क्या हुआ: पहलवान मनीषा भनवाला ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 59 किलो वर्ग का गोल्ड जीता; वह वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं
कब: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की शाम
कहां: बारिस एरीना, अस्ताना (कज़ाकिस्तान)
आपके लिए मतलब: सुशील कुमार (2010) के 16 साल बाद किसी भारतीय ने कुश्ती में विश्व खिताब जीता है; हरियाणा के गांव से निकली यह जीत लड़कियों के लिए बड़ी प्रेरणा है
क्या करें: फाइनल के हाइलाइट्स United World Wrestling (UWW) के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर देखें
अपडेट (31 अक्टूबर 2026): यह खबर पहले फाइनल से पहले के प्रीव्यू के तौर पर छपी थी। अब इसमें फाइनल का नतीजा जोड़ा गया है।
0-6 से पीछे, सामने अमेरिका की मज़बूत पहलवान और घड़ी में सिर्फ तीन मिनट। अस्ताना में शुक्रवार शाम मनीषा भनवाला ने यहीं से मुकाबला पलटा और अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर 59 किलो वर्ग का विश्व खिताब जीत लिया। वह वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
फाइनल में कैसे पलटी बाज़ी
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के मुताबिक शुरुआत में नेट ने मनीषा को चार अंक वाले दांव में पटका। भारत ने इस पर चैलेंज लिया, लेकिन हार गया और एक अंक और चला गया। एक कॉशन के बाद स्कोर 0-6 हो गया। ब्रेक से पहले मनीषा ने स्टेप-आउट से एक अंक लिया।
दूसरे पीरियड में नेट एक जगह यह समझकर रुक गईं कि रेफरी ने सीटी बजा दी है। मनीषा ने मौका पकड़ा और टेकडाउन किया। अमेरिकी खेमे का चैलेंज नाकाम रहा, तो एक अंक और मिला। फिर अपने पसंदीदा दांव “भारंदाज” (गट-रेंच) से दो अंक लेकर स्कोर 6-6 किया। आखिरी करीब 30 सेकंड में एक और टेकडाउन ने 8-6 कर दिया।
कोच का प्लान: पांच मिनट बाद थकती है
नेशनल कोच वीरेंद्र कुमार ने ब्रेक में कहा था, “तुम्हारे पास 180 सेकंड हैं, तुम जीत सकती हो।” मनीषा का जवाब था, “कोच साहब, दो मिनट भी हों तो जीत लूंगी।” कोच ने स्पोर्टस्टार को बताया कि टीम ने एक दिन पहले नेट के मुकाबले देखे थे और पता था कि वह आखिरी मिनट में थक जाती हैं।
“2022 से डायरी में लिख रही थी”
जीत के बाद मनीषा ने कहा, “कुछ महसूस नहीं हो रहा। इस पल का बहुत लंबे समय से इंतज़ार था। 2022 से मैं लिख रही थी कि वर्ल्ड चैंपियन बनूंगी। आज वह सपना पूरा हुआ।” उन्होंने अपने पिता सुरेश भनवाला को याद किया, जिनका 2022 में निधन हो गया था और जिन्हें वह “फादर साहब” कहती हैं।
जींद (हरियाणा) से करीब 10 किलोमीटर दूर सिवाहा गांव की 29 साल की मनीषा वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले 24 भारतीयों में सबसे उम्रदराज़ हैं। उन्होंने 2025 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था। इसी टूर्नामेंट में नीलम (50 किलो) और काजल (76 किलो) फाइनल में हारकर सिल्वर लाई थीं।
मनीषा भनवाला ने फाइनल में किसे हराया?
अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से, 0-6 से पिछड़ने के बाद।
क्या मनीषा पहली भारतीय महिला वर्ल्ड चैंपियन हैं?
हां, वह कुश्ती की वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। पुरुष-महिला मिलाकर यह भारत का दूसरा विश्व खिताब है; पहला सुशील कुमार ने 2010 में जीता था।
मनीषा भनवाला कहां की हैं?
हरियाणा के जींद ज़िले के सिवाहा गांव की।
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