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  • मानसरोवर पार्क में 44 लाख की लूट: ‘डेविल’ समेत सभी 6 आरोपी गिरफ्तार, सुल्तानपुर से 26 लाख रुपये बरामद

    मानसरोवर पार्क में 44 लाख की लूट: ‘डेविल’ समेत सभी 6 आरोपी गिरफ्तार, सुल्तानपुर से 26 लाख रुपये बरामद

    क्या हुआ: शाहदरा ज़िले के मानसरोवर पार्क इलाके में दिनदहाड़े पिस्तौल दिखाकर हुई 44 लाख रुपये की लूट के सभी छह आरोपी गिरफ्तार; कुल 26,41,500 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद
    कब: लूट 27 अगस्त 2026 को हुई थी; पुलिस ने 27 अक्टूबर को पूरे केस का खुलासा किया
    कहां: मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र, शाहदरा (पूर्वी दिल्ली); बरामदगी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से
    आपके लिए मतलब: बड़ी रकम लेकर निकलने वाले कारोबारियों के लिए यह केस बताता है कि नकदी ले जाने के समय की जानकारी अंदर से ही लीक हुई थी
    क्या करें: मोटी नकदी लेकर अकेले न निकलें, समय और रास्ता बदलते रहें, जहां हो सके बैंक ट्रांसफर करें और कुछ संदिग्ध लगे तो तुरंत 112 पर कॉल करें

    शाहदरा में दो महीने पहले हुई 44 लाख रुपये की सनसनीखेज़ लूट की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ ‘डेविल’ समेत सभी छह आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। लूटी गई रकम में से 26 लाख रुपये से ज़्यादा वापस मिल गए हैं, जिनमें से बड़ा हिस्सा मुख्य आरोपी की बहन के पास से निकला।

    27 अगस्त को क्या हुआ था

    शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक वारदात 27 अगस्त को मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में हुई थी। बदमाशों ने पिस्तौल तानकर शिकायतकर्ता से 44 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया था और फरार हो गए थे। दिनदहाड़े हुई इस लूट से इलाके के कारोबारियों में डर का माहौल बन गया था।

    ‘डेविल’ की निशानदेही पर झाड़ियों से मिली पिस्तौल

    पुलिस ने बताया कि सत्यम को उत्तर प्रदेश से दिल्ली लाया गया और 16 अक्टूबर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। अदालत की इजाज़त से उससे चार दिन हिरासत में पूछताछ हुई। उसी की निशानदेही पर 18 अक्टूबर को सुल्तानपुर ज़िले में झाड़ियों से पिस्तौल और मैगज़ीन बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक भागते वक्त उसने हथियार वहीं फेंक दिया था। सत्यम अब न्यायिक हिरासत में है।

    किस आरोपी की क्या भूमिका

    पुलिस ने बाकी पांच आरोपियों के नाम प्रांजल तिवारी, सरब तिवारी उर्फ प्रफुल्ल, अमरीश तिवारी उर्फ चंचल, गौरव तिवारी और रामजीत बताए हैं। पुलिस का दावा है कि:

    • प्रांजल ने बाकी आरोपियों को बताया कि नकदी कब ले जाई जाएगी।
    • सरब लूट करने वालों और मुख्य आरोपी के बीच तालमेल बिठा रहा था।
    • अमरीश वारदात के वक्त सत्यम के साथ मौजूद था।
    • गौरव ने आरोपियों के ठहरने का इंतज़ाम किया।
    • रामजीत ने भागने के लिए गाड़ी दी और गिरफ्तारी से बचने में मदद की।

    बहन के पास से मिले 22.51 लाख

    डीसीपी मीणा ने बताया कि शुरुआती कार्रवाई में 3.90 लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल कार और तीन मोबाइल फोन ज़ब्त किए गए थे। बाद में सुल्तानपुर में एक और छापे में मुख्य आरोपी की 19 साल की बहन के पास से 22.51 लाख रुपये नकद मिले। उसे लूट की रकम छिपाने में मदद के आरोप में केस में नामजद किया गया है। इस तरह अब तक कुल 26,41,500 रुपये बरामद हुए हैं। यानी करीब 17.6 लाख रुपये अभी बरामद होने बाकी हैं।

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपियों पर उत्तर प्रदेश में मारपीट, धमकी और धोखाधड़ी जैसे मामले पहले से दर्ज हैं। ये सभी आरोप पुलिस के हैं और अदालत में साबित होने बाकी हैं।

    शाहदरा, विवेक विहार और मानसरोवर पार्क जैसे इलाकों में थोक कारोबार और नकद लेन-देन बहुत होता है। इस केस में टिप अंदर से मिलने की बात सामने आने के बाद व्यापारियों को अपने कर्मचारियों और नकदी ले जाने के तरीके पर दोबारा सोचने की ज़रूरत है।

    शाहदरा की 44 लाख की लूट कब और कहां हुई थी?

    27 अगस्त 2026 को मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में, पिस्तौल दिखाकर बैग छीना गया था।

    कितने आरोपी पकड़े गए और कितनी रकम मिली?

    सभी छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और कुल 26,41,500 रुपये नकद बरामद हुए हैं।

    मुख्य आरोपी कौन है?

    पुलिस के मुताबिक सत्यम विश्वकर्मा उर्फ ‘डेविल’, जो अब न्यायिक हिरासत में है।

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  • शाहदरा थाने के विवाद पर दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों में वकीलों की हड़ताल, कड़कड़डूमा में भी आज सुनवाई ठप

    शाहदरा थाने के विवाद पर दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों में वकीलों की हड़ताल, कड़कड़डूमा में भी आज सुनवाई ठप

    क्या हुआ: शाहदरा थाने में हुए विवाद के विरोध में दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों के वकीलों ने एक दिन के लिए न्यायिक काम का बहिष्कार किया; पुलिस ने भी 15-20 वकीलों पर केस दर्ज किया है
    कब: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 (विवाद 23-24 अक्टूबर से)
    कहां: कड़कड़डूमा समेत दिल्ली की सभी ज़िला अदालतें; विवाद शाहदरा थाने का
    आपके लिए मतलब: आज ज़्यादातर मामलों में वकील पेश नहीं होंगे, इसलिए सुनवाई टल सकती है और अगली तारीख मिल सकती है
    क्या करें: अगर आज आपकी तारीख थी तो अपने वकील से अगली तारीख पूछें या ज़िला अदालत की वेबसाइट/eCourts ऐप पर केस स्टेटस देखें

    कड़कड़डूमा कोर्ट में आज तारीख पर पहुंचे कई लोगों को बिना सुनवाई लौटना पड़ सकता है। दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों के वकील मंगलवार को एक दिन की हड़ताल पर हैं। यह फैसला ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स बार एसोसिएशंस की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस पर हुई आपात बैठक में लिया।

    विवाद की शुरुआत कहां से हुई

    कमेटी के सर्कुलर के मुताबिक मामला शाहदरा थाने में दर्ज FIR नंबर 0248/2026 से जुड़ा है। इसमें वकील ललित बंसल के साथ मारपीट का आरोप है, जिसमें उन्हें सिर में गंभीर चोट आई। शिकायतकर्ता वकील अमूल्य रतन हैं।

    सर्कुलर में कहा गया है कि 23 अक्टूबर की शाम कई वकील थाने पहुंचे थे और उन्हें आश्वासन मिला था कि नामजद लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। 24 अक्टूबर को वकीलों को पता चला कि आरोपियों को कथित तौर पर छोड़ दिया गया है। जब वे दोबारा थाने गए, तो वहां मौजूद एक ACP पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप बार कमेटी के सर्कुलर का हिस्सा है; पुलिस की ओर से इस पर अब तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

    पुलिस ने भी दर्ज किया केस

    दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने शाहदरा थाने में 15 से 20 वकीलों के खिलाफ केस दर्ज किया है। PTI के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज की और सरकारी काम में बाधा डाली। अधिकारियों के मुताबिक एक वकील ने SHO का हाथ पकड़कर खींचने की भी कोशिश की। बार कमेटी ने सर्कुलर में इस FIR (नंबर 0252/2026) पर गहरी चिंता जताई है।

    वकीलों की मांग

    • संबंधित ACP और SHO को निष्पक्ष जांच पूरी होने तक तुरंत निलंबित किया जाए।
    • वकील ललित बंसल पर हमले के मामले में प्रभावी कार्रवाई हो।

    सर्कुलर की कॉपी दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और ज़िलों के प्रधान ज़िला एवं सत्र न्यायाधीशों को भेजी गई है।

    आपकी तारीख का क्या होगा

    हड़ताल के दिन आम तौर पर जज बैठते हैं, लेकिन वकीलों के न आने से ज़्यादातर मामलों में सिर्फ अगली तारीख दी जाती है। कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में शाहदरा, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी ज़िलों के मामले चलते हैं, इसलिए सुंदर नगरी, नंद नगरी, सीलमपुर और यमुना विहार जैसे इलाकों के लोगों पर इसका सीधा असर है। जमानत या रिमांड जैसे ज़रूरी मामलों के लिए अदालतें अलग व्यवस्था करती रही हैं, इसलिए ऐसे मामले में अपने वकील से तुरंत बात करें।

    27 अक्टूबर को दिल्ली की अदालतों में काम क्यों नहीं हो रहा?

    शाहदरा थाने के विवाद के विरोध में ज़िला अदालतों के वकीलों ने एक दिन का न्यायिक कार्य बहिष्कार किया है।

    क्या कड़कड़डूमा कोर्ट भी प्रभावित है?

    हां, कोऑर्डिनेशन कमेटी का आह्वान दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों के लिए है।

    मेरी आज की तारीख का पता कैसे करूं?

    eCourts सर्विसेज़ ऐप या ज़िला अदालत की वेबसाइट पर केस नंबर डालकर अगली तारीख देखें, या अपने वकील से पूछें।

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  • शाहदरा के CBD ग्राउंड पर LPG डिस्ट्रीब्यूटरों का धरना, हड़ताल की चेतावनी; क्या रुकेगी आपके गैस सिलेंडर की डिलीवरी?

    शाहदरा के CBD ग्राउंड पर LPG डिस्ट्रीब्यूटरों का धरना, हड़ताल की चेतावनी; क्या रुकेगी आपके गैस सिलेंडर की डिलीवरी?

    क्या हुआ: LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) से जुड़े गैस एजेंसी संचालकों ने कमीशन बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर शाहदरा के CBD ग्राउंड पर धरना दिया; अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी
    कब: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, दोपहर 12 बजे से
    कहां: CBD ग्राउंड, शाहदरा (पूर्वी दिल्ली)
    आपके लिए मतलब: फिलहाल सिलेंडर सप्लाई रोकने का कोई ऐलान नहीं है। दो बड़ी फेडरेशन FLDI और AILDF इस धरने में शामिल नहीं हैं और उन्होंने डिलीवरी जारी रखने को कहा है
    क्या करें: घबराकर एक साथ कई बुकिंग न करें। सामान्य तरीके से बुकिंग करें और डिलीवरी में देरी हो तो अपनी एजेंसी या कंपनी की हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड सोमवार को अपने पहले बड़े धरने का गवाह बना। रसोई गैस की एजेंसियां चलाने वाले डिस्ट्रीब्यूटर दोपहर से यहां जुटने लगे। उनकी नाराज़गी तेल कंपनियों और केंद्र की उन नीतियों से है, जिनकी वजह से उनका कहना है कि उनका कारोबार घाटे में जा रहा है।

    पुलिस ने नहीं दी थी इजाज़त

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इस धरने की अनुमति नहीं दी थी। शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने इसकी पुष्टि की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अखबार से कहा कि त्योहारों का मौसम है, दूसरे कार्यक्रम भी हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, क्योंकि 2,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान था।

    LDAI के अध्यक्ष बी.एस. शर्मा का कहना है कि पहले धरना जंतर-मंतर पर होना था। 11 अक्टूबर को जंतर-मंतर डी-नोटिफाई होने के बाद 17 अक्टूबर को उन्होंने DDA से CBD ग्राउंड बुक किया। शर्मा ने कहा कि ग्राउंड का पैसा DDA को दिया जा चुका है, इसलिए वे धरना करेंगे।

    डिस्ट्रीब्यूटर क्या मांग रहे हैं

    एसोसिएशन का कहना है कि घरेलू सिलेंडर पर मिलने वाला कमीशन लंबे समय से नहीं बदला गया, जबकि स्टाफ, किराया और गाड़ियों का खर्च लगातार बढ़ा है। उनकी प्रमुख मांगें ये हैं:

    • कमीशन, प्रशासनिक शुल्क और होम डिलीवरी चार्ज में पूरा संशोधन
    • हर e-KYC के काम का अलग भुगतान
    • PNG वाले इलाकों में घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर कराने के नियम में राहत

    मार्च 2026 में पेट्रोलियम मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट से सप्लाई पर असर का हवाला देकर PNG कनेक्शन वाले घरों के घरेलू LPG कनेक्शन रखने पर रोक लगाई थी। डिस्ट्रीब्यूटरों का कहना है कि इससे उनके ग्राहक तेज़ी से घटे हैं।

    बड़ी फेडरेशन धरने से दूर

    फेडरेशन ऑफ LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) और ऑल इंडिया LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AILDF), जो देश के ज़्यादातर डिस्ट्रीब्यूटरों के प्रतिनिधित्व का दावा करती हैं, इस धरने में शामिल नहीं हुईं। FLDI ने बयान जारी कर कहा कि तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय से बातचीत चल रही है और जल्द समाधान का भरोसा मिला है। फेडरेशन ने सभी डिस्ट्रीब्यूटरों से डिलीवरी जारी रखने की अपील की, ताकि किसी परिवार को परेशानी न हो। AILDF ने भी घरेलू डिलीवरी बिना रुकावट जारी रखने का भरोसा दिया है।

    शाहदरा और आसपास के लोगों के लिए

    धरने और पुलिस इंतज़ाम की वजह से आसपास की सड़कों पर दोपहर बाद भीड़ और धीमा ट्रैफिक दिख सकता है। जहां तक सिलेंडर की बात है, अभी किसी भी कंपनी ने सप्लाई रुकने की सूचना नहीं दी है। अगर LDAI ने आगे हड़ताल की तो उससे जुड़ी कुछ एजेंसियों में बुकिंग या डिलीवरी में देरी हो सकती है, लेकिन कितनी एजेंसियां इसमें शामिल होंगी, यह अभी साफ नहीं है।

    क्या दिल्ली में LPG सिलेंडर की डिलीवरी बंद हो गई है?

    नहीं। अभी सप्लाई रोकने का कोई ऐलान नहीं हुआ है। FLDI और AILDF ने अपने सदस्यों से डिलीवरी जारी रखने को कहा है।

    CBD ग्राउंड पर धरना किसने दिया?

    LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) ने, जिसके अध्यक्ष बी.एस. शर्मा हैं।

    डिस्ट्रीब्यूटरों की मुख्य मांग क्या है?

    कमीशन, प्रशासनिक और होम डिलीवरी शुल्क में बढ़ोतरी, e-KYC का भुगतान और PNG इलाकों में LPG कनेक्शन सरेंडर नियम में राहत।

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  • गीता कॉलोनी के रानी गार्डन में रात 3 बजे झुग्गियों में आग: 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, कोई घायल नहीं, परिवारों का सामान खाक

    गीता कॉलोनी के रानी गार्डन में रात 3 बजे झुग्गियों में आग: 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, कोई घायल नहीं, परिवारों का सामान खाक

    क्या हुआ: शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में रानी गार्डन इलाके की झुग्गियों में भीषण आग लगी
    कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06 बजे दमकल को कॉल मिली
    कहां: रानी गार्डन, एसडीएम कोर्ट के पास, गीता कॉलोनी (शाहदरा)
    आपके लिए मतलब: किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई परिवारों का राशन, कपड़े और जमा-पूंजी जल गई; त्योहारों से पहले घनी बस्तियों में आग का खतरा बढ़ा है
    क्या करें: आग दिखे तो तुरंत 101 या 112 पर कॉल करें, गैस सिलेंडर और ढीले बिजली के तार पर नज़र रखें

    शनिवार-रविवार की दरमियानी रात जब रानी गार्डन की झुग्गियों में लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक शोर मचा कि आग लग गई है। कुछ ही मिनटों में लपटें एक झुग्गी से दूसरी तक फैल गईं। लोग जो हाथ लगा, वह लेकर बाहर भागे। यह बस्ती शाहदरा ज़िले के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र में एसडीएम कोर्ट के पास है।

    राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन जिन परिवारों की झुग्गियां जलीं, उनके पास अब सिर छुपाने की जगह भी नहीं बची है।

    दमकल विभाग ने क्या बताया

    दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी दीपक हुड्डा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि झुग्गियों में आग की कॉल रात करीब 3:06 या 3:07 बजे मिली। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और करीब छह दमकल गाड़ियां लगाकर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। उनके मुताबिक इस घटना में लगभग 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं और किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।

    वहीं ईटीवी भारत की रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से करीब 15 झुग्गियां पूरी तरह जलने की बात कही गई है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा प्रशासन के आकलन के बाद ही साफ होगा। आग किस वजह से लगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    https://x.com/ians_india/status/2114138983261478998

    “चीख सुनी तो बस जान बचाकर भागे”

    आईएएनएस से बात करते हुए एक पीड़ित ने बताया कि वे यहां झुग्गी में रहते थे और पास में एक हैंडपंप भी था। सब सो रहे थे, तभी पीछे रहने वाले भरत नाम के व्यक्ति ने चिल्लाकर बताया कि बहुत बड़ी आग लगी है। आग इतनी तेज़ थी कि वे मुश्किल से बाहर निकल पाए। एक दूसरे पीड़ित ने बताया कि वे उस वक्त काम पर थे और घर से फोन आने पर भागकर लौटे।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बस्ती में पहले भी आग की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रभावित परिवार अब प्रशासन से खाने, कपड़े और रहने की तुरंत व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

    त्योहारों से पहले बढ़ता खतरा

    धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। इन दिनों घनी बस्तियों में दीये, मोमबत्ती, अवैध पटाखे और ओवरलोड बिजली कनेक्शन आग का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। झुग्गियों में प्लास्टिक, लकड़ी और कपड़ा ज़्यादा होता है, इसलिए छोटी चिंगारी भी मिनटों में पूरी कतार जला देती है। पिछले हफ्ते त्रिलोकपुरी में अवैध पटाखे पकड़े गए थे, जो दिखाता है कि पूर्वी दिल्ली में यह खतरा कितना करीब है।

    फायर विभाग की आम सलाह है कि रात में सोने से पहले गैस का रेगुलेटर बंद करें, एक ही सॉकेट पर कई उपकरण न चलाएं, और बस्ती में आने-जाने का रास्ता खाली रखें ताकि दमकल गाड़ी अंदर तक पहुंच सके। पूर्वी दिल्ली की दूसरी अहम खबर: गंगनहर बंद होने से 8 नवंबर तक पानी की किल्लत।

    गीता कॉलोनी में आग कब लगी?

    दमकल विभाग के मुताबिक कॉल रविवार, 25 अक्टूबर 2026 तड़के करीब 3:06-3:07 बजे मिली।

    क्या इस आग में कोई घायल हुआ?

    दमकल अधिकारी दीपक हुड्डा के मुताबिक किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।

    कितनी झुग्गियां जलीं?

    दमकल के अनुसार करीब 8 से 10 झुग्गियां प्रभावित हुईं; स्थानीय रिपोर्टों में लगभग 15 झुग्गियां जलने की बात कही गई है।

    आग लगने पर किस नंबर पर कॉल करें?

    दिल्ली फायर सर्विस के लिए 101 और आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।

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  • कृष्णा नगर के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा की मौत: पुलिस जांच में जुटी, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    कृष्णा नगर के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा की मौत: पुलिस जांच में जुटी, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    क्या हुआ: पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में एक सरकारी स्कूल परिसर में 12वीं कक्षा की 18 वर्षीय छात्रा मृत मिली; पुलिस आत्महत्या की आशंका से जांच कर रही है
    कब: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
    कहाँ: कृष्णा नगर, शाहदरा ज़िला, पूर्वी दिल्ली
    आपके लिए क्या मतलब: स्कूल परिसर की सुरक्षा और बच्चों के मानसिक तनाव पर ध्यान देने की ज़रूरत फिर सामने आई
    क्या करें: अगर आप या आपका कोई अपना तनाव में है तो सरकारी हेल्पलाइन Tele-MANAS 14416 या 1-800-891-4416 पर मुफ्त बात करें

    पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में शनिवार को एक सरकारी स्कूल से दुखद खबर आई। स्कूल परिसर में गार्ड रूम के पीछे 12वीं कक्षा की एक 18 वर्षीय छात्रा गंभीर रूप से झुलसी हालत में मिली और उसकी मौत हो गई। पुलिस इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला मानकर जांच कर रही है।

    पुलिस ने क्या बताया

    शाहदरा ज़िले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम को स्कूल में आग लगने की कॉल मिली थी। कृष्णा नगर थाने की टीम मौके पर पहुंची तो छात्रा गार्ड रूम के पीछे मिली। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में डीसीपी ने कहा, “शुरुआती कार्रवाई में मौके से और छात्रा के स्कूल बैग से कुछ सामग्री बरामद हुई है। क्राइम सीन टीम को बुलाकर सबूत जुटाए गए हैं। घटना की परिस्थितियों की जांच हो रही है।”

    रिपोर्टों के मुताबिक छात्रा के बैग से तीन पन्नों का एक नोट मिला है। क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें भी स्कूल पहुंचीं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस शिक्षकों, स्टाफ और सहपाठियों के बयान दर्ज कर रही है। नोट में क्या लिखा है, इसकी जानकारी पुलिस ने साझा नहीं की है और जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।

    परिवार और स्थानीय लोगों के सवाल

    इंडिया टुडे और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार परिजनों का कहना है कि स्कूल की ओर से उन्हें तुरंत सूचना नहीं दी गई और वे खुद ढूंढते हुए स्कूल पहुंचे तब घटना का पता चला। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि स्कूल के भीतर गार्ड रूम के पास यह सब कैसे हुआ और किसी को समय रहते पता क्यों नहीं चला। पुलिस इन पहलुओं को भी जांच में देख रही है। खबर लिखे जाने तक शिक्षा निदेशालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

    बच्चों के तनाव को नज़रअंदाज़ न करें

    बोर्ड परीक्षा का साल, पढ़ाई का दबाव या निजी परेशानियां, किशोर अक्सर अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते। मनोचिकित्सक सलाह देते हैं कि बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव, चुप रहना, नींद या खाने में बदलाव और दोस्तों से कटना जैसे संकेत दिखें तो उससे बिना डांटे बात करें और ज़रूरत हो तो विशेषज्ञ से मिलें। केंद्र सरकार की Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 चौबीसों घंटे मुफ्त है और हिंदी में भी बात होती है।

    पूर्वी दिल्ली की दूसरी खबरें: वेलकम में बालकनी गिरने का हादसा और शाहदरा समेत 48 गांवों को शहरी दर्जा।

    अगर आपके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं तो कृपया अकेले न रहें। Tele-MANAS: 14416 / 1-800-891-4416 पर बात करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं।

    कृष्णा नगर स्कूल की घटना कब हुई?

    शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को; पुलिस को स्कूल में आग की सूचना वाली कॉल मिली थी।

    पुलिस क्या कह रही है?

    शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक आत्महत्या की आशंका है; मौके और बैग से सामग्री मिली है और जांच जारी है।

    तनाव में मदद के लिए कहां फोन करें?

    सरकारी Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 या 1-800-891-4416 पर, 24 घंटे मुफ्त।

    स्रोत

  • दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को ग्रामीण से शहरी (urbanised) दर्जा देने का फैसला किया
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी
    कहाँ: पूरी दिल्ली के 48 गांव; पूर्वी हिस्से से सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा), पुर शाहदरा, सबापुर और जाफराबाद शामिल
    आपके लिए क्या मतलब: सड़क, सीवर, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट की योजना शहरी ढांचे के हिसाब से बन सकेगी
    क्या करें: अधिसूचना जारी होने तक इंतज़ार करें; निर्माण या ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव से पहले नियम और मंज़ूरी ज़रूर देखें

    दिल्ली के जिन गांवों में आज भी गलियों में सीवर लाइन और पक्की नाली का इंतज़ार है, उनके लिए शुक्रवार को एक अहम फैसला आया। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 48 गांवों को शहरी दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह कदम दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत उठाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से इन गांवों में ज़मीन के इस्तेमाल, सड़क संपर्क, सीवर, जलापूर्ति और साफ-सफाई जैसी ज़रूरतों पर ज़्यादा व्यवस्थित ढंग से काम हो सकेगा। उनके शब्दों में, गांव दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं और लक्ष्य उनकी पहचान का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से गांव

    सूची में शाहदरा इलाके के सुंगरपुर और जगतपुर, पुर शाहदरा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सबापुर और सीलमपुर से सटा जाफराबाद शामिल हैं। यमुना किनारे के बदरपुर खादर का नाम भी सूची में है। इन इलाकों में बीते सालों में आबादी तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन कागज़ों में इनकी पहचान अब भी गांव की थी।

    पूरी सूची

    बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर (नई दिल्ली), सुंगरपुर (शाहदरा), ताजपुर कलां, टिहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रशीदपुर, चटेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर (उत्तरी दिल्ली), जगतपुर (शाहदरा), सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, सबापुर, बदरपुर खादर, बदरपुर माजरा बुराड़ी, बकियाबाद, खानपुर खानी, जाफराबाद, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, बदूसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटीकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेड़ी, बकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला।

    शहरी दर्जे से क्या बदलेगा

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक अधिसूचना जारी होते ही इन गांवों का दर्जा ग्रामीण से शहरी हो जाएगा। इससे यह साफ होगा कि यहां कौन से कानूनी और प्रशासनिक नियम लागू होंगे। सड़क, अंदरूनी संपर्क मार्ग, पानी, सीवर नेटवर्क, नाली, कचरा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं की ज़रूरत का आकलन संबंधित एजेंसियां कर सकेंगी। यह पूरी प्रक्रिया मास्टर प्लान-2041 के मसौदे से भी जोड़ी जाएगी।

    लेकिन यह मान लेना जल्दबाज़ी होगी कि कल से ही गलियों में काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने खुद कहा है कि एजेंसियां मौजूदा नीतियों, मंज़ूर योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से ही आगे बढ़ेंगी। निर्माण, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव या कोई भी विकास कार्य भवन उपनियमों और ज़रूरी अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा।

    गांव वालों के लिए सलाह

    • अधिसूचना की कॉपी अपने निगम पार्षद या SDM कार्यालय से लेकर रखें।
    • ज़मीन की खरीद-बिक्री से पहले किसी भरोसेमंद वकील से नए नियम समझ लें; “शहरी हो गया, अब सब जायज़” जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें।
    • गली में सीवर, पानी या नाली की कमी हो तो इसे लिखित शिकायत के रूप में MCD और दिल्ली जल बोर्ड तक पहुंचाएं, ताकि सर्वे में आपकी गली छूटे नहीं।

    पूर्वी दिल्ली में इन दिनों 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर भी है। वोटर लिस्ट से जुड़ा 25 अक्टूबर का विशेष कैंप और कोंडली STP समेत यमुना परियोजनाएं वाली खबर भी पढ़ें।

    दिल्ली के कितने गांवों को शहरी दर्जा मिलेगा?

    दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को शहरी घोषित करने का फैसला किया है।

    यह फैसला किस कानून के तहत लिया गया?

    दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत।

    शाहदरा के कौन से गांव सूची में हैं?

    सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा) और पुर शाहदरा; पास के जाफराबाद और सबापुर भी सूची में हैं।

    क्या शहरी दर्जे के बाद बिना मंज़ूरी निर्माण हो सकेगा?

    नहीं, सरकार के मुताबिक निर्माण और ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव के लिए नियम और अनुमति ज़रूरी रहेंगे।

    स्रोत