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  • Infinix GT 50 Pro कल भारत में होगा लॉन्च: Dimensity 8400, 144Hz AMOLED और 6,500mAh बैटरी; कीमत कितनी हो सकती है

    Infinix GT 50 Pro कल भारत में होगा लॉन्च: Dimensity 8400, 144Hz AMOLED और 6,500mAh बैटरी; कीमत कितनी हो सकती है

    क्या हुआ: Infinix अपना गेमिंग फोन GT 50 Pro भारत में लॉन्च करने जा रहा है
    कब: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026; प्री-बुकिंग 26 अक्टूबर तक
    कहां: Flipkart और कंपनी की वेबसाइट
    आपके लिए मतलब: 25-30 हज़ार के बजट में गेमिंग फोन खोज रहे लोगों के लिए नया विकल्प
    क्या करें: कीमत घोषित होने का इंतज़ार करें; प्री-बुकिंग से पहले ऑफर की शर्तें ध्यान से पढ़ें

    बजट में गेमिंग फोन की तलाश कर रहे लोगों के लिए इस हफ्ते की बड़ी लॉन्च Infinix GT 50 Pro है। कंपनी इसे मंगलवार, 27 अक्टूबर को भारत में लॉन्च करेगी और फोन Flipkart पर बिकेगा। यह फोन अप्रैल 2026 में ग्लोबल मार्केट में आ चुका है, इसलिए इसके ज़्यादातर फीचर पहले से पता हैं।

    प्रोसेसर और परफॉर्मेंस

    फोन में MediaTek Dimensity 8400 Ultimate चिपसेट है। इसमें 12GB तक LPDDR5X रैम और 512GB तक UFS 4.1 स्टोरेज मिलेगी। 12GB वर्चुअल रैम का विकल्प भी है। गर्मी काबू में रखने के लिए कंपनी ने HydroFlow लिक्विड कूलिंग दी है। गेमर्स के लिए शोल्डर ट्रिगर जैसा GT Trigger 2.0 फीचर है और पीछे RGB लाइटिंग दी गई है, जिसे कंपनी “Mechanical Lighting Waves” कहती है।

    डिस्प्ले, कैमरा और बैटरी

    फोन में 6.78 इंच की 1.5K LTPS AMOLED स्क्रीन है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz और पीक ब्राइटनेस 4,500 निट्स है। सुरक्षा के लिए Gorilla Glass 7i लगाया गया है। गेम मोड में टच सैंपलिंग रेट 330Hz तक जाता है।

    पीछे 50MP मेन कैमरा और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस है, जबकि सेल्फी के लिए 13MP कैमरा है। बैटरी 6,500mAh की है, जो 45W वायर्ड और 30W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करती है। फोन Android 16 पर आधारित XOS 16 पर चलेगा। रंग तीन होंगे: Black Abyss, Red Blaze और Silver Glacier।

    कीमत और प्री-बुकिंग ऑफर

    कंपनी ने अभी भारतीय कीमत नहीं बताई है। तुलना के लिए, इसका पिछला मॉडल GT 30 Pro जून 2025 में 24,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर आया था। GT 50 Pro के लिए 1,999 रुपये देकर प्री-बुकिंग 26 अक्टूबर तक हो रही है, जिसके साथ Infinix X60 स्पीकर मुफ्त देने का ऑफर है। असली कीमत लॉन्च के दिन ही साफ होगी, इसलिए अंदाज़ों पर भरोसा न करें।

    इस हफ्ते और कौन से फोन

    इसी हफ्ते OPPO Find X10 की सेल भी शुरू हो रही है। अगर आपका बजट और ज़रूरत अलग है तो दोनों की तुलना करके ही फैसला लें।

    Infinix GT 50 Pro भारत में कब लॉन्च होगा?

    27 अक्टूबर 2026 को, और यह Flipkart पर बिकेगा।

    Infinix GT 50 Pro में कौन सा प्रोसेसर है?

    MediaTek Dimensity 8400 Ultimate, साथ में 12GB तक LPDDR5X रैम।

    Infinix GT 50 Pro की कीमत कितनी है?

    कीमत अभी घोषित नहीं हुई है। पिछला GT 30 Pro 24,999 रुपये से शुरू हुआ था।

    यह भी पढ़ें

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  • क्या WhatsApp भारत छोड़ने वाला है? वायरल दावे का सच, यह बयान 2024 का है

    क्या WhatsApp भारत छोड़ने वाला है? वायरल दावे का सच, यह बयान 2024 का है

    दावा: Meta भारत छोड़ देगा और WhatsApp, फेसबुक, इंस्टाग्राम बंद हो जाएंगे
    सच: यह दावा भ्रामक है; Meta या WhatsApp की ओर से ऐसी कोई नई घोषणा नहीं हुई है
    बयान कब का: अप्रैल 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई में WhatsApp के वकील की दलील
    आपके लिए मतलब: WhatsApp पहले की तरह चल रहा है; घबराकर ऐप डिलीट करने या डेटा ट्रांसफर की ज़रूरत नहीं
    क्या करें: ऐसे दावे आगे भेजने से पहले तारीख और आधिकारिक स्रोत ज़रूर देखें

    पिछले दो दिनों से X और WhatsApp ग्रुप्स पर एक तस्वीर तेज़ी से घूम रही है, जिस पर लिखा है कि “अगर एन्क्रिप्शन तोड़ने को मजबूर किया गया तो हम भारत छोड़ देंगे”। कई पोस्ट में इसे ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे Meta ने अभी-अभी भारत से बाहर जाने का फैसला कर लिया हो। कुछ वेबसाइटों ने भी पुरानी बात को नई तारीख के साथ छाप दिया।

    वनइंडिया की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के मुताबिक यह चर्चा 23 अक्टूबर को फिल्म समीक्षक कहलाने वाले कमाल आर खान (KRK) की एक पोस्ट के बाद तेज़ हुई, जिसमें दावा था कि सरकार ने WhatsApp के सुरक्षा नियम बदलवाए तो Meta भारत छोड़ देगा। लेकिन यह किसी नए बयान पर आधारित नहीं है।

    असल बयान कब और कहां दिया गया था

    द हिंदू और टाइम्स ऑफ इंडिया की 2024 की रिपोर्टों के अनुसार अप्रैल 2024 में WhatsApp के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था कि अगर कंपनी को IT नियम 2021 का पालन करते हुए एन्क्रिप्शन तोड़ना पड़ा, तो उसे भारत में काम बंद करना पड़ेगा। वकील की दलील थी कि लोग WhatsApp इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उनकी बातचीत एन्क्रिप्टेड रहती है।

    यह दलील एक कानूनी लड़ाई का हिस्सा थी, न कि कंपनी का कोई कारोबारी फैसला। उस सुनवाई में हाईकोर्ट ने भी टिप्पणी की थी कि निजता का अधिकार पूर्ण नहीं है और इसमें संतुलन देखना होगा।

    झगड़ा किस नियम पर है

    विवाद IT नियम 2021 के नियम 4(2) पर है। इसके तहत 50 लाख से ज़्यादा यूज़र वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को अदालत या सक्षम अधिकारी के आदेश पर किसी मैसेज के “पहले भेजने वाले” की पहचान बतानी होती है। इसे ट्रेसेबिलिटी कहते हैं। WhatsApp का कहना है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन में कंपनी खुद मैसेज नहीं पढ़ सकती, इसलिए ऐसा करने के लिए उसे हर मैसेज का रिकॉर्ड रखना होगा या एन्क्रिप्शन कमज़ोर करना होगा। सरकार इस नियम को राष्ट्रीय सुरक्षा और अपराध रोकने के लिए ज़रूरी बताती है।

    वायरल दावे के साथ न तो Meta का कोई नया बयान है, न किसी नए अदालती आदेश का हवाला। यानी पुरानी कानूनी दलील को संदर्भ से काटकर आज की खबर बताकर फैलाया जा रहा है।

    फेसबुक और इंस्टाग्राम का ज़िक्र क्यों गलत

    2024 की दलील सिर्फ WhatsApp और उसके एन्क्रिप्शन को लेकर थी। वायरल पोस्ट में फेसबुक और इंस्टाग्राम को भी जोड़ दिया गया है, जिससे लगता है कि Meta की सारी सेवाएं बंद होने वाली हैं। ऐसा कोई आधार सामने नहीं है।

    WhatsApp से जुड़ा एक असली बदलाव ज़रूर आने वाला है: जनवरी 2027 से सिम बाइंडिंग का नियम, जिसमें अकाउंट को फोन में मौजूद एक्टिव सिम से जोड़ा जाएगा। टेक की और खबरें: ओप्पो फाइंड X10 की भारत में कीमत।

    क्या WhatsApp भारत में बंद होने वाला है?

    नहीं। Meta या WhatsApp ने ऐसी कोई नई घोषणा नहीं की है। वायरल दावा अप्रैल 2024 की अदालती दलील पर आधारित है।

    WhatsApp ने भारत छोड़ने की बात कब कही थी?

    अप्रैल 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट में, IT नियम 2021 के ट्रेसेबिलिटी नियम को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान।

    ट्रेसेबिलिटी नियम क्या है?

    IT नियम 2021 का नियम 4(2), जिसके तहत बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को आदेश मिलने पर किसी मैसेज के पहले भेजने वाले की पहचान बतानी होती है।

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  • 1 जनवरी 2027 से SIM निकाली तो WhatsApp-Telegram बंद? SIM बाइंडिंग नियम आसान भाषा में समझिए

    1 जनवरी 2027 से SIM निकाली तो WhatsApp-Telegram बंद? SIM बाइंडिंग नियम आसान भाषा में समझिए

    क्या हुआ: दूरसंचार विभाग (DoT) ने मैसेजिंग ऐप्स को खाते को फोन में मौजूद सक्रिय SIM से लगातार जोड़े रखने का निर्देश दिया है
    कब: अनुपालन की समयसीमा 31 दिसंबर 2026; असर 1 जनवरी 2027 से दिखने की उम्मीद
    किन पर: WhatsApp, Telegram, Signal, Arattai, ShareChat, Josh, JioChat जैसे ऐप्स (मूल आदेश में Snapchat भी)
    आपके लिए क्या मतलब: जिस नंबर से अकाउंट बना है, उसका SIM या eSIM उसी फोन में चालू न हो तो ऐप रुक सकता है
    क्या करें: WhatsApp वाला नंबर रिचार्ज रखें और उसी फोन में लगाएं; ऐप अपडेट करते रहें

    अगर आप WhatsApp एक फोन में चलाते हैं और उसका SIM किसी दूसरे फोन में पड़ा है, तो अगले साल से आपको दिक्कत हो सकती है। दूरसंचार विभाग ने मैसेजिंग ऐप्स के लिए “SIM बाइंडिंग” लागू करने की समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तय की है। मिंट और NDTV की रिपोर्टों के मुताबिक इसका असर 1 जनवरी 2027 से दिखना शुरू हो सकता है।

    SIM बाइंडिंग है क्या

    आसान भाषा में, आपका चैट अकाउंट उसी चालू और KYC वाले SIM से बंधा रहेगा जिससे वह बना है, और वह SIM उसी फोन में मौजूद होना चाहिए। बैंकिंग और UPI ऐप्स में यह व्यवस्था पहले से है। PIB की 1 दिसंबर 2025 की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक DoT ने 28 नवंबर 2025 को टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी नियम, 2024 के तहत WhatsApp, Telegram, Snapchat, Arattai, ShareChat, Josh, JioChat और Signal को यह निर्देश भेजा था। पहले 90 दिन की मोहलत थी।

    विभाग का तर्क है कि अभी SIM निकाल देने या बंद हो जाने के बाद भी अकाउंट चलते रहते हैं। ठग भारतीय नंबर से अकाउंट बनाकर विदेश से “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी निवेश और सरकारी अफसर बनकर कॉल जैसे फ्रॉड चलाते हैं।

    समयसीमा क्यों बढ़ी

    इकोनॉमिक टाइम्स ने अप्रैल 2026 में बताया था कि कंपनियों की आपत्तियों के बाद DoT ने समयसीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई। वेब और डेस्कटॉप वर्ज़न को हर 6 घंटे में लॉगआउट करने की शर्त भी वापस ली गई; अब सिर्फ़ फ्रॉड का शक होने पर सेशन तुरंत बंद करना होगा। NDTV के मुताबिक कुछ रिपोर्टें कहती हैं कि Snapchat शायद इस दायरे में न आए, जबकि Signal की स्थिति साफ नहीं है।

    किसे सबसे ज़्यादा दिक्कत

    • जो SIM एक फोन में और WhatsApp दूसरे फोन में चलाते हैं।
    • जिन्होंने अकाउंट बनाने के बाद SIM निकाल दिया या नंबर बंद होने दिया।
    • जो सिर्फ़ Wi-Fi पर चलते हैं और नंबर का रिचार्ज नहीं कराते।
    • छोटे कारोबारी, जो दुकान का WhatsApp किसी पुराने फोन पर चलाते हैं।

    eSIM वालों को घबराने की ज़रूरत नहीं; रिपोर्टों के मुताबिक नियम physical SIM और eSIM दोनों पर लागू होगा। मिंट ने CUTS इंटरनेशनल के सर्वे का हवाला दिया है, जिसमें 80% उपभोक्ताओं और 60% से ज़्यादा छोटे कारोबारियों ने दिक्कत की आशंका जताई। असली असर इस पर निर्भर करेगा कि कंपनियां इसे कैसे लागू करती हैं।

    टेक की और खबरें: Oppo Find X10 की भारत में कीमत और बैंकिंग में क्वांटम सुरक्षा पर C-DAC का समझौता।

    SIM बाइंडिंग नियम कब से लागू होगा?

    ऐप्स के लिए समयसीमा 31 दिसंबर 2026 है, असर 1 जनवरी 2027 से दिखने की उम्मीद है।

    क्या SIM निकालने पर WhatsApp बंद हो जाएगा?

    रिपोर्टों के मुताबिक रजिस्टर्ड SIM हटाने, बदलने या बंद होने पर ऐप तब तक रुक सकता है जब तक वही नंबर फोन में दोबारा चालू न हो।

    क्या eSIM पर WhatsApp चलेगा?

    हां, अगर रजिस्टर्ड नंबर उसी फोन में सक्रिय eSIM पर है तो दिक्कत की संभावना नहीं।

    क्या WhatsApp Web हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा?

    नहीं, यह शर्त वापस ले ली गई; अब फ्रॉड का शक होने पर ही सेशन बंद करना होगा।

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  • बैंकिंग को क्वांटम खतरों से बचाने की तैयारी: C-DAC और बैंक ऑफ इंडिया में करार, AI-ब्लॉकचेन पर भी होगा काम

    बैंकिंग को क्वांटम खतरों से बचाने की तैयारी: C-DAC और बैंक ऑफ इंडिया में करार, AI-ब्लॉकचेन पर भी होगा काम

    कहाँ: C-DAC मुंबई और बैंक ऑफ इंडिया; MeitY के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में
    कब: करार 22 अक्टूबर 2026 को हुआ; PIB ने 23 अक्टूबर को जानकारी दी
    क्या हुआ: दोनों संस्थाएँ क्वांटम-सुरक्षित बैंकिंग, AI, ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा पर साझा रिसर्च, पायलट और ट्रेनिंग करेंगी
    आपके लिए क्या मतलब: लंबे समय में बैंकिंग लेन-देन की सुरक्षा मज़बूत करने की कोशिश; ग्राहकों के लिए अभी कोई बदलाव नहीं
    क्या करें: फिलहाल कुछ नहीं; OTP, PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करने जैसी सामान्य सावधानियाँ जारी रखें

    आने वाले वर्षों में क्वांटम कंप्यूटर आज के कई एन्क्रिप्शन तरीकों के लिए चुनौती बन सकते हैं—और बैंकिंग इसकी सबसे संवेदनशील कड़ी है। इसी तैयारी में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की स्वायत्त संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) और सरकारी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर दस्तखत किए हैं। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

    करार में क्या है

    PIB के मुताबिक इस करार का मुख्य फोकस “वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम इकोसिस्टम” बनाना है। दोनों संस्थाएँ ‘क्वांटम-इंस्पायर्ड’ और ‘क्वांटम-सेफ’ तकनीकों पर काम करेंगी, ताकि बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा, भरोसा और फैसले लेने की क्षमता मज़बूत हो।

    • बैंकिंग के प्राथमिक उपयोगों की सूची बनाना और सुरक्षित सैंडबॉक्स में प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट दिखाना
    • नई तकनीकों की तुलना मौजूदा सिस्टम से करना और आगे के पायलट का रोडमैप बनाना
    • AI, ब्लॉकचेन, डिजिटल पहचान, सुरक्षित डेटा शेयरिंग, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और धोखाधड़ी विश्लेषण पर काम
    • क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सुरक्षा और AI में कर्मचारियों की ट्रेनिंग

    किसने क्या कहा

    MeitY सचिव एस. कृष्णन ने साइबर खतरों के बढ़ते दौर में “क्वांटम-रेज़िलिएंट” वित्तीय इकोसिस्टम बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। C-DAC के महानिदेशक ई. मगेश ने इसे देसी क्वांटम क्षमता को बैंकिंग के व्यावहारिक समाधानों में बदलने की दिशा में अहम कदम बताया। BOI के कार्यकारी निदेशक राजीव मिश्रा ने कहा कि बैंक इन संभावनाओं को “व्यवस्थित तरीके से” परखेगा। करार का आदान-प्रदान C-DAC मुंबई के कार्यकारी निदेशक आदित्य कुमार सिन्हा और BOI के CGM-IT व CIO सत्येंद्र सिंह ने किया।

    आम ग्राहक के लिए

    यह एक रिसर्च और पायलट स्तर का करार है; इससे आपके खाते, ऐप या लेन-देन में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। इसकी कोई समय-सीमा या बजट भी घोषित नहीं हुआ है। फिर भी, यह संकेत है कि भारतीय बैंक भविष्य के साइबर खतरों के लिए अभी से तैयारी शुरू कर रहे हैं।

    टेक की दूसरी खबर: Oppo Find X10 सीरीज़ भारत में लॉन्च। देश की खबरों में KG बेसिन में Oil India की गैस खोज भी पढ़ें।

    C-DAC और बैंक ऑफ इंडिया का करार किस बारे में है?

    बैंकिंग के लिए क्वांटम-सुरक्षित तकनीक, AI, ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा पर साझा रिसर्च, पायलट और ट्रेनिंग के बारे में।

    यह करार कब हुआ?

    22 अक्टूबर 2026 को; PIB ने 23 अक्टूबर को जानकारी दी।

    क्या इससे ग्राहकों के लिए कुछ बदलेगा?

    फिलहाल नहीं। यह रिसर्च और प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट स्तर का करार है।

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  • Oppo Find X10 और X10 Pro Max भारत में लॉन्च: ₹1,39,999 से शुरू, 200MP कैमरे; Pad Mini टैबलेट ₹94,999 का

    Oppo Find X10 और X10 Pro Max भारत में लॉन्च: ₹1,39,999 से शुरू, 200MP कैमरे; Pad Mini टैबलेट ₹94,999 का

    कहाँ: भारत में लॉन्च
    कब: 23 अक्टूबर 2026
    क्या हुआ: Oppo ने Find X10 और Find X10 Pro Max फ्लैगशिप फोन के साथ Pad Mini टैबलेट, Enco X4 ईयरबड्स और 10,000mAh पावर बैंक लॉन्च किए
    आपके लिए क्या मतलब: फोन की कीमत ₹1,39,999 से ₹1,99,999 के बीच; यह सीधे प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट को टारगेट करता है
    क्या करें: खरीदने से पहले बैंक/एक्सचेंज ऑफर की शर्तें और बिक्री की तारीख आधिकारिक स्टोर पर जाँचें

    त्योहारी सीज़न में प्रीमियम स्मार्टफोन बाज़ार में एक और बड़ा नाम उतरा है। Oppo ने शुक्रवार को भारत में अपनी 10वीं पीढ़ी की Find X सीरीज़—Find X10 और Find X10 Pro Max—लॉन्च की। कंपनी का ज़ोर कैमरा, बड़ी बैटरी और AI फीचर्स पर है। दोनों फोन ColorOS 17 पर चलते हैं।

    कीमत एक नज़र में

    • Find X10 (12GB + 256GB): ₹1,39,999
    • Find X10 (12GB + 512GB): ₹1,69,999
    • Find X10 Pro Max (12GB + 512GB): ₹1,99,999
    • Hasselblad टेलीकन्वर्टर किट: ₹24,999
    • Oppo Pad Mini (8GB + 256GB): ₹94,999
    • Enco X4 ईयरबड्स: ₹19,999; 10,000mAh पावर बैंक: ₹2,199

    मिंट के मुताबिक योग्य खरीदारों को कैशबैक और एक्सचेंज मिलाकर ₹38,000 तक के फायदे, EMI विकल्प, डिवाइस प्रोटेक्शन प्लान और Jio व Google AI से जुड़े फायदे दिए जा रहे हैं। ये ऑफर शर्तों और उपलब्धता पर निर्भर हैं।

    फोन में क्या खास

    Find X10 के पीछे दो 200MP सेंसर हैं, जबकि Pro Max में तीनों रियर कैमरे 200MP के हैं। बैटरी 8,000mAh तक है और दोनों मॉडल 80W वायर्ड व 50W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करते हैं। टेलीकन्वर्टर किट फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए अलग से बेची जा रही है।

    Pad Mini: छोटा पर दमदार टैबलेट

    इंडिया टुडे के मुताबिक Pad Mini भारत में Oppo का पहला 8.8-इंच कॉम्पैक्ट टैबलेट है। इसका वज़न 282 ग्राम और मोटाई 5.46mm है। इसमें 144Hz तक रिफ्रेश रेट वाला 2.5K OLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, 8,000mAh बैटरी और 67W चार्जिंग है। यह iOS, Android और Windows डिवाइस से फाइल ट्रांसफर के लिए O+ Connect सपोर्ट करता है।

    खरीदने से पहले ध्यान दें

    ये कीमतें और फीचर कंपनी की घोषणा पर आधारित हैं; हमने फोन का रिव्यू नहीं किया है। इतनी कीमत पर कैमरा, सॉफ्टवेयर अपडेट नीति और सर्विस नेटवर्क की तुलना दूसरे फ्लैगशिप फोन से ज़रूर करें।

    टेक की दूसरी खबर: C-DAC और बैंक ऑफ इंडिया मिलकर बैंकिंग को क्वांटम खतरों से बचाने पर काम करेंगे। क्रिकेट में NZ vs IND दूसरे T20I की जानकारी भी पढ़ें।

    Oppo Find X10 की भारत में कीमत क्या है?

    12GB + 256GB मॉडल ₹1,39,999 और 12GB + 512GB मॉडल ₹1,69,999 का है।

    Find X10 Pro Max कितने का है?

    12GB + 512GB वेरिएंट ₹1,99,999 का है।

    Oppo Pad Mini की कीमत क्या है?

    8GB + 256GB वेरिएंट ₹94,999 का है।

    यह भी पढ़ें: Infinix GT 50 Pro 27 अक्टूबर को भारत में लॉन्च

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