श्रेणी: पूर्वी दिल्ली

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  • शाहदरा विवाद में नया मोड़: ACP की शिकायत पर दो वकीलों पर केस, पूर्व SHO अरुण कुमार साइबर यूनिट IFSO भेजे गए

    शाहदरा विवाद में नया मोड़: ACP की शिकायत पर दो वकीलों पर केस, पूर्व SHO अरुण कुमार साइबर यूनिट IFSO भेजे गए

    क्या हुआ: शाहदरा थाने में 23-24 अक्टूबर के विवाद के बाद अब पुलिस ने दो वकीलों पर ही केस दर्ज किया है, और तबादला किए गए तत्कालीन SHO अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से साइबर यूनिट IFSO भेज दिया गया है
    कब: बुधवार, 4 नवंबर 2026
    कहां: शाहदरा थाना और दिल्ली पुलिस मुख्यालय; मामला रोहतास नगर के पार्किंग विवाद से शुरू हुआ
    आपके लिए मतलब: पुलिस-वकील टकराव अभी थमा नहीं है; 6 नवंबर को हाईकोर्ट की सुनवाई पर सबकी नज़र है, इस दौरान शाहदरा कोर्ट और थाने के आसपास कामकाज पर असर दिख सकता है
    क्या करें: थाने या कोर्ट से जुड़ा ज़रूरी काम हो तो पहले फोन कर स्थिति पता कर लें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले वीडियो-दावों को आगे न बढ़ाएं

    शाहदरा थाने से शुरू हुआ पुलिस और वकीलों का विवाद हर दिन नई करवट ले रहा है। बुधवार को इसमें दो बड़े मोड़ आए। पहला, शाहदरा पुलिस ने ACP मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर दो वकीलों, ललित बंसल और अमूल्य रतन, के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया। दूसरा, थाने के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से हटाकर इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) में तैनात कर दिया गया, जो दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध इकाई है।

    ACP की शिकायत पर वकीलों पर केस

    द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ACP वशिष्ठ ने अपनी शिकायत में कहा है कि 24 अक्टूबर को करीब 15 से 20 वकील SHO के कमरे में घुस आए, उनसे और SHO अरुण कुमार से बदसलूकी की, अफसरों को गालियां दीं और सरकारी काम में बाधा डाली। वकीलों का आरोप था कि पुलिस ने रिश्वत लेकर मारपीट के आरोपियों को छोड़ दिया। इसी शिकायत पर अब बंसल और रतन के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। दूसरी तरफ, वकील पक्ष ACP पर पिस्तौल लहराकर धमकाने का आरोप लगाता रहा है। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और किसी पर दोष तय नहीं हुआ है।

    SHO अरुण कुमार अब साइबर यूनिट में

    PTI-भाषा के अनुसार, पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को जारी तबादला आदेश में कहा कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा इकाई से IFSO भेजा जाता है। 28 अक्टूबर को उन्हें शाहदरा SHO के पद से हटाकर सुरक्षा इकाई में भेजा गया था। उसी दिन गांधी नगर सब-डिवीजन के ACP रहे मनस्वी वशिष्ठ को महिला और बच्चों से जुड़ी स्पेशल पुलिस यूनिट में भेजा गया था।

    कैसे यहां तक पहुंचा मामला

    पूरा विवाद 23 अक्टूबर को रोहतास नगर में एक सैलून के बाहर बाइक खड़ी करने को लेकर हुई कहासुनी से शुरू हुआ था। झगड़ा थाने तक पहुंचा, जहां हाथापाई में वकील ललित बंसल के सिर में चोट आई। इस मामले में सैलून पक्ष के दो लोगों पर FIR हुई, जो पुलिस के मुताबिक अब तक फरार हैं। तबादलों के विरोध में 2 नवंबर को पुलिस मुख्यालय के बाहर लगभग 150 पुलिसकर्मी जुटे थे, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। उनके आचरण की आंतरिक जांच भी चल रही है।

    अब आगे क्या

    दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को वकीलों की उस याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई करने की बात कही है, जिसमें ACP वशिष्ठ और दूसरे अफसरों पर वकीलों को धमकाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई मांगी गई है। अदालत ने वकीलों से पूरी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा है। यानी शुक्रवार की सुनवाई तय करेगी कि यह मामला किस दिशा में जाएगा। पूर्वी दिल्ली के लोग, खासकर शाहदरा कोर्ट आने-जाने वाले, इस पर नज़र बनाए हुए हैं।

    शाहदरा विवाद में बुधवार को क्या नया हुआ?

    ACP मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर वकील ललित बंसल और अमूल्य रतन पर केस दर्ज हुआ, और पूर्व SHO अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से IFSO भेजा गया।

    IFSO क्या है?

    इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध से जुड़ी इकाई है।

    हाईकोर्ट में सुनवाई कब है?

    दिल्ली हाईकोर्ट वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर 2026 को सुनवाई करेगा।

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    By SunoHub News

  • सीलमपुर की झुग्गियों की जगह बनेंगे ऊंचे फ्लैट: नई नीति में 17 बस्तियों के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू

    सीलमपुर की झुग्गियों की जगह बनेंगे ऊंचे फ्लैट: नई नीति में 17 बस्तियों के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने नई झुग्गी पुनर्वास नीति के तहत सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर की 17 झुग्गी बस्तियों को उसी जगह ऊंची इमारतों में बसाने की प्रक्रिया शुरू की है
    कब: हिंदुस्तान टाइम्स की 4 नवंबर 2026 की रिपोर्ट; फिज़िबिलिटी स्टडी करीब चार महीने में पूरी होने की उम्मीद
    कहां: न्यू सीलमपुर (ब्रह्मपुरी रोड, G-ब्लॉक गुरुद्वारा पार्क, CPJ-ब्लॉक, पुश्ता EIJ ब्लॉक), सुल्तानपुरी-मंगोलपुरी और लाजपत नगर-जल विहार
    आपके लिए मतलब: सीलमपुर की चार बस्तियों के 1,243 परिवारों को आगे चलकर उसी इलाके में पक्के फ्लैट मिल सकते हैं; अभी सिर्फ शुरुआती अध्ययन का चरण है
    क्या करें: अपने दस्तावेज़ (आधार, राशन कार्ड, बिजली बिल, पुराने सर्वे की पर्ची) संभालकर रखें; फ्लैट दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और जानकारी सिर्फ DUSIB से लें

    न्यू सीलमपुर की ब्रह्मपुरी रोड वाली झुग्गी बस्ती में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए यह खबर बड़ी है। दिल्ली सरकार ने अपनी नई झुग्गी पुनर्वास नीति के तहत शहर की 17 बस्तियों को उसी जगह ऊंची रिहायशी इमारतों में बदलने का काम शुरू कर दिया है, और इनमें सबसे बड़ी बस्ती सीलमपुर की ही है।

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये 17 बस्तियां तीन इलाकों में हैं: सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर। इनमें कुल 4,870 झुग्गियां हैं। सरकार की योजना इन तीनों जगह एक-एक हाई-राइज़ कॉलोनी बनाने की है।

    सीलमपुर की चार बस्तियां, 1,243 झुग्गियां

    सीलमपुर इलाके में चार बस्तियां चुनी गई हैं, जिनमें 1,243 झुग्गियां आती हैं। ये हैं न्यू सीलमपुर का G-ब्लॉक गुरुद्वारा पार्क, CPJ-ब्लॉक, पुश्ता EIJ ब्लॉक और 3/4K ब्रह्मपुरी रोड। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रह्मपुरी रोड वाली बस्ती 24,900 वर्ग मीटर में फैली है और इसमें 305 झुग्गियां हैं। EIG पुश्ता में 14,500 वर्ग मीटर पर 418 झुग्गियां हैं।

    सुल्तानपुरी में नौ बस्तियों की 1,997 झुग्गियां और लाजपत नगर इलाके में चार बस्तियों की 1,630 झुग्गियां इस योजना में शामिल हैं। लाजपत नगर की जल विहार बस्ती में अकेले 526 झुग्गियां हैं।

    नई नीति में क्या बदला

    दिल्ली स्लम एंड जेजे पुनर्वास और पुनर्स्थापन नीति 2026 पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर है। इसमें निजी बिल्डर झुग्गीवासियों के लिए फ्लैट बनाएंगे और बदले में उन्हें उसी ज़मीन के कमर्शियल रूप से कीमती हिस्से पर निर्माण का अधिकार मिलेगा। 2015 की नीति में यह काम मुख्य रूप से सरकार खुद करती थी। सरकार का तर्क है कि मिक्स्ड-यूज़ डेवलपमेंट से प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से चल पाएंगे।

    अभी कौन-सा चरण है

    पहले कदम के तौर पर दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) एक निजी एजेंसी से तीनों जगह की फिज़िबिलिटी स्टडी करवाएगा। यह एजेंसी हर साइट के लिए इमारतों का शुरुआती नक्शा, लागत, कुल ज़मीन, FAR, फ्लैटों और मंज़िलों की संख्या, पार्किंग और दूसरी सुविधाओं का खाका तैयार करेगी। एक सरकारी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि डेवलपर चुनने के लिए ट्रांज़ैक्शन एडवाइज़र नियुक्त करने को बोलियां मंगाई गई हैं। स्टडी करीब चार महीने में पूरी होने की उम्मीद है।

    यानी फिलहाल किसी को घर खाली करने को नहीं कहा गया है और फ्लैट बनने में अभी लंबा वक्त है। सीलमपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाके में, जहां बरसात में पानी भरना और तंग गलियां पुरानी परेशानी हैं, लोग यह देखना चाहेंगे कि पात्रता कैसे तय होगी और निर्माण के दौरान परिवार कहां रहेंगे। इन सवालों पर सरकार की ओर से आगे विस्तार से जानकारी आनी बाकी है।

    सीलमपुर की कौन-सी बस्तियां इस योजना में हैं?

    न्यू सीलमपुर का G-ब्लॉक गुरुद्वारा पार्क, CPJ-ब्लॉक, पुश्ता EIJ ब्लॉक और 3/4K ब्रह्मपुरी रोड, जिनमें कुल 1,243 झुग्गियां हैं।

    क्या लोगों को अभी घर खाली करना होगा?

    नहीं, अभी सिर्फ फिज़िबिलिटी स्टडी का चरण है जो करीब चार महीने चलेगा।

    फ्लैट कौन बनाएगा?

    नई नीति में PPP मॉडल है, यानी निजी डेवलपर फ्लैट बनाएंगे और बदले में ज़मीन के एक हिस्से पर व्यावसायिक निर्माण का अधिकार पाएंगे।

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  • दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री शुरू, 6 नवंबर तक मौका; शाहदरा में घर से 311 किलो अवैध पटाखे बरामद

    दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री शुरू, 6 नवंबर तक मौका; शाहदरा में घर से 311 किलो अवैध पटाखे बरामद

    क्या हुआ: सुप्रीम कोर्ट की मंज़ूरी के बाद दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री 4 से 6 नवंबर तक होगी; पुलिस अस्थायी दुकानों के लाइसेंस की जांच कर रही है, शाहदरा में 311.97 किलो अवैध पटाखे पकड़े गए
    कब: बिक्री 4-6 नवंबर; पटाखे जलाने की छूट सिर्फ 7 और 8 नवंबर को सुबह 6-7 और रात 8-10 बजे
    कहां: पूरी दिल्ली-NCR; बरामदगी शाहदरा ज़िले के बलबीर नगर में
    आपके लिए मतलब: सिर्फ QR कोड वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे; लड़ी और बेरियम वाले पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इसी बीच AQI 379 तक पहुंच गया है
    क्या करें: पटाखे सिर्फ लाइसेंसी दुकान से खरीदें और डिब्बे पर QR कोड जांचें; घर में पटाखों का भंडार न रखें; अवैध बिक्री की सूचना 112 पर दें

    दिवाली से पहले दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री बुधवार से शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के कुछ घंटों बाद ही दिल्ली पुलिस के पास अस्थायी पटाखा दुकानों के लाइसेंस के आवेदन आने लगे। द हिंदू के मुताबिक ज़िलों की टीमें प्रस्तावित दुकानों की मौके पर जाकर जांच कर रही हैं।

    बिक्री तीन दिन, जलाने के लिए दो दिन

    पुलिस के अनुसार ग्रीन पटाखे 4 से 6 नवंबर तक बिकेंगे, जबकि इन्हें जलाने की अनुमति सिर्फ 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक होगी। सिर्फ PESO से प्रमाणित कम उत्सर्जन वाले पटाखे बिकेंगे, जिन पर QR कोड और बैच नंबर होना ज़रूरी है। एक दुकान में अधिकतम 600 किलो भंडारण की सीमा है। लड़ी और बेरियम साल्ट जैसे प्रतिबंधित रसायन वाले पटाखों पर रोक है।

    उत्तरी ज़िले को मंगलवार शाम तक करीब 25 आवेदन मिले थे। पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें आवेदकों के दस्तावेज़, आपराधिक रिकॉर्ड और सुरक्षा इंतज़ाम की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह जांच आम तौर पर कुछ घंटों में पूरी हो जाती है।

    शाहदरा में घर से 311 किलो पटाखे बरामद

    इसी बीच शाहदरा ज़िला पुलिस ने बलबीर नगर के एक मकान से 311.97 किलो अवैध पटाखे बरामद किए हैं। PTI-भाषा के मुताबिक DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि गुप्त सूचना पर मंगलवार को छापा मारा गया और 26 साल के हर्षित मित्तल को गिरफ्तार किया गया। शाहदरा थाने में भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी एक रेस्तरां में दिहाड़ी पर काम करता है और उसने पूछताछ में बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से उसने पटाखे बेचने शुरू किए।

    हवा पहले से “बहुत खराब”

    पटाखों की छूट ऐसे समय आई है जब राजधानी की हवा लगातार बिगड़ रही है। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 379 रहा। इंडिया टुडे के अनुसार 59 में से 20 निगरानी स्टेशनों पर हवा “गंभीर” श्रेणी में दर्ज हुई। पूर्वानुमान है कि कम से कम 6 नवंबर तक हवा “बहुत खराब” बनी रहेगी। ऐसे में डॉक्टर बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस के मरीज़ों को पटाखों के धुएं से दूर रखने की सलाह दे रहे हैं।

    दिल्ली में ग्रीन पटाखे कब तक बिकेंगे?

    4 से 6 नवंबर 2026 तक, सिर्फ लाइसेंसी दुकानों पर।

    पटाखे कब जला सकते हैं?

    सिर्फ 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक।

    शाहदरा में कितने अवैध पटाखे पकड़े गए?

    बलबीर नगर के एक घर से 311.97 किलो अवैध पटाखे बरामद हुए और एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ।

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  • शाहदरा विवाद हाईकोर्ट पहुंचा: निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई

    शाहदरा विवाद हाईकोर्ट पहुंचा: निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई

    क्या हुआ: शाहदरा थाने में 23-24 अक्टूबर के विवाद के बाद वकीलों ने निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और दूसरे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है; दिल्ली हाईकोर्ट 6 नवंबर को सुनवाई करेगा
    कब: हाईकोर्ट ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सुनवाई की तारीख तय की; सुनवाई शुक्रवार, 6 नवंबर को
    कहां: दिल्ली हाईकोर्ट; मूल विवाद शाहदरा थाना और रोहताश नगर, शाहदरा ज़िला
    आपके लिए मतलब: शाहदरा का पुलिस-वकील विवाद अब अदालत में है; ज़िला अदालतों में कामकाज सामान्य है क्योंकि वकीलों की हड़ताल पहले ही खत्म हो चुकी है
    क्या करें: अदालत में तारीख वाले लोग अपने वकील से 6 नवंबर की सुनवाई के बाद की स्थिति पता करते रहें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले वीडियो आगे न बढ़ाएं

    शाहदरा थाने से शुरू हुआ पुलिस और वकीलों का विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और दूसरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली वकीलों की याचिका पर शुक्रवार, 6 नवंबर को सुनवाई करेगा। वकीलों का आरोप है कि इन अधिकारियों ने उन्हें धमकाया।

    “शुक्रवार को लिस्ट करें”

    PTI के हवाले से इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मामला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच के सामने तुरंत सुनवाई के लिए रखा गया था। बेंच ने कहा, “इसे शुक्रवार को लिस्ट करें।” कुछ वकीलों ने पहले अदालत से खुद संज्ञान लेने की अपील की थी, लेकिन बेंच ने ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि वे सारी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करें।

    मंगलवार को वकीलों ने अदालत को बताया था कि वकीलों के खिलाफ “AK-47 के इस्तेमाल” और “काले कोट के गुंडे” जैसी टिप्पणियां की गईं।

    बाइक पार्किंग से शुरू हुआ था झगड़ा

    नवभारत टाइम्स की क्रोनोलॉजी के मुताबिक 23 अक्टूबर को रोहताश नगर में एक दुकान के आगे बाइक खड़ी करने को लेकर दुकानदार और वकील पक्ष में झगड़ा हुआ। मामला शाहदरा थाने पहुंचा, जहां हाथापाई में वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई। अगले दिन थाने में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और ACP के बीच बहस हुई। ACP ने कुछ वकीलों पर केस दर्ज कराया, जबकि वकीलों ने आरोप लगाया कि ACP ने पिस्तौल लहराकर धमकाया। इसके बाद ज़िला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जो बाद में खत्म हुई।

    तबादला, प्रदर्शन और फिर निलंबन

    28 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों और बार के बीच बैठक के बाद गांधी नगर की SDPO रहीं मनस्वी वशिष्ठ को महिला एवं बाल विशेष पुलिस इकाई और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट भेज दिया गया। इस फैसले से निचले स्टाफ में नाराज़गी फैली और 2 नवंबर को पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों पर टिप्पणियां हुईं, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP को निलंबित कर दिया।

    अब शुक्रवार की सुनवाई में तय होगा कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है। यमुनापार के लोगों के लिए यह विवाद इसलिए भी अहम है क्योंकि कड़कड़डूमा और शाहदरा की अदालतों में रोज़ हज़ारों लोग अपने मुकदमों के लिए पहुंचते हैं।

    हाईकोर्ट इस याचिका पर कब सुनवाई करेगा?

    शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को।

    याचिका किसके खिलाफ है?

    निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और कुछ दूसरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ, जिन पर वकीलों को धमकाने का आरोप है।

    क्या हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया?

    नहीं, बेंच ने खुद संज्ञान लेने से मना किया और वकीलों से सारी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा।

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  • सोनिया विहार में पंक्चर लगवा रहे युवक की गाड़ी पर फायरिंग, बाइक सवार बदमाश फरार; दस दिन में दूसरी वारदात

    सोनिया विहार में पंक्चर लगवा रहे युवक की गाड़ी पर फायरिंग, बाइक सवार बदमाश फरार; दस दिन में दूसरी वारदात

    क्या हुआ: सोनिया विहार के चौहान पट्टी इलाके में बाइक सवार दो बदमाशों ने एक युवक की गाड़ी पर गोली चलाई और पाने से शीशा तोड़ दिया; युवक बाल-बाल बचा
    कब: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की शाम
    कहां: चौहान पट्टी, सोनिया विहार थाना क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी दिल्ली
    आपके लिए मतलब: किसी को चोट नहीं आई, लेकिन दस दिन में इलाके में फायरिंग की यह दूसरी बड़ी वारदात है; पुलिस रंजिश और रंगदारी दोनों एंगल से जांच कर रही है
    क्या करें: किसी संदिग्ध को हथियार के साथ देखें तो तुरंत 112 पर कॉल करें; घर या दुकान के बाहर लगे CCTV चालू रखें

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार में मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पंक्चर टायर ठीक करवा रहे एक युवक की गाड़ी पर बाइक सवार बदमाशों ने गोली चला दी। युवक को कोई चोट नहीं आई। सोनिया विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और गाड़ी को कब्ज़े में ले लिया है।

    पंक्चर लगवाते वक्त पहुंचे बदमाश

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित रिंकू सोनिया विहार का ही रहने वाला है। मंगलवार शाम वह अपनी गाड़ी से चौहान पट्टी इलाके में आया था, तभी टायर पंक्चर हो गया। वह पंक्चर लगवा रहा था कि बाइक पर दो युवक वहां पहुंचे। इनमें से एक को रिंकू पहले से जानता है।

    पहले दोनों ने रिंकू से बात की, फिर गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक ने पिस्टल निकालकर फायर कर दिया। दूसरा बाइक से उतरा और टायर खोलने वाले पाने से गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद दोनों भाग निकले।

    कितनी गोलियां चलीं, इस पर अलग-अलग दावे

    ईटीवी भारत के मुताबिक गाड़ी के चालक ने पुलिस को फोन कर बताया था कि अज्ञात लोगों ने चार से पांच राउंड फायर किए हैं। अमर उजाला के अनुसार पीड़ित पांच गोलियां चलने का आरोप लगा रहा है, जबकि मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी फिलहाल एक ही गोली चलने की बात कह रहे हैं। घटनास्थल से एक खाली खोखा बरामद हुआ है।

    सूचना मिलते ही थाना पुलिस, ज़िले के वरिष्ठ अधिकारी, क्राइम टीम और FSL मौके पर पहुंचे। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि आपसी रंजिश और रंगदारी समेत सभी पहलुओं से जांच हो रही है।

    दस दिन पहले भी चली थीं गोलियां

    सोनिया विहार में हाल के दिनों में यह फायरिंग की दूसरी बड़ी वारदात है। 25 अक्टूबर को इसी इलाके में एक झगड़े के दौरान शोभाराम नाम के व्यक्ति पर लाठी-डंडों से हमला हुआ था और गोलियां चली थीं। उस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया था। उत्तर-पूर्वी ज़िले की AATS टीम ने 26 अक्टूबर को कथित मुख्य शूटर समेत तीन आरोपियों को पकड़ा था, जबकि चार लोग पहले गिरफ्तार हो चुके थे।

    यमुना किनारे बसे सोनिया विहार, करावल नगर और आसपास की कॉलोनियों में तंग गलियां और तेज़ी से बढ़ती आबादी पुलिस के लिए चुनौती रही है। दिवाली से पहले बाज़ारों में भीड़ बढ़ने के बीच ऐसी वारदातें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। फिलहाल मंगलवार की घटना में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है।

    सोनिया विहार में फायरिंग कब हुई?

    मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की शाम चौहान पट्टी इलाके में।

    क्या किसी को चोट लगी?

    नहीं, पीड़ित युवक बाल-बाल बच गया। बदमाशों ने गाड़ी का शीशा तोड़ दिया।

    पुलिस ने अब तक क्या किया?

    सोनिया विहार थाने में मामला दर्ज कर गाड़ी कब्ज़े में ली गई है, एक खोखा बरामद हुआ है और CCTV फुटेज की जांच हो रही है।

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  • विवेक विहार में तीन मंज़िला मकान में आग, धुएं से दो लोग अस्पताल पहुंचे; चार दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

    विवेक विहार में तीन मंज़िला मकान में आग, धुएं से दो लोग अस्पताल पहुंचे; चार दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

    क्या हुआ: विवेक विहार में तीन मंज़िला मकान की पहली मंज़िल पर आग लगी; धुएं से दो लोगों की तबीयत बिगड़ी, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया
    कब: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 सुबह 8:11 बजे कॉल; करीब 9:45 बजे आग बुझी
    कहां: विवेक विहार, शाहदरा ज़िला (पूर्वी दिल्ली)
    आपके लिए मतलब: किसी की जान नहीं गई; शॉर्ट सर्किट की आशंका है। दिवाली की सजावट और हीटर के मौसम में घरों की वायरिंग पर ध्यान देना ज़रूरी
    क्या करें: घर में आग दिखे तो तुरंत 101 या 112 पर कॉल करें; मेन स्विच बंद करें, धुएं में झुककर बाहर निकलें और लिफ्ट का इस्तेमाल न करें

    विवेक विहार में मंगलवार की सुबह एक मकान की पहली मंज़िल से उठते धुएं ने आसपास के लोगों को सड़क पर ला दिया। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक सुबह 8:11 बजे आग की सूचना मिली और चार दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद 9:45 बजे आग पूरी तरह बुझा दी गई।

    PTI के हवाले से द हिंदू ने बताया कि 235 वर्ग गज में बने इस मकान में ग्राउंड फ्लोर के ऊपर तीन मंज़िलें हैं। आग पहली मंज़िल पर रखे घरेलू सामान तक ही सीमित रही। धुएं की चपेट में आए दो लोगों को दमकल के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग पास के अस्पताल ले गए। घायलों की हालत के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतज़ार है।

    शॉर्ट सर्किट की आशंका

    ज़ी न्यूज़ के मुताबिक शुरुआती अंदाज़ा शॉर्ट सर्किट का है और हादसे में घर का काफी सामान जलकर राख हो गया। रिपोर्टों में मकान के फेज़-1 और फेज़-2 में होने को लेकर अलग-अलग जानकारी है; आग की असली वजह की जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।

    यमुनापार के घरों के लिए सबक

    विवेक विहार, शाहदरा और आसपास की कॉलोनियों में ज़्यादातर मकान कई मंज़िला हैं और गलियां तंग। ऐसे में आग छोटी भी हो तो धुआं ऊपर की मंज़िलों तक तेज़ी से फैलता है। दिवाली से पहले घरों में झालरें लग रही हैं और ठंड की शुरुआत में हीटर भी निकलने लगे हैं, जिससे पुरानी वायरिंग पर बोझ बढ़ता है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • एक ही सॉकेट पर कई प्लग वाले एक्सटेंशन बोर्ड न लगाएं।
    • झालरें और हीटर रात भर चालू न छोड़ें।
    • मीटर और मेन स्विच के पास कबाड़ या कपड़े न रखें।
    • सीढ़ियों का रास्ता खाली रखें ताकि आग के वक्त लोग निकल सकें।
    • धुएं में फंसें तो गीला कपड़ा नाक पर रखें और नीचे झुककर चलें।

    इलाके में हवा पहले से ही खराब है। मंगलवार सुबह CPCB के आंकड़ों में विवेक विहार उन आठ स्टेशनों में था जहां AQI “गंभीर” श्रेणी में दर्ज हुआ। ऐसे में धुएं से प्रभावित लोगों, खासकर बुज़ुर्गों और सांस के मरीज़ों को सावधानी बरतनी चाहिए।

    विवेक विहार में आग कब लगी?

    मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को सुबह 8:11 बजे दमकल को सूचना मिली और 9:45 बजे आग बुझा दी गई।

    क्या कोई घायल हुआ?

    धुएं की वजह से दो लोगों को अस्पताल ले जाया गया; किसी की मौत नहीं हुई।

    घर में आग लगे तो किस नंबर पर कॉल करें?

    दिल्ली फायर सर्विस के लिए 101 या आपात नंबर 112 पर कॉल करें।

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  • शाहदरा विवाद: पुलिस मुख्यालय पर धरने की अगुवाई करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ निलंबित

    शाहदरा विवाद: पुलिस मुख्यालय पर धरने की अगुवाई करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ निलंबित

    क्या हुआ: शाहदरा थाने में वकीलों से झड़प के बाद हुए तबादले के विरोध में पुलिस मुख्यालय पर धरने की अगुवाई करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ को “अनुशासन उल्लंघन” के आरोप में निलंबित कर दिया गया
    कब: निलंबन की खबर मंगलवार, 3 नवंबर 2026 सुबह; धरना सोमवार 2 नवंबर को हुआ था
    कहां: दिल्ली पुलिस मुख्यालय, जय सिंह मार्ग; विवाद की जड़ शाहदरा थाना (यमुनापार)
    आपके लिए मतलब: पुलिस और वकीलों के बीच तालमेल के लिए ज़िला और मुख्यालय स्तर पर संयुक्त समन्वय समिति बनेगी; शाहदरा कोर्ट-थाने का कामकाज सामान्य है
    क्या करें: कोर्ट या थाने के काम से पहले फोन कर स्थिति पता करें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले संदेश आगे न बढ़ाएं

    सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर 1 पर जिस अफसर के इर्द-गिर्द सैकड़ों पुलिसकर्मी जमा थे, मंगलवार सुबह वही अफसर निलंबित हो गया। द हिंदू ने दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि ACP मनस्वी वशिष्ठ को “अनुशासन के उल्लंघन” के लिए सस्पेंड किया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी निलंबन की पुष्टि की है।

    वशिष्ठ अब तक गांधी नगर के सब-डिविज़नल पुलिस ऑफिसर (SDPO) थे। शाहदरा विवाद के बाद उन्हें महिला और बच्चों के लिए बनी स्पेशल पुलिस यूनिट में और शाहदरा SHO अरुण कुमार को सिक्योरिटी ब्रांच भेज दिया गया था। इसी तबादले के खिलाफ सोमवार का धरना था।

    23 अक्टूबर से शुरू हुआ विवाद

    मामला 23 अक्टूबर का है, जब शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिस के बीच कहासुनी हुई और एक वकील के सिर में चोट आई। वकीलों का आरोप था कि ACP और SHO ने थाने पहुंचे अधिवक्ताओं को धमकाया। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि टकराव के दौरान ACP ने सर्विस पिस्तौल निकाली; वशिष्ठ ने इससे इनकार करते हुए कहा कि वह पिस्तौल स्टाफ को लौटाने से पहले सिर्फ गोलियां गिन रहे थे। इसके बाद ज़िला अदालतों के वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जो दोनों अफसरों के तबादले के बाद खत्म हुई।

    धरने में क्या हुआ था

    इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक धरना सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुआ। दोपहर में पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और स्पेशल कमिश्नरों ने आदर्श ऑडिटोरियम में पुलिसकर्मियों से बात की। शाम को दूसरे दौर की बातचीत जॉइंट CP नूपुर प्रसाद के साथ हुई। बाहर आकर वशिष्ठ ने अखबार से कहा था कि उन्हें भरोसा दिया गया है कि धरने में शामिल लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी। अगली सुबह कार्रवाई उन्हीं पर हो गई।

    पुलिसकर्मियों की पांच मांगें

    • वकीलों से टकराव की स्थिति के लिए तय प्रक्रिया (SOP) बने।
    • एक समय में थाने में अधिकतम पांच वकील ही आएं।
    • पुलिस से दुर्व्यवहार करने वाले वकीलों पर FIR दर्ज हो।
    • मुख्यालय पर वकीलों से जुड़ी शिकायतों के लिए अलग सेल बने।
    • अदालतों के आकार के हिसाब से कोर्टरूम में पुलिस की तैनाती हो।

    आगे क्या

    मिलेनियम पोस्ट के अनुसार दिल्ली पुलिस ने बार एसोसिएशनों और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के सदस्यों को लेकर ज़िला और मुख्यालय स्तर पर संयुक्त समन्वय समिति बनाने की घोषणा की है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मियों से संवाद मंगलवार शाम 4 बजे तय है, जिसके लिए हर ज़िले से 20 कर्मियों को नामित किया गया है।

    यमुनापार के लोगों के लिए राहत की बात इतनी है कि शाहदरा कोर्ट में वकीलों की हड़ताल पहले ही खत्म हो चुकी है। लेकिन पुलिस बल के भीतर की नाराज़गी और वकीलों के साथ खिंचाव आने वाले दिनों में थानों और अदालतों के माहौल पर असर डाल सकता है।

    ACP मनस्वी वशिष्ठ को क्यों निलंबित किया गया?

    दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक उन्हें पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने की अगुवाई के बाद “अनुशासन उल्लंघन” के लिए निलंबित किया गया।

    शाहदरा विवाद कब शुरू हुआ?

    23 अक्टूबर 2026 को शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प से, जिसमें एक वकील घायल हुआ।

    उपराज्यपाल पुलिसकर्मियों से कब मिलेंगे?

    3 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे, किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में।

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  • शाहदरा विवाद: ACP-SHO के तबादले के खिलाफ पुलिस मुख्यालय पर धरना, आज उपराज्यपाल से मिलेंगे पुलिसकर्मी

    शाहदरा विवाद: ACP-SHO के तबादले के खिलाफ पुलिस मुख्यालय पर धरना, आज उपराज्यपाल से मिलेंगे पुलिसकर्मी

    क्या हुआ: शाहदरा थाने में वकीलों से झड़प के बाद ACP और SHO के तबादले के विरोध में सोमवार को सैकड़ों पुलिसकर्मी पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे; शाम को अफसरों के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ
    कब: सोमवार, 2 नवंबर 2026 सुबह करीब 8 बजे से शाम तक; उपराज्यपाल की पुलिसकर्मियों से बातचीत मंगलवार 3 नवंबर शाम 4 बजे
    कहां: दिल्ली पुलिस मुख्यालय, जय सिंह मार्ग; विवाद की जड़ शाहदरा थाना (यमुनापार)
    आपके लिए मतलब: पुलिस कमिश्नर ने पुलिस और वकीलों के बीच तालमेल के लिए संयुक्त कमेटी और नोडल अफसर बनाने की बात कही है; शाहदरा कोर्ट और थाने से जुड़े कामकाज पर फिलहाल असर नहीं
    क्या करें: कोर्ट या थाने के किसी काम के लिए जाना हो तो पहले फोन से स्थिति पता कर लें; किसी अफवाह वाले वॉट्सऐप मैसेज को आगे न बढ़ाएं

    दिल्ली पुलिस के इतिहास में ऐसी तस्वीर कम ही दिखती है। सोमवार सुबह करीब 8 बजे जय सिंह मार्ग पर पुलिस मुख्यालय के बाहर वर्दी पहने पुलिसकर्मी हाथों में तख्तियां लेकर सड़क किनारे बैठ गए। इनमें महिला अफसर भी थीं। मांग एक ही थी, शाहदरा के दो अफसरों का तबादला वापस हो।

    द हिंदू के मुताबिक शुरुआत में करीब 100 पुलिसकर्मी पहुंचे, जबकि अमर उजाला ने दिन चढ़ने के साथ यह संख्या करीब 500 बताई। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यालय और आसपास के इलाके में धारा 163 लागू है, यानी चार से ज़्यादा लोगों के जमा होने पर रोक है। शाम को वरिष्ठ अफसरों के कहने पर धरना खत्म हुआ और लोग लौट गए।

    विवाद शुरू कहां से हुआ

    मामला 23 अक्टूबर का है। शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई हुई, जिसमें अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद दिल्ली की ज़िला अदालतों के वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। 28 अक्टूबर को गांधी नगर सब-डिवीज़न के ACP मनस्वी वशिष्ठ को SPUWAC और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट भेज दिया गया। तबादले के बाद वकीलों ने हड़ताल वापस ले ली।

    पुलिस का पक्ष अलग है। NDTV इंडिया से बातचीत में ACP वशिष्ठ ने कहा कि पहले दिन कुछ लोगों ने एक व्यक्ति से मारपीट की थी और अगले दिन SHO को धमकी दी गई, हेड कांस्टेबल को बैठा लिया गया और थाने में बदसलूकी हुई। उनके मुताबिक इस पर FIR भी दर्ज है। उन्होंने कहा कि तबादले से उन्हें दुख हुआ है।

    पुलिसकर्मियों की मांगें

    • पुलिस से बदसलूकी करने वाले अधिवक्ता की गिरफ्तारी।
    • SHO के कमरे में एक साथ पांच से ज़्यादा अधिवक्ताओं को आने की इजाज़त न हो।
    • कचहरी जाने वाले पुलिसकर्मियों को पूरी सुरक्षा मिले।
    • वकीलों और पुलिस के बीच बातचीत की SOP बने और दोनों अफसरों की पुरानी तैनाती बहाल हो।

    आज उपराज्यपाल से मुलाकात

    इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू मंगलवार शाम 4 बजे किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मियों से बात करेंगे। सर्कुलर में हर ज़िले और ट्रैफिक यूनिट से 20-20 कर्मियों को भेजने को कहा गया है। उधर हिंदुस्तान टाइम्स ने दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजीव रंजन के हवाले से बताया कि वकीलों और पुलिस की एक संयुक्त कमेटी बनेगी और ज़िला स्तर पर नोडल अफसर तैनात होंगे, ताकि ऐसे झगड़े दोबारा न भड़कें।

    यमुनापार के लोगों के लिए यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि कड़कड़डूमा कोर्ट और शाहदरा थाना रोज़ हज़ारों लोगों के कामकाज से जुड़े हैं। पिछले महीने की हड़ताल में कई तारीखें आगे खिसक गई थीं। अब सबकी नज़र मंगलवार की बैठक पर है।

    दिल्ली पुलिस के जवानों ने प्रदर्शन क्यों किया?

    शाहदरा थाने में 23 अक्टूबर की झड़प के बाद ACP मनस्वी वशिष्ठ और SHO अरुण कुमार के तबादले के विरोध में और अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर।

    क्या धरना अब भी जारी है?

    नहीं, सोमवार शाम वरिष्ठ अफसरों के कहने पर धरना खत्म हो गया। मंगलवार शाम 4 बजे उपराज्यपाल पुलिसकर्मियों से बात करेंगे।

    वकील-पुलिस विवाद रोकने के लिए क्या होगा?

    पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक एक संयुक्त कमेटी बनेगी और ज़िला स्तर व मुख्यालय पर नोडल अफसर नियुक्त होंगे।

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  • दिल्ली AQI आज 300 पार: सीज़न में पहली बार हवा “बहुत खराब”, विवेक विहार 370; जहांगीरपुरी “गंभीर”

    दिल्ली AQI आज 300 पार: सीज़न में पहली बार हवा “बहुत खराब”, विवेक विहार 370; जहांगीरपुरी “गंभीर”

    क्या हुआ: दिल्ली की हवा सोमवार सुबह इस सीज़न में पहली बार “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंची; AQI सुबह 7 बजे 307 और 8 बजे 310 दर्ज हुआ, जबकि जहांगीरपुरी 417 के साथ “गंभीर” रहा
    कब: सोमवार, 2 नवंबर 2026 की सुबह; एक दिन पहले रविवार का औसत AQI 261 था
    कहां: पूरी दिल्ली-NCR; यमुनापार में विवेक विहार 370 पर; नोएडा 311, गाज़ियाबाद 278
    आपके लिए मतलब: मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले 7-10 दिन राहत के आसार कम हैं और दिवाली से पहले स्मॉग और गहरा सकता है; बॉर्डर पर पुरानी गाड़ियों की जांच दूसरे दिन भी जारी रही
    क्या करें: सुबह की सैर और बच्चों का बाहर खेलना कुछ दिन टालें; बाहर निकलें तो N95 मास्क लगाएं; नोएडा-गाज़ियाबाद से गाड़ी लेकर आना हो तो PUC और गाड़ी का BS मानक पहले जांच लें

    बारिश से मिली राहत सिर्फ तीन दिन टिकी। शुक्रवार को जिस दिल्ली का AQI 60 था, यानी चार साल में अक्टूबर का सबसे साफ दिन, वही दिल्ली सोमवार सुबह धुंध की मोटी परत में लिपटी मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 7:05 बजे राजधानी का AQI 307 दर्ज हुआ। यह इस सीज़न में पहली बार है जब हवा 300 के पार जाकर “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंची है। इससे पहले ऐसा 11 फरवरी को हुआ था, जब 24 घंटे का औसत 305 रहा था।

    58 में से 36 स्टेशनों पर “बहुत खराब” हवा

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 58 मॉनिटरिंग स्टेशनों का डेटा मिला, उनमें से 36 पर हवा “बहुत खराब” रही। जहांगीरपुरी अकेला स्टेशन था जो 417 के साथ “गंभीर” श्रेणी में पहुंचा। सिर्फ पांच स्टेशनों पर हवा “मध्यम” रही। ज़्यादातर जगहों पर सबसे बड़ा प्रदूषक PM2.5 रहा, यानी वे बारीक कण जो सांस के साथ फेफड़ों में गहरे तक जाते हैं। NDTV इंडिया के मुताबिक दिन चढ़ने के साथ हालत और बिगड़ी और सुबह 11 बजे तक शहर का AQI 350 के पार चला गया।

    पड़ोसी शहरों का हाल भी अलग नहीं रहा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सुबह 8 बजे नोएडा का AQI 311 था, जो दिल्ली (310) से भी ज़्यादा था। गाज़ियाबाद 278 और गुरुग्राम 230 पर “खराब” श्रेणी में रहे। फरीदाबाद 116 के साथ सबसे बेहतर रहा।

    यमुनापार में कैसी है हवा

    टाइम्स नाउ के मुताबिक सुबह 5 बजे विवेक विहार स्टेशन पर AQI 370 था। आनंद विहार 242 पर “खराब” श्रेणी में रहा। शाहदरा, दिलशाद गार्डन, विवेक विहार और आसपास की घनी बस्तियों में सुबह-शाम धुंध साफ दिख रही है। गाज़ीपुर बॉर्डर पर गाड़ियों की लंबी कतारें इस धुएं को और बढ़ाती हैं।

    बॉर्डर पर दूसरे दिन भी जांच, कहीं ढील

    1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS6 पेट्रोल-डीज़ल गाड़ियों की एंट्री पर रोक है। इंडियन एक्सप्रेस ने सोमवार को कई बॉर्डर का जायज़ा लिया। गाज़ीपुर पर भारी जाम दिखा। DND फ्लाईवे पर सुबह 10:20 बजे तक 28 गाड़ियां जांची गईं, जिनमें से कम से कम तीन BS-IV निकलीं और लौटा दी गईं। चिल्ला बॉर्डर पर यूपी नंबर की एक BS-IV कार को वापस भेजा गया। वहीं कापसहेड़ा बॉर्डर पर कोई जांच नहीं हो रही थी और पुलिस बूथ खाली था।

    आया नगर बॉर्डर पर तैनात दिल्ली पुलिस के ASI दीपक कुमार ने अखबार से कहा कि उनकी टीम ने जो 10 गाड़ियां रोकीं, सभी BS6 थीं। लेकिन उन्होंने नेटवर्क की दिक्कत और इस बात पर भी सवाल उठाया कि निजी कारों को लौटाना है या नहीं, क्योंकि उन्हें सिर्फ कमर्शियल गाड़ियों पर कार्रवाई का आदेश मिला है।

    आगे क्या

    मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने X पर लिखा कि उत्तर-पश्चिमी हवाएं धीमी हैं और प्रदूषण हवा में लंबे समय तक टिका रहेगा। उनके मुताबिक अगले 7 से 10 दिन कोई राहत वाला मौसम नहीं दिख रहा। NASA के सैटेलाइट डेटा के हिसाब से 1 नवंबर को ही पंजाब-हरियाणा में 171 जगह पराली जली। दिवाली करीब एक हफ्ता दूर है, इसलिए पटाखों का धुआं भी जुड़ने का डर है। सांस, दमा और दिल के मरीज़ अपनी दवाएं साथ रखें और तकलीफ बढ़े तो डॉक्टर से मिलें।

    दिल्ली का AQI आज कितना है?

    सोमवार 2 नवंबर 2026 की सुबह 7:05 बजे दिल्ली का AQI 307 था, जो दिन में 350 के पार गया। यह इस सीज़न में पहली बार “बहुत खराब” श्रेणी है।

    AQI 301-400 का क्या मतलब है?

    CPCB के मुताबिक 301 से 400 तक का AQI “बहुत खराब” माना जाता है। इसमें लंबे समय तक बाहर रहने से सांस की बीमारी हो सकती है। 401 से ऊपर “गंभीर” श्रेणी है।

    यमुनापार में सबसे खराब हवा कहां रही?

    सुबह 5 बजे के आंकड़ों में विवेक विहार का AQI 370 (बहुत खराब) और आनंद विहार का 242 (खराब) रहा।

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  • शाहदरा थाना विवाद: ACP-SHO के तबादले पर पुलिसकर्मियों में नाराज़गी, 3 नवंबर को LG करेंगे सीधा संवाद; जानें पूरा मामला

    शाहदरा थाना विवाद: ACP-SHO के तबादले पर पुलिसकर्मियों में नाराज़गी, 3 नवंबर को LG करेंगे सीधा संवाद; जानें पूरा मामला

    क्या हुआ: शाहदरा थाने से जुड़े विवाद के बाद गांधी नगर सब-डिवीज़न के ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला हुआ; इसके विरोध में पुलिसकर्मियों के बीच 2 नवंबर को जुटने के संदेश चले, अब उपराज्यपाल 3 नवंबर को पुलिसकर्मियों से सीधे बात करेंगे
    कब: विवाद 23-24 अक्टूबर; तबादले 28 अक्टूबर; LG का संवाद 3 नवंबर शाम 4 बजे
    कहां: शाहदरा थाना (शाहदरा ज़िला); LG का कार्यक्रम उत्सव सदन, किंग्सवे कैंप
    आपके लिए मतलब: शाहदरा ज़िला अदालत में वकीलों की हड़ताल 28 अक्टूबर को खत्म हो चुकी है, यानी मुकदमों की सुनवाई सामान्य है; थाने में आम कामकाज जारी है
    क्या करें: थाने से जुड़ा काम हो तो सीधे थाने जाएं या 112 पर कॉल करें; व्हाट्सऐप पर घूम रहे बिना पुष्टि वाले संदेश आगे न बढ़ाएं

    शाहदरा थाने से शुरू हुआ एक विवाद अब दिल्ली पुलिस के भीतर अनुशासन और मनोबल का बड़ा सवाल बन गया है। दो अफसरों के तबादले के खिलाफ पुलिसकर्मियों के एकजुट होने की बात सामने आने के बाद उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने 3 नवंबर को कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मियों से सीधा संवाद तय किया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली पुलिस के सर्कुलर में यह कार्यक्रम किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में शाम 4 बजे रखा गया है।

    23 अक्टूबर को क्या हुआ था

    रिपब्लिक वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मामला 23 अक्टूबर को शाहदरा में पार्किंग को लेकर हुए झगड़े से शुरू हुआ, जिसमें एक वकील के सिर में गंभीर चोट आने का आरोप है। अगले दिन वकीलों का एक समूह शाहदरा थाने पहुंचा। वकीलों का आरोप था कि मारपीट करने वालों पर ठीक से कार्रवाई नहीं हुई और ACP मनस्वी वशिष्ठ ने उनसे बदसलूकी की और रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया।

    पुलिस का पक्ष इससे अलग है। पुलिस के मुताबिक 15-20 वकीलों ने SHO के दफ्तर में हंगामा किया, अफसरों से दुर्व्यवहार किया और सरकारी काम में बाधा डाली। पुलिस ने वकीलों पर FIR भी दर्ज की। थाने की CCTV फुटेज इस पूरे मामले में विवाद का अहम हिस्सा बन गई है। दोनों पक्षों के आरोपों की अभी जांच होनी है।

    हड़ताल, फिर तबादला

    घटना के बाद ज़िला अदालतों के वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए और संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। 28 अक्टूबर को गांधी नगर सब-डिवीज़न के ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार के तबादले के आदेश जारी हुए, जिसके बाद वकीलों ने हड़ताल वापस ले ली।

    पुलिसकर्मियों में नाराज़गी क्यों

    इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इसके बाद दिल्ली पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुपों में संदेश घूमने लगे कि 2 नवंबर सुबह 8 बजे पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटकर दोनों अफसरों का साथ दिया जाए और उनकी पुरानी तैनाती बहाल करने की मांग की जाए।

    31 अक्टूबर को सामने आए एक वीडियो में ACP वशिष्ठ ने साथियों का शुक्रिया अदा किया। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अनुशासित बल का हिस्सा होने के नाते पुलिसकर्मी जमावड़े की जगह पुलिस कमिश्नर से खुली बातचीत की मांग करें। रिपब्लिक के मुताबिक उन्होंने 31 अक्टूबर की तारीख वाला पत्र पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को लिखकर 2 नवंबर को “संपर्क सभा-सह-ओपन हाउस” की मांग की। पत्र में घटना, अपने और SHO के खिलाफ “प्रतिकूल आदेश”, अदालतों में पुलिसकर्मियों से जुड़े ऐसे मामलों और आगे की रणनीति पर चर्चा की बात है। उन्होंने बैठक का सुरक्षित वेब लिंक से सभी रैंकों तक प्रसारण भी मांगा है।

    LG के संवाद में कौन जाएगा

    सर्कुलर के मुताबिक हर ज़िले और ट्रैफिक विंग से 20-20 पुलिसकर्मी नामित होंगे, जिनमें 3 इंस्पेक्टर, 7 अपर सबऑर्डिनेट और 10 लोअर सबऑर्डिनेट होंगे। क्राइम ब्रांच और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स से 15-15 और स्पेशल सेल, स्पेशल ब्रांच, विजिलेंस, IFSO समेत विशेष इकाइयों से 10-10 पुलिसकर्मी भेजे जाएंगे। नामित कर्मियों को 3 नवंबर दोपहर 2 बजे तक उत्सव सदन पहुंचना है। स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर और कई DCP भी मौजूद रहेंगे।

    शाहदरा के लोगों के लिए इसका मतलब

    आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि अदालतों का कामकाज हड़ताल खत्म होने के बाद पटरी पर है और थाने में आम लोगों का कामकाज जारी है। 3 नवंबर का संवाद यह तय करेगा कि पुलिसकर्मियों की शिकायतें किस रास्ते से सुनी जाएंगी। वकीलों और पुलिस के बीच ऐसा टकराव दिल्ली पहले भी देख चुकी है, इसलिए दोनों तरफ से संयम की अपील हो रही है।

    शाहदरा थाना विवाद क्या है?

    23-24 अक्टूबर को एक वकील के घायल होने के मामले के बाद वकीलों और शाहदरा थाने के पुलिस अफसरों के बीच टकराव हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।

    किन अफसरों का तबादला हुआ?

    गांधी नगर सब-डिवीज़न के ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का, 28 अक्टूबर को।

    उपराज्यपाल पुलिसकर्मियों से कब मिलेंगे?

    3 नवंबर को शाम 4 बजे, किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में।

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