टैग: ईस्ट दिल्ली पुलिस

  • ईस्ट दिल्ली पुलिस: हर शुक्रवार 4 बजे कर्मियों की शिकायत बैठक; Addl DCP आदेश, अनुपालन अनिवार्य

    ईस्ट दिल्ली पुलिस: हर शुक्रवार 4 बजे कर्मियों की शिकायत बैठक; Addl DCP आदेश, अनुपालन अनिवार्य

    क्या हुआ: ईस्ट दिल्ली पुलिस में हर शुक्रवार शाम 4 बजे DCP (ईस्ट) कॉन्फ्रेंस रूम में कर्मियों की शिकायत/कल्याण बैठक; Addl DCP विपुल अनेकांत के आदेश; लिखित आवेदन के साथ आएं
    कब: आदेश मंगलवार; बैठकें शुक्रवार 4 बजे साप्ताहिक; पृष्ठभूमि 2 नवंबर HQ प्रदर्शन के बाद
    कहां: DCP (ईस्ट) कॉन्फ्रेंस रूम; शाहदरा/ईस्ट दिल्ली संदर्भ
    आपके लिए मतलब: अनसुलझे प्रशासनिक मुद्दों के लिए औपचारिक मंच; अनुपालन अनिवार्य
    क्या करें: कर्मी लिखित आवेदन लेकर आएं; शाखा प्रभारी जानकारी संग उपस्थित रहें; SHO रोल कॉल पर घोषणा करें

    ईस्ट दिल्ली पुलिस ने कर्मियों की अनसुलझी प्रशासनिक शिकायतों के लिए साप्ताहिक मंच शुरू किया है। ThePrint/PTI के अनुसार अतिरिक्त DCP विपुल अनेकांत के मंगलवार के आदेश के बाद हर शुक्रवार शाम 4 बजे DCP (ईस्ट) कॉन्फ्रेंस रूम में शिकायत/कल्याण बैठक होगी—अध्यक्षता DCP या Addl DCP करेंगे।

    जिन कर्मियों के प्रशासनिक मुद्दे लंबित हैं, वे लिखित आवेदन लेकर आ सकते हैं। संबंधित शाखा प्रभारी को जानकारी संग उपस्थित रहना और फॉलो-अप करना होगा। SHO को रोल कॉल पर इसकी घोषणा करनी है। आदेश में साफ है कि “गैर-अनुपालन अनुकूल दृष्टि से नहीं देखा जा सकता।” The Hindu ने भी ईस्ट दिल्ली पार्किंग विवाद की पृष्ठभूमि में प्रशासनिक कदमों की रिपोर्टिंग की है।

    पृष्ठभूमि—संक्षेप में

    2 नवंबर को पुलिस मुख्यालय के बाहर करीब 100–150 कर्मियों का प्रदर्शन हुआ था; उसके बाद ACP मानसवी वशिष्ठ निलंबित किए गए। पृष्ठभूमि में 23 अक्टूबर रोहताश नगर पार्किंग विवाद से शुरू हुआ वकीलों-पुलिस आमना-सामना था। SHO अरुण कुमार को IFSO पोस्टिंग दी गई। SunoHub इन घटनाक्रमों को तथ्यात्मक रूप से दर्ज करता है—कल्याण तंत्र शिकायतों को संस्थागत रास्ता देने का प्रयास है; किसी पक्ष का आरोप-प्रत्यारोप यहां नहीं दोहराया जा रहा।

    साप्ताहिक बैठक का मकसद प्रशासनिक देरी कम करना और फील्ड कर्मियों तक सीधा चैनल खोलना बताया गया है। आधिकारिक अपडेट के लिए ईस्ट दिल्ली पुलिस संचार पर निर्भर रहें।

    बैठक कब और कहां?

    हर शुक्रवार शाम 4 बजे, DCP (ईस्ट) कॉन्फ्रेंस रूम।

    कौन आ सकता है?

    अनसुलझे प्रशासनिक शिकायत वाले कर्मी—लिखित आवेदन संग।

    आदेश किसका?

    Addl DCP विपुल अनेकांत; शाखा प्रभारी व SHO अनुपालन जरूरी।

    पृष्ठभूमि?

    2 नवंबर HQ प्रदर्शन व ACP निलंबन के बाद कल्याण/शिकायत तंत्र मजबूत करने का कदम।

    यह भी पढ़ें

    स्रोत

    By SunoHub News

  • शाहदरा विवाद के बाद ईस्ट दिल्ली पुलिस का फैसला: हर शुक्रवार 4 बजे DCP ऑफिस में सुनी जाएंगी जवानों की शिकायतें

    शाहदरा विवाद के बाद ईस्ट दिल्ली पुलिस का फैसला: हर शुक्रवार 4 बजे DCP ऑफिस में सुनी जाएंगी जवानों की शिकायतें

    क्या हुआ: शाहदरा विवाद और ACP मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन के बाद पूर्वी दिल्ली पुलिस ने अपने जवानों की शिकायतें सुनने के लिए हर शुक्रवार बैठक का नियम बनाया
    कब: आदेश मंगलवार 3 नवंबर 2026 को जारी; बैठक हर शुक्रवार शाम 4 बजे, पहली बार 6 नवंबर को
    कहां: DCP ऑफिस, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट (पूर्वी दिल्ली)
    आपके लिए मतलब: थानों में तैनात पुलिसकर्मियों की तबादले, छुट्टी, ड्यूटी जैसी अटकी शिकायतों के लिए अब तय मंच होगा
    क्या करें: ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के पुलिसकर्मी अपनी शिकायत लिखित आवेदन के साथ बैठक में दें

    पिछले दो हफ्तों से शाहदरा का पुलिस-वकील विवाद पूर्वी दिल्ली की सबसे बड़ी खबर बना हुआ है। अब इसी विवाद के बीच ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने अपने ही जवानों के लिए एक नई व्यवस्था बनाई है। हर शुक्रवार शाम 4 बजे DCP ऑफिस में बैठक होगी, जहां पुलिसकर्मी अपनी अटकी हुई शिकायतें सीधे रख सकेंगे।

    आदेश में क्या लिखा है

    The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल DCP विपुल अनेकांत ने मंगलवार को जारी किया। इसमें कहा गया है कि सभी ब्रांच इंचार्ज को हर शुक्रवार 4 बजे DCP ऑफिस की बैठक में मौजूद रहना होगा। जिन कर्मचारियों की प्रशासनिक शिकायतें लंबे समय से हल नहीं हुईं, वे लिखित आवेदन लेकर आ सकते हैं। थानों के SHO और सुपरवाइज़री अफसरों से कहा गया है कि रोज़ की ब्रीफिंग और रोल कॉल में जवानों को इस बारे में बताएं।

    पहली बैठक का दिन शुक्रवार 6 नवंबर पड़ता है। इसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट में वकीलों की वह याचिका भी सुनी जानी है, जिसमें निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और कुछ दूसरे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

    यह कदम अभी क्यों

    मामला 23 अक्टूबर को रोहतास नगर में एक सैलून के बाहर पार्किंग को लेकर हुई छोटी सी बहस से शुरू हुआ था। बात शाहदरा थाने तक पहुंची और वहां वकीलों और सैलून मालिक के परिवार के बीच झड़प हुई, जिसमें एडवोकेट ललित बंसल के सिर में चोट आई। इसके बाद वकीलों ने हड़ताल की, ACP और SHO के तबादले हुए।

    2 नवंबर को 100 से ज़्यादा पुलिसकर्मी, जिनमें कई महिला अफसर भी थीं, पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हो गए और पुलिस कमिश्नर के सामने पांच मांगें रखीं। इसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। बुधवार को एक और आदेश आया, जिसमें तब के शाहदरा SHO अरुण कुमार को साइबर यूनिट IFSO में भेजा गया।

    पुलिस मुख्यालय के बाहर जवानों का इस तरह जुटना दिल्ली पुलिस में आम बात नहीं है। जानकार मानते हैं कि हर हफ्ते की यह बैठक उसी नाराज़गी को अंदर ही सुलझाने की कोशिश है, ताकि जवानों की बात ऊपर तक पहुंचे और मामला सड़क पर न आए।

    आम लोगों के लिए क्या मायने

    लक्ष्मी नगर, शकरपुर, पांडव नगर, मयूर विहार जैसे इलाकों के थाने ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में आते हैं। थाने का स्टाफ अगर अपनी ड्यूटी और छुट्टी जैसी दिक्कतों को लेकर परेशान न हो, तो इसका असर सीधे शिकायत लेकर थाने जाने वाले आम आदमी पर भी पड़ता है। फिलहाल यह बैठक सिर्फ पुलिसकर्मियों के लिए है, जनता की शिकायतों के लिए नहीं।

    ईस्ट दिल्ली पुलिस की यह बैठक कब होगी?

    हर शुक्रवार शाम 4 बजे, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के DCP ऑफिस में।

    क्या आम लोग इस बैठक में शिकायत दे सकते हैं?

    नहीं, आदेश के मुताबिक यह बैठक पुलिसकर्मियों की प्रशासनिक और कल्याण से जुड़ी शिकायतों के लिए है।

    यह आदेश क्यों आया?

    शाहदरा पुलिस-वकील विवाद, 2 नवंबर को पुलिस मुख्यालय के बाहर जवानों के प्रदर्शन और ACP मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन के बाद।

    यह भी पढ़ें

    स्रोत

    By SunoHub News