को हथियार निर्यात में भारत किस नंबर पर है?

    रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के मुताबिक भारत अब यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है।

    भारत का रक्षा निर्यात कितना है?

    रक्षा सचिव के अनुसार यह रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ (करीब 3.6 अरब यूरो) पर है।

    भारत यूरोप को क्या-क्या बेच रहा है?

    मुख्य रूप से स्टैंडर्ड गोला-बारूद, तोप के गोले और छोटे-बड़े कैलिबर की गोलियां; इसके अलावा हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट और छोटे हथियार भी।

    स्रोत

  • 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली टालें: दिल्ली के व्यापारियों की राहुल गांधी से अपील, ₹10,000 करोड़ के कारोबार पर खतरा बताया

    1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली टालें: दिल्ली के व्यापारियों की राहुल गांधी से अपील, ₹10,000 करोड़ के कारोबार पर खतरा बताया

    क्या हुआ: व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से INDIA गठबंधन की रैली 10 नवंबर के बाद करने की अपील की
    कब: चिट्ठी की जानकारी शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को सामने आई; रैली 1 नवंबर को प्रस्तावित है
    कहाँ: रामलीला मैदान, दिल्ली; आसपास के करीब 20 थोक-खुदरा बाज़ार
    आपके लिए क्या मतलब: रैली के दिन पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्ज़न, बैरिकेडिंग और भीड़ से खरीदारी मुश्किल हो सकती है
    क्या करें: 1 नवंबर को चांदनी चौक, सदर बाज़ार या चावड़ी बाज़ार जाना हो तो ट्रैफिक एडवाइज़री देखें और मेट्रो का विकल्प रखें

    दिवाली की खरीदारी शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली के व्यापारी एक नई चिंता में हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि INDIA गठबंधन की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली 10 नवंबर यानी भाई दूज के बाद रखी जाए। पीटीआई के मुताबिक CTI का दावा है कि इस रैली से त्योहारी सीज़न में करीब ₹10,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

    व्यापारियों की दलील क्या है

    गोयल के मुताबिक धनतेरस (6 नवंबर) के आसपास दिल्ली में सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, बर्तन, ड्राई फ्रूट, मिठाई, गाड़ियां, प्रॉपर्टी और गिफ्ट आइटम मिलाकर करीब ₹25,000 करोड़ का कारोबार होता है। त्योहार से लगभग एक हफ्ता पहले बाज़ारों में भीड़ बढ़ने लगती है, इसलिए 1 नवंबर की तारीख व्यापारियों को सबसे ज़्यादा खटक रही है। दिवाली इस साल 8 नवंबर और भाई दूज 10 नवंबर को है।

    CTI ने गिनाया है कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में करीब 20 बड़े बाज़ार हैं, जैसे चांदनी चौक, सदर बाज़ार, चावड़ी बाज़ार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट, नई सड़क, किनारी बाज़ार, दरीबा, दरियागंज, अजमेरी गेट, जामा मस्जिद, करोल बाग और आज़ाद मार्केट। यहीं से देश के कई हिस्सों में माल जाता है।

    अक्टूबर में ₹3,000 करोड़ के नुकसान का दावा

    संगठन का कहना है कि अक्टूबर में कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली में रैलियों, मार्च और सड़कें बंद होने से व्यापारियों को पहले ही करीब ₹3,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। माल की आवाजाही रुकी और दुकानों पर ग्राहक कम पहुंचे। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि दूसरे राज्यों से पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन होकर आने वाले खरीदार सड़कों पर रोक और भीड़ देखकर आने से कतरा सकते हैं।

    CTI ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को माना है, लेकिन सभी दलों से अपील की है कि त्योहार खत्म होने तक प्रमुख कारोबारी इलाकों में बड़ी रैलियां न करें।

    रैली किस मुद्दे पर है

    INDIA गठबंधन यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कर रहा है। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने शनिवार को दोहराया कि रैली 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी। व्यापारियों की चिट्ठी पर कांग्रेस का औपचारिक जवाब अभी सामने नहीं आया है। SIR से जुड़ी जानकारी के लिए पढ़ें: दिल्ली में SIR का विशेष कैंप।

    पूर्वी दिल्ली के जो लोग थोक खरीदारी के लिए पुरानी दिल्ली जाते हैं, उनके लिए यह तारीख अहम है। इस बीच यमुनापार में 8 नवंबर तक पानी की सप्लाई पर असर की खबर भी ध्यान में रखें।

    व्यापारी रैली को कब तक टालने की मांग कर रहे हैं?

    CTI ने 10 नवंबर (भाई दूज) के बाद रैली करने की अपील की है।

    किन बाज़ारों पर असर पड़ सकता है?

    CTI के मुताबिक चांदनी चौक, सदर बाज़ार, चावड़ी बाज़ार, खारी बावली, करोल बाग समेत रामलीला मैदान के 5 किमी दायरे के करीब 20 बाज़ार।

    INDIA गठबंधन की रैली किस बारे में है?

    मतदाता सूची के SIR में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर।

    स्रोत

  • सिवान के आलमपुर में पटाखों से भरे घर में धमाका, 5 की मौत; SHO और चौकीदार सस्पेंड, SIT जांच

    सिवान के आलमपुर में पटाखों से भरे घर में धमाका, 5 की मौत; SHO और चौकीदार सस्पेंड, SIT जांच

    क्या हुआ: पटाखे रखे घर में आग लगने के बाद ज़ोरदार धमाके, 5 लोगों की मौत, दो लापता
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026, शाम करीब 5:30 बजे
    कहाँ: आलमपुर गांव, जामो बाजार थाना, सिवान (बिहार)
    आपके लिए क्या मतलब: दिवाली से पहले रिहायशी घरों में पटाखों का भंडार पूरे मोहल्ले के लिए खतरा है
    क्या करें: घर या गली में अवैध पटाखा भंडार दिखे तो 112 पर पुलिस को बताएं

    बिहार के सिवान ज़िले में शुक्रवार शाम एक घर पटाखों के गोदाम की तरह इस्तेमाल हो रहा था और वही घर पांच लोगों की मौत की वजह बन गया। जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में करीब 5:30 बजे आग पटाखों तक पहुंची और एक के बाद एक धमाके होने लगे। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक धमाकों की आवाज़ करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर आती रही। घर का अगला हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा।

    मरने वालों में बच्चे भी

    महाराजगंज के SDPO अमन कुमार के अनुसार मृतकों में मकान मालिक 65 वर्षीय मोहम्मद अमीरुद्दीन, उनकी 14 और 8 साल की दो पोतियां और पड़ोस का 10 साल का एक बच्चा शामिल है। सिवान के DM विजय प्रकाश मीणा ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि पांचों मृतकों की पहचान हो चुकी है और दो लोग अब तक नहीं मिले हैं। तीन लोग मामूली रूप से झुलसे और खुद ही निजी अस्पताल चले गए।

    मौके पर दमकल, बिजली विभाग, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक (FSL) टीम पहुंची। SP भरत सोनी ने बताया कि मलबे में और शव होने की आशंका को देखते हुए ड्रोन से भी इलाके की जांच कराई गई।

    लापरवाही पर कार्रवाई

    SP भरत सोनी ने जामो बाजार थाने के SHO धीरज कुमार और चौकीदार चंद्रिका मांझी को तुरंत निलंबित कर दिया। FIR दर्ज हुई है और SDPO महाराजगंज के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है। SP के मुताबिक गांव वालों का कहना है कि परिवार करीब 20 साल से पटाखों का काम कर रहा था और उसके पास लाइसेंस था; पुलिस लाइसेंस और दस्तावेज़ों की जांच करेगी। वहीं DM ने आशंका जताई कि यूनिट के पास सही लाइसेंस नहीं था या उसका नवीनीकरण नियम से नहीं हुआ था। SP ने यह भी माना कि कुछ दिन पहले थाने को लाइसेंस जांच के लिए कहा गया था, जो ठीक से नहीं हुई।

    दिल्ली के लिए भी सबक

    त्योहार से पहले घनी बस्तियों में पटाखे जमा करने का खतरा दिल्ली में भी कम नहीं। हाल ही में पूर्वी दिल्ली में त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे जब्त हुए थे। पतली गलियों वाले इलाकों में ऐसे धमाके के बाद दमकल का पहुंचना भी मुश्किल होता है। हवा पहले से खराब है, GRAP-1 की पाबंदियां लागू हैं।

    • किराएदार या पड़ोसी घर में पटाखों के बड़े डिब्बे जमा कर रहा हो तो चुप न रहें, पुलिस को सूचना दें।
    • लाइसेंसी दुकान से ही खरीदें और घर में कम मात्रा रखें, रसोई और बिजली मीटर से दूर।
    • आग लगे तो पहले लोगों को बाहर निकालें, फिर 101 या 112 पर कॉल करें।

    सिवान पटाखा धमाका कहां हुआ?

    बिहार के सिवान ज़िले में जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में, 23 अक्टूबर 2026 की शाम।

    धमाके में कितने लोगों की मौत हुई?

    प्रशासन ने 5 मौतों की पुष्टि की है, जबकि दो लोग लापता बताए गए हैं।

    इस मामले में क्या कार्रवाई हुई?

    थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित, FIR दर्ज और SDPO महाराजगंज की अगुवाई में SIT गठित; लाइसेंस की जांच हो रही है।

    स्रोत

  • KG बेसिन में Oil India को मिली प्राकृतिक गैस, ‘मत्स्यपुरी’ परत से पहली बार निकली गैस—रोज़ 2 लाख घन मीटर तक बहाव

    KG बेसिन में Oil India को मिली प्राकृतिक गैस, ‘मत्स्यपुरी’ परत से पहली बार निकली गैस—रोज़ 2 लाख घन मीटर तक बहाव

    कहाँ: कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन, आंध्र प्रदेश तट के पास उथला समुद्री ब्लॉक KG-DSF/GSKW/2018
    कब: कंपनी ने 23 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी; टेस्टिंग 16 अक्टूबर से चल रही है
    क्या हुआ: गोदावरी-1 कुएँ में 2,024–2,027 मीटर की गहराई पर गैस मिली; टेस्ट में रोज़ करीब 1 लाख और अधिकतम 2 लाख मानक घन मीटर (SCMD) गैस निकली
    आपके लिए क्या मतलब: घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक और कदम; फिलहाल गैस के दाम या सप्लाई पर तुरंत असर नहीं
    क्या करें: निवेशक कंपनी की अगली एक्सचेंज फाइलिंग पर नज़र रखें; भंडार का आकलन अभी घोषित नहीं हुआ है

    सरकारी तेल कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन के एक उथले समुद्री ब्लॉक में प्राकृतिक गैस की खोज की है। कंपनी ने शुक्रवार को BSE को भेजी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह गैस ‘मत्स्यपुरी’ नाम की उस भूगर्भीय परत में मिली है, जिसका अब तक हाइड्रोकार्बन के लिए आकलन ही नहीं हुआ था। यही बात इस खोज को खास बनाती है।

    कुएँ में क्या मिला

    गोदावरी-1 नाम का यह कुआँ एक ‘अप्रेज़ल वेल’ है, यानी पहले से संकेत वाले इलाके में यह जाँचने के लिए खोदा गया कि वहाँ कितना तेल-गैस है। ब्लॉक KG-DSF/GSKW/2018 कंपनी को डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (DSF) बोली दौर में मिला था और OIL इसकी अकेली ऑपरेटर है। कंपनी के मुताबिक चुने गए ज़ोन में 2,024 से 2,027 मीटर की गहराई पर हाइड्रोकार्बन मिले।

    16 अक्टूबर से शुरू हुए प्रोडक्शन टेस्ट में गैस करीब 1 लाख SCMD की दर से सतह तक आई और लगातार टेस्टिंग में अधिकतम 2 लाख SCMD तक पहुँची। साथ में रोज़ लगभग 170 बैरल कंडेनसेट (हल्का तरल हाइड्रोकार्बन) भी निकला। वेलहेड प्रेशर 1,815 psi दर्ज हुआ। कंपनी अब इसी कुएँ में ऊपर वाले अगले ज़ोन की टेस्टिंग की तैयारी कर रही है।

    अभी क्या साफ़ नहीं

    OIL ने यह नहीं बताया है कि इस खोज में कुल कितना भंडार हो सकता है और व्यावसायिक उत्पादन कब तक शुरू होगा। टेस्ट फ्लो का मतलब यह नहीं कि उतना ही उत्पादन लंबे समय तक मिलेगा—इसके लिए आगे और आकलन होगा। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक घोषणा वाले दिन दोपहर करीब 12:34 बजे कंपनी का शेयर BSE पर 1.69% गिरकर ₹447.50 पर था।

    देश के लिए क्यों अहम

    भारत अपनी प्राकृतिक गैस ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। सरकार ने 2030 तक ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी करीब 6% से बढ़ाकर 15% करने का लक्ष्य रखा है, इसलिए घरेलू खोजें अहम हैं। KG बेसिन में ONGC और रिलायंस पहले से उत्पादन कर रहे हैं। बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार सितंबर में ONGC ने महानदी अपतटीय बेसिन में और जून में OIL ने अंडमान के विजयपुरम-3 कुएँ में गैस मिलने की जानकारी दी थी।

    देश से जुड़ी आज की दूसरी खबरों में बैंकिंग के लिए क्वांटम-सुरक्षित तकनीक पर C-DAC और बैंक ऑफ इंडिया का करार और विदेश में फँसे भारतीयों से जुड़ी यमन यॉट मामले की खबर भी पढ़ें।

    Oil India ने गैस कहाँ खोजी है?

    कृष्णा-गोदावरी बेसिन के उथले समुद्री ब्लॉक KG-DSF/GSKW/2018 में गोदावरी-1 कुएँ में, मत्स्यपुरी परत में।

    टेस्ट में कितनी गैस निकली?

    करीब 1 लाख SCMD, और लगातार टेस्टिंग में अधिकतम 2 लाख SCMD; साथ में रोज़ लगभग 170 बैरल कंडेनसेट।

    क्या इससे गैस सस्ती होगी?

    फिलहाल नहीं। भंडार का आकलन और व्यावसायिक उत्पादन की समय-सीमा अभी घोषित नहीं हुई है।

    स्रोत

  • यमन के पास याट पर 14 भारतीय: दूतावास जुटा रहा जानकारी, हूती दावे की पुष्टि नहीं

    यमन के पास याट पर 14 भारतीय: दूतावास जुटा रहा जानकारी, हूती दावे की पुष्टि नहीं

    कहाँ: यमन के तट के पास, लाल सागर
    कब: 22 अक्टूबर 2026
    क्या हुआ: एक याट से जुड़ी घटना में 14 भारतीय नागरिकों के सवार होने की ख़बर; भारतीय दूतावास तथ्य जुटा रहा है
    आपके लिए क्या मतलब: खाड़ी और लाल सागर क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों और उनके परिवारों के लिए सतर्क रहने का समय
    क्या करें: सिर्फ़ आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें; विदेश में फँसे परिजन की मदद के लिए विदेश मंत्रालय के MADAD पोर्टल पर अनुरोध दर्ज करें

    यमन के तट के पास 22 अक्टूबर को एक याट से जुड़ी घटना में 14 भारतीय नागरिकों के सवार होने की ख़बर के बाद भारत सरकार हरकत में है। यमन में भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह घटना की जानकारी जुटा रहा है और भारतीयों की सुरक्षा के लिए हर संभव मदद देगा।

    दूतावास ने क्या कहा

    दूतावास ने 22 अक्टूबर की शाम X पर बताया कि उसने याट पर 14 भारतीयों से जुड़ी घटना की रिपोर्ट देखी है और विवरण की पुष्टि की जा रही है। इसके कुछ घंटे बाद एक और पोस्ट में दूतावास ने कहा कि वहाँ जारी संघर्ष की वजह से सटीक जानकारी फ़िलहाल उपलब्ध नहीं है और कोशिशें जारी हैं।

    https://x.com/IndiaInYemen/status/2113264112666919152

    हूती पक्ष का दावा, पुष्टि बाकी

    PTI के हवाले से छपी रिपोर्ट के मुताबिक यमन के हूती गुट के प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि लाल सागर में युक़र द्वीप के पास सऊदी बलों ने इस याट को निशाना बनाया। इस दावे की किसी स्वतंत्र स्रोत या भारत सरकार ने अब तक पुष्टि नहीं की है। याट पर सवार भारतीयों की मौजूदा स्थिति के बारे में भी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।

    खाड़ी में बढ़ता तनाव

    यह घटना ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। इसी हफ़्ते 21 अक्टूबर को सऊदी अरब के दम्माम में हवाई अड्डे और एक तेल क्षेत्र पर हुए हमलों में एक भारतीय की मौत हुई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं, और लाल सागर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में है, जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय नाविक जहाज़ों पर तैनात रहते हैं।

    परिवार और नाविक क्या करें

    • आधिकारिक स्रोत: भारतीय दूतावास (यमन) के X हैंडल @IndiaInYemen और विदेश मंत्रालय के बयानों पर नज़र रखें। सोशल मीडिया पर नाम या तस्वीरों वाली अपुष्ट सूचियाँ आगे न बढ़ाएँ।
    • MADAD पोर्टल: विदेश में फँसे या लापता परिजन के लिए विदेश मंत्रालय के madad.gov.in पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
    • कंपनी से संपर्क: नाविकों के परिजन शिपिंग कंपनी या भर्ती एजेंसी (RPSL) से लिखित जानकारी माँगें।
    • यात्रा से पहले: संघर्ष वाले क्षेत्रों की यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय की ताज़ा ट्रैवल एडवाइज़री ज़रूर देखें।

    दुनिया की और ख़बरें दुनिया सेक्शन में और देश की ख़बरें देश सेक्शन में पढ़ें। यह भी पढ़ें: तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप।

    यमन के पास याट पर कितने भारतीय थे?

    भारतीय दूतावास के मुताबिक रिपोर्ट्स में 14 भारतीय नागरिकों के याट पर होने की बात कही गई है; दूतावास विवरण की पुष्टि कर रहा है।

    क्या याट पर हमले की पुष्टि हुई है?

    हूती प्रवक्ता ने सऊदी बलों पर निशाना बनाने का दावा किया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र या भारत सरकार की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।

    विदेश में फँसे परिजन के लिए मदद कहाँ माँगें?

    विदेश मंत्रालय के MADAD पोर्टल (madad.gov.in) पर अनुरोध दर्ज करें और संबंधित दूतावास के आधिकारिक हैंडल देखें।

    स्रोत