क्या हुआ: शाहदरा थाने से जुड़े विवाद के बाद गांधी नगर सब-डिवीज़न के ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला हुआ; इसके विरोध में पुलिसकर्मियों के बीच 2 नवंबर को जुटने के संदेश चले, अब उपराज्यपाल 3 नवंबर को पुलिसकर्मियों से सीधे बात करेंगे
कब: विवाद 23-24 अक्टूबर; तबादले 28 अक्टूबर; LG का संवाद 3 नवंबर शाम 4 बजे
कहां: शाहदरा थाना (शाहदरा ज़िला); LG का कार्यक्रम उत्सव सदन, किंग्सवे कैंप
आपके लिए मतलब: शाहदरा ज़िला अदालत में वकीलों की हड़ताल 28 अक्टूबर को खत्म हो चुकी है, यानी मुकदमों की सुनवाई सामान्य है; थाने में आम कामकाज जारी है
क्या करें: थाने से जुड़ा काम हो तो सीधे थाने जाएं या 112 पर कॉल करें; व्हाट्सऐप पर घूम रहे बिना पुष्टि वाले संदेश आगे न बढ़ाएं
शाहदरा थाने से शुरू हुआ एक विवाद अब दिल्ली पुलिस के भीतर अनुशासन और मनोबल का बड़ा सवाल बन गया है। दो अफसरों के तबादले के खिलाफ पुलिसकर्मियों के एकजुट होने की बात सामने आने के बाद उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने 3 नवंबर को कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मियों से सीधा संवाद तय किया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली पुलिस के सर्कुलर में यह कार्यक्रम किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में शाम 4 बजे रखा गया है।
23 अक्टूबर को क्या हुआ था
रिपब्लिक वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मामला 23 अक्टूबर को शाहदरा में पार्किंग को लेकर हुए झगड़े से शुरू हुआ, जिसमें एक वकील के सिर में गंभीर चोट आने का आरोप है। अगले दिन वकीलों का एक समूह शाहदरा थाने पहुंचा। वकीलों का आरोप था कि मारपीट करने वालों पर ठीक से कार्रवाई नहीं हुई और ACP मनस्वी वशिष्ठ ने उनसे बदसलूकी की और रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया।
पुलिस का पक्ष इससे अलग है। पुलिस के मुताबिक 15-20 वकीलों ने SHO के दफ्तर में हंगामा किया, अफसरों से दुर्व्यवहार किया और सरकारी काम में बाधा डाली। पुलिस ने वकीलों पर FIR भी दर्ज की। थाने की CCTV फुटेज इस पूरे मामले में विवाद का अहम हिस्सा बन गई है। दोनों पक्षों के आरोपों की अभी जांच होनी है।
हड़ताल, फिर तबादला
घटना के बाद ज़िला अदालतों के वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए और संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। 28 अक्टूबर को गांधी नगर सब-डिवीज़न के ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार के तबादले के आदेश जारी हुए, जिसके बाद वकीलों ने हड़ताल वापस ले ली।
पुलिसकर्मियों में नाराज़गी क्यों
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इसके बाद दिल्ली पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुपों में संदेश घूमने लगे कि 2 नवंबर सुबह 8 बजे पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटकर दोनों अफसरों का साथ दिया जाए और उनकी पुरानी तैनाती बहाल करने की मांग की जाए।
31 अक्टूबर को सामने आए एक वीडियो में ACP वशिष्ठ ने साथियों का शुक्रिया अदा किया। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अनुशासित बल का हिस्सा होने के नाते पुलिसकर्मी जमावड़े की जगह पुलिस कमिश्नर से खुली बातचीत की मांग करें। रिपब्लिक के मुताबिक उन्होंने 31 अक्टूबर की तारीख वाला पत्र पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को लिखकर 2 नवंबर को “संपर्क सभा-सह-ओपन हाउस” की मांग की। पत्र में घटना, अपने और SHO के खिलाफ “प्रतिकूल आदेश”, अदालतों में पुलिसकर्मियों से जुड़े ऐसे मामलों और आगे की रणनीति पर चर्चा की बात है। उन्होंने बैठक का सुरक्षित वेब लिंक से सभी रैंकों तक प्रसारण भी मांगा है।
LG के संवाद में कौन जाएगा
सर्कुलर के मुताबिक हर ज़िले और ट्रैफिक विंग से 20-20 पुलिसकर्मी नामित होंगे, जिनमें 3 इंस्पेक्टर, 7 अपर सबऑर्डिनेट और 10 लोअर सबऑर्डिनेट होंगे। क्राइम ब्रांच और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स से 15-15 और स्पेशल सेल, स्पेशल ब्रांच, विजिलेंस, IFSO समेत विशेष इकाइयों से 10-10 पुलिसकर्मी भेजे जाएंगे। नामित कर्मियों को 3 नवंबर दोपहर 2 बजे तक उत्सव सदन पहुंचना है। स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर और कई DCP भी मौजूद रहेंगे।
शाहदरा के लोगों के लिए इसका मतलब
आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि अदालतों का कामकाज हड़ताल खत्म होने के बाद पटरी पर है और थाने में आम लोगों का कामकाज जारी है। 3 नवंबर का संवाद यह तय करेगा कि पुलिसकर्मियों की शिकायतें किस रास्ते से सुनी जाएंगी। वकीलों और पुलिस के बीच ऐसा टकराव दिल्ली पहले भी देख चुकी है, इसलिए दोनों तरफ से संयम की अपील हो रही है।
शाहदरा थाना विवाद क्या है?
23-24 अक्टूबर को एक वकील के घायल होने के मामले के बाद वकीलों और शाहदरा थाने के पुलिस अफसरों के बीच टकराव हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
किन अफसरों का तबादला हुआ?
गांधी नगर सब-डिवीज़न के ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का, 28 अक्टूबर को।
उपराज्यपाल पुलिसकर्मियों से कब मिलेंगे?
3 नवंबर को शाम 4 बजे, किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में।
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