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शाहदरा विवाद में नया मोड़: ACP की शिकायत पर दो वकीलों पर केस, पूर्व SHO अरुण कुमार साइबर यूनिट IFSO भेजे गए

सुनोहब डेस्क

अदालत का लकड़ी का हथौड़ा, प्रतीकात्मक तस्वीर

क्या हुआ: शाहदरा थाने में 23-24 अक्टूबर के विवाद के बाद अब पुलिस ने दो वकीलों पर ही केस दर्ज किया है, और तबादला किए गए तत्कालीन SHO अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से साइबर यूनिट IFSO भेज दिया गया है
कब: बुधवार, 4 नवंबर 2026
कहां: शाहदरा थाना और दिल्ली पुलिस मुख्यालय; मामला रोहतास नगर के पार्किंग विवाद से शुरू हुआ
आपके लिए मतलब: पुलिस-वकील टकराव अभी थमा नहीं है; 6 नवंबर को हाईकोर्ट की सुनवाई पर सबकी नज़र है, इस दौरान शाहदरा कोर्ट और थाने के आसपास कामकाज पर असर दिख सकता है
क्या करें: थाने या कोर्ट से जुड़ा ज़रूरी काम हो तो पहले फोन कर स्थिति पता कर लें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले वीडियो-दावों को आगे न बढ़ाएं

शाहदरा थाने से शुरू हुआ पुलिस और वकीलों का विवाद हर दिन नई करवट ले रहा है। बुधवार को इसमें दो बड़े मोड़ आए। पहला, शाहदरा पुलिस ने ACP मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर दो वकीलों, ललित बंसल और अमूल्य रतन, के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया। दूसरा, थाने के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से हटाकर इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) में तैनात कर दिया गया, जो दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध इकाई है।

ACP की शिकायत पर वकीलों पर केस

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ACP वशिष्ठ ने अपनी शिकायत में कहा है कि 24 अक्टूबर को करीब 15 से 20 वकील SHO के कमरे में घुस आए, उनसे और SHO अरुण कुमार से बदसलूकी की, अफसरों को गालियां दीं और सरकारी काम में बाधा डाली। वकीलों का आरोप था कि पुलिस ने रिश्वत लेकर मारपीट के आरोपियों को छोड़ दिया। इसी शिकायत पर अब बंसल और रतन के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। दूसरी तरफ, वकील पक्ष ACP पर पिस्तौल लहराकर धमकाने का आरोप लगाता रहा है। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और किसी पर दोष तय नहीं हुआ है।

SHO अरुण कुमार अब साइबर यूनिट में

PTI-भाषा के अनुसार, पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को जारी तबादला आदेश में कहा कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा इकाई से IFSO भेजा जाता है। 28 अक्टूबर को उन्हें शाहदरा SHO के पद से हटाकर सुरक्षा इकाई में भेजा गया था। उसी दिन गांधी नगर सब-डिवीजन के ACP रहे मनस्वी वशिष्ठ को महिला और बच्चों से जुड़ी स्पेशल पुलिस यूनिट में भेजा गया था।

कैसे यहां तक पहुंचा मामला

पूरा विवाद 23 अक्टूबर को रोहतास नगर में एक सैलून के बाहर बाइक खड़ी करने को लेकर हुई कहासुनी से शुरू हुआ था। झगड़ा थाने तक पहुंचा, जहां हाथापाई में वकील ललित बंसल के सिर में चोट आई। इस मामले में सैलून पक्ष के दो लोगों पर FIR हुई, जो पुलिस के मुताबिक अब तक फरार हैं। तबादलों के विरोध में 2 नवंबर को पुलिस मुख्यालय के बाहर लगभग 150 पुलिसकर्मी जुटे थे, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। उनके आचरण की आंतरिक जांच भी चल रही है।

अब आगे क्या

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को वकीलों की उस याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई करने की बात कही है, जिसमें ACP वशिष्ठ और दूसरे अफसरों पर वकीलों को धमकाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई मांगी गई है। अदालत ने वकीलों से पूरी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा है। यानी शुक्रवार की सुनवाई तय करेगी कि यह मामला किस दिशा में जाएगा। पूर्वी दिल्ली के लोग, खासकर शाहदरा कोर्ट आने-जाने वाले, इस पर नज़र बनाए हुए हैं।

शाहदरा विवाद में बुधवार को क्या नया हुआ?

ACP मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर वकील ललित बंसल और अमूल्य रतन पर केस दर्ज हुआ, और पूर्व SHO अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई से IFSO भेजा गया।

IFSO क्या है?

इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध से जुड़ी इकाई है।

हाईकोर्ट में सुनवाई कब है?

दिल्ली हाईकोर्ट वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर 2026 को सुनवाई करेगा।

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स्रोत

By SunoHub News

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