क्या हुआ: हरियाणा के जींद की पहलवान मनीषा भनवाला विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किलो फ्रीस्टाइल के फाइनल में पहुंच गईं
कब: सेमीफाइनल 29 अक्टूबर को; फाइनल आज, शुक्रवार 30 अक्टूबर
कहां: अस्ताना, कज़ाखस्तान
आपके लिए मतलब: जीतीं तो मनीषा भारत की पहली महिला विश्व कुश्ती चैंपियन बनेंगी; सिल्वर तो पक्का है
क्या करें: फाइनल का नतीजा आते ही हम यह खबर अपडेट करेंगे; SunoHub के WhatsApp चैनल से जुड़े रहें
भारतीय कुश्ती आज इतिहास के दरवाज़े पर खड़ी है। जींद (हरियाणा) की 29 साल की मनीषा भनवाला ने अस्ताना में चल रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किलो वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। आज के फाइनल में उनका सामना अमेरिका की एबिगेल एलिज़ाबेथ नेट से है, जो मौजूदा पैन-अमेरिकन चैंपियन हैं। आज तक कोई भारतीय महिला पहलवान विश्व चैंपियन नहीं बनी है।
सेमीफाइनल में घरेलू पहलवान को चित किया
आकाशवाणी समाचार के मुताबिक मनीषा ने सेमीफाइनल में कज़ाखस्तान की अल्तिन शगायेवा को 10-0 से फॉल (चित) करके हराया। घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही पहलवान के खिलाफ यह जीत आसान नहीं मानी जा रही थी। इससे पहले उन्होंने कनाडा की लॉरेंस ब्यूरगार्ड को फॉल से और क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की बोलोर्तुया खुरेलखू को 6-0 से हराया।
एशियन गेम्स की हार से सीख
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मनीषा एशियन गेम्स में 57 किलो में उतरी थीं, जहां जापान की दिग्गज अकारी फुजिनामी से 3-0 से हार गईं। रोहतक के छोटू राम अखाड़े में उनके कोच मनदीप सिंह ने अखबार को बताया कि मनीषा ने उस हार को दिल पर ले लिया था। भारत लौटते ही वह अकादमी पहुंचीं और विश्व चैंपियनशिप के लिए 59 किलो में उतरने का फैसला किया। कोच के मुताबिक कम समय में उनकी स्टैमिना और शुरुआती अंक लेने पर काम किया गया। उन्होंने कहा, “कल उसके पास भारत की पहली विश्व चैंपियन बनने का अच्छा मौका है।”
भारत के लिए अब तक का हाल
- मनीषा इस चैंपियनशिप में फाइनल तक पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला हैं।
- काजल ढोचक (76 किलो) और नीलम सिरोही (50 किलो) बुधवार को अपने फाइनल हार गई थीं, यानी दोनों को सिल्वर मिला।
- तनु शर्मा ने 72 किलो में ब्रॉन्ज़ जीता। मनीषा के साथ भारत के चार मेडल पक्के हैं।
- पुरुषों में एशियन गेम्स चैंपियन सुजीत कलकल 65 किलो के क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदियेव से हार गए।
- 97 किलो में विक्की हुड्डा रेपेचेज में ईरान के हसन यज़दानी से भिड़ेंगे।
क्यों खास है यह फाइनल
भारतीय महिला कुश्ती ने ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में कई मेडल जीते हैं, लेकिन विश्व चैंपियनशिप का गोल्ड अब तक नहीं आया। काजल और नीलम के फाइनल हारने के बाद अब पूरी उम्मीद मनीषा पर है। दिल्ली के छत्रसाल और यमुनापार के अखाड़ों में तैयारी कर रही लड़कियों के लिए भी यह मुकाबला बड़ी प्रेरणा होगा।
मनीषा भनवाला का फाइनल कब और किससे है?
आज, 30 अक्टूबर को अस्ताना में, अमेरिका की एबिगेल एलिज़ाबेथ नेट से, महिलाओं के 59 किलो वर्ग में।
मनीषा कहां की रहने वाली हैं?
हरियाणा के जींद की; वह रोहतक के छोटू राम अखाड़े में कोच मनदीप सिंह से ट्रेनिंग लेती हैं।
क्या कोई भारतीय महिला पहले विश्व कुश्ती चैंपियन बनी है?
नहीं। मनीषा जीतीं तो वह भारत की पहली महिला विश्व कुश्ती चैंपियन होंगी।





