क्या हुआ: गुरुवार को शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी आई; सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,621 अंक उछला और दोपहर तक बढ़त करीब 1,880 अंक तक पहुंची
कब: गुरुवार, 5 नवंबर 2026; लगातार छठा दिन जब बाज़ार चढ़ा
कहां: BSE और NSE, मुंबई; असर अमेरिका के मिडटर्म चुनाव और कच्चे तेल के दाम से
आपके लिए मतलब: BSE में लिस्टेड कंपनियों की कुल वैल्यू करीब 7 लाख करोड़ रुपये बढ़ी; सस्ता कच्चा तेल महंगाई और पेट्रोल-डीज़ल पर दबाव घटा सकता है
क्या करें: एक दिन की तेज़ी देखकर जल्दबाज़ी में बड़ा निवेश न करें; SIP जारी रखें और कोई भी फैसला अपने सलाहकार से पूछकर लें
दलाल स्ट्रीट पर गुरुवार की सुबह किसी त्योहार से कम नहीं थी। बाज़ार खुलते ही BSE सेंसेक्स करीब 1,300 अंक ऊपर था और कुछ ही मिनटों में बढ़त 1,600 के पार चली गई। वजह हज़ारों किलोमीटर दूर अमेरिका से आई, जहां मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने संसद के दोनों सदन जीत लिए हैं।
आंकड़ों में तेज़ी
ET Now के मुताबिक सेंसेक्स 1,621.04 अंक यानी 2.10% चढ़कर 78,922.44 के दिन के ऊंचे स्तर पर पहुंचा। बुधवार को यह 77,301.40 पर बंद हुआ था। निफ्टी 50 भी 431 अंक उछलकर 24,391.95 तक गया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि दोपहर करीब 1:34 बजे सेंसेक्स 1,880 अंक की बढ़त के साथ 79,181.50 पर था और निफ्टी 24,500 के करीब पहुंच गया। इस तेज़ी से निवेशकों की संपत्ति करीब 7 लाख करोड़ रुपये बढ़ी।
तीन बड़ी वजहें
1. कच्चा तेल दो महीने के निचले स्तर पर
मिंट के अनुसार ब्रेंट क्रूड 93.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो बुधवार को ही 8.7% गिर चुका था। बाज़ार को उम्मीद है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष जल्द थम सकता है। भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए सस्ता तेल आयात बिल, महंगाई और चालू खाते के घाटे, तीनों पर राहत देता है।
2. अमेरिकी चुनाव नतीजे
डेमोक्रेट्स की जीत के बाद वॉल स्ट्रीट में डाउ जोन्स 3% से ज़्यादा चढ़ा। HDFC सिक्योरिटीज़ के देवर्ष वकील के मुताबिक चुनाव की अनिश्चितता खत्म होने से अमेरिकी बाज़ार उछले। निवेशक मान रहे हैं कि बंटी हुई सरकार में टैरिफ और व्यापार नीति में अचानक बड़े बदलाव मुश्किल होंगे।
3. विदेशी निवेशकों की वापसी
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार चौथे सत्र में खरीदार रहे। साल की शुरुआत में भारी बिकवाली के बाद यह बदलाव अहम माना जा रहा है।
जियोजित के डॉ. वी.के. विजयकुमार का कहना है कि बड़े शेयरों में अभी और शॉर्ट-कवरिंग बाकी है। लेकिन इंडिया टुडे ने सावधान भी किया है: यह राहत तभी टिकेगी जब तेल सस्ता बना रहे। पश्चिम एशिया में कोई नया तनाव पूरी तस्वीर पलट सकता है।
5 नवंबर को सेंसेक्स कितना चढ़ा?
शुरुआती कारोबार में 1,621 अंक चढ़कर 78,922 तक गया; दोपहर करीब 1:34 बजे बढ़त 1,880 अंक थी।
शेयर बाज़ार में तेज़ी की वजह क्या है?
कच्चे तेल के दाम दो महीने के निचले स्तर पर आना, अमेरिकी मिडटर्म में डेमोक्रेट्स की जीत और विदेशी निवेशकों की खरीदारी।
क्या पेट्रोल-डीज़ल सस्ता होगा?
सस्ता कच्चा तेल दबाव घटाता है, लेकिन पेट्रोल-डीज़ल के दाम तेल कंपनियां और सरकार तय करती हैं; अभी कोई कटौती घोषित नहीं हुई है।
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स्रोत
By SunoHub News





