अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों जीते, ट्रंप को बड़ा झटका

सुनोहब डेस्क

शाम के समय वॉशिंगटन में अमेरिकी संसद भवन कैपिटल

क्या हुआ: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है; यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका है
कब: मतदान मंगलवार, 3 नवंबर 2026; नतीजे बुधवार, 4 नवंबर (भारतीय समय) तक
कहां: अमेरिका, सभी 435 हाउस सीटें और सीनेट की 35 सीटें
आपके लिए मतलब: नई संसद 3 जनवरी से बैठेगी; ट्रंप को अपने बाकी दो साल में कानून पास कराने के लिए विपक्ष से समझौता करना होगा, जिसका असर व्यापार, टैरिफ और वीज़ा नीतियों पर पड़ सकता है
क्या करें: अमेरिका में पढ़ाई या नौकरी की योजना बना रहे लोग वीज़ा और इमिग्रेशन नियमों पर आने वाले बदलावों पर नज़र रखें

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ मतदाताओं का कड़ा संदेश माना जा रहा है।

हाउस में बड़ा बहुमत तय

हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए। NBC न्यूज़ के अनुमान के मुताबिक डेमोक्रेट्स करीब 255 से 258 सीटें जीत सकते हैं, जो करीब दो दशकों में उनका सबसे बड़ा बहुमत होगा। CBS न्यूज़ का अनुमान 259 सीटों तक का है, हालांकि गिनती अभी जारी है और अंतिम आंकड़ा बदल सकता है। चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें थीं।

पेंसिल्वेनिया में रिपब्लिकन के चार मौजूदा सांसद हार गए, जिनमें ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक और फ्रीडम कॉकस के पूर्व अध्यक्ष स्कॉट पेरी शामिल हैं। नॉर्थ कैरोलिना में रिपब्लिकन चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रिचर्ड हडसन की हार को सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।

महंगाई और ईरान युद्ध बने मुद्दे

AP के मुताबिक मतदाताओं में महंगाई, ईरान युद्ध और सरकारी भ्रष्टाचार को लेकर गहरी नाराज़गी थी। CBS के एग्ज़िट पोल में ट्रंप की लोकप्रियता 38% रही, जो मध्यावधि चुनाव के समय किसी राष्ट्रपति के लिए ऐतिहासिक रूप से कम है। 89% मतदाताओं ने कहा कि जीवन-यापन की लागत उनके वोट के लिए बड़ा या निर्णायक मुद्दा थी। टेक्सास और फ्लोरिडा जैसे राज्यों में रिपब्लिकन ने सीमाएं दोबारा खींची थीं, लेकिन इससे भी नुकसान नहीं रुका।

अब ट्रंप के लिए क्या बदलेगा

नई संसद 3 जनवरी को बैठेगी। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह पहली बार होगा जब कांग्रेस पर उनका पूरा नियंत्रण नहीं रहेगा। हाउस की समितियां डेमोक्रेट्स के हाथ में आने से उन्हें प्रशासन की जांच और समन जारी करने की ताकत मिलेगी। भारत के लिए भी यह अहम है, क्योंकि व्यापार समझौते, टैरिफ और H-1B जैसे वीज़ा मुद्दों पर अब संसद की भूमिका बढ़ेगी।

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में किसकी जीत हुई?

डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया।

हाउस में डेमोक्रेट्स को कितनी सीटें मिल सकती हैं?

NBC के अनुमान में करीब 255-258 और CBS के अनुमान में 259 तक; बहुमत के लिए 218 चाहिए।

नई संसद कब बैठेगी?

3 जनवरी 2027 को।

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स्रोत

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