क्या हुआ: पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों को, जिन्हें दिसंबर तक सेवा से बाहर होना था, दो साल का सेवा विस्तार मिलने की तैयारी है; CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि जल्द घोषणा कर सकते हैं
कब: बुधवार, 4 नवंबर 2026 की रिपोर्ट; नौसेना का पहला बैच 21 नवंबर, वायुसेना 21 दिसंबर और सेना 31 दिसंबर को चार साल पूरे करेगा
कहां: थल सेना, वायुसेना और नौसेना, पूरे देश के अग्निवीर
आपके लिए मतलब: विस्तार स्वैच्छिक होगा; जो अग्निवीर चाहें वे सेवा जारी रख सकेंगे, बाकी 11.71 लाख रुपये के सेवा निधि पैकेज के साथ बाहर जा सकेंगे
क्या करें: आधिकारिक घोषणा और शर्तों के लिए रक्षा मंत्रालय या अपनी यूनिट की सूचना का इंतज़ार करें; सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा न करें
अग्निपथ योजना के तहत 2022 में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। हिंदुस्तान टाइम्स और द ट्रिब्यून ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि जल्द ही अग्निवीरों के लिए दो साल के सेवा विस्तार की घोषणा करेंगे। अभी इस पर आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार है।
18,300 अग्निवीरों को होना था बाहर
अग्निपथ योजना में जवानों को चार साल के लिए भर्ती किया जाता है और हर बैच के ज़्यादा से ज़्यादा 25% को स्थायी सेवा में रखा जाता है। पहले बैच में तीनों सेनाओं में करीब 24,400 अग्निवीर भर्ती हुए थे, जिनमें करीब 19,000 सेना, 2,850 वायुसेना और 2,550 नौसेना में थे। इनमें से तीन-चौथाई यानी करीब 18,300 जवानों को नवंबर के मध्य से 31 दिसंबर तक चरणों में सेवा से बाहर होना था।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक सेवा जारी रखने का फैसला पूरी तरह अग्निवीर का अपना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम दिखाता है कि सेना उनके योगदान को अहम मानती है और उसे उनकी सेवाओं की ज़रूरत है।
महीनों से चल रही थी चर्चा
CNBC-TV18 ने 3 नवंबर को सूत्रों के हवाले से बताया था कि सरकार 25% की सीमा से आगे अग्निवीरों को रखने पर महीनों से विचार कर रही है और फैसला 21 नवंबर तक हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कोई भी प्रस्ताव, जिसमें मौजूदा 25% स्थायी भर्ती भी शामिल है, स्वैच्छिक होगा। जो अग्निवीर बाहर जाना चाहेंगे, उन्हें 11.71 लाख रुपये का टैक्स-फ्री सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
क्यों अहम है यह फैसला
अग्निपथ योजना 2022 में आने के बाद से ही राजनीतिक बहस का मुद्दा रही है, क्योंकि इसमें अफसर रैंक से नीचे के जवानों की सेवा अवधि कम है और फायदे भी कम मिलते हैं। सरकार का तर्क रहा है कि इससे सेना युवा और युद्ध के लिए तैयार रहेगी। स्थायी सेवा में चुने जाने वाले अग्निवीरों को कम से कम 15 साल और सेवा करनी होती है। दो साल का विस्तार मिलने पर हज़ारों परिवारों को रोज़गार की तुरंत चिंता से राहत मिलेगी।
अग्निवीरों को कितने साल का विस्तार मिल सकता है?
रिपोर्टों के मुताबिक दो साल का सेवा विस्तार, जिसकी घोषणा CDS जल्द कर सकते हैं।
कितने अग्निवीरों पर असर होगा?
पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीर, जिन्हें दिसंबर तक सेवा से बाहर होना था।
क्या विस्तार लेना ज़रूरी होगा?
नहीं, अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला पूरी तरह अग्निवीर का अपना होगा।





