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फेसबुक-इंस्टा-X की कानूनी ढाल हटाने पर सरकार में चर्चा: धारा 79 का सेफ हार्बर बदला तो पोस्ट के लिए ज़िम्मेदार होंगी कंपनियां

सुनोहब डेस्क

सोशल मीडिया ऐप्स और IT एक्ट धारा 79 का प्रतीकात्मक ग्राफिक

क्या हुआ: केंद्र सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को IT एक्ट की धारा 79 में मिली कानूनी छूट (सेफ हार्बर) हटाने या सीमित करने पर विचार कर रही है
कब: 5 नवंबर 2026 की रिपोर्ट; अभी चर्चा शुरुआती दौर में
कहां: इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY), नई दिल्ली
आपके लिए मतलब: अगर कानून बदला तो फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, X जैसे प्लेटफॉर्म यूज़र की पोस्ट के लिए कानूनी तौर पर ज़िम्मेदार हो सकते हैं
क्या करें: अभी कोई नियम नहीं बदला; फर्जी या आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने से पहले सोचें, ऐसी पोस्ट की शिकायत प्लेटफॉर्म और cybercrime.gov.in पर करें

फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X पर कोई यूज़र गलत या गैरकानूनी पोस्ट डाल दे, तो आज की तारीख में उसकी कानूनी ज़िम्मेदारी आमतौर पर कंपनी पर नहीं आती। इसी छूट को बदलने की तैयारी पर केंद्र सरकार में चर्चा शुरू हो गई है। The Indian Express और Business Standard, दोनों ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है।

सेफ हार्बर आखिर है क्या

IT एक्ट, 2000 की धारा 79 इंटरनेट कंपनियों को एक तरह की ढाल देती है। शर्त यह है कि कंपनी खुद मैसेज शुरू न करे, पाने वाला तय न करे और कंटेंट में बदलाव न करे। सरकार या कोर्ट का नोटिस मिलने पर गैरकानूनी पोस्ट हटाना भी ज़रूरी है। इन शर्तों को मानने पर प्लेटफॉर्म पर यूज़र की पोस्ट के लिए मुकदमा नहीं चलता।

सरकार की दलील

सरकार के अंदर अब यह राय बन रही है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सिर्फ “डाकिया” नहीं रहे। उनके एल्गोरिदम तय करते हैं कि किसकी पोस्ट ऊपर दिखेगी, किसे आगे बढ़ाया जाएगा और किसे दबाया जाएगा। Business Standard से एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जो प्लेटफॉर्म एल्गोरिदम से कंटेंट की रैंकिंग और प्रमोशन तय करता है, उसकी भूमिका सक्रिय है, इसलिए पूरी छूट पर दोबारा सोचना होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक छूट सिर्फ उन सेवाओं के लिए बची रह सकती है जो जानकारी केवल पहुंचाती हैं, जैसे इंटरनेट और टेलीकॉम कंपनियां और सीधे एक-से-एक मैसेज वाले ऐप। साथ ही डीपफेक या बिना सहमति वाली तस्वीरों-वीडियो के मामले में यूज़र को सीधे प्लेटफॉर्म से तुरंत हटवाने का रास्ता देने पर भी विचार है।

अभी कुछ तय नहीं

दोनों अखबारों ने साफ लिखा है कि चर्चा शुरुआती दौर में है और कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। धारा 79 बदलने के लिए IT एक्ट में संशोधन करना होगा, जो संसद से पास होगा। अधिकारी के मुताबिक इससे पहले सभी पक्षों से सलाह-मशविरा भी होगा, इसलिए इसमें वक्त लगेगा। टेक कंपनियों के लिए यह बड़ा मुद्दा है क्योंकि उनका पूरा कारोबार इसी छूट पर टिका है, इसलिए आगे सरकार और कंपनियों में खींचतान देखने को मिल सकती है।

दिल्ली के करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के लिए फिलहाल कुछ नहीं बदला है। पर अगर कानून सख्त हुआ तो प्लेटफॉर्म पोस्ट हटाने और अकाउंट पर कार्रवाई में पहले से ज़्यादा सख्ती दिखा सकते हैं।

सेफ हार्बर क्या होता है?

IT एक्ट की धारा 79 के तहत इंटरनेट कंपनियों को यूज़र की पोस्ट के लिए कानूनी ज़िम्मेदारी से मिली छूट, जो कुछ शर्तों पर मिलती है।

क्या सोशल मीडिया की छूट खत्म हो गई है?

नहीं। अभी सिर्फ सरकार में चर्चा चल रही है, कोई फैसला या संशोधन नहीं हुआ है।

यह बदलाव कैसे लागू होगा?

इसके लिए IT एक्ट, 2000 में संशोधन करना होगा, जिसे संसद की मंज़ूरी चाहिए।

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स्रोत

By SunoHub News

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