33 साल बाद जंतर-मंतर से हटे बैरिकेड: अब धरना स्थल नहीं, प्रदर्शन रामलीला मैदान, बुराड़ी और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड में

सुनोहब डेस्क

जंतर-मंतर के पास सड़क किनारे हटाकर रखे गए पुलिस बैरिकेड – प्रतीकात्मक चित्र

क्या हुआ: जंतर-मंतर को धरना स्थल की सूची से हटाने के बाद दिल्ली पुलिस ने वहां से बैरिकेड हटा दिए, सड़क आम लोगों और ट्रैफिक के लिए खुली
कब: बैरिकेड गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को हटे; डी-नोटिफिकेशन का आदेश 11 अक्टूबर का
कहां: जंतर-मंतर रोड, कनॉट प्लेस के पास, नई दिल्ली
आपके लिए मतलब: प्रदर्शन अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड या पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड में ही होंगे; जंतर-मंतर पर आवाजाही सामान्य
क्या करें: किसी प्रदर्शन के लिए नए तय स्थलों पर दिल्ली पुलिस से अनुमति लें

करीब 33 साल तक देशभर के आंदोलनों का ठिकाना रहा जंतर-मंतर अब आम सड़क की तरह दिखने लगा है। गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने यहां लगे कई परतों वाले बैरिकेड हटा दिए। TV9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के मुताबिक अर्धसैनिक बल, QRT और दंगा-रोधी वाहनों की तैनाती भी घटाई जा रही है।

11 अक्टूबर का आदेश, अब ज़मीन पर असर

पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को स्टैंडिंग ऑर्डर जारी कर जंतर-मंतर को अधिकृत धरना स्थल की सूची से हटा दिया था। यह फैसला गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिश पर हुआ, जिसे 26 अगस्त को बनाया गया था। जंतर-मंतर 1993 में धरना स्थल के तौर पर नोटिफाई हुआ था।

PTI के मुताबिक आसपास रहने वाले लोग लंबे समय से बैरिकेडिंग से परेशान थे और कुछ ने अदालत का दरवाज़ा भी खटखटाया था। बैरिकेड हटने से इन परिवारों और रोज़ कनॉट प्लेस-जनपथ की ओर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने क्या कहा

पत्रकार स्वाति सिंह की याचिका पर दाखिल जवाबी हलफनामे में पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जंतर-मंतर पर हर साल 1,300 से ज़्यादा प्रदर्शन होते हैं, जबकि जगह की क्षमता करीब 1,500 लोगों की ही है। The New Indian Express के अनुसार पुलिस ने कहा कि भीड़ जनपथ और कनॉट प्लेस तक फैल जाती है और दमकल व एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिलता। Hindustan Times के मुताबिक हलफनामे में यह भी कहा गया कि 3-4 किमी के दायरे में 78 विदेशी दूतावास और अंतरराष्ट्रीय दफ्तर हैं। मामला अभी अदालत में है।

पूर्वी दिल्ली के लिए क्यों अहम

तीन नए प्रदर्शन स्थलों में एक CBD ग्राउंड है, जो शाहदरा-कड़कड़डूमा के पास पूर्वी दिल्ली में है। यानी आने वाले दिनों में बड़े धरने-प्रदर्शन यहां हो सकते हैं, जिनका असर विकास मार्ग, कड़कड़डूमा और आसपास की सड़कों के ट्रैफिक पर पड़ सकता है। बाकी दो स्थल मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान और उत्तर-पश्चिम दिल्ली का बुराड़ी ग्राउंड हैं।

जंतर-मंतर से बैरिकेड कब हटे?

5 नवंबर 2026 को, धरना स्थल का दर्जा 11 अक्टूबर को खत्म होने के बाद।

अब दिल्ली में प्रदर्शन कहां होंगे?

रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड में, पुलिस की अनुमति से।

क्या यह फैसला अंतिम है?

डी-नोटिफिकेशन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और मामला विचाराधीन है।

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स्रोत

By SunoHub News

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