क्या हुआ: शाहदरा थाने के विवाद में दिल्ली पुलिस ने गांधी नगर के ACP और शाहदरा SHO का तबादला किया, जिसके बाद ज़िला अदालतों के वकीलों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म कर दी
कब: तबादले के आदेश बुधवार 28 अक्टूबर को, हड़ताल उसी दिन वापस
कहां: कड़कड़डूमा समेत दिल्ली की सभी ज़िला अदालतें; विवाद शाहदरा थाने का
आपके लिए मतलब: ज़िला अदालतों में सुनवाई का काम फिर से सामान्य होगा
क्या करें: जिनकी तारीख हड़ताल के दिनों में थी, वे eCourts पोर्टल या अपने वकील से नई तारीख पता कर लें
दो दिन से ठप पड़ी दिल्ली की ज़िला अदालतों में अब फिर से कामकाज पटरी पर लौटने वाला है। शाहदरा थाने से शुरू हुए विवाद में दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को गांधी नगर के सब-डिविज़नल पुलिस अधिकारी ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया। इसके बाद वकीलों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली। हिंदुस्तान टाइम्स ने बार संगठनों के हवाले से यह जानकारी दी है।
विवाद कैसे शुरू हुआ था
वकीलों का आरोप था कि एक साथी वकील पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग लेकर जब वे शाहदरा थाने पहुंचे, तो दोनों अधिकारियों ने उन्हें धमकाया। इसके विरोध में मंगलवार से दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों में वकीलों ने काम का बहिष्कार किया था। उनकी मांग थी कि दोनों अधिकारियों को निलंबित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। इस बीच पुलिस ने भी वकीलों के खिलाफ एक FIR दर्ज की थी।
बैठक के बाद बनी सहमति
पुलिस अधिकारियों, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और ज़िला अदालतों के बार एसोसिएशन के अध्यक्षों-सचिवों की बैठक के बाद यह फैसला हुआ। बुधवार को पहले हड़ताल अनिश्चितकाल तक बढ़ाने और गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का एलान हुआ था, लेकिन तबादले के आदेश आने के बाद कोऑर्डिनेशन कमेटी ने प्रस्ताव पास करके विरोध खत्म कर दिया।
वकीलों ने कहा, मामला अभी खत्म नहीं
कमेटी ने साफ किया है कि तबादला “मामले का अंत नहीं” है। प्रस्ताव में ये शर्तें रखी गई हैं:
- शाहदरा बार एसोसिएशन के सदस्यों की शिकायतों पर जांच दो महीने में पूरी हो।
- शाहदरा थाने में दर्ज FIR के नामज़द आरोपियों को तुरंत पकड़ा जाए; नहीं पकड़े गए तो गैर-ज़मानती वारंट और लुक-आउट सर्कुलर के लिए कानूनी कदम उठाए जाएं।
- वकीलों के खिलाफ दर्ज FIR की जांच एक हफ्ते में पूरी हो।
कड़कड़डूमा आने वालों के लिए
यमुनापार के ज़्यादातर मुकदमे कड़कड़डूमा कोर्ट में चलते हैं। हड़ताल के दो दिनों में जिनकी सुनवाई टली, उनकी अगली तारीख eCourts वेबसाइट या ऐप पर केस नंबर डालकर देखी जा सकती है।
दिल्ली की ज़िला अदालतों में वकीलों की हड़ताल क्यों हुई थी?
वकीलों का आरोप था कि शाहदरा थाने में एक साथी वकील पर हमले की शिकायत लेकर पहुंचे वकीलों को ACP और SHO ने धमकाया।
हड़ताल कब खत्म हुई?
बुधवार 28 अक्टूबर को, ACP और शाहदरा SHO के तबादले के आदेश आने के बाद।
क्या वकीलों की सभी मांगें पूरी हो गईं?
नहीं। वकीलों ने दो महीने में जांच पूरी करने और FIR में तय समय में कार्रवाई की शर्त रखी है।
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