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  • दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड: GRAP-3 के चलते 5वीं तक ऑनलाइन-ऑफलाइन विकल्प, NCR शहरों में भी लागू

    दिल्ली स्कूल हाइब्रिड मोड: GRAP-3 के चलते 5वीं तक ऑनलाइन-ऑफलाइन विकल्प, NCR शहरों में भी लागू

    क्या हुआ: दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में करने का आदेश दिया; बच्चे स्कूल आएं या ऑनलाइन पढ़ें, फैसला अभिभावकों का
    कब: सर्कुलर 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार); अगले आदेश तक लागू
    कहां: पूरी दिल्ली—सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी मान्यता प्राप्त, MCD, NDMC व कैंटोनमेंट बोर्ड स्कूल; मंत्री के मुताबिक नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत में भी
    आपके लिए मतलब: छोटे बच्चों को जहरीली हवा से बचाने का विकल्प; ऑनलाइन क्लास वहीं जहां स्कूल के पास सुविधा है
    क्या करें: स्कूल के मैसेज/ऐप पर टाइमटेबल देखें; बच्चा बाहर जाए तो मास्क दें; सुबह की सैर-खेल फिलहाल टालें

    दिवाली से ठीक पहले दिल्ली की हवा ने फिर स्कूलों का कैलेंडर बदल दिया है। शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को सर्कुलर जारी कर कहा कि नर्सरी से 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड में होगी। यानी बच्चा चाहे तो स्कूल जाए, चाहे तो घर से ऑनलाइन क्लास ले—जहां स्कूल के पास ऑनलाइन की सुविधा है। यह विकल्प छात्रों और अभिभावकों पर छोड़ा गया है।

    PTI और Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक आदेश सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू है। MCD, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूल भी इसके दायरे में हैं। सर्कुलर में साफ लिखा है कि यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के GRAP स्टेज-3 वाले आदेश के पालन में उठाया गया है, जो शुक्रवार को पूरे दिल्ली-एनसीआर में लागू हुआ।

    मंत्री बोले—यह अनिवार्य है

    पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को वीडियो संदेश में कहा, “पांचवीं तक के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाना जरूरी है।” Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि यह पाबंदी नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में भी लागू है। सिरसा ने यह चेतावनी भी दी कि शनिवार से हवा की रफ्तार घटने का अनुमान है, जिससे प्रदूषण जमीन के पास ही अटका रह सकता है।

    हवा कितनी खराब है?

    CPCB के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 364 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी है। India Today के अनुसार 22 निगरानी केंद्रों पर AQI 400 के पार यानी ‘गंभीर’ रहा; आरके पुरम में सबसे ज्यादा 442 दर्ज हुआ। शुक्रवार सुबह यह आंकड़ा 389 के आसपास था। ऐसे में डॉक्टर लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि छोटे बच्चों के फेफड़े प्रदूषण से सबसे जल्दी प्रभावित होते हैं।

    अभिभावकों के लिए क्या बदला

    स्कूल बंद नहीं हुए हैं—सिर्फ हाजिरी का दबाव हटा है। जो परिवार बच्चे को भेजना चाहते हैं, वे भेज सकते हैं। ऑनलाइन क्लास का लिंक और समय स्कूल ही तय करेगा, इसलिए क्लास टीचर के मैसेज पर नजर रखें। यमुनापार की घनी बस्तियों—सीलमपुर, सुंदर नगरी, मुस्तफाबाद—में कई घरों में एक ही फोन है; ऐसे परिवार स्कूल से रिकॉर्डेड क्लास या वर्कशीट का विकल्प पूछ सकते हैं। 6वीं और उससे ऊपर की कक्षाएं फिलहाल पहले की तरह चलेंगी।

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    स्रोत

    By SunoHub News