क्या हुआ: केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव मंज़ूर किया: 25% अग्निवीर पहले की तरह 4 साल बाद स्थायी होंगे, बाकी 75% को 2 साल का और कार्यकाल मिलेगा और उसके बाद सभी इच्छुक अग्निवीर नियमित सैनिक बन सकेंगे
कब: कैबिनेट का फैसला बुधवार 4 नवंबर 2026; पहला बैच नौसेना में 21 नवंबर, वायुसेना में 21-25 दिसंबर और थलसेना में 31 दिसंबर को 4 साल पूरे करेगा
कहां: पूरे देश में; थलसेना, नौसेना और वायुसेना के करीब 3 लाख अग्निवीरों पर लागू
आपके लिए मतलब: 4 साल बाद 75% के बाहर होने की अनिवार्य शर्त खत्म; 5वें साल 43,500 और 6ठे साल 47,500 रुपये मासिक वेतन
क्या करें: अग्निवीर अपनी यूनिट से विस्तार और चयन मानकों की आधिकारिक जानकारी लें; भर्ती की तैयारी कर रहे युवा joinindianarmy.nic.in जैसी आधिकारिक साइट ही देखें
अग्निपथ योजना शुरू होने के चार साल बाद सरकार ने उसका सबसे विवादित हिस्सा बदल दिया है। अब तक नियम था कि हर बैच के सिर्फ 25% अग्निवीर ही चार साल बाद सेना में स्थायी होंगे और बाकी 75% को घर लौटना होगा। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इस व्यवस्था में ऐसा रास्ता जोड़ा, जिससे हर इच्छुक अग्निवीर आगे चलकर नियमित सैनिक बन सकता है।
नया ढांचा कैसे काम करेगा
PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक मेरिट के आधार पर 25% अग्निवीरों को पहले की तरह चार साल बाद नियमित सेवा मिलेगी। बाकी 75% को, उनकी इच्छा होने पर, दो साल की एक और “एंगेजमेंट अवधि” दी जाएगी। यह अवधि पूरी होने पर सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के तौर पर भर्ती का प्रस्ताव मिलेगा, बशर्ते वे चयन मानकों पर खरे उतरें।
नेशनल मीडिया सेंटर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने बताया कि यह फैसला तीनों सेनाओं की सिफारिश और लंबे आकलन के बाद हुआ है। उन्होंने साफ कहा, “हम उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे और उनकी इच्छा भी ज़रूरी है।” यानी स्थायी नौकरी अपने-आप नहीं मिलेगी।
वेतन और सेवा निधि
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार विस्तार वाले दो सालों में वेतन बढ़ेगा: पांचवें साल 43,500 रुपये और छठे साल 47,500 रुपये महीना। जो अग्निवीर छह साल बाद सेना में नहीं रहना चाहेंगे, उन्हें करीब 10.92 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा। सरकार ने बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता का लाभ देने की बात भी कही है।
फैसला अभी क्यों
2022 में शुरू हुई योजना का पहला बैच अब चार साल पूरे करने वाला है। नौसेना के अग्निवीरों का कार्यकाल 21 नवंबर को, वायुसेना का दिसंबर के आखिरी हफ्ते में और थलसेना का 31 दिसंबर को पूरा हो रहा है। आकाशवाणी के मुताबिक पहले बैच में 18,300 अग्निवीर हैं। CDS ने बताया कि सेनाओं में अभी करीब 3 लाख अग्निवीर हैं और यह व्यवस्था सब पर लागू होगी।
विपक्ष ने शुरू से ही चार साल की छोटी सेवा पर सवाल उठाए थे, खासकर उन 75% युवाओं के भविष्य पर जो बाहर हो जाते। सरकार का कहना है कि सेनाओं का फीडबैक बहुत अच्छा रहा है: फिटनेस, अनुशासन, तकनीक सीखने की क्षमता और अग्रिम मोर्चों पर तैनाती में अग्निवीरों का प्रदर्शन सराहा गया। अग्निपथ योजना जारी रहेगी।
क्या अब सभी अग्निवीर स्थायी हो जाएंगे?
सभी को रास्ता मिलेगा, पर अपने-आप नहीं। 25% चार साल बाद मेरिट पर, बाकी को दो साल और सेवा के बाद नियमित भर्ती का प्रस्ताव मिलेगा, शर्त है इच्छा और चयन मानक पूरे करना।
विस्तार के दौरान वेतन कितना होगा?
रिपोर्टों के अनुसार पांचवें साल 43,500 रुपये और छठे साल 47,500 रुपये महीना।
यह फैसला कितने अग्निवीरों पर लागू होगा?
CDS के मुताबिक सेनाओं में अभी करीब 3 लाख अग्निवीर हैं; सभी बैच पर यह व्यवस्था लागू होगी।
यह भी पढ़ें
स्रोत
By SunoHub News





