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  • दिल्ली AQI 387: 28 स्टेशन गंभीर, रोहिणी 473; दिवाली से पहले पांचवां दिन बहुत खराब हवा

    दिल्ली AQI 387: 28 स्टेशन गंभीर, रोहिणी 473; दिवाली से पहले पांचवां दिन बहुत खराब हवा

    क्या हुआ: दिल्ली का 24 घंटे औसत AQI शुक्रवार सुबह 7 बजे 387 (बहुत खराब); 28 स्टेशन गंभीर श्रेणी में, रोहिणी 473 सबसे बदतर
    कब: 6 नवंबर 2026, सुबह 7 बजे CPCB; पांचवां लगातार दिन बहुत खराब
    कहां: दिल्ली-NCR; रोहिणी, पंजाबी बाग, आरके पुरम समेत कई इलाके
    आपके लिए मतलब: दिवाली से पहले हवा और खराब हो सकती है; AQEWS का अनुमान शुक्र–रवि गंभीर से बहुत खराब
    क्या करें: बाहर कम निकलें, मास्क/N95 इस्तेमाल करें, बच्चों-बुजुर्गों को धुंध में बाहर न भेजें; पटाखे नियमों का पालन

    दिवाली से ठीक पहले दिल्ली की हवा फिर से दमघोंटू हो चली है। India Today की रिपोर्ट और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह 7 बजे दिल्ली का 24 घंटे औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 387 रहा—श्रेणी “बहुत खराब”। गुरुवार उसी समय यह आंकड़ा 369 था, जिसकी खबर SunoHub पहले दे चुका है। यानी एक दिन में करीब 18 अंक की और गिरावट।

    शहर के 59 सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 28 पर हवा “गंभीर” श्रेणी में पहुंच चुकी थी। रोहिणी सबसे खराब—AQI 473। पंजाबी बाग 464, आरके पुरम 441, अलीपुर और सोनिया विहार दोनों 435, नॉर्थ कैंपस 424, ओखला फेज-2 426, ITO 420 और नजफगढ़ 412 दर्ज हुए। आनंद विहार 350, चांदनी चौक 386, लोधी रोड 306 और पूसा 393 पर रहे।

    पूरे हफ्ते चढ़ता ग्राफ

    प्रदूषण इस हफ्ते लगातार ऊपर जा रहा है—सोमवार औसत 324, मंगलवार 350, बुधवार 377, गुरुवार 369 और शुक्रवार 387। CPCB के पैमाने पर 301–400 बहुत खराब और 401–500 गंभीर माना जाता है। Air Quality Early Warning System (AQEWS) का बुलेटिन कहता है कि अगले छह दिन हवा गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है; शुक्रवार से रविवार तक गंभीर की संभावना विशेष रूप से जताई गई है।

    वेंटिलेशन इंडेक्स 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे और औसत हवा की रफ्तार 10 किमी/घंटा से कम रहने का अनुमान है—दोनों प्रदूषकों के बिखराव के लिए अनुकूल नहीं। Skymet के महेश पलावत के अनुसार 7 नवंबर तक उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से मध्यम उत्तर-पश्चिमी हवाएं रहेंगी; 8 नवंबर रात से हल्की पूर्वी हवाएं थोड़ी राहत दे सकती हैं, लेकिन 9 नवंबर को फिर जमाव का खतरा है। दिवाली पर पटाखे, पराली का मौसम और कमजोर हवा—तीनों मिलकर स्थिति और बिगाड़ सकते हैं।

    शुक्रवार का दिल्ली AQI क्या रहा?

    CPCB के अनुसार सुबह 7 बजे 24 घंटे औसत 387—बहुत खराब; गुरुवार 369 था।

    कितने स्टेशन गंभीर श्रेणी में?

    59 में से 28; रोहिणी 473 सबसे ऊंचा।

    आगे का पूर्वानुमान?

    AQEWS: अगले छह दिन गंभीर से बहुत खराब; शुक्र–रवि विशेष चिंता।

    घर पर क्या सावधानी?

    बाहर कम निकलें, मास्क लगाएं, बुजुर्ग-बच्चों का ध्यान रखें, ग्रीन पटाखे के समय नियमों का पालन करें।

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    स्रोत

    By SunoHub News

  • दिवाली से पहले दिल्ली AQI 369: लगातार चौथा दिन बहुत खराब, शुक्रवार से गंभीर का अलर्ट; जहांगीरपुरी में 454

    दिवाली से पहले दिल्ली AQI 369: लगातार चौथा दिन बहुत खराब, शुक्रवार से गंभीर का अलर्ट; जहांगीरपुरी में 454

    क्या हुआ: दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI गुरुवार शाम 4 बजे 369 रहा (बहुत खराब); अगले दिनों गंभीर श्रेणी में जाने का अनुमान
    कब: गुरुवार, 5 नवंबर 2026 (शाम 4 बजे का CPCB आंकड़ा); रिपोर्ट 6 नवंबर सुबह तक
    कहां: दिल्ली-NCR; जहांगीरपुरी समेत कई स्टेशनों पर गंभीर स्तर
    आपके लिए मतलब: दिवाली (8 नवंबर) से पहले शुक्रवार से हवा और खराब हो सकती है; बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले खास सावधानी बरतें
    क्या करें: बाहर कम निकलें, N95/N99 मास्क रखें, सुबह-शाम टहलना टालें; पटाखे न जलाएं और गाड़ी कम चलाएं

    दिवाली अभी दो दिन दूर है, लेकिन दिल्ली की हवा पहले ही सांस रोक रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक गुरुवार शाम 4 बजे राजधानी का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 369 रहा। यह लगातार चौथा दिन है जब शहर की हवा “बहुत खराब” श्रेणी में है। बुधवार को इसी समय AQI 377 था। Economic Times/PTI और जागरण दोनों ने यही आंकड़ा रिपोर्ट किया है।

    18 स्टेशन गंभीर श्रेणी में

    राजधानी के 59 सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 18 पर हवा “गंभीर” श्रेणी में दर्ज हुई। Economic Times/PTI के अनुसार जहांगीरपुरी में सबसे ऊंचा AQI 454 रहा। जागरण ने भी जहांगीरपुरी को सबसे प्रदूषित बताया है। याद रहे—AQI 0–50 अच्छा, 51–100 संतोषजनक, 101–200 मध्यम, 201–300 खराब, 301–400 बहुत खराब और 401–500 गंभीर माना जाता है।

    इससे पहले मंगलवार को औसत AQI 350 और सोमवार को 324 रहा था। यानी हफ्ते की शुरुआत से प्रदूषण का ग्राफ ऊपर ही जा रहा है।

    शुक्रवार से गंभीर का अलर्ट

    Air Quality Early Warning System (AQEWS) के बुलेटिन में साफ लिखा है कि अगले छह दिनों में हवा गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में रहने वाली है। शुक्रवार से गंभीर श्रेणी में जाने की संभावना जताई गई है—ठीक दिवाली से पहले।

    पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की Decision Support System (DSS) का अनुमान है कि पराली जलाने का हिस्सा गुरुवार को दिल्ली के प्रदूषण में 15.6% था, शुक्रवार को 19.2% तक जा सकता है और शनिवार को घटकर करीब 1.6% रह सकता है। वहीं वाहनों का योगदान बढ़ने का अनुमान है। यानी पराली का शिखर थमने के बाद भी लोकल प्रदूषण—ट्रैफिक, धूल, कचरा जलाना—दबाव बनाए रखेगा।

    दिवाली से पहले क्या सावधानी

    8 नवंबर को दिवाली है। अगर पूर्वानुमान सही रहा तो पटाखों और ठंडी हवा के साथ प्रदूषण और चढ़ सकता है। डॉक्टर आमतौर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा/सीओपीडी मरीजों को बाहर की गतिविधि कम करने की सलाह देते हैं। स्कूलों और ऑफिसों में भी एयर प्यूरीफायर या बंद कमरे की व्यवस्था मददगार हो सकती है।

    SunoHub ने इससे पहले दिल्ली के AQI 377 और क्लाउड सीडिंग वाले प्रयासों पर भी रिपोर्ट किया था। मौजूदा अपडेट बताता है कि आंकड़ा थोड़ा सुधरा (377 से 369) है, लेकिन श्रेणी वही “बहुत खराब” है और आगे का रुझान खराब है।

    गुरुवार को दिल्ली का औसत AQI कितना था?

    CPCB के मुताबिक शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत AQI 369 था—बहुत खराब श्रेणी।

    क्या हवा और खराब होगी?

    AQEWS के अनुसार अगले छह दिन गंभीर से बहुत खराब रह सकते हैं; शुक्रवार से गंभीर की आशंका।

    सबसे प्रदूषित इलाका कौन सा रहा?

    रिपोर्ट्स के अनुसार जहांगीरपुरी में AQI सबसे ऊंचा (करीब 454) दर्ज हुआ।

    पराली का योगदान कितना है?

    DSS अनुमान: गुरुवार 15.6%, शुक्रवार ~19.2%, शनिवार गिरकर ~1.6%。

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    स्रोत

    By SunoHub News

  • दिल्ली में AQI 369, 20 स्टेशनों पर हवा “गंभीर”; AAP ने AQI आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाकर जांच मांगी

    दिल्ली में AQI 369, 20 स्टेशनों पर हवा “गंभीर”; AAP ने AQI आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाकर जांच मांगी

    क्या हुआ: बुधवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 369 रहा, 59 में से 20 मॉनिटरिंग स्टेशन “गंभीर” श्रेणी में; AAP ने AQI आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाकर CPCB से जांच मांगी
    कब: बुधवार, 4 नवंबर 2026, सुबह 6:05 बजे का आंकड़ा; लगातार तीसरे दिन “बहुत खराब” हवा
    कहां: पूरी दिल्ली; पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी 447, मंदिर मार्ग 508, गाज़ीपुर 410
    आपके लिए मतलब: GRAP-2 के बावजूद हवा बिगड़ रही है; बुज़ुर्गों, बच्चों और सांस के मरीज़ों के लिए खतरा बढ़ा है
    क्या करें: सुबह-शाम की सैर टालें, बाहर निकलें तो N95 मास्क पहनें, और अपने इलाके का AQI CPCB के समीर ऐप पर देखें

    दिल्ली की हवा बुधवार को और बिगड़ गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 6:05 बजे राजधानी का औसत AQI 369 दर्ज हुआ। मंगलवार शाम 4 बजे यह 350 था, जिसे 287 दिनों की सबसे खराब हवा बताया गया था। यानी GRAP-2 की पाबंदियां लागू होने के बावजूद 14 घंटे में हालत और खराब हुई।

    20 स्टेशन “गंभीर” श्रेणी में

    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 20 पर हवा “गंभीर” और 33 पर “बहुत खराब” रही। पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी दोनों में AQI 447 रहा, मुंडका में 436 और IIT दिल्ली के आसपास 438। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मंदिर मार्ग पर AQI 508 तक पहुंच गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में यमुनापार के गाज़ीपुर का AQI 410 और ITO का 418 बताया गया। ज़्यादातर जगह PM2.5 सबसे बड़ा प्रदूषक रहा और शहर पर धुंध की मोटी परत छाई रही।

    AAP का आरोप: आंकड़े कम दिखाए जा रहे

    इसी बीच प्रदूषण पर सियासत भी तेज़ हो गई। ETV भारत की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने CPCB को औपचारिक शिकायत भेजकर AQI आंकड़ों में बड़े स्तर पर कथित हेराफेरी की जांच मांगी है। उनका आरोप है कि असली आंकड़ों को कम करके दिखाया जा रहा है, जिससे अस्थमा के मरीज़ों, गर्भवती महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ सकता है। शिकायत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस आरोप पर सरकार की ओर से कोई विस्तृत जवाब खबर लिखे जाने तक हमारे स्रोतों में नहीं मिला।

    केंद्र ने क्या कहा

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा था कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) हवा की दिशा, रफ्तार और मौसम पर लगातार नज़र रख रहा है। उनके मुताबिक इस बार करीब 40% पराली का इस्तेमाल खेत से बाहर किया गया। फिर भी पराली जलाने के मामले कम होने के बावजूद हवा “गंभीर” क्यों है, यह सवाल बना हुआ है।

    GRAP-2 के तहत 1 नवंबर से दिल्ली में बाहर की गाड़ियों के प्रवेश पर पाबंदियां लागू हैं। गाज़ीपुर और गुरुग्राम बॉर्डर पर पुलिस जांच कर रही है, और BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को वैध PUC होने पर ही प्रवेश मिल रहा है। 7-8 नवंबर को ग्रीन पटाखे चलाने की छूट से आने वाले दिनों में हवा पर और दबाव पड़ने की आशंका है।

    4 नवंबर को दिल्ली का AQI कितना रहा?

    CPCB के मुताबिक सुबह 6:05 बजे औसत AQI 369 रहा और 20 स्टेशन “गंभीर” श्रेणी में थे।

    सबसे ज़्यादा प्रदूषण कहां रहा?

    इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मंदिर मार्ग पर AQI 508; पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी में 447।

    AAP ने क्या आरोप लगाया है?

    सौरभ भारद्वाज ने CPCB को शिकायत भेजकर AQI आंकड़े कम दिखाए जाने के आरोप की जांच मांगी है।

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