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  • दिल्ली में झुग्गी वालों को पक्का घर: नई पुनर्वास नीति लागू, 5 लाख परिवारों को 1BHK; उसी जगह या 3 किमी में मकान, सीलमपुर पहली सूची में

    दिल्ली में झुग्गी वालों को पक्का घर: नई पुनर्वास नीति लागू, 5 लाख परिवारों को 1BHK; उसी जगह या 3 किमी में मकान, सीलमपुर पहली सूची में

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने “दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास और पुनर्स्थापन नीति, 2026” अधिसूचित की; करीब 675 झुग्गी बस्तियों के 4-5 लाख परिवारों को पक्का 1BHK घर देने का लक्ष्य
    कब: नीति 4 नवंबर 2026 की गज़ट अधिसूचना से लागू; मुख्यमंत्री ने 5 नवंबर को जानकारी दी
    कहां: पूरी दिल्ली; पहली सूची में सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर के क्लस्टर
    आपके लिए मतलब: 1 जनवरी 2025 से पहले बसी बस्ती में रहने वाले पात्र परिवारों को उसी जगह या 3 किमी के भीतर घर; वैकल्पिक घर दिए बिना नहीं हटाया जाएगा
    क्या करें: 1 जनवरी 2025 से पहले के राशन कार्ड, बिजली बिल या वोटर लिस्ट जैसे कागज़ संभालकर रखें; किसी दलाल को पैसे न दें, जानकारी सिर्फ़ DUSIB/DDA से लें

    झुग्गी में रहने वाले दिल्ली के लाखों परिवारों के लिए गुरुवार को बड़ी खबर आई। दिल्ली सरकार ने झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के पुनर्वास की नई नीति अधिसूचित कर दी है। Indian Express और India Today के मुताबिक इससे करीब 4 से 5 लाख परिवार, यानी लगभग 20 लाख लोग, पक्के घर के दायरे में आ सकते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति “जहां झुग्गी, वहां मकान” योजना को नई रफ्तार देगी।

    अब कट-ऑफ 1 जनवरी 2025

    नीति का नाम “दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास और पुनर्स्थापन नीति, 2026” है। दिल्ली गज़ट में 4 नवंबर को छपी अधिसूचना के अनुसार इसे DUSIB बोर्ड ने 13 अगस्त को और कैबिनेट ने 29 सितंबर को मंज़ूरी दी थी, जिसके बाद उपराज्यपाल ने इसे पास किया। सबसे बड़ा बदलाव कट-ऑफ तारीख का है—अब 1 जनवरी 2025 से पहले बसी बस्तियों के परिवार पात्र माने जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि इससे वे परिवार भी जुड़ेंगे जो पुरानी योजनाओं में छूट गए थे।

    किसे मिलेगा घर, क्या शर्तें

    • आवेदक भारतीय नागरिक हो और उम्र कम से कम 18 साल।
    • झुग्गी 1 जनवरी 2025 से पहले की हो और सर्वे रिपोर्ट में नाम हो।
    • उससे पहले के कागज़—राशन कार्ड, बिजली बिल या वोटर लिस्ट में नाम—ज़रूरी।
    • आधार से बायोमेट्रिक पहचान होगी और देश में कहीं पक्का घर नहीं होना चाहिए।
    • गज़ट के मुताबिक हर पात्र परिवार को एक फ्लैट, जिसकी न्यूनतम कारपेट एरिया 25 वर्ग मीटर; लाभार्थी अंशदान 1.5 लाख रुपये (या सरकार जो तय करे) और रखरखाव शुल्क।

    उसी जगह या 3 किमी के अंदर

    नीति में “इन-सीटू” यानी उसी जगह पुनर्वास को पहली प्राथमिकता दी गई है। अगर यह संभव न हो तो घर 3 किलोमीटर के अंदर दिया जाएगा, ताकि लोगों का काम-धंधा, बच्चों का स्कूल और रोज़ का जीवन न उजड़े। Outlook के मुताबिक जिन परिवारों में दिव्यांग सदस्य हैं, उन्हें ग्राउंड फ्लोर पर प्राथमिकता मिलेगी और फ्लैट पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होंगे। एक ही ढांचे की अलग मंज़िलों पर अलग रह रहे परिवारों को अलग-अलग फ्लैट मिल सकेंगे। आवंटन कंप्यूटराइज़्ड लॉटरी से होगा।

    नई कॉलोनियों में स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और खेल का मैदान बनेगा। पहले आवंटन से 5 साल तक कॉमन सुविधाओं और सुरक्षा का रखरखाव सरकार की ओर से होगा, फिर निवासियों की एसोसिएशन को ज़िम्मेदारी दी जाएगी।

    यमुनापार के लिए क्यों अहम

    NDTV इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पहली सूची में उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर के क्लस्टर हैं, जहां करीब 4,870 झुग्गियों की जगह ऊंची इमारतें बनाकर पात्र परिवारों को शिफ्ट करने की योजना है। सीलमपुर, शास्त्री पार्क और आसपास के इलाकों में बड़ी आबादी झुग्गियों में रहती है, इसलिए यहां के लोगों के लिए यह नीति सीधे मायने रखती है।

    PPP मॉडल वाले प्रोजेक्ट में डेवलपर को निर्माण के दौरान अस्थायी घर या किराए की मदद देनी होगी। गज़ट के अनुसार ऐसे मामलों में फ्लैट पहले 10 साल की लीज़ पर मिलेगा, फिर मालिकाना हक। हर प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर होगा और पात्रता से जुड़ी शिकायत के लिए 30 दिन में अपील की जा सकेगी।

    दिल्ली की नई झुग्गी पुनर्वास नीति में कौन पात्र है?

    1 जनवरी 2025 से पहले बसी बस्ती में उससे पहले से रह रहे, 18 साल से ऊपर के भारतीय नागरिक, जिनका नाम सर्वे में हो और कहीं पक्का घर न हो।

    घर कहां मिलेगा?

    प्राथमिकता उसी जगह की है; वरना 3 किलोमीटर के भीतर।

    कितना पैसा देना होगा?

    गज़ट के अनुसार प्रति फ्लैट 1.5 लाख रुपये (या सरकार जो तय करे) और रखरखाव शुल्क।

    पहली सूची में कौन से इलाके हैं?

    NDTV इंडिया के मुताबिक सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर।

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    स्रोत

    By SunoHub News