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  • शाहदरा विवाद के बाद ईस्ट दिल्ली पुलिस का फैसला: हर शुक्रवार 4 बजे DCP ऑफिस में सुनी जाएंगी जवानों की शिकायतें

    शाहदरा विवाद के बाद ईस्ट दिल्ली पुलिस का फैसला: हर शुक्रवार 4 बजे DCP ऑफिस में सुनी जाएंगी जवानों की शिकायतें

    क्या हुआ: शाहदरा विवाद और ACP मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन के बाद पूर्वी दिल्ली पुलिस ने अपने जवानों की शिकायतें सुनने के लिए हर शुक्रवार बैठक का नियम बनाया
    कब: आदेश मंगलवार 3 नवंबर 2026 को जारी; बैठक हर शुक्रवार शाम 4 बजे, पहली बार 6 नवंबर को
    कहां: DCP ऑफिस, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट (पूर्वी दिल्ली)
    आपके लिए मतलब: थानों में तैनात पुलिसकर्मियों की तबादले, छुट्टी, ड्यूटी जैसी अटकी शिकायतों के लिए अब तय मंच होगा
    क्या करें: ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के पुलिसकर्मी अपनी शिकायत लिखित आवेदन के साथ बैठक में दें

    पिछले दो हफ्तों से शाहदरा का पुलिस-वकील विवाद पूर्वी दिल्ली की सबसे बड़ी खबर बना हुआ है। अब इसी विवाद के बीच ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने अपने ही जवानों के लिए एक नई व्यवस्था बनाई है। हर शुक्रवार शाम 4 बजे DCP ऑफिस में बैठक होगी, जहां पुलिसकर्मी अपनी अटकी हुई शिकायतें सीधे रख सकेंगे।

    आदेश में क्या लिखा है

    The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल DCP विपुल अनेकांत ने मंगलवार को जारी किया। इसमें कहा गया है कि सभी ब्रांच इंचार्ज को हर शुक्रवार 4 बजे DCP ऑफिस की बैठक में मौजूद रहना होगा। जिन कर्मचारियों की प्रशासनिक शिकायतें लंबे समय से हल नहीं हुईं, वे लिखित आवेदन लेकर आ सकते हैं। थानों के SHO और सुपरवाइज़री अफसरों से कहा गया है कि रोज़ की ब्रीफिंग और रोल कॉल में जवानों को इस बारे में बताएं।

    पहली बैठक का दिन शुक्रवार 6 नवंबर पड़ता है। इसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट में वकीलों की वह याचिका भी सुनी जानी है, जिसमें निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और कुछ दूसरे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

    यह कदम अभी क्यों

    मामला 23 अक्टूबर को रोहतास नगर में एक सैलून के बाहर पार्किंग को लेकर हुई छोटी सी बहस से शुरू हुआ था। बात शाहदरा थाने तक पहुंची और वहां वकीलों और सैलून मालिक के परिवार के बीच झड़प हुई, जिसमें एडवोकेट ललित बंसल के सिर में चोट आई। इसके बाद वकीलों ने हड़ताल की, ACP और SHO के तबादले हुए।

    2 नवंबर को 100 से ज़्यादा पुलिसकर्मी, जिनमें कई महिला अफसर भी थीं, पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हो गए और पुलिस कमिश्नर के सामने पांच मांगें रखीं। इसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। बुधवार को एक और आदेश आया, जिसमें तब के शाहदरा SHO अरुण कुमार को साइबर यूनिट IFSO में भेजा गया।

    पुलिस मुख्यालय के बाहर जवानों का इस तरह जुटना दिल्ली पुलिस में आम बात नहीं है। जानकार मानते हैं कि हर हफ्ते की यह बैठक उसी नाराज़गी को अंदर ही सुलझाने की कोशिश है, ताकि जवानों की बात ऊपर तक पहुंचे और मामला सड़क पर न आए।

    आम लोगों के लिए क्या मायने

    लक्ष्मी नगर, शकरपुर, पांडव नगर, मयूर विहार जैसे इलाकों के थाने ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में आते हैं। थाने का स्टाफ अगर अपनी ड्यूटी और छुट्टी जैसी दिक्कतों को लेकर परेशान न हो, तो इसका असर सीधे शिकायत लेकर थाने जाने वाले आम आदमी पर भी पड़ता है। फिलहाल यह बैठक सिर्फ पुलिसकर्मियों के लिए है, जनता की शिकायतों के लिए नहीं।

    ईस्ट दिल्ली पुलिस की यह बैठक कब होगी?

    हर शुक्रवार शाम 4 बजे, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के DCP ऑफिस में।

    क्या आम लोग इस बैठक में शिकायत दे सकते हैं?

    नहीं, आदेश के मुताबिक यह बैठक पुलिसकर्मियों की प्रशासनिक और कल्याण से जुड़ी शिकायतों के लिए है।

    यह आदेश क्यों आया?

    शाहदरा पुलिस-वकील विवाद, 2 नवंबर को पुलिस मुख्यालय के बाहर जवानों के प्रदर्शन और ACP मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन के बाद।

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    By SunoHub News

  • शाहदरा विवाद में नया मोड़: ACP की शिकायत पर दो वकीलों पर केस, पूर्व SHO अरुण कुमार साइबर यूनिट IFSO भेजे गए

    शाहदरा विवाद में नया मोड़: ACP की शिकायत पर दो वकीलों पर केस, पूर्व SHO अरुण कुमार साइबर यूनिट IFSO भेजे गए

    क्या हुआ: शाहदरा थाने में 23-24 अक्टूबर के विवाद के बाद अब पुलिस ने दो वकीलों पर ही केस दर्ज किया है, और तबादला किए गए तत्कालीन SHO अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से साइबर यूनिट IFSO भेज दिया गया है
    कब: बुधवार, 4 नवंबर 2026
    कहां: शाहदरा थाना और दिल्ली पुलिस मुख्यालय; मामला रोहतास नगर के पार्किंग विवाद से शुरू हुआ
    आपके लिए मतलब: पुलिस-वकील टकराव अभी थमा नहीं है; 6 नवंबर को हाईकोर्ट की सुनवाई पर सबकी नज़र है, इस दौरान शाहदरा कोर्ट और थाने के आसपास कामकाज पर असर दिख सकता है
    क्या करें: थाने या कोर्ट से जुड़ा ज़रूरी काम हो तो पहले फोन कर स्थिति पता कर लें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले वीडियो-दावों को आगे न बढ़ाएं

    शाहदरा थाने से शुरू हुआ पुलिस और वकीलों का विवाद हर दिन नई करवट ले रहा है। बुधवार को इसमें दो बड़े मोड़ आए। पहला, शाहदरा पुलिस ने ACP मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर दो वकीलों, ललित बंसल और अमूल्य रतन, के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया। दूसरा, थाने के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से हटाकर इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) में तैनात कर दिया गया, जो दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध इकाई है।

    ACP की शिकायत पर वकीलों पर केस

    द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ACP वशिष्ठ ने अपनी शिकायत में कहा है कि 24 अक्टूबर को करीब 15 से 20 वकील SHO के कमरे में घुस आए, उनसे और SHO अरुण कुमार से बदसलूकी की, अफसरों को गालियां दीं और सरकारी काम में बाधा डाली। वकीलों का आरोप था कि पुलिस ने रिश्वत लेकर मारपीट के आरोपियों को छोड़ दिया। इसी शिकायत पर अब बंसल और रतन के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। दूसरी तरफ, वकील पक्ष ACP पर पिस्तौल लहराकर धमकाने का आरोप लगाता रहा है। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और किसी पर दोष तय नहीं हुआ है।

    SHO अरुण कुमार अब साइबर यूनिट में

    PTI-भाषा के अनुसार, पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को जारी तबादला आदेश में कहा कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा इकाई से IFSO भेजा जाता है। 28 अक्टूबर को उन्हें शाहदरा SHO के पद से हटाकर सुरक्षा इकाई में भेजा गया था। उसी दिन गांधी नगर सब-डिवीजन के ACP रहे मनस्वी वशिष्ठ को महिला और बच्चों से जुड़ी स्पेशल पुलिस यूनिट में भेजा गया था।

    कैसे यहां तक पहुंचा मामला

    पूरा विवाद 23 अक्टूबर को रोहतास नगर में एक सैलून के बाहर बाइक खड़ी करने को लेकर हुई कहासुनी से शुरू हुआ था। झगड़ा थाने तक पहुंचा, जहां हाथापाई में वकील ललित बंसल के सिर में चोट आई। इस मामले में सैलून पक्ष के दो लोगों पर FIR हुई, जो पुलिस के मुताबिक अब तक फरार हैं। तबादलों के विरोध में 2 नवंबर को पुलिस मुख्यालय के बाहर लगभग 150 पुलिसकर्मी जुटे थे, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। उनके आचरण की आंतरिक जांच भी चल रही है।

    अब आगे क्या

    दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को वकीलों की उस याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई करने की बात कही है, जिसमें ACP वशिष्ठ और दूसरे अफसरों पर वकीलों को धमकाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई मांगी गई है। अदालत ने वकीलों से पूरी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा है। यानी शुक्रवार की सुनवाई तय करेगी कि यह मामला किस दिशा में जाएगा। पूर्वी दिल्ली के लोग, खासकर शाहदरा कोर्ट आने-जाने वाले, इस पर नज़र बनाए हुए हैं।

    शाहदरा विवाद में बुधवार को क्या नया हुआ?

    ACP मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर वकील ललित बंसल और अमूल्य रतन पर केस दर्ज हुआ, और पूर्व SHO अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से IFSO भेजा गया।

    IFSO क्या है?

    इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध से जुड़ी इकाई है।

    हाईकोर्ट में सुनवाई कब है?

    दिल्ली हाईकोर्ट वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर 2026 को सुनवाई करेगा।

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    By SunoHub News

  • शाहदरा विवाद हाईकोर्ट पहुंचा: निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई

    शाहदरा विवाद हाईकोर्ट पहुंचा: निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई

    क्या हुआ: शाहदरा थाने में 23-24 अक्टूबर के विवाद के बाद वकीलों ने निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और दूसरे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है; दिल्ली हाईकोर्ट 6 नवंबर को सुनवाई करेगा
    कब: हाईकोर्ट ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सुनवाई की तारीख तय की; सुनवाई शुक्रवार, 6 नवंबर को
    कहां: दिल्ली हाईकोर्ट; मूल विवाद शाहदरा थाना और रोहताश नगर, शाहदरा ज़िला
    आपके लिए मतलब: शाहदरा का पुलिस-वकील विवाद अब अदालत में है; ज़िला अदालतों में कामकाज सामान्य है क्योंकि वकीलों की हड़ताल पहले ही खत्म हो चुकी है
    क्या करें: अदालत में तारीख वाले लोग अपने वकील से 6 नवंबर की सुनवाई के बाद की स्थिति पता करते रहें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले वीडियो आगे न बढ़ाएं

    शाहदरा थाने से शुरू हुआ पुलिस और वकीलों का विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और दूसरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली वकीलों की याचिका पर शुक्रवार, 6 नवंबर को सुनवाई करेगा। वकीलों का आरोप है कि इन अधिकारियों ने उन्हें धमकाया।

    “शुक्रवार को लिस्ट करें”

    PTI के हवाले से इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मामला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच के सामने तुरंत सुनवाई के लिए रखा गया था। बेंच ने कहा, “इसे शुक्रवार को लिस्ट करें।” कुछ वकीलों ने पहले अदालत से खुद संज्ञान लेने की अपील की थी, लेकिन बेंच ने ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि वे सारी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करें।

    मंगलवार को वकीलों ने अदालत को बताया था कि वकीलों के खिलाफ “AK-47 के इस्तेमाल” और “काले कोट के गुंडे” जैसी टिप्पणियां की गईं।

    बाइक पार्किंग से शुरू हुआ था झगड़ा

    नवभारत टाइम्स की क्रोनोलॉजी के मुताबिक 23 अक्टूबर को रोहताश नगर में एक दुकान के आगे बाइक खड़ी करने को लेकर दुकानदार और वकील पक्ष में झगड़ा हुआ। मामला शाहदरा थाने पहुंचा, जहां हाथापाई में वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई। अगले दिन थाने में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और ACP के बीच बहस हुई। ACP ने कुछ वकीलों पर केस दर्ज कराया, जबकि वकीलों ने आरोप लगाया कि ACP ने पिस्तौल लहराकर धमकाया। इसके बाद ज़िला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जो बाद में खत्म हुई।

    तबादला, प्रदर्शन और फिर निलंबन

    28 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों और बार के बीच बैठक के बाद गांधी नगर की SDPO रहीं मनस्वी वशिष्ठ को महिला एवं बाल विशेष पुलिस इकाई और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट भेज दिया गया। इस फैसले से निचले स्टाफ में नाराज़गी फैली और 2 नवंबर को पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों पर टिप्पणियां हुईं, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP को निलंबित कर दिया।

    अब शुक्रवार की सुनवाई में तय होगा कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है। यमुनापार के लोगों के लिए यह विवाद इसलिए भी अहम है क्योंकि कड़कड़डूमा और शाहदरा की अदालतों में रोज़ हज़ारों लोग अपने मुकदमों के लिए पहुंचते हैं।

    हाईकोर्ट इस याचिका पर कब सुनवाई करेगा?

    शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को।

    याचिका किसके खिलाफ है?

    निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और कुछ दूसरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ, जिन पर वकीलों को धमकाने का आरोप है।

    क्या हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया?

    नहीं, बेंच ने खुद संज्ञान लेने से मना किया और वकीलों से सारी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा।

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