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श्रेणी: पूर्वी दिल्ली (लोकल)

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  • शाहदरा के CBD ग्राउंड पर LPG डिस्ट्रीब्यूटरों का धरना, हड़ताल की चेतावनी; क्या रुकेगी आपके गैस सिलेंडर की डिलीवरी?

    शाहदरा के CBD ग्राउंड पर LPG डिस्ट्रीब्यूटरों का धरना, हड़ताल की चेतावनी; क्या रुकेगी आपके गैस सिलेंडर की डिलीवरी?

    क्या हुआ: LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) से जुड़े गैस एजेंसी संचालकों ने कमीशन बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर शाहदरा के CBD ग्राउंड पर धरना दिया; अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी
    कब: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, दोपहर 12 बजे से
    कहां: CBD ग्राउंड, शाहदरा (पूर्वी दिल्ली)
    आपके लिए मतलब: फिलहाल सिलेंडर सप्लाई रोकने का कोई ऐलान नहीं है। दो बड़ी फेडरेशन FLDI और AILDF इस धरने में शामिल नहीं हैं और उन्होंने डिलीवरी जारी रखने को कहा है
    क्या करें: घबराकर एक साथ कई बुकिंग न करें। सामान्य तरीके से बुकिंग करें और डिलीवरी में देरी हो तो अपनी एजेंसी या कंपनी की हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड सोमवार को अपने पहले बड़े धरने का गवाह बना। रसोई गैस की एजेंसियां चलाने वाले डिस्ट्रीब्यूटर दोपहर से यहां जुटने लगे। उनकी नाराज़गी तेल कंपनियों और केंद्र की उन नीतियों से है, जिनकी वजह से उनका कहना है कि उनका कारोबार घाटे में जा रहा है।

    पुलिस ने नहीं दी थी इजाज़त

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इस धरने की अनुमति नहीं दी थी। शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने इसकी पुष्टि की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अखबार से कहा कि त्योहारों का मौसम है, दूसरे कार्यक्रम भी हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, क्योंकि 2,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान था।

    LDAI के अध्यक्ष बी.एस. शर्मा का कहना है कि पहले धरना जंतर-मंतर पर होना था। 11 अक्टूबर को जंतर-मंतर डी-नोटिफाई होने के बाद 17 अक्टूबर को उन्होंने DDA से CBD ग्राउंड बुक किया। शर्मा ने कहा कि ग्राउंड का पैसा DDA को दिया जा चुका है, इसलिए वे धरना करेंगे।

    डिस्ट्रीब्यूटर क्या मांग रहे हैं

    एसोसिएशन का कहना है कि घरेलू सिलेंडर पर मिलने वाला कमीशन लंबे समय से नहीं बदला गया, जबकि स्टाफ, किराया और गाड़ियों का खर्च लगातार बढ़ा है। उनकी प्रमुख मांगें ये हैं:

    • कमीशन, प्रशासनिक शुल्क और होम डिलीवरी चार्ज में पूरा संशोधन
    • हर e-KYC के काम का अलग भुगतान
    • PNG वाले इलाकों में घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर कराने के नियम में राहत

    मार्च 2026 में पेट्रोलियम मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट से सप्लाई पर असर का हवाला देकर PNG कनेक्शन वाले घरों के घरेलू LPG कनेक्शन रखने पर रोक लगाई थी। डिस्ट्रीब्यूटरों का कहना है कि इससे उनके ग्राहक तेज़ी से घटे हैं।

    बड़ी फेडरेशन धरने से दूर

    फेडरेशन ऑफ LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) और ऑल इंडिया LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AILDF), जो देश के ज़्यादातर डिस्ट्रीब्यूटरों के प्रतिनिधित्व का दावा करती हैं, इस धरने में शामिल नहीं हुईं। FLDI ने बयान जारी कर कहा कि तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय से बातचीत चल रही है और जल्द समाधान का भरोसा मिला है। फेडरेशन ने सभी डिस्ट्रीब्यूटरों से डिलीवरी जारी रखने की अपील की, ताकि किसी परिवार को परेशानी न हो। AILDF ने भी घरेलू डिलीवरी बिना रुकावट जारी रखने का भरोसा दिया है।

    शाहदरा और आसपास के लोगों के लिए

    धरने और पुलिस इंतज़ाम की वजह से आसपास की सड़कों पर दोपहर बाद भीड़ और धीमा ट्रैफिक दिख सकता है। जहां तक सिलेंडर की बात है, अभी किसी भी कंपनी ने सप्लाई रुकने की सूचना नहीं दी है। अगर LDAI ने आगे हड़ताल की तो उससे जुड़ी कुछ एजेंसियों में बुकिंग या डिलीवरी में देरी हो सकती है, लेकिन कितनी एजेंसियां इसमें शामिल होंगी, यह अभी साफ नहीं है।

    क्या दिल्ली में LPG सिलेंडर की डिलीवरी बंद हो गई है?

    नहीं। अभी सप्लाई रोकने का कोई ऐलान नहीं हुआ है। FLDI और AILDF ने अपने सदस्यों से डिलीवरी जारी रखने को कहा है।

    CBD ग्राउंड पर धरना किसने दिया?

    LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) ने, जिसके अध्यक्ष बी.एस. शर्मा हैं।

    डिस्ट्रीब्यूटरों की मुख्य मांग क्या है?

    कमीशन, प्रशासनिक और होम डिलीवरी शुल्क में बढ़ोतरी, e-KYC का भुगतान और PNG इलाकों में LPG कनेक्शन सरेंडर नियम में राहत।

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  • हर्ष विहार के मिलन गार्डन में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर दो लोगों की मौत; रातभर चला NDRF का बचाव अभियान

    हर्ष विहार के मिलन गार्डन में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर दो लोगों की मौत; रातभर चला NDRF का बचाव अभियान

    क्या हुआ: निर्माणाधीन मकान की नई मंजिल का स्लैब और नीचे की पुरानी छत ढह गई, मलबे में दबे दो लोगों की मौत हो गई
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026, शाम करीब 6:40 बजे; शव सोमवार सुबह निकाले गए
    कहां: मिलन गार्डन, हर्ष विहार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली (मंडोली के पास)
    आपके लिए मतलब: पुराने मकानों पर बिना जांच नई मंजिल डालना जानलेवा हो सकता है; इस इलाके में एक महीने में यह दूसरा बड़ा हादसा है
    क्या करें: पुरानी छत पर निर्माण से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जांच कराएं; खतरनाक इमारत दिखे तो MCD या पुलिस (112) को बताएं

    हर्ष विहार की तंग गली में रविवार की शाम अचानक तेज़ धमाके जैसी आवाज़ आई और कुछ ही सेकंड में एक मकान का ऊपरी हिस्सा मलबे में बदल गया। मिलन गार्डन इलाके के इस मकान में ग्राउंड फ्लोर पहले से बना था और उसके ऊपर नई मंजिल का काम चल रहा था। मलबे के नीचे दो लोग दब गए। रातभर चले बचाव अभियान के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव निकाले गए।

    शाम 6:40 बजे आई कॉल, रातभर चला ऑपरेशन

    दिल्ली फायर सर्विस को हादसे की कॉल शाम करीब 6:40 बजे मिली। इसके बाद दमकल की गाड़ियां, दिल्ली पुलिस, NDRF, DDMA और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। गली संकरी होने की वजह से भारी मशीनें लाने में दिक्कत हुई, इसलिए काफी काम हाथ से मलबा हटाकर करना पड़ा। फ्लडलाइट लगाकर पूरी रात खुदाई चली।

    पीटीआई के मुताबिक सोमवार सुबह दोनों लोगों के शव बाहर निकाले गए। मृतकों की उम्र 60 और 36 साल बताई गई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में इन्हें एक ही परिवार का बताया गया है, लेकिन पुलिस की ओर से नाम और रिश्ते की आधिकारिक जानकारी अभी जारी नहीं हुई है।

    लिंटर डालते वक्त बैठ गई पुरानी छत

    नवभारत की रिपोर्ट के अनुसार रविवार सुबह ही नई छत की ढलाई शुरू हुई थी और शाम पांच बजे तक पहला चरण पूरा हो गया था। इसके कुछ देर बाद नीचे की पुरानी छत का हिस्सा भार नहीं झेल सका और नया स्लैब उसके साथ नीचे आ गिरा।

    मौके पर पहुंचे मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि शुरुआती तौर पर लग रहा है कि नया लिंटर डालते समय वह गिरा और उसके दबाव से नीचे का फ्लोर भी बैठ गया। मंत्री आशीष सूद भी घटनास्थल पर गए। एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे की असली वजह और निर्माण के नक्शे की मंजूरी थी या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ होगा।

    मौके पर जमा परिजनों और पड़ोसियों ने बचाव कार्य धीमा होने की शिकायत भी की। उनका कहना था कि शुरुआती घंटों में मशीनें देर से पहुंचीं।

    एक महीने में दूसरा बड़ा हादसा

    उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली में यह पहला मामला नहीं है। 7 अक्टूबर को न्यू सीमापुरी में चार मंजिला इमारत गिरने से एक गर्भवती महिला और दो बच्चों की जान गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। सितंबर में सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से पांच लोगों की मौत हुई थी। मंडोली, हर्ष विहार, सुंदर नगरी और नंद नगरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पुराने मकानों पर मंजिलें बढ़ाना आम बात है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में नींव और पुरानी छत की मज़बूती की जांच नहीं होती।

    आपके मोहल्ले के लिए सबक

    अगर आप पुराने मकान पर नई मंजिल बनवा रहे हैं तो पहले किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से छत और खंभों की जांच ज़रूर करवाएं। ढलाई के दौरान नीचे की मंजिल में लोगों को न रहने दें और शटरिंग के सपोर्ट पूरे लगवाएं। पड़ोस में दरारों वाली या झुकी इमारत दिखे तो MCD के शाहदरा नॉर्थ ज़ोन दफ्तर या पुलिस को सूचना दें।

    हर्ष विहार में हादसा कब हुआ?

    रविवार, 25 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:40 बजे दमकल विभाग को कॉल मिली। बचाव अभियान रातभर चला।

    हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

    मलबे में दबे दो लोगों के शव सोमवार सुबह निकाले गए। उनकी उम्र 60 और 36 साल बताई गई है।

    मकान क्यों गिरा?

    मंत्री कपिल मिश्रा के मुताबिक शुरुआती तौर पर नया लिंटर डालते वक्त वह गिरा और नीचे का फ्लोर भी बैठ गया। असली कारण पुलिस जांच के बाद साफ होगा।

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  • बारिश के बाद दिल्ली का AQI 167 पर आया, पर पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार-सोनिया विहार की हवा अब भी चिंता में; GRAP-1 लागू

    बारिश के बाद दिल्ली का AQI 167 पर आया, पर पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार-सोनिया विहार की हवा अब भी चिंता में; GRAP-1 लागू

    क्या हुआ: शनिवार रात की बारिश और तेज़ हवा के बाद रविवार सुबह दिल्ली का AQI 167 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी है
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026, सुबह 9 बजे (CPCB)
    कहां: पूरी दिल्ली; शनिवार को पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार, सोनिया विहार और पटपड़गंज स्टेशन खराब श्रेणी में थे
    आपके लिए मतलब: थोड़ी राहत ज़रूर है, लेकिन दिवाली-छठ से पहले हवा फिर बिगड़ सकती है; बच्चे, बुज़ुर्ग और सांस के मरीज़ सावधान रहें
    क्या करें: सुबह-शाम की सैर से पहले AQI देखें, कूड़ा या पत्ते न जलाएं और ज़रूरत हो तो मास्क पहनें

    शनिवार देर रात गरज के साथ हुई बारिश और तेज़ हवाओं ने दिल्ली को कुछ घंटों की राहत दी। रविवार सुबह जब लोग उठे तो मौसम ठंडा था और आसमान भी कुछ साफ दिखा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक सुबह 9 बजे राजधानी का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 167 रहा। यह “मध्यम” श्रेणी में आता है। PM2.5 और PM10 अब भी मुख्य प्रदूषक बने हुए हैं।

    लेकिन यह राहत कितनी टिकेगी, इस पर सवाल है। सिर्फ एक दिन पहले की तस्वीर कुछ और थी।

    शनिवार को पूर्वी दिल्ली के स्टेशन सबसे ऊपर

    दिल्ली सरकार के लाइव AQI पेज पर CPCB स्टेशनों के शनिवार दोपहर 3 बजे के आंकड़ों में शाहदरा ज़िले का विवेक विहार (271) राजधानी के सबसे प्रदूषित पांच स्टेशनों में चौथे नंबर पर था। उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सोनिया विहार 259 पर था और पटपड़गंज 206 पर। तीनों “खराब” श्रेणी में थे। आनंद विहार 185 के साथ मध्यम श्रेणी में रहा।

    सुंदर नगरी, नंद नगरी, सीलमपुर और यमुना विहार जैसे घने इलाकों में अपना कोई निगरानी स्टेशन नहीं है। यहां के लोग आमतौर पर पास के विवेक विहार और सोनिया विहार की रीडिंग से अंदाज़ा लगाते हैं। संकरी गलियां, सड़क किनारे की धूल और दिनभर का ट्रैफिक इन इलाकों में परेशानी और बढ़ा देता है।

    GRAP-1 में क्या-क्या बंद है

    हवा बिगड़ने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया था। इसके तहत:

    • होटल, रेस्टोरेंट और खुले ढाबों के तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाना मना है।
    • डीज़ल जनरेटर सिर्फ ज़रूरी या इमरजेंसी सेवाओं के लिए चल सकते हैं।
    • निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के नियमों का सख्ती से पालन ज़रूरी है।

    इसी हफ्ते बॉर्डर पर बसों की जांच भी शुरू हुई थी।

    यमुना पर फिर झाग

    रविवार को कालिंदी कुंज के पास यमुना पर एक बार फिर सफेद ज़हरीला झाग तैरता दिखा। छठ से पहले यह नज़ारा उन श्रद्धालुओं के लिए चिंता की बात है जो घाटों पर पूजा करने जाते हैं। पिछले दिनों हमने कालिंदी कुंज के झाग पर विस्तार से रिपोर्ट की थी।

    आगे मौसम कैसा रहेगा

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को आसमान ज़्यादातर साफ रहने और शाम या रात में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। हवा धीमी पड़ते ही प्रदूषण फिर ऊपर जा सकता है, इसलिए रोज़ AQI देखते रहना ही समझदारी है।

    आज दिल्ली का AQI कितना है?

    CPCB के अनुसार रविवार, 25 अक्टूबर सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 167 (मध्यम) था। स्टेशनवार रीडिंग अलग-अलग रही।

    पूर्वी दिल्ली में कौन से स्टेशन सबसे प्रदूषित रहे?

    शनिवार दोपहर विवेक विहार 271, सोनिया विहार 259 और पटपड़गंज 206 के साथ खराब श्रेणी में थे।

    GRAP-1 कब लागू हुआ?

    CAQM ने 21 अक्टूबर 2026 को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रैप का पहला चरण लागू किया।

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  • गीता कॉलोनी के रानी गार्डन में रात 3 बजे झुग्गियों में आग: 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, कोई घायल नहीं, परिवारों का सामान खाक

    गीता कॉलोनी के रानी गार्डन में रात 3 बजे झुग्गियों में आग: 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, कोई घायल नहीं, परिवारों का सामान खाक

    क्या हुआ: शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में रानी गार्डन इलाके की झुग्गियों में भीषण आग लगी
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06 बजे दमकल को कॉल मिली
    कहां: रानी गार्डन, एसडीएम कोर्ट के पास, गीता कॉलोनी (शाहदरा)
    आपके लिए मतलब: किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई परिवारों का राशन, कपड़े और जमा-पूंजी जल गई; त्योहारों से पहले घनी बस्तियों में आग का खतरा बढ़ा है
    क्या करें: आग दिखे तो तुरंत 101 या 112 पर कॉल करें, गैस सिलेंडर और ढीले बिजली के तार पर नज़र रखें

    शनिवार-रविवार की दरमियानी रात जब रानी गार्डन की झुग्गियों में लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक शोर मचा कि आग लग गई है। कुछ ही मिनटों में लपटें एक झुग्गी से दूसरी तक फैल गईं। लोग जो हाथ लगा, वह लेकर बाहर भागे। यह बस्ती शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में एसडीएम कोर्ट के पास है।

    राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन जिन परिवारों की झुग्गियां जलीं, उनके पास अब सिर छुपाने की जगह भी नहीं बची है।

    दमकल विभाग ने क्या बताया

    दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी दीपक हुड्डा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि झुग्गियों में आग की कॉल रात करीब 3:06 या 3:07 बजे मिली। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और करीब छह दमकल गाड़ियां लगाकर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। उनके मुताबिक इस घटना में लगभग 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं और किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।

    वहीं ईटीवी भारत की रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से करीब 15 झुग्गियां पूरी तरह जलने की बात कही गई है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा प्रशासन के आकलन के बाद ही साफ होगा। आग किस वजह से लगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    https://x.com/ians_india/status/2114138983261478998

    “चीख सुनी तो बस जान बचाकर भागे”

    आईएएनएस से बात करते हुए एक पीड़ित ने बताया कि वे यहां झुग्गी में रहते थे और पास में एक हैंडपंप भी था। सब सो रहे थे, तभी पीछे रहने वाले भरत नाम के व्यक्ति ने चिल्लाकर बताया कि बहुत बड़ी आग लगी है। आग इतनी तेज़ थी कि वे मुश्किल से बाहर निकल पाए। एक दूसरे पीड़ित ने बताया कि वे उस वक्त काम पर थे और घर से फोन आने पर भागकर लौटे।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बस्ती में पहले भी आग की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रभावित परिवार अब प्रशासन से खाने, कपड़े और रहने की तुरंत व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

    त्योहारों से पहले बढ़ता खतरा

    धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। इन दिनों घनी बस्तियों में दीये, मोमबत्ती, अवैध पटाखे और ओवरलोड बिजली कनेक्शन आग का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। झुग्गियों में प्लास्टिक, लकड़ी और कपड़ा ज़्यादा होता है, इसलिए छोटी चिंगारी भी मिनटों में पूरी कतार जला देती है। पिछले हफ्ते त्रिलोकपुरी में अवैध पटाखे पकड़े गए थे, जो दिखाता है कि पूर्वी दिल्ली में यह खतरा कितना करीब है।

    फायर विभाग की आम सलाह है कि रात में सोने से पहले गैस का रेगुलेटर बंद करें, एक ही सॉकेट पर कई उपकरण न चलाएं, और बस्ती में आने-जाने का रास्ता खाली रखें ताकि दमकल गाड़ी अंदर तक पहुंच सके। पूर्वी दिल्ली की दूसरी अहम खबर: गंगनहर बंद होने से 8 नवंबर तक पानी की किल्लत।

    गीता कॉलोनी में आग कब लगी?

    दमकल विभाग के मुताबिक कॉल रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06-3:07 बजे मिली।

    क्या इस आग में कोई घायल हुआ?

    दमकल अधिकारी दीपक हुड्डा के मुताबिक किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।

    कितनी झुग्गियां जलीं?

    दमकल के अनुसार करीब 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं; स्थानीय रिपोर्टों में लगभग 15 झुग्गियां जलने की बात कही गई है।

    आग लगने पर किस नंबर पर कॉल करें?

    दिल्ली फायर सर्विस के लिए 101 और आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।

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  • कृष्णा नगर के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा की मौत: पुलिस जांच में जुटी, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    कृष्णा नगर के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा की मौत: पुलिस जांच में जुटी, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    क्या हुआ: पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में एक सरकारी स्कूल परिसर में 12वीं कक्षा की 18 वर्षीय छात्रा मृत मिली; पुलिस आत्महत्या की आशंका से जांच कर रही है
    कब: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
    कहाँ: कृष्णा नगर, शाहदरा ज़िला, पूर्वी दिल्ली
    आपके लिए क्या मतलब: स्कूल परिसर की सुरक्षा और बच्चों के मानसिक तनाव पर ध्यान देने की ज़रूरत फिर सामने आई
    क्या करें: अगर आप या आपका कोई अपना तनाव में है तो सरकारी हेल्पलाइन Tele-MANAS 14416 या 1-800-891-4416 पर मुफ्त बात करें

    पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में शनिवार को एक सरकारी स्कूल से दुखद खबर आई। स्कूल परिसर में गार्ड रूम के पीछे 12वीं कक्षा की एक 18 वर्षीय छात्रा गंभीर रूप से झुलसी हालत में मिली और उसकी मौत हो गई। पुलिस इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला मानकर जांच कर रही है।

    पुलिस ने क्या बताया

    शाहदरा ज़िले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम को स्कूल में आग लगने की कॉल मिली थी। कृष्णा नगर थाने की टीम मौके पर पहुंची तो छात्रा गार्ड रूम के पीछे मिली। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में डीसीपी ने कहा, “शुरुआती कार्रवाई में मौके से और छात्रा के स्कूल बैग से कुछ सामग्री बरामद हुई है। क्राइम सीन टीम को बुलाकर सबूत जुटाए गए हैं। घटना की परिस्थितियों की जांच हो रही है।”

    रिपोर्टों के मुताबिक छात्रा के बैग से तीन पन्नों का एक नोट मिला है। क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें भी स्कूल पहुंचीं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस शिक्षकों, स्टाफ और सहपाठियों के बयान दर्ज कर रही है। नोट में क्या लिखा है, इसकी जानकारी पुलिस ने साझा नहीं की है और जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।

    परिवार और स्थानीय लोगों के सवाल

    इंडिया टुडे और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार परिजनों का कहना है कि स्कूल की ओर से उन्हें तुरंत सूचना नहीं दी गई और वे खुद ढूंढते हुए स्कूल पहुंचे तब घटना का पता चला। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि स्कूल के भीतर गार्ड रूम के पास यह सब कैसे हुआ और किसी को समय रहते पता क्यों नहीं चला। पुलिस इन पहलुओं को भी जांच में देख रही है। खबर लिखे जाने तक शिक्षा निदेशालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

    बच्चों के तनाव को नज़रअंदाज़ न करें

    बोर्ड परीक्षा का साल, पढ़ाई का दबाव या निजी परेशानियां, किशोर अक्सर अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते। मनोचिकित्सक सलाह देते हैं कि बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव, चुप रहना, नींद या खाने में बदलाव और दोस्तों से कटना जैसे संकेत दिखें तो उससे बिना डांटे बात करें और ज़रूरत हो तो विशेषज्ञ से मिलें। केंद्र सरकार की Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 चौबीसों घंटे मुफ्त है और हिंदी में भी बात होती है।

    पूर्वी दिल्ली की दूसरी खबरें: वेलकम में बालकनी गिरने का हादसा और शाहदरा समेत 48 गांवों को शहरी दर्जा।

    अगर आपके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं तो कृपया अकेले न रहें। Tele-MANAS: 14416 / 1-800-891-4416 पर बात करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं।

    कृष्णा नगर स्कूल की घटना कब हुई?

    शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को; पुलिस को स्कूल में आग की सूचना वाली कॉल मिली थी।

    पुलिस क्या कह रही है?

    शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक आत्महत्या की आशंका है; मौके और बैग से सामग्री मिली है और जांच जारी है।

    तनाव में मदद के लिए कहां फोन करें?

    सरकारी Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 या 1-800-891-4416 पर, 24 घंटे मुफ्त।

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  • दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को ग्रामीण से शहरी (urbanised) दर्जा देने का फैसला किया
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी
    कहाँ: पूरी दिल्ली के 48 गांव; पूर्वी हिस्से से सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा), पुर शाहदरा, सबापुर और जाफराबाद शामिल
    आपके लिए क्या मतलब: सड़क, सीवर, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट की योजना शहरी ढांचे के हिसाब से बन सकेगी
    क्या करें: अधिसूचना जारी होने तक इंतज़ार करें; निर्माण या ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव से पहले नियम और मंज़ूरी ज़रूर देखें

    दिल्ली के जिन गांवों में आज भी गलियों में सीवर लाइन और पक्की नाली का इंतज़ार है, उनके लिए शुक्रवार को एक अहम फैसला आया। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 48 गांवों को शहरी दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह कदम दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत उठाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से इन गांवों में ज़मीन के इस्तेमाल, सड़क संपर्क, सीवर, जलापूर्ति और साफ-सफाई जैसी ज़रूरतों पर ज़्यादा व्यवस्थित ढंग से काम हो सकेगा। उनके शब्दों में, गांव दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं और लक्ष्य उनकी पहचान का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से गांव

    सूची में शाहदरा इलाके के सुंगरपुर और जगतपुर, पुर शाहदरा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सबापुर और सीलमपुर से सटा जाफराबाद शामिल हैं। यमुना किनारे के बदरपुर खादर का नाम भी सूची में है। इन इलाकों में बीते सालों में आबादी तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन कागज़ों में इनकी पहचान अब भी गांव की थी।

    पूरी सूची

    बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर (नई दिल्ली), सुंगरपुर (शाहदरा), ताजपुर कलां, टिहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रशीदपुर, चटेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर (उत्तरी दिल्ली), जगतपुर (शाहदरा), सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, सबापुर, बदरपुर खादर, बदरपुर माजरा बुराड़ी, बकियाबाद, खानपुर खानी, जाफराबाद, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, बदूसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटीकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेड़ी, बकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला।

    शहरी दर्जे से क्या बदलेगा

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक अधिसूचना जारी होते ही इन गांवों का दर्जा ग्रामीण से शहरी हो जाएगा। इससे यह साफ होगा कि यहां कौन से कानूनी और प्रशासनिक नियम लागू होंगे। सड़क, अंदरूनी संपर्क मार्ग, पानी, सीवर नेटवर्क, नाली, कचरा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं की ज़रूरत का आकलन संबंधित एजेंसियां कर सकेंगी। यह पूरी प्रक्रिया मास्टर प्लान-2041 के मसौदे से भी जोड़ी जाएगी।

    लेकिन यह मान लेना जल्दबाज़ी होगी कि कल से ही गलियों में काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने खुद कहा है कि एजेंसियां मौजूदा नीतियों, मंज़ूर योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से ही आगे बढ़ेंगी। निर्माण, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव या कोई भी विकास कार्य भवन उपनियमों और ज़रूरी अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा।

    गांव वालों के लिए सलाह

    • अधिसूचना की कॉपी अपने निगम पार्षद या SDM कार्यालय से लेकर रखें।
    • ज़मीन की खरीद-बिक्री से पहले किसी भरोसेमंद वकील से नए नियम समझ लें; “शहरी हो गया, अब सब जायज़” जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें।
    • गली में सीवर, पानी या नाली की कमी हो तो इसे लिखित शिकायत के रूप में MCD और दिल्ली जल बोर्ड तक पहुंचाएं, ताकि सर्वे में आपकी गली छूटे नहीं।

    पूर्वी दिल्ली में इन दिनों 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर भी है। वोटर लिस्ट से जुड़ा 25 अक्टूबर का विशेष कैंप और कोंडली STP समेत यमुना परियोजनाएं वाली खबर भी पढ़ें।

    दिल्ली के कितने गांवों को शहरी दर्जा मिलेगा?

    दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को शहरी घोषित करने का फैसला किया है।

    यह फैसला किस कानून के तहत लिया गया?

    दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत।

    शाहदरा के कौन से गांव सूची में हैं?

    सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा) और पुर शाहदरा; पास के जाफराबाद और सबापुर भी सूची में हैं।

    क्या शहरी दर्जे के बाद बिना मंज़ूरी निर्माण हो सकेगा?

    नहीं, सरकार के मुताबिक निर्माण और ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव के लिए नियम और अनुमति ज़रूरी रहेंगे।

    स्रोत

  • यमुना सफाई की 43 परियोजनाएँ शुरू: कोंडली STP का अपग्रेड भी शामिल, पूर्वी दिल्ली को क्या मिलेगा

    यमुना सफाई की 43 परियोजनाएँ शुरू: कोंडली STP का अपग्रेड भी शामिल, पूर्वी दिल्ली को क्या मिलेगा

    कहाँ: दिल्ली; पूर्वी दिल्ली के कोंडली STP का अपग्रेड भी सूची में
    कब: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
    क्या हुआ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ₹8,941 करोड़ की 43 DJB परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया—10 पूरी, 33 की नींव
    आपके लिए क्या मतलब: सीवर कनेक्शन, STP क्षमता और नालों को रोकने के काम से आने वाले सालों में यमुना में गिरने वाला गंदा पानी घटाने का लक्ष्य
    क्या करें: अपनी कॉलोनी में सीवर लाइन के काम की जानकारी स्थानीय DJB दफ़्तर से लें; सीवर ओवरफ़्लो की शिकायत 1916 पर करें

    यमुना की सफाई के लिए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की 43 परियोजनाओं की शुरुआत गुरुवार को हुई। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में करीब ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। शाह ने मई 2029 से पहले यमुना को साफ करने का लक्ष्य दोहराया।

    परियोजनाओं में क्या-क्या

    हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार ₹2,827.11 करोड़ की 10 परियोजनाएँ चालू की गईं और ₹6,114.11 करोड़ की 33 परियोजनाओं की नींव रखी गई। इनमें पुराने STP का आधुनिकीकरण, नए और विकेंद्रीकृत STP, पंपिंग स्टेशन, नालों को रोककर STP तक ले जाना और नई सीवर लाइनें शामिल हैं।

    • आठ मौजूदा STP का ₹1,041 करोड़ से अपग्रेड, क्षमता 78.2 MGD से बढ़ाकर 140.8 MGD।
    • करीब ₹1,161 करोड़ में ओखला का 124 MGD STP और रिठाला व कोंडली में अपग्रेड।
    • बारापुला और महारानी बाग़ नालों का पानी बाटला हाउस के नए 35 MGD पंपिंग स्टेशन से ओखला STP तक।
    • ₹1,691 करोड़ से करीब 1,034 किमी सीवर नेटवर्क, जिससे लगभग 25.82 लाख लोगों को फ़ायदा बताया गया।
    • चंद्रावल में 477 MLD का नया जल शोधन संयंत्र।

    पूर्वी दिल्ली के लिए क्या मायने

    कोंडली STP

    कोंडली STP पूर्वी दिल्ली में है और इलाके के सीवेज के शोधन में अहम भूमिका निभाता है। इसके अपग्रेड का ज़िक्र परियोजनाओं की सूची में है, लेकिन कोंडली के लिए अलग से कितनी लागत और कितनी क्षमता बढ़ेगी, यह ब्योरा अभी सार्वजनिक रिपोर्टों में अलग से नहीं दिया गया है। काम पूरा होने की समय-सीमा भी परियोजना के हिसाब से अलग होगी।

    गाज़ीपुर लैंडफिल

    PIB के मुताबिक शाह ने अपने भाषण में कहा कि ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ 30-40 मीटर तक और गाज़ीपुर का 10-15 मीटर तक कम हुआ है, और दो साल में इनकी जगह बगीचे बनाने का दावा किया। गाज़ीपुर लैंडफिल के पास रहने वाले मयूर विहार, कोंडली और खोड़ा के लोगों के लिए यह बड़ा मुद्दा है।

    दावे और ज़मीनी तस्वीर

    परियोजनाओं की शुरुआत के अगले ही दिन, शुक्रवार सुबह कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर झाग दिखा। विशेषज्ञ मानते हैं कि STP क्षमता बढ़ाना ज़रूरी है, पर असर तभी दिखेगा जब हर कॉलोनी का सीवर नेटवर्क से जुड़ाव हो और प्लांट पूरी क्षमता से चलें। पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर की खबर भी पढ़ें।

    यमुना सफाई की कितनी परियोजनाएँ शुरू हुईं?

    22 अक्टूबर 2026 को ₹8,941 करोड़ की 43 DJB परियोजनाएँ—10 का उद्घाटन और 33 का शिलान्यास।

    क्या कोंडली STP भी इसमें शामिल है?

    हाँ, रिपोर्टों के मुताबिक ओखला के 124 MGD STP के साथ रिठाला और कोंडली STP का अपग्रेड करीब ₹1,161 करोड़ के हिस्से में है।

    यमुना कब तक साफ करने का लक्ष्य है?

    केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार मई 2029 से पहले।

    स्रोत

  • त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे जब्त, घर में छिपा था स्टॉक; हरियाणा के पटौदी से जुड़े तार

    त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे जब्त, घर में छिपा था स्टॉक; हरियाणा के पटौदी से जुड़े तार

    कहाँ: सेंट्रल मार्केट ब्लॉक-20, त्रिलोकपुरी (पूर्वी दिल्ली)
    कब: 20 अक्टूबर की शाम छापा; जानकारी 23 अक्टूबर 2026 को दी गई
    क्या हुआ: पुलिस ने कुल 707 किलो से ज़्यादा अवैध पटाखे जब्त किए और 37 वर्षीय एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया
    आपके लिए क्या मतलब: रिहायशी इलाकों में बिना लाइसेंस पटाखों का भंडार आग और धमाके का बड़ा ख़तरा है
    क्या करें: घनी बस्ती में पटाखों का अवैध भंडार दिखे तो 112 पर पुलिस को बताएँ

    दिवाली से पहले पूर्वी दिल्ली में अवैध पटाखों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई में बड़ी बरामदगी हुई है। त्रिलोकपुरी में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 707 किलो से ज़्यादा अवैध पटाखे जब्त किए और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को यह जानकारी दी।

    बाज़ार से घर तक पहुँची जाँच

    पुलिस के मुताबिक 20 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे गुप्त सूचना पर त्रिलोकपुरी के सेंट्रल मार्केट ब्लॉक-20 में छापा मारा गया। यहाँ आरोपी के पास से करीब 47.7 किलो पटाखे मिले। वह इन्हें रखने या बेचने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं दिखा सका।

    पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके घर पर तलाशी ली, जहाँ से करीब 659.7 किलो और पटाखे बरामद हुए। इस तरह कुल बरामदगी 707 किलो से ऊपर पहुँच गई। मयूर विहार थाने में 21 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया।

    पटौदी के सप्लायर की तलाश

    पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पटाखे हरियाणा के पटौदी इलाके के एक सप्लायर से मंगवाए गए थे। पुलिस भुगतान के ब्योरे और सप्लायर से जुड़ी दूसरी जानकारियों की जाँच कर रही है। आरोपी ने गोदाम की पहचान करने की बात भी कही है, इसलिए आगे और छापे की तैयारी है। ये सभी बातें पुलिस के दावे हैं; अदालत में आरोप तय होना अभी बाकी है।

    घनी बस्तियों में क्यों बड़ा ख़तरा

    त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी, खिचड़ीपुर, सुंदर नगरी और सीलमपुर जैसे इलाकों में मकान सटे हुए हैं और गलियाँ संकरी हैं। ऐसे में घर के अंदर सैकड़ों किलो बारूदी सामान रखना आसपास के परिवारों के लिए भी जानलेवा हो सकता है। आग लगने पर दमकल की गाड़ियों को अंदर तक पहुँचने में भी दिक्कत होती है—हाल में वेलकम इलाके के हादसे में भी यही चुनौती दिखी थी।

    पटाखों का धुआँ दिल्ली की पहले से ख़राब हवा को और बिगाड़ता है। राजधानी में इस समय GRAP-1 की पाबंदियाँ लागू हैं।

    आप क्या कर सकते हैं

    • पटाखे सिर्फ़ लाइसेंसधारी दुकान से और प्रशासन की ओर से तय नियमों के मुताबिक ही ख़रीदें।
    • मोहल्ले में किसी घर या दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखे जमा दिखें तो 112 पर सूचना दें।
    • आग लगने पर तुरंत 101 (दमकल) पर कॉल करें।

    त्रिलोकपुरी में कितने अवैध पटाखे जब्त हुए?

    पुलिस के मुताबिक कुल 707 किलो से ज़्यादा—बाज़ार से करीब 47.7 किलो और आरोपी के घर से करीब 659.7 किलो।

    इस मामले में केस कहाँ दर्ज हुआ?

    मयूर विहार थाने में 21 अक्टूबर 2026 को BNS और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।

    अवैध पटाखों की सूचना कहाँ दें?

    दिल्ली पुलिस को 112 पर कॉल करके सूचना दी जा सकती है।

    स्रोत

  • पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    कहाँ: सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र से पानी पाने वाले इलाके—पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण और मध्य दिल्ली के हिस्से
    कब: 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक
    क्या हुआ: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत कर रहा है, जिससे दिल्ली को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है
    आपके लिए क्या मतलब: पानी कम दबाव से या कम समय के लिए आ सकता है, स्वाद बदला हुआ और पानी गंदला हो सकता है
    क्या करें: ज़रूरत भर पानी जमा करें, पीने का पानी उबालकर या फ़िल्टर कर इस्तेमाल करें, शिकायत DJB हेल्पलाइन 1916 पर करें

    अपडेट (25 अक्टूबर 2026): दैनिक जागरण की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक गंगनहर बंद होने के बाद पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों से कम दबाव और काला-गंदला पानी आने की शिकायतें आ रही हैं। रिपोर्ट में दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (DDC) के अध्यक्ष जितेंद्र महाजन के हवाले से कहा गया है कि प्लांटों पर फिलहाल यमुना के पानी का शोधन कर सप्लाई दी जा रही है। गंदला पानी आए तो उसे उबालकर ही पिएं और शिकायत 1916 पर दर्ज कराएं। (स्रोत: दैनिक जागरण)

    दिवाली से पहले पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों घरों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई और मरम्मत के चलते सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्रों (WTP) तक पहुँचने वाला गंगा का कच्चा पानी घट गया है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने एडवाइज़री जारी कर बताया है कि सोनिया विहार WTP से सप्लाई 8 नवंबर की आधी रात तक बंद रहेगी।

    कितना पानी आता है गंगा नहर से

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली को मुरादनगर रेगुलेटर के ज़रिये अपर गंगा नहर से रोज़ करीब 256 मिलियन गैलन (MGD) कच्चा पानी मिलता है। इसमें से लगभग 144 MGD सोनिया विहार और 112 MGD भागीरथी प्लांट को जाता है। इस दौरान दोनों प्लांटों पर यमुना के पानी से काम चलाया जाएगा, इसलिए सप्लाई में कमी और पानी के स्वाद में बदलाव की बात कही गई है। एक DJB अधिकारी के मुताबिक नहर से थोड़ा पानी अब भी आ रहा है और काम जल्दी पूरा कराने के लिए UP सिंचाई विभाग से बात चल रही है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से इलाके

    NDMC ने अपने इलाकों—खान मार्केट, लोदी एस्टेट, गोल्फ लिंक्स, किदवई नगर आदि—की सूची दी है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट (DJB अधिकारियों के हवाले से) के अनुसार सोनिया विहार प्लांट के नेटवर्क में मयूर विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर, पांडव नगर, कोंडली, त्रिलोकपुरी, न्यू अशोक नगर, सीलमपुर, वेलकम, जाफराबाद, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, विवेक विहार, यमुना विहार, गोकुलपुरी और करावल नगर जैसे इलाके आते हैं। भागीरथी प्लांट गोकलपुर, भागीरथी विहार, भजनपुरा, मुस्तफाबाद, यमुना विहार और आसपास के उत्तर-पूर्वी इलाकों को पानी देता है। सुंदर नगरी, नंद नगरी जैसी कॉलोनियों के लोग भी अपने इलाके के जल बोर्ड दफ़्तर से सप्लाई का समय पता कर लें।

    उसी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने हरियाणा से हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने को कहा है; इस पर हरियाणा का फ़ैसला अभी सामने नहीं आया है।

    क्यों बढ़ जाती है गंदलेपन की शिकायत

    अधिकारियों के मुताबिक नहर की सफाई के दौरान पानी में गंदलापन (टर्बिडिटी) बढ़ता है। यमुना का पानी इन दिनों खुद भी प्रदूषित है—कालिंदी कुंज में फिर दिखा जहरीला झाग इसकी ताज़ा मिसाल है। ऐसे में घरों में पानी उबालकर या फ़िल्टर करके पीना बेहतर है।

    इन दिनों क्या करें

    • सुबह सप्लाई के समय टंकी और ड्रम भर लें, पानी की बर्बादी रोकें।
    • पानी न आए या बहुत गंदा आए तो DJB हेल्पलाइन 1916 पर शिकायत करें और शिकायत नंबर नोट करें।
    • ज़रूरत हो तो DJB से टैंकर की माँग करें।
    • बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए पीने का पानी अलग से सुरक्षित रखें।

    पूर्वी दिल्ली की दूसरी खबरें: वेलकम में बालकनी गिरने का हादसा और वोटर लिस्ट SIR का विशेष कैंप।

    पूर्वी दिल्ली में पानी की सप्लाई कब तक प्रभावित रहेगी?

    अधिकारियों के मुताबिक 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक सप्लाई कम या अनियमित रह सकती है।

    पानी की कमी क्यों हो रही है?

    उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत से सोनिया विहार और भागीरथी प्लांट को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है।

    पानी न आए तो शिकायत कहाँ करें?

    दिल्ली जल बोर्ड की हेल्पलाइन 1916 पर कॉल करें; ज़रूरत पड़ने पर टैंकर की माँग भी की जा सकती है।

    स्रोत

  • वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी: दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को निकाला, बच्चा घायल

    वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी: दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को निकाला, बच्चा घायल

    कहाँ: फोटो चौक, वेलकम इलाका (उत्तर-पूर्वी दिल्ली)
    कब: 22-23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात
    क्या हुआ: एक इमारत की बालकनी अचानक टूटकर गिर गई; दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को बाहर निकाला, एक बच्चा घायल हुआ
    आपके लिए क्या मतलब: घनी आबादी वाली पुरानी इमारतों में रहने वालों को बालकनी, छज्जे और सीढ़ियों की हालत पर नज़र रखनी होगी
    क्या करें: ख़तरनाक इमारत की शिकायत MCD 311 ऐप पर करें; हादसे की स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गुरुवार देर रात भरभरा कर गिर गई। हादसे के बाद आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुँची। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।

    दमकल ने सीढ़ी लगाकर दो लोगों को निकाला

    फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक बालकनी गिरने के बाद इमारत में फँसे दो लोगों को दमकल की सीढ़ी के ज़रिये सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस हादसे में एक बच्चे को चोट आई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को ख़ाली करा लिया गया। बालकनी गिरने की वजह क्या थी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    समाचार एजेंसी ANI ने मौके के वीडियो साझा किए, जिनमें सड़क पर मलबा बिखरा दिख रहा है:

    https://x.com/ANI/status/2113362174873887008

    वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद जैसे इलाकों के लिए यह चेतावनी क्यों

    वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद, शाहदरा और आसपास की कॉलोनियों में बड़ी संख्या में इमारतें दशकों पुरानी हैं। कई घरों में समय के साथ ऊपर मंज़िलें जोड़ी गईं, जबकि नीचे का ढाँचा वही रहा। संकरी गलियों में बालकनी और छज्जे अक्सर सड़क की ओर निकले होते हैं, इसलिए उनके गिरने से राहगीरों और दुकानदारों को भी ख़तरा रहता है। ऐसे इलाकों में दमकल की गाड़ियों का अंदर तक पहुँचना भी मुश्किल होता है।

    इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें

    • बालकनी या छज्जे के नीचे लंबी दरारें, प्लास्टर का बार-बार झड़ना
    • छत या बीम से जंग लगी सरिया दिखना
    • दीवारों में लगातार सीलन और पानी का रिसाव
    • बालकनी का हल्का सा झुकाव या उस पर चलने पर कंपन महसूस होना
    • बालकनी पर भारी पानी की टंकी, गमले या कबाड़ का बोझ

    ख़तरा दिखे तो क्या करें

    1. शिकायत दर्ज करें: दिल्ली नगर निगम (MCD) के 311 ऐप पर इमारत से जुड़ी शिकायत फोटो के साथ दर्ज की जा सकती है। शिकायत नंबर संभाल कर रखें।

    2. बोझ हटाएँ: कमज़ोर बालकनी पर बैठना, सामान रखना या भीड़ जुटाना तुरंत बंद करें।

    3. इंजीनियर से जाँच: मकान मालिक किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जाँच करवाकर मरम्मत कराएँ। किरायेदार यह बात लिखित में मकान मालिक को बताएँ।

    4. आपात स्थिति में: इमारत गिरने या किसी के फँसने पर 112 पर कॉल करें; दमकल के लिए 101 डायल करें। मलबे में ख़ुद घुसने की बजाय बचाव दल का इंतज़ार करें और रास्ता ख़ाली रखें।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की और ख़बरों के लिए हमारा पूर्वी दिल्ली सेक्शन देखें। आज दिल्ली में हवा की हालत पर भी पढ़ें: GRAP-1 लागू, बॉर्डर पर बसों की जाँच सख़्त।

    वेलकम इलाके में बालकनी कब गिरी?

    22 और 23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गिरी।

    क्या हादसे में कोई घायल हुआ?

    फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक एक बच्चा घायल हुआ जिसे अस्पताल ले जाया गया; किसी की मौत नहीं हुई। दो लोगों को सीढ़ी से निकाला गया।

    दिल्ली में ख़तरनाक इमारत की शिकायत कहाँ करें?

    MCD के 311 ऐप पर फोटो के साथ शिकायत दर्ज करें। आपात स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें।

    यह भी पढ़ें: हर्ष विहार में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, दो की मौत

    स्रोत