क्या हुआ: बुधवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 369 रहा, 59 में से 20 मॉनिटरिंग स्टेशन “गंभीर” श्रेणी में; AAP ने AQI आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाकर CPCB से जांच मांगी
कब: बुधवार, 4 नवंबर 2026, सुबह 6:05 बजे का आंकड़ा; लगातार तीसरे दिन “बहुत खराब” हवा
कहां: पूरी दिल्ली; पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी 447, मंदिर मार्ग 508, गाज़ीपुर 410
आपके लिए मतलब: GRAP-2 के बावजूद हवा बिगड़ रही है; बुज़ुर्गों, बच्चों और सांस के मरीज़ों के लिए खतरा बढ़ा है
क्या करें: सुबह-शाम की सैर टालें, बाहर निकलें तो N95 मास्क पहनें, और अपने इलाके का AQI CPCB के समीर ऐप पर देखें
दिल्ली की हवा बुधवार को और बिगड़ गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 6:05 बजे राजधानी का औसत AQI 369 दर्ज हुआ। मंगलवार शाम 4 बजे यह 350 था, जिसे 287 दिनों की सबसे खराब हवा बताया गया था। यानी GRAP-2 की पाबंदियां लागू होने के बावजूद 14 घंटे में हालत और खराब हुई।
20 स्टेशन “गंभीर” श्रेणी में
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 20 पर हवा “गंभीर” और 33 पर “बहुत खराब” रही। पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी दोनों में AQI 447 रहा, मुंडका में 436 और IIT दिल्ली के आसपास 438। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मंदिर मार्ग पर AQI 508 तक पहुंच गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में यमुनापार के गाज़ीपुर का AQI 410 और ITO का 418 बताया गया। ज़्यादातर जगह PM2.5 सबसे बड़ा प्रदूषक रहा और शहर पर धुंध की मोटी परत छाई रही।
AAP का आरोप: आंकड़े कम दिखाए जा रहे
इसी बीच प्रदूषण पर सियासत भी तेज़ हो गई। ETV भारत की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने CPCB को औपचारिक शिकायत भेजकर AQI आंकड़ों में बड़े स्तर पर कथित हेराफेरी की जांच मांगी है। उनका आरोप है कि असली आंकड़ों को कम करके दिखाया जा रहा है, जिससे अस्थमा के मरीज़ों, गर्भवती महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ सकता है। शिकायत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस आरोप पर सरकार की ओर से कोई विस्तृत जवाब खबर लिखे जाने तक हमारे स्रोतों में नहीं मिला।
केंद्र ने क्या कहा
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा था कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) हवा की दिशा, रफ्तार और मौसम पर लगातार नज़र रख रहा है। उनके मुताबिक इस बार करीब 40% पराली का इस्तेमाल खेत से बाहर किया गया। फिर भी पराली जलाने के मामले कम होने के बावजूद हवा “गंभीर” क्यों है, यह सवाल बना हुआ है।
GRAP-2 के तहत 1 नवंबर से दिल्ली में बाहर की गाड़ियों के प्रवेश पर पाबंदियां लागू हैं। गाज़ीपुर और गुरुग्राम बॉर्डर पर पुलिस जांच कर रही है, और BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को वैध PUC होने पर ही प्रवेश मिल रहा है। 7-8 नवंबर को ग्रीन पटाखे चलाने की छूट से आने वाले दिनों में हवा पर और दबाव पड़ने की आशंका है।
4 नवंबर को दिल्ली का AQI कितना रहा?
CPCB के मुताबिक सुबह 6:05 बजे औसत AQI 369 रहा और 20 स्टेशन “गंभीर” श्रेणी में थे।
सबसे ज़्यादा प्रदूषण कहां रहा?
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मंदिर मार्ग पर AQI 508; पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी में 447।
AAP ने क्या आरोप लगाया है?
सौरभ भारद्वाज ने CPCB को शिकायत भेजकर AQI आंकड़े कम दिखाए जाने के आरोप की जांच मांगी है।





