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वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी: दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को निकाला, बच्चा घायल

सुनोहब डेस्क

वेलकम इलाके में पुरानी इमारत की टूटी बालकनी और मलबा – प्रतीकात्मक चित्र

कहाँ: फोटो चौक, वेलकम इलाका (उत्तर-पूर्वी दिल्ली)
कब: 22-23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात
क्या हुआ: एक इमारत की बालकनी अचानक टूटकर गिर गई; दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को बाहर निकाला, एक बच्चा घायल हुआ
आपके लिए क्या मतलब: घनी आबादी वाली पुरानी इमारतों में रहने वालों को बालकनी, छज्जे और सीढ़ियों की हालत पर नज़र रखनी होगी
क्या करें: ख़तरनाक इमारत की शिकायत MCD 311 ऐप पर करें; हादसे की स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गुरुवार देर रात भरभरा कर गिर गई। हादसे के बाद आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुँची। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।

दमकल ने सीढ़ी लगाकर दो लोगों को निकाला

फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक बालकनी गिरने के बाद इमारत में फँसे दो लोगों को दमकल की सीढ़ी के ज़रिये सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस हादसे में एक बच्चे को चोट आई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को ख़ाली करा लिया गया। बालकनी गिरने की वजह क्या थी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

समाचार एजेंसी ANI ने मौके के वीडियो साझा किए, जिनमें सड़क पर मलबा बिखरा दिख रहा है:

https://x.com/ANI/status/2113362174873887008

वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद जैसे इलाकों के लिए यह चेतावनी क्यों

वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद, शाहदरा और आसपास की कॉलोनियों में बड़ी संख्या में इमारतें दशकों पुरानी हैं। कई घरों में समय के साथ ऊपर मंज़िलें जोड़ी गईं, जबकि नीचे का ढाँचा वही रहा। संकरी गलियों में बालकनी और छज्जे अक्सर सड़क की ओर निकले होते हैं, इसलिए उनके गिरने से राहगीरों और दुकानदारों को भी ख़तरा रहता है। ऐसे इलाकों में दमकल की गाड़ियों का अंदर तक पहुँचना भी मुश्किल होता है।

इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें

  • बालकनी या छज्जे के नीचे लंबी दरारें, प्लास्टर का बार-बार झड़ना
  • छत या बीम से जंग लगी सरिया दिखना
  • दीवारों में लगातार सीलन और पानी का रिसाव
  • बालकनी का हल्का सा झुकाव या उस पर चलने पर कंपन महसूस होना
  • बालकनी पर भारी पानी की टंकी, गमले या कबाड़ का बोझ

ख़तरा दिखे तो क्या करें

1. शिकायत दर्ज करें: दिल्ली नगर निगम (MCD) के 311 ऐप पर इमारत से जुड़ी शिकायत फोटो के साथ दर्ज की जा सकती है। शिकायत नंबर संभाल कर रखें।

2. बोझ हटाएँ: कमज़ोर बालकनी पर बैठना, सामान रखना या भीड़ जुटाना तुरंत बंद करें।

3. इंजीनियर से जाँच: मकान मालिक किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जाँच करवाकर मरम्मत कराएँ। किरायेदार यह बात लिखित में मकान मालिक को बताएँ।

4. आपात स्थिति में: इमारत गिरने या किसी के फँसने पर 112 पर कॉल करें; दमकल के लिए 101 डायल करें। मलबे में ख़ुद घुसने की बजाय बचाव दल का इंतज़ार करें और रास्ता ख़ाली रखें।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की और ख़बरों के लिए हमारा पूर्वी दिल्ली सेक्शन देखें। आज दिल्ली में हवा की हालत पर भी पढ़ें: GRAP-1 लागू, बॉर्डर पर बसों की जाँच सख़्त।

वेलकम इलाके में बालकनी कब गिरी?

22 और 23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गिरी।

क्या हादसे में कोई घायल हुआ?

फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक एक बच्चा घायल हुआ जिसे अस्पताल ले जाया गया; किसी की मौत नहीं हुई। दो लोगों को सीढ़ी से निकाला गया।

दिल्ली में ख़तरनाक इमारत की शिकायत कहाँ करें?

MCD के 311 ऐप पर फोटो के साथ शिकायत दर्ज करें। आपात स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें।

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स्रोत

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