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चावड़ी बाजार इमारत हादसा: मौतें 7 हुईं, मकान मालिक गिरफ्तार; MCD बोली- नक्शा पास नहीं था

सुनोहब डेस्क

पुरानी दिल्ली की चावड़ी बाजार सड़क, प्रतीकात्मक (प्रतीकात्मक · Finck Roderick / Wikimedia Commons, CC BY 3.0)

क्या हुआ: चावड़ी बाजार/हौज काजी में गिरी निर्माणाधीन इमारत के मलबे से एक और शव मिला; मौतें 7, मकान मालिक और 3 ठेकेदार गिरफ्तार
कब: इमारत 5 नवंबर सुबह करीब 9:45 बजे गिरी; रविवार 8 नवंबर सुबह तक रेस्क्यू 70 घंटे पार
कहां: गली शीश महल, चावड़ी बाजार मेट्रो के पास, हौज काजी, पुरानी दिल्ली
आपके लिए मतलब: MCD के मुताबिक इमारत का कोई नक्शा पास नहीं था; अवैध निर्माण से आसपास रहने वालों की जान भी खतरे में
क्या करें: पड़ोस में बिना नक्शे के ऊंचा निर्माण दिखे तो MCD 311 ऐप/हेल्पलाइन पर शिकायत करें; दरार वाली इमारत से दूरी रखें

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार को गिरी तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत के हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। Indian Express के रविवार सुबह के लाइव अपडेट के मुताबिक मलबे से एक और शव निकाला गया, जिसकी पहचान बिहार के दरभंगा के 66 वर्षीय लुच्छुमन मुखिया के रूप में हुई। शव LNJP अस्पताल भेजा गया। The Hindu के अनुसार शनिवार तक मौतों का आंकड़ा छह था। रेस्क्यू 70 घंटे से ज्यादा समय से चल रहा है और टीमें अभी किसी और के फंसे होने की संभावना से इनकार नहीं कर रहीं।

मालिक भी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान अजमेरी गेट के पास गली शीश महल निवासी सैमुल्लाह उर्फ अयूब के रूप में हुई है। इससे एक दिन पहले तीन ठेकेदारों को हरियाणा के फरीदाबाद के सिरोही गांव से पकड़ा गया था। हौज काजी थाने में 5 नवंबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 290, 125(a) और 3(5) में FIR दर्ज है। सभी पर आरोप कथित हैं और जांच जारी है।

Indian Express के मुताबिक MCD ने कहा है कि इस ढांचे के लिए कोई बिल्डिंग प्लान मंजूर नहीं था। करीब 50 वर्ग मीटर के प्लॉट पर तीसरी मंजिल तक निर्माण हो चुका था और छत की ढलाई के दौरान इमारत गिरी। पुलिस ने जून में ही MCD को लिखकर बताया था कि यहां अवैध निर्माण हो रहा है। हादसे के बाद MCD ने एक असिस्टेंट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।

मृतकों में मंडावली का युवक भी

पुलिस के मुताबिक सात में से चार मृतक बिहार के रहने वाले थे, जबकि विपिन राम पूर्वी दिल्ली के मंडावली के रहने वाले थे। ज्यादातर लोग वहां मजदूरी कर रहे थे। यह हादसा फिर दिखाता है कि पुरानी दिल्ली और यमुनापार की तंग गलियों में बिना मंजूरी के ऊपर-ऊपर मंजिलें जोड़ना कितना जानलेवा हो सकता है।

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स्रोत

By SunoHub News

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