क्या हुआ: निर्माणाधीन मकान की नई मंजिल का स्लैब और नीचे की पुरानी छत ढह गई, मलबे में दबे दो लोगों की मौत हो गई
कब: रविवार, 25 अक्टूबर 2026, शाम करीब 6:40 बजे; शव सोमवार सुबह निकाले गए
कहां: मिलन गार्डन, हर्ष विहार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली (मंडोली के पास)
आपके लिए मतलब: पुराने मकानों पर बिना जांच नई मंजिल डालना जानलेवा हो सकता है; इस इलाके में एक महीने में यह दूसरा बड़ा हादसा है
क्या करें: पुरानी छत पर निर्माण से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जांच कराएं; खतरनाक इमारत दिखे तो MCD या पुलिस (112) को बताएं
हर्ष विहार की तंग गली में रविवार की शाम अचानक तेज़ धमाके जैसी आवाज़ आई और कुछ ही सेकंड में एक मकान का ऊपरी हिस्सा मलबे में बदल गया। मिलन गार्डन इलाके के इस मकान में ग्राउंड फ्लोर पहले से बना था और उसके ऊपर नई मंजिल का काम चल रहा था। मलबे के नीचे दो लोग दब गए। रातभर चले बचाव अभियान के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव निकाले गए।
शाम 6:40 बजे आई कॉल, रातभर चला ऑपरेशन
दिल्ली फायर सर्विस को हादसे की कॉल शाम करीब 6:40 बजे मिली। इसके बाद दमकल की गाड़ियां, दिल्ली पुलिस, NDRF, DDMA और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। गली संकरी होने की वजह से भारी मशीनें लाने में दिक्कत हुई, इसलिए काफी काम हाथ से मलबा हटाकर करना पड़ा। फ्लडलाइट लगाकर पूरी रात खुदाई चली।
पीटीआई के मुताबिक सोमवार सुबह दोनों लोगों के शव बाहर निकाले गए। मृतकों की उम्र 60 और 36 साल बताई गई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में इन्हें एक ही परिवार का बताया गया है, लेकिन पुलिस की ओर से नाम और रिश्ते की आधिकारिक जानकारी अभी जारी नहीं हुई है।
लिंटर डालते वक्त बैठ गई पुरानी छत
नवभारत की रिपोर्ट के अनुसार रविवार सुबह ही नई छत की ढलाई शुरू हुई थी और शाम पांच बजे तक पहला चरण पूरा हो गया था। इसके कुछ देर बाद नीचे की पुरानी छत का हिस्सा भार नहीं झेल सका और नया स्लैब उसके साथ नीचे आ गिरा।
मौके पर पहुंचे मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि शुरुआती तौर पर लग रहा है कि नया लिंटर डालते समय वह गिरा और उसके दबाव से नीचे का फ्लोर भी बैठ गया। मंत्री आशीष सूद भी घटनास्थल पर गए। एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे की असली वजह और निर्माण के नक्शे की मंजूरी थी या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ होगा।
मौके पर जमा परिजनों और पड़ोसियों ने बचाव कार्य धीमा होने की शिकायत भी की। उनका कहना था कि शुरुआती घंटों में मशीनें देर से पहुंचीं।
एक महीने में दूसरा बड़ा हादसा
उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली में यह पहला मामला नहीं है। 7 अक्टूबर को न्यू सीमापुरी में चार मंजिला इमारत गिरने से एक गर्भवती महिला और दो बच्चों की जान गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। सितंबर में सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से पांच लोगों की मौत हुई थी। मंडोली, हर्ष विहार, सुंदर नगरी और नंद नगरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पुराने मकानों पर मंजिलें बढ़ाना आम बात है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में नींव और पुरानी छत की मज़बूती की जांच नहीं होती।
आपके मोहल्ले के लिए सबक
अगर आप पुराने मकान पर नई मंजिल बनवा रहे हैं तो पहले किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से छत और खंभों की जांच ज़रूर करवाएं। ढलाई के दौरान नीचे की मंजिल में लोगों को न रहने दें और शटरिंग के सपोर्ट पूरे लगवाएं। पड़ोस में दरारों वाली या झुकी इमारत दिखे तो MCD के शाहदरा नॉर्थ ज़ोन दफ्तर या पुलिस को सूचना दें।
हर्ष विहार में हादसा कब हुआ?
रविवार, 25 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:40 बजे दमकल विभाग को कॉल मिली। बचाव अभियान रातभर चला।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
मलबे में दबे दो लोगों के शव सोमवार सुबह निकाले गए। उनकी उम्र 60 और 36 साल बताई गई है।
मकान क्यों गिरा?
मंत्री कपिल मिश्रा के मुताबिक शुरुआती तौर पर नया लिंटर डालते वक्त वह गिरा और नीचे का फ्लोर भी बैठ गया। असली कारण पुलिस जांच के बाद साफ होगा।
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