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  • दिलजीत दोसांझ का 30 अक्टूबर का दिल्ली कॉन्सर्ट होगा, पुलिस ने दी मंज़ूरी—JLN स्टेडियम के आसपास नो-कार ज़ोन की तैयारी

    दिलजीत दोसांझ का 30 अक्टूबर का दिल्ली कॉन्सर्ट होगा, पुलिस ने दी मंज़ूरी—JLN स्टेडियम के आसपास नो-कार ज़ोन की तैयारी

    कहाँ: जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम, दिल्ली
    कब: 30 अक्टूबर 2026; मंज़ूरी 23 अक्टूबर को मिली
    क्या हुआ: दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले सुरक्षा कारणों से अनुमति रोकी थी; आयोजकों के शर्तें मानने के बाद मंज़ूरी दे दी गई
    आपके लिए क्या मतलब: टिकट रखने वालों का शो तय कार्यक्रम पर होगा; स्टेडियम के आसपास वाहनों पर पाबंदी लग सकती है
    क्या करें: मेट्रो या पैदल पहुँचने की योजना बनाएँ, टिकट पर लिखा गेट नंबर देखें और सिर्फ़ आधिकारिक प्लेटफॉर्म से टिकट लें

    दिलजीत दोसांझ के दिल्ली के प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। 30 अक्टूबर को JLN स्टेडियम में होने वाला उनका कॉन्सर्ट अब तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को इसकी अनुमति दे दी, जबकि एक दिन पहले ही साउथ डिस्ट्रिक्ट के DCP ने आयोजकों को पत्र भेजकर कहा था कि खतरे से जुड़े इनपुट, त्योहारों के मौसम की सुरक्षा व्यस्तता और कानून-व्यवस्था की वजह से आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मंज़ूरी कैसे मिली

    टिकटिंग प्लेटफॉर्म BookMyShow Live ने द हिंदू को बताया कि कॉन्सर्ट रद्द होने की खबरें “ग़लत” थीं और पुलिस के साथ बैठक में सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना सौंपने के बाद अनुमति पर दोबारा विचार कर उसे जारी किया गया। NDTV और इंडिया टुडे के मुताबिक पुलिस ने निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या, भीड़ नियंत्रण और दूसरी व्यवस्थाओं से जुड़ी शर्तें रखी थीं, जिन्हें आयोजकों ने मान लिया।

    2,000 गार्ड और नो-कार ज़ोन

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आयोजकों ने शुरू में करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मी लगाने का प्रस्ताव दिया था, जबकि पुलिस का कहना था कि 1,500 से 2,000 गार्ड चाहिए। ये गार्ड कतारें संभालने, लोगों को सही गेट तक पहुँचाने और हेल्प कियोस्क चलाने में मदद करेंगे।

    • स्टेडियम के आसपास 500–700 मीटर का इलाका पैदल-यात्रियों के लिए और नो-कार ज़ोन बनाने की योजना है; सिर्फ़ अधिकृत वाहन जा सकेंगे।
    • निजी वाहनों के लिए आयोजकों से पास की पार्किंग बुक करने को कहा गया है।
    • अहम जगहों पर हेल्प कियोस्क और पैदल चलने के लिए अलग रास्ते होंगे।

    JLN स्टेडियम की क्षमता करीब 55,000 बताई गई है। पुलिस ने आयोजकों से तारीख बदलने पर भी विचार करने को कहा था, लेकिन कलाकार की पहले से तय प्रतिबद्धताओं के कारण यह संभव नहीं था।

    आगे के शो

    यह कॉन्सर्ट दिलजीत के ‘Aura’ टूर का हिस्सा है। NDTV के मुताबिक अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 21 नवंबर को शो है और टिकट सिर्फ़ BookMyShow पर मिल रहे हैं।

    दिल्ली में इन दिनों GRAP-1 की पाबंदियाँ भी लागू हैं, इसलिए निजी गाड़ी की बजाय सार्वजनिक परिवहन बेहतर विकल्प है। मनोरंजन की दूसरी खबर: इस हफ्ते बिग बॉस 20 का वीकेंड का वार रोहित शेट्टी होस्ट करेंगे।

    क्या दिलजीत दोसांझ का दिल्ली कॉन्सर्ट 30 अक्टूबर को होगा?

    हाँ। दिल्ली पुलिस ने 23 अक्टूबर को अनुमति दे दी है और BookMyShow Live ने भी कहा है कि शो तय कार्यक्रम पर होगा।

    कॉन्सर्ट कहाँ है?

    दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में।

    पहले अनुमति क्यों नहीं मिली थी?

    पुलिस ने खतरे से जुड़े इनपुट, त्योहारी सीज़न की सुरक्षा व्यस्तता और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया था; बाद में शर्तें मानने पर मंज़ूरी मिली।

    स्रोत

  • यमुना सफाई की 43 परियोजनाएँ शुरू: कोंडली STP का अपग्रेड भी शामिल, पूर्वी दिल्ली को क्या मिलेगा

    यमुना सफाई की 43 परियोजनाएँ शुरू: कोंडली STP का अपग्रेड भी शामिल, पूर्वी दिल्ली को क्या मिलेगा

    कहाँ: दिल्ली; पूर्वी दिल्ली के कोंडली STP का अपग्रेड भी सूची में
    कब: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
    क्या हुआ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ₹8,941 करोड़ की 43 DJB परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया—10 पूरी, 33 की नींव
    आपके लिए क्या मतलब: सीवर कनेक्शन, STP क्षमता और नालों को रोकने के काम से आने वाले सालों में यमुना में गिरने वाला गंदा पानी घटाने का लक्ष्य
    क्या करें: अपनी कॉलोनी में सीवर लाइन के काम की जानकारी स्थानीय DJB दफ़्तर से लें; सीवर ओवरफ़्लो की शिकायत 1916 पर करें

    यमुना की सफाई के लिए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की 43 परियोजनाओं की शुरुआत गुरुवार को हुई। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में करीब ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। शाह ने मई 2029 से पहले यमुना को साफ करने का लक्ष्य दोहराया।

    परियोजनाओं में क्या-क्या

    हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार ₹2,827.11 करोड़ की 10 परियोजनाएँ चालू की गईं और ₹6,114.11 करोड़ की 33 परियोजनाओं की नींव रखी गई। इनमें पुराने STP का आधुनिकीकरण, नए और विकेंद्रीकृत STP, पंपिंग स्टेशन, नालों को रोककर STP तक ले जाना और नई सीवर लाइनें शामिल हैं।

    • आठ मौजूदा STP का ₹1,041 करोड़ से अपग्रेड, क्षमता 78.2 MGD से बढ़ाकर 140.8 MGD।
    • करीब ₹1,161 करोड़ में ओखला का 124 MGD STP और रिठाला व कोंडली में अपग्रेड।
    • बारापुला और महारानी बाग़ नालों का पानी बाटला हाउस के नए 35 MGD पंपिंग स्टेशन से ओखला STP तक।
    • ₹1,691 करोड़ से करीब 1,034 किमी सीवर नेटवर्क, जिससे लगभग 25.82 लाख लोगों को फ़ायदा बताया गया।
    • चंद्रावल में 477 MLD का नया जल शोधन संयंत्र।

    पूर्वी दिल्ली के लिए क्या मायने

    कोंडली STP

    कोंडली STP पूर्वी दिल्ली में है और इलाके के सीवेज के शोधन में अहम भूमिका निभाता है। इसके अपग्रेड का ज़िक्र परियोजनाओं की सूची में है, लेकिन कोंडली के लिए अलग से कितनी लागत और कितनी क्षमता बढ़ेगी, यह ब्योरा अभी सार्वजनिक रिपोर्टों में अलग से नहीं दिया गया है। काम पूरा होने की समय-सीमा भी परियोजना के हिसाब से अलग होगी।

    गाज़ीपुर लैंडफिल

    PIB के मुताबिक शाह ने अपने भाषण में कहा कि ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ 30-40 मीटर तक और गाज़ीपुर का 10-15 मीटर तक कम हुआ है, और दो साल में इनकी जगह बगीचे बनाने का दावा किया। गाज़ीपुर लैंडफिल के पास रहने वाले मयूर विहार, कोंडली और खोड़ा के लोगों के लिए यह बड़ा मुद्दा है।

    दावे और ज़मीनी तस्वीर

    परियोजनाओं की शुरुआत के अगले ही दिन, शुक्रवार सुबह कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर झाग दिखा। विशेषज्ञ मानते हैं कि STP क्षमता बढ़ाना ज़रूरी है, पर असर तभी दिखेगा जब हर कॉलोनी का सीवर नेटवर्क से जुड़ाव हो और प्लांट पूरी क्षमता से चलें। पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर की खबर भी पढ़ें।

    यमुना सफाई की कितनी परियोजनाएँ शुरू हुईं?

    22 अक्टूबर 2026 को ₹8,941 करोड़ की 43 DJB परियोजनाएँ—10 का उद्घाटन और 33 का शिलान्यास।

    क्या कोंडली STP भी इसमें शामिल है?

    हाँ, रिपोर्टों के मुताबिक ओखला के 124 MGD STP के साथ रिठाला और कोंडली STP का अपग्रेड करीब ₹1,161 करोड़ के हिस्से में है।

    यमुना कब तक साफ करने का लक्ष्य है?

    केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार मई 2029 से पहले।

    स्रोत

  • त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे जब्त, घर में छिपा था स्टॉक; हरियाणा के पटौदी से जुड़े तार

    त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे जब्त, घर में छिपा था स्टॉक; हरियाणा के पटौदी से जुड़े तार

    कहाँ: सेंट्रल मार्केट ब्लॉक-20, त्रिलोकपुरी (पूर्वी दिल्ली)
    कब: 20 अक्टूबर की शाम छापा; जानकारी 23 अक्टूबर 2026 को दी गई
    क्या हुआ: पुलिस ने कुल 707 किलो से ज़्यादा अवैध पटाखे जब्त किए और 37 वर्षीय एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया
    आपके लिए क्या मतलब: रिहायशी इलाकों में बिना लाइसेंस पटाखों का भंडार आग और धमाके का बड़ा ख़तरा है
    क्या करें: घनी बस्ती में पटाखों का अवैध भंडार दिखे तो 112 पर पुलिस को बताएँ

    दिवाली से पहले पूर्वी दिल्ली में अवैध पटाखों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई में बड़ी बरामदगी हुई है। त्रिलोकपुरी में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 707 किलो से ज़्यादा अवैध पटाखे जब्त किए और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को यह जानकारी दी।

    बाज़ार से घर तक पहुँची जाँच

    पुलिस के मुताबिक 20 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे गुप्त सूचना पर त्रिलोकपुरी के सेंट्रल मार्केट ब्लॉक-20 में छापा मारा गया। यहाँ आरोपी के पास से करीब 47.7 किलो पटाखे मिले। वह इन्हें रखने या बेचने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं दिखा सका।

    पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके घर पर तलाशी ली, जहाँ से करीब 659.7 किलो और पटाखे बरामद हुए। इस तरह कुल बरामदगी 707 किलो से ऊपर पहुँच गई। मयूर विहार थाने में 21 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया।

    पटौदी के सप्लायर की तलाश

    पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पटाखे हरियाणा के पटौदी इलाके के एक सप्लायर से मंगवाए गए थे। पुलिस भुगतान के ब्योरे और सप्लायर से जुड़ी दूसरी जानकारियों की जाँच कर रही है। आरोपी ने गोदाम की पहचान करने की बात भी कही है, इसलिए आगे और छापे की तैयारी है। ये सभी बातें पुलिस के दावे हैं; अदालत में आरोप तय होना अभी बाकी है।

    घनी बस्तियों में क्यों बड़ा ख़तरा

    त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी, खिचड़ीपुर, सुंदर नगरी और सीलमपुर जैसे इलाकों में मकान सटे हुए हैं और गलियाँ संकरी हैं। ऐसे में घर के अंदर सैकड़ों किलो बारूदी सामान रखना आसपास के परिवारों के लिए भी जानलेवा हो सकता है। आग लगने पर दमकल की गाड़ियों को अंदर तक पहुँचने में भी दिक्कत होती है—हाल में वेलकम इलाके के हादसे में भी यही चुनौती दिखी थी।

    पटाखों का धुआँ दिल्ली की पहले से ख़राब हवा को और बिगाड़ता है। राजधानी में इस समय GRAP-1 की पाबंदियाँ लागू हैं।

    आप क्या कर सकते हैं

    • पटाखे सिर्फ़ लाइसेंसधारी दुकान से और प्रशासन की ओर से तय नियमों के मुताबिक ही ख़रीदें।
    • मोहल्ले में किसी घर या दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखे जमा दिखें तो 112 पर सूचना दें।
    • आग लगने पर तुरंत 101 (दमकल) पर कॉल करें।

    त्रिलोकपुरी में कितने अवैध पटाखे जब्त हुए?

    पुलिस के मुताबिक कुल 707 किलो से ज़्यादा—बाज़ार से करीब 47.7 किलो और आरोपी के घर से करीब 659.7 किलो।

    इस मामले में केस कहाँ दर्ज हुआ?

    मयूर विहार थाने में 21 अक्टूबर 2026 को BNS और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।

    अवैध पटाखों की सूचना कहाँ दें?

    दिल्ली पुलिस को 112 पर कॉल करके सूचना दी जा सकती है।

    स्रोत

  • पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    कहाँ: सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र से पानी पाने वाले इलाके—पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण और मध्य दिल्ली के हिस्से
    कब: 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक
    क्या हुआ: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत कर रहा है, जिससे दिल्ली को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है
    आपके लिए क्या मतलब: पानी कम दबाव से या कम समय के लिए आ सकता है, स्वाद बदला हुआ और पानी गंदला हो सकता है
    क्या करें: ज़रूरत भर पानी जमा करें, पीने का पानी उबालकर या फ़िल्टर कर इस्तेमाल करें, शिकायत DJB हेल्पलाइन 1916 पर करें

    अपडेट (25 अक्टूबर 2026): दैनिक जागरण की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक गंगनहर बंद होने के बाद पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों से कम दबाव और काला-गंदला पानी आने की शिकायतें आ रही हैं। रिपोर्ट में दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (DDC) के अध्यक्ष जितेंद्र महाजन के हवाले से कहा गया है कि प्लांटों पर फिलहाल यमुना के पानी का शोधन कर सप्लाई दी जा रही है। गंदला पानी आए तो उसे उबालकर ही पिएं और शिकायत 1916 पर दर्ज कराएं। (स्रोत: दैनिक जागरण)

    दिवाली से पहले पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों घरों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई और मरम्मत के चलते सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्रों (WTP) तक पहुँचने वाला गंगा का कच्चा पानी घट गया है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने एडवाइज़री जारी कर बताया है कि सोनिया विहार WTP से सप्लाई 8 नवंबर की आधी रात तक बंद रहेगी।

    कितना पानी आता है गंगा नहर से

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली को मुरादनगर रेगुलेटर के ज़रिये अपर गंगा नहर से रोज़ करीब 256 मिलियन गैलन (MGD) कच्चा पानी मिलता है। इसमें से लगभग 144 MGD सोनिया विहार और 112 MGD भागीरथी प्लांट को जाता है। इस दौरान दोनों प्लांटों पर यमुना के पानी से काम चलाया जाएगा, इसलिए सप्लाई में कमी और पानी के स्वाद में बदलाव की बात कही गई है। एक DJB अधिकारी के मुताबिक नहर से थोड़ा पानी अब भी आ रहा है और काम जल्दी पूरा कराने के लिए UP सिंचाई विभाग से बात चल रही है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से इलाके

    NDMC ने अपने इलाकों—खान मार्केट, लोदी एस्टेट, गोल्फ लिंक्स, किदवई नगर आदि—की सूची दी है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट (DJB अधिकारियों के हवाले से) के अनुसार सोनिया विहार प्लांट के नेटवर्क में मयूर विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर, पांडव नगर, कोंडली, त्रिलोकपुरी, न्यू अशोक नगर, सीलमपुर, वेलकम, जाफराबाद, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, विवेक विहार, यमुना विहार, गोकुलपुरी और करावल नगर जैसे इलाके आते हैं। भागीरथी प्लांट गोकलपुर, भागीरथी विहार, भजनपुरा, मुस्तफाबाद, यमुना विहार और आसपास के उत्तर-पूर्वी इलाकों को पानी देता है। सुंदर नगरी, नंद नगरी जैसी कॉलोनियों के लोग भी अपने इलाके के जल बोर्ड दफ़्तर से सप्लाई का समय पता कर लें।

    उसी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने हरियाणा से हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने को कहा है; इस पर हरियाणा का फ़ैसला अभी सामने नहीं आया है।

    क्यों बढ़ जाती है गंदलेपन की शिकायत

    अधिकारियों के मुताबिक नहर की सफाई के दौरान पानी में गंदलापन (टर्बिडिटी) बढ़ता है। यमुना का पानी इन दिनों खुद भी प्रदूषित है—कालिंदी कुंज में फिर दिखा जहरीला झाग इसकी ताज़ा मिसाल है। ऐसे में घरों में पानी उबालकर या फ़िल्टर करके पीना बेहतर है।

    इन दिनों क्या करें

    • सुबह सप्लाई के समय टंकी और ड्रम भर लें, पानी की बर्बादी रोकें।
    • पानी न आए या बहुत गंदा आए तो DJB हेल्पलाइन 1916 पर शिकायत करें और शिकायत नंबर नोट करें।
    • ज़रूरत हो तो DJB से टैंकर की माँग करें।
    • बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए पीने का पानी अलग से सुरक्षित रखें।

    पूर्वी दिल्ली की दूसरी खबरें: वेलकम में बालकनी गिरने का हादसा और वोटर लिस्ट SIR का विशेष कैंप।

    पूर्वी दिल्ली में पानी की सप्लाई कब तक प्रभावित रहेगी?

    अधिकारियों के मुताबिक 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक सप्लाई कम या अनियमित रह सकती है।

    पानी की कमी क्यों हो रही है?

    उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत से सोनिया विहार और भागीरथी प्लांट को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है।

    पानी न आए तो शिकायत कहाँ करें?

    दिल्ली जल बोर्ड की हेल्पलाइन 1916 पर कॉल करें; ज़रूरत पड़ने पर टैंकर की माँग भी की जा सकती है।

    स्रोत

  • कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर जहरीले झाग की परत, छठ से पहले DJB की डिफोमिंग तैयारी

    कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर जहरीले झाग की परत, छठ से पहले DJB की डिफोमिंग तैयारी

    कहाँ: कालिंदी कुंज, ओखला बैराज के पास यमुना (दक्षिण-पूर्वी दिल्ली)
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 की सुबह
    क्या हुआ: नदी की सतह पर सफेद जहरीले झाग की मोटी परत दिखी; सरकारी अधिकारी के मुताबिक कुछ देर बाद नदी साफ दिखी
    आपके लिए क्या मतलब: छठ (नवंबर मध्य) से पहले यमुना के पानी की हालत फिर चिंता का विषय है
    क्या करें: झाग वाले पानी में नहाने या उसे छूने से बचें, त्वचा पर जलन हो तो साफ पानी से धोएँ और डॉक्टर को दिखाएँ

    सर्दी की आहट के साथ यमुना पर फिर वही पुरानी तस्वीर लौट आई है। शुक्रवार सुबह कालिंदी कुंज के पास नदी की सतह पर बर्फ जैसी दिखने वाली सफेद झाग की परत तैरती दिखी। समाचार एजेंसी ANI ने सुबह का वीडियो साझा किया, जबकि PTI से बात करते हुए एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि झाग सुबह कुछ समय के लिए दिखा और बाद में नदी साफ हो गई।

    https://x.com/ANI/status/2113480866366398905

    झाग क्यों बनता है

    विशेषज्ञों और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुताबिक यह झाग साबुन जैसे रसायनों यानी सर्फेक्टेंट से बनता है। ये रसायन बिना ट्रीटमेंट वाले घरेलू सीवेज, फैक्ट्रियों के गंदे पानी और धोबी घाटों से नदी में पहुँचते हैं। सड़ती जलकुंभी, पत्तियाँ और घास जैसी जैविक चीज़ें भी इसमें भूमिका निभाती हैं। ओखला बैराज पर पानी ऊँचाई से गिरता है तो उसमें मंथन होता है और झाग उठता है। तापमान गिरने पर ये बुलबुले ज़्यादा देर टिके रहते हैं, इसलिए अक्टूबर से दिसंबर के बीच यह समस्या सबसे ज़्यादा दिखती है।

    दिल्ली सरकार के कहने पर TERI ने पिछले साल जो अध्ययन किया था, उसमें शहर के कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के ठीक से काम न करने को भी वजह बताया गया था।

    छठ से पहले DJB की डिफोमिंग तैयारी

    DJB हर सर्दी कालिंदी कुंज पर झाग कम करने के लिए डिफोमर नाम के रसायन का छिड़काव करता है। एक DJB अधिकारी ने PTI को बताया कि यह अभियान 2022 से चल रहा है, इस साल भी कंपनियों के लिए टेंडर निकाला गया है और पिछले साल का बचा हुआ स्टॉक रखने के लिए दो कैंप बनाए गए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पिछले सीज़न में अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच 63 दिनों में करीब 48,000 किलो डिफोमिंग रसायन इस्तेमाल हुआ था।

    हालाँकि यमुना पर काम करने वाले कार्यकर्ता, जैसे SANDRP से जुड़े भीम सिंह रावत, कहते हैं कि छिड़काव सिर्फ़ दिखने वाले लक्षण को दबाता है; असली समस्या नदी में लगातार गिर रहा गंदा पानी है।

    राजनीति भी तेज़

    आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने डिफोमर खरीद के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। यह एक राजनीतिक आरोप है, जिसकी किसी जाँच में पुष्टि नहीं हुई है। झाग की यह तस्वीर ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही यमुना सफाई से जुड़ी ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ था।

    छठ व्रतियों और घाट जाने वालों के लिए

    • झाग वाले हिस्से में डुबकी लगाने से बचें; प्रशासन की ओर से तैयार किए गए घाटों का ही इस्तेमाल करें।
    • बच्चों को पानी से दूर रखें, पूजा के बाद हाथ-पैर साफ पानी से धोएँ।
    • त्वचा पर खुजली, आँखों में जलन हो तो नज़दीकी डिस्पेंसरी में दिखाएँ।

    हवा की हालत भी इन दिनों ठीक नहीं है—GRAP-1 के तहत चल रही सख्ती के बारे में भी पढ़ें। पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर की खबर भी देखें।

    कालिंदी कुंज में यमुना पर झाग कब दिखा?

    23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार की सुबह कालिंदी कुंज के पास यमुना पर सफेद झाग की परत दिखी।

    यमुना में झाग क्यों बनता है?

    सीवेज, औद्योगिक कचरे और डिटर्जेंट में मौजूद सर्फेक्टेंट और सड़ती जलकुंभी के कारण; ओखला बैराज पर पानी गिरने से झाग उठता है और ठंड में ज़्यादा टिकता है।

    क्या झाग हटाने के लिए कुछ किया जा रहा है?

    DJB 2022 से कालिंदी कुंज पर डिफोमर का छिड़काव करता है और इस साल भी छठ से पहले इसकी तैयारी है।

    स्रोत

  • दिल्ली में GRAP-1 लागू: बॉर्डर पर रोकी जाएँगी नियम न मानने वाली बसें, आनंद विहार रूट के यात्री रखें ध्यान

    दिल्ली में GRAP-1 लागू: बॉर्डर पर रोकी जाएँगी नियम न मानने वाली बसें, आनंद विहार रूट के यात्री रखें ध्यान

    कहाँ: दिल्ली-NCR, ख़ासकर दिल्ली के बॉर्डर एंट्री पॉइंट (जैसे आनंद विहार, ग़ाज़ीपुर की ओर से UP बॉर्डर)
    कब: GRAP का पहला चरण 21 अक्टूबर 2026 से लागू
    क्या हुआ: हवा “ख़राब” श्रेणी में पहुँचने पर CAQM ने GRAP-1 लागू किया; दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने नियम न मानने वाली अंतरराज्यीय बसों को बॉर्डर पर रोकने का फ़ैसला किया
    आपके लिए क्या मतलब: बाहर से आने-जाने वाली कुछ बसें बॉर्डर पर रुक सकती हैं, PUC और धूल-धुएँ पर सख़्ती बढ़ेगी
    क्या करें: बस बुक करने से पहले उसका ईंधन प्रकार (EV/CNG/BS-VI डीज़ल) पूछें, वाहन का PUC अपडेट रखें, प्रदूषण की शिकायत ऐप पर करें

    त्योहारों के मौसम से पहले ही दिल्ली की हवा बिगड़ने लगी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू किया, जब शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 245 यानी “ख़राब” श्रेणी में दर्ज हुआ। अब इसका सीधा असर सड़क पर दिखने वाला है।

    बॉर्डर पर बसों की जाँच, किन बसों को छूट

    दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (ट्रैफ़िक) अजय चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि GRAP के नियमों का पालन न करने वाली अंतरराज्यीय बसों को दिल्ली के बॉर्डर पर ही रोका जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक केवल इलेक्ट्रिक (EV), CNG और BS-VI डीज़ल वाली बसों को ही अनुमति है। बॉर्डर पर डिस्प्ले बोर्ड लगाने और पड़ोसी राज्यों के साथ संयुक्त टीमें बनाने की योजना भी है, ताकि यात्रियों को आख़िरी वक़्त पर परेशानी न हो।

    टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड कुछ वाहनों की एंट्री पर भी पाबंदियाँ रहेंगी, जिनमें तय छूटें लागू होंगी।

    पूर्वी दिल्ली पर असर क्यों ज़्यादा

    आनंद विहार ISBT और UP बॉर्डर से रोज़ाना बड़ी संख्या में बसें आती-जाती हैं। आनंद विहार अक्सर दिल्ली के सबसे प्रदूषित मॉनिटरिंग स्टेशनों में गिना जाता है। ऐसे में बॉर्डर पर जाँच से शाहदरा, विवेक विहार, आनंद विहार और ग़ाज़ीपुर की ओर ट्रैफ़िक धीमा हो सकता है। गाँव या दूसरे शहर जाने वाले यात्रियों को समय लेकर निकलना चाहिए।

    23 अक्टूबर की सुबह निजी मॉनिटर AQI.in के मुताबिक दिल्ली का AQI 337 के आसपास था। आधिकारिक आँकड़ों के लिए CPCB का दैनिक बुलेटिन (शाम 4 बजे) और SAMEER ऐप देखें।

    आम लोगों के लिए क्या करें

    यात्रा करने वाले

    • प्राइवेट बस का टिकट लेने से पहले ऑपरेटर से पूछें कि बस EV, CNG या BS-VI है या नहीं।
    • बॉर्डर पर उतारे जाने की स्थिति के लिए मेट्रो या लोकल कनेक्टिविटी का विकल्प पहले से तय रखें।

    वाहन मालिक

    • अपनी गाड़ी का PUC सर्टिफ़िकेट वैध रखें; GRAP के दौरान जाँच बढ़ जाती है।
    • बेवजह इंजन चालू न रखें, ख़ासकर रेड लाइट पर।

    हर नागरिक

    • कूड़ा जलाने, खुले में निर्माण की धूल या धुआँ छोड़ते वाहन की शिकायत Green Delhi ऐप या MCD 311 ऐप पर करें।
    • सुबह-शाम की सैर और बाहर व्यायाम कम करें; बुज़ुर्ग, बच्चे और साँस के मरीज़ ख़ास ध्यान रखें।

    दिल्ली की और ख़बरें दिल्ली सेक्शन में पढ़ें। वोटर लिस्ट से जुड़ी ज़रूरी जानकारी: 25 अक्टूबर को हर बूथ पर स्पेशल कैंप।

    दिल्ली में GRAP-1 कब लागू हुआ?

    CAQM ने 21 अक्टूबर 2026 को GRAP का पहला चरण लागू किया, जब दिल्ली का AQI 245 (ख़राब) दर्ज हुआ।

    कौन सी अंतरराज्यीय बसें दिल्ली में आ सकती हैं?

    रिपोर्ट्स के मुताबिक केवल EV, CNG और BS-VI डीज़ल बसों को अनुमति है; बाकी को बॉर्डर पर रोका जाएगा।

    प्रदूषण की शिकायत कहाँ करें?

    Green Delhi ऐप या MCD 311 ऐप पर फ़ोटो के साथ शिकायत दर्ज की जा सकती है।

    ताज़ा अपडेट: बारिश के बाद दिल्ली का AQI 167, पूर्वी दिल्ली के स्टेशनों का हाल

    स्रोत

  • दिल्ली SIR: 25 अक्टूबर को हर पोलिंग बूथ पर स्पेशल कैंप, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की आख़िरी तारीख़ 30 अक्टूबर

    दिल्ली SIR: 25 अक्टूबर को हर पोलिंग बूथ पर स्पेशल कैंप, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की आख़िरी तारीख़ 30 अक्टूबर

    कहाँ: दिल्ली के सभी पोलिंग स्टेशन
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को स्पेशल कैंप; दावे-आपत्ति की आख़िरी तारीख़ 30 अक्टूबर 2026
    क्या हुआ: SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए BLO हर बूथ पर मौजूद रहेंगे
    आपके लिए क्या मतलब: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो अब सिर्फ़ एक हफ़्ते का समय बचा है
    क्या करें: नाम चेक करें, ज़रूरत हो तो Form-6/7/8 भरें; मदद के लिए 1950 हेल्पलाइन

    दिल्ली में चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अगर आपका या परिवार के किसी सदस्य का नाम ड्राफ्ट सूची से ग़ायब है, तो इस रविवार यानी 25 अक्टूबर को आपके नज़दीकी पोलिंग बूथ पर लगने वाला स्पेशल कैंप सबसे आसान मौक़ा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) दिल्ली के दफ़्तर ने बताया है कि इस दिन सभी पोलिंग स्टेशन लोकेशनों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मदद के लिए मौजूद रहेंगे।

    30 अक्टूबर के बाद क्या होगा

    दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त से 30 अक्टूबर 2026 तक है। इसके बाद इन आवेदनों का निपटारा होगा और रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित होनी है। यानी नाम जुड़वाने का सामान्य रास्ता अगले शुक्रवार को बंद हो जाएगा।

    अब तक कितने आवेदन आए

    CEO दिल्ली के 17 अक्टूबर के प्रेस नोट के मुताबिक दावे-आपत्ति की अवधि शुरू होने के बाद 2,32,514 Form-6 मिले थे, जबकि ड्राफ्ट सूची से पहले 2,12,400 Form-6 आए थे। द हिंदू की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 4,59,796 Form-6 में से 1,07,451 का निपटारा हो चुका है, यानी क़रीब 23 फ़ीसदी। प्रेस नोट यह भी बताता है कि “नो-मैपिंग” या आँकड़ों में गड़बड़ी वाले लगभग 33 लाख मामलों में से क़रीब 26 लाख सुलझाए जा चुके हैं।

    दिल्ली में इस काम में 13 ज़िला निर्वाचन अधिकारी, 70 ERO, 902 AERO और 14,947 BLO लगे हैं।

    कौन सा फ़ॉर्म किसके लिए

    • Form-6: नया वोटर या जिसका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है। घोषणा पत्र और सहायक दस्तावेज़ साथ लगाने होंगे।
    • Form-7: किसी नाम को जोड़ने पर आपत्ति या सूची से नाम हटाने के लिए।
    • Form-8: पता बदलने, नाम-उम्र जैसी ग़लती सुधारने, नया EPIC कार्ड या दिव्यांग (PwD) चिह्नित कराने के लिए।

    ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों विकल्प

    फ़ॉर्म ऑनलाइन voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप से भरे जा सकते हैं। ऑफ़लाइन फ़ॉर्म ERO, AERO, BLO या पोलिंग स्टेशन पर जमा होंगे। किसी शिकायत या मदद के लिए 1950 हेल्पलाइन पर कॉल करें या ज़िला निर्वाचन अधिकारी/ERO दफ़्तर की हेल्प डेस्क पर जाएँ।

    कैंप में जाने से पहले यह तैयारी कर लें

    • पहले ऑनलाइन ड्राफ्ट सूची में नाम और बूथ नंबर चेक करें।
    • उम्र और पते के प्रमाण की कॉपी तथा पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो साथ रखें।
    • पुरानी (SIR से पहले की) सूची में नाम था तो उसका EPIC नंबर या पुरानी पर्ची साथ ले जाएँ।
    • जमा करने के बाद रसीद या रेफ़रेंस नंबर ज़रूर लें।

    CEO दिल्ली ने साफ़ किया है कि ERO/AERO किसी व्यक्ति को सुनवाई का उचित मौक़ा दिए बिना ड्राफ्ट सूची से नाम नहीं हटाएँगे।

    सुंदर नगरी, नंद नगरी, सीलमपुर और शाहदरा समेत पूर्वी दिल्ली की ख़बरों के लिए पूर्वी दिल्ली सेक्शन और राजधानी की बाकी ख़बरों के लिए दिल्ली सेक्शन देखें।

    दिल्ली SIR में नाम जुड़वाने की आख़िरी तारीख़ क्या है?

    दावे और आपत्तियाँ 30 अक्टूबर 2026 तक दर्ज की जा सकती हैं।

    25 अक्टूबर को स्पेशल कैंप कहाँ लगेगा?

    CEO दिल्ली के मुताबिक रविवार 25 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की सभी पोलिंग स्टेशन लोकेशनों पर कैंप लगेगा, जहाँ BLO मदद करेंगे।

    वोटर लिस्ट से जुड़ी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?

    1950 हेल्पलाइन पर कॉल करें या ज़िला निर्वाचन अधिकारी/ERO दफ़्तर की हेल्प डेस्क पर जाएँ।

    स्रोत

  • वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी: दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को निकाला, बच्चा घायल

    वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी: दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को निकाला, बच्चा घायल

    कहाँ: फोटो चौक, वेलकम इलाका (उत्तर-पूर्वी दिल्ली)
    कब: 22-23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात
    क्या हुआ: एक इमारत की बालकनी अचानक टूटकर गिर गई; दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को बाहर निकाला, एक बच्चा घायल हुआ
    आपके लिए क्या मतलब: घनी आबादी वाली पुरानी इमारतों में रहने वालों को बालकनी, छज्जे और सीढ़ियों की हालत पर नज़र रखनी होगी
    क्या करें: ख़तरनाक इमारत की शिकायत MCD 311 ऐप पर करें; हादसे की स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गुरुवार देर रात भरभरा कर गिर गई। हादसे के बाद आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुँची। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।

    दमकल ने सीढ़ी लगाकर दो लोगों को निकाला

    फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक बालकनी गिरने के बाद इमारत में फँसे दो लोगों को दमकल की सीढ़ी के ज़रिये सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस हादसे में एक बच्चे को चोट आई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को ख़ाली करा लिया गया। बालकनी गिरने की वजह क्या थी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    समाचार एजेंसी ANI ने मौके के वीडियो साझा किए, जिनमें सड़क पर मलबा बिखरा दिख रहा है:

    https://x.com/ANI/status/2113362174873887008

    वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद जैसे इलाकों के लिए यह चेतावनी क्यों

    वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद, शाहदरा और आसपास की कॉलोनियों में बड़ी संख्या में इमारतें दशकों पुरानी हैं। कई घरों में समय के साथ ऊपर मंज़िलें जोड़ी गईं, जबकि नीचे का ढाँचा वही रहा। संकरी गलियों में बालकनी और छज्जे अक्सर सड़क की ओर निकले होते हैं, इसलिए उनके गिरने से राहगीरों और दुकानदारों को भी ख़तरा रहता है। ऐसे इलाकों में दमकल की गाड़ियों का अंदर तक पहुँचना भी मुश्किल होता है।

    इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें

    • बालकनी या छज्जे के नीचे लंबी दरारें, प्लास्टर का बार-बार झड़ना
    • छत या बीम से जंग लगी सरिया दिखना
    • दीवारों में लगातार सीलन और पानी का रिसाव
    • बालकनी का हल्का सा झुकाव या उस पर चलने पर कंपन महसूस होना
    • बालकनी पर भारी पानी की टंकी, गमले या कबाड़ का बोझ

    ख़तरा दिखे तो क्या करें

    1. शिकायत दर्ज करें: दिल्ली नगर निगम (MCD) के 311 ऐप पर इमारत से जुड़ी शिकायत फोटो के साथ दर्ज की जा सकती है। शिकायत नंबर संभाल कर रखें।

    2. बोझ हटाएँ: कमज़ोर बालकनी पर बैठना, सामान रखना या भीड़ जुटाना तुरंत बंद करें।

    3. इंजीनियर से जाँच: मकान मालिक किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जाँच करवाकर मरम्मत कराएँ। किरायेदार यह बात लिखित में मकान मालिक को बताएँ।

    4. आपात स्थिति में: इमारत गिरने या किसी के फँसने पर 112 पर कॉल करें; दमकल के लिए 101 डायल करें। मलबे में ख़ुद घुसने की बजाय बचाव दल का इंतज़ार करें और रास्ता ख़ाली रखें।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की और ख़बरों के लिए हमारा पूर्वी दिल्ली सेक्शन देखें। आज दिल्ली में हवा की हालत पर भी पढ़ें: GRAP-1 लागू, बॉर्डर पर बसों की जाँच सख़्त।

    वेलकम इलाके में बालकनी कब गिरी?

    22 और 23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गिरी।

    क्या हादसे में कोई घायल हुआ?

    फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक एक बच्चा घायल हुआ जिसे अस्पताल ले जाया गया; किसी की मौत नहीं हुई। दो लोगों को सीढ़ी से निकाला गया।

    दिल्ली में ख़तरनाक इमारत की शिकायत कहाँ करें?

    MCD के 311 ऐप पर फोटो के साथ शिकायत दर्ज करें। आपात स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें।

    यह भी पढ़ें: हर्ष विहार में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, दो की मौत

    स्रोत