श्रेणी: पूर्वी दिल्ली

सुंदर नगरी, नंद नगरी, सीलमपुर, शाहदरा, दिलशाद गार्डन और 110093 समेत पूर्वी व उत्तर-पूर्वी दिल्ली की लोकल ख़बरें।

  • त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे जब्त, घर में छिपा था स्टॉक; हरियाणा के पटौदी से जुड़े तार

    त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे जब्त, घर में छिपा था स्टॉक; हरियाणा के पटौदी से जुड़े तार

    कहाँ: सेंट्रल मार्केट ब्लॉक-20, त्रिलोकपुरी (पूर्वी दिल्ली)
    कब: 20 अक्टूबर की शाम छापा; जानकारी 23 अक्टूबर 2026 को दी गई
    क्या हुआ: पुलिस ने कुल 707 किलो से ज़्यादा अवैध पटाखे जब्त किए और 37 वर्षीय एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया
    आपके लिए क्या मतलब: रिहायशी इलाकों में बिना लाइसेंस पटाखों का भंडार आग और धमाके का बड़ा ख़तरा है
    क्या करें: घनी बस्ती में पटाखों का अवैध भंडार दिखे तो 112 पर पुलिस को बताएँ

    दिवाली से पहले पूर्वी दिल्ली में अवैध पटाखों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई में बड़ी बरामदगी हुई है। त्रिलोकपुरी में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 707 किलो से ज़्यादा अवैध पटाखे जब्त किए और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को यह जानकारी दी।

    बाज़ार से घर तक पहुँची जाँच

    पुलिस के मुताबिक 20 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे गुप्त सूचना पर त्रिलोकपुरी के सेंट्रल मार्केट ब्लॉक-20 में छापा मारा गया। यहाँ आरोपी के पास से करीब 47.7 किलो पटाखे मिले। वह इन्हें रखने या बेचने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं दिखा सका।

    पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके घर पर तलाशी ली, जहाँ से करीब 659.7 किलो और पटाखे बरामद हुए। इस तरह कुल बरामदगी 707 किलो से ऊपर पहुँच गई। मयूर विहार थाने में 21 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया।

    पटौदी के सप्लायर की तलाश

    पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पटाखे हरियाणा के पटौदी इलाके के एक सप्लायर से मंगवाए गए थे। पुलिस भुगतान के ब्योरे और सप्लायर से जुड़ी दूसरी जानकारियों की जाँच कर रही है। आरोपी ने गोदाम की पहचान करने की बात भी कही है, इसलिए आगे और छापे की तैयारी है। ये सभी बातें पुलिस के दावे हैं; अदालत में आरोप तय होना अभी बाकी है।

    घनी बस्तियों में क्यों बड़ा ख़तरा

    त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी, खिचड़ीपुर, सुंदर नगरी और सीलमपुर जैसे इलाकों में मकान सटे हुए हैं और गलियाँ संकरी हैं। ऐसे में घर के अंदर सैकड़ों किलो बारूदी सामान रखना आसपास के परिवारों के लिए भी जानलेवा हो सकता है। आग लगने पर दमकल की गाड़ियों को अंदर तक पहुँचने में भी दिक्कत होती है—हाल में वेलकम इलाके के हादसे में भी यही चुनौती दिखी थी।

    पटाखों का धुआँ दिल्ली की पहले से ख़राब हवा को और बिगाड़ता है। राजधानी में इस समय GRAP-1 की पाबंदियाँ लागू हैं।

    आप क्या कर सकते हैं

    • पटाखे सिर्फ़ लाइसेंसधारी दुकान से और प्रशासन की ओर से तय नियमों के मुताबिक ही ख़रीदें।
    • मोहल्ले में किसी घर या दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखे जमा दिखें तो 112 पर सूचना दें।
    • आग लगने पर तुरंत 101 (दमकल) पर कॉल करें।

    त्रिलोकपुरी में कितने अवैध पटाखे जब्त हुए?

    पुलिस के मुताबिक कुल 707 किलो से ज़्यादा—बाज़ार से करीब 47.7 किलो और आरोपी के घर से करीब 659.7 किलो।

    इस मामले में केस कहाँ दर्ज हुआ?

    मयूर विहार थाने में 21 अक्टूबर 2026 को BNS और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।

    अवैध पटाखों की सूचना कहाँ दें?

    दिल्ली पुलिस को 112 पर कॉल करके सूचना दी जा सकती है।

    स्रोत

  • पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    कहाँ: सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र से पानी पाने वाले इलाके—पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण और मध्य दिल्ली के हिस्से
    कब: 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक
    क्या हुआ: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत कर रहा है, जिससे दिल्ली को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है
    आपके लिए क्या मतलब: पानी कम दबाव से या कम समय के लिए आ सकता है, स्वाद बदला हुआ और पानी गंदला हो सकता है
    क्या करें: ज़रूरत भर पानी जमा करें, पीने का पानी उबालकर या फ़िल्टर कर इस्तेमाल करें, शिकायत DJB हेल्पलाइन 1916 पर करें

    अपडेट (25 अक्टूबर 2026): दैनिक जागरण की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक गंगनहर बंद होने के बाद पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों से कम दबाव और काला-गंदला पानी आने की शिकायतें आ रही हैं। रिपोर्ट में दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (DDC) के अध्यक्ष जितेंद्र महाजन के हवाले से कहा गया है कि प्लांटों पर फिलहाल यमुना के पानी का शोधन कर सप्लाई दी जा रही है। गंदला पानी आए तो उसे उबालकर ही पिएं और शिकायत 1916 पर दर्ज कराएं। (स्रोत: दैनिक जागरण)

    दिवाली से पहले पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों घरों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई और मरम्मत के चलते सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्रों (WTP) तक पहुँचने वाला गंगा का कच्चा पानी घट गया है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने एडवाइज़री जारी कर बताया है कि सोनिया विहार WTP से सप्लाई 8 नवंबर की आधी रात तक बंद रहेगी।

    कितना पानी आता है गंगा नहर से

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली को मुरादनगर रेगुलेटर के ज़रिये अपर गंगा नहर से रोज़ करीब 256 मिलियन गैलन (MGD) कच्चा पानी मिलता है। इसमें से लगभग 144 MGD सोनिया विहार और 112 MGD भागीरथी प्लांट को जाता है। इस दौरान दोनों प्लांटों पर यमुना के पानी से काम चलाया जाएगा, इसलिए सप्लाई में कमी और पानी के स्वाद में बदलाव की बात कही गई है। एक DJB अधिकारी के मुताबिक नहर से थोड़ा पानी अब भी आ रहा है और काम जल्दी पूरा कराने के लिए UP सिंचाई विभाग से बात चल रही है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से इलाके

    NDMC ने अपने इलाकों—खान मार्केट, लोदी एस्टेट, गोल्फ लिंक्स, किदवई नगर आदि—की सूची दी है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट (DJB अधिकारियों के हवाले से) के अनुसार सोनिया विहार प्लांट के नेटवर्क में मयूर विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर, पांडव नगर, कोंडली, त्रिलोकपुरी, न्यू अशोक नगर, सीलमपुर, वेलकम, जाफराबाद, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, विवेक विहार, यमुना विहार, गोकुलपुरी और करावल नगर जैसे इलाके आते हैं। भागीरथी प्लांट गोकलपुर, भागीरथी विहार, भजनपुरा, मुस्तफाबाद, यमुना विहार और आसपास के उत्तर-पूर्वी इलाकों को पानी देता है। सुंदर नगरी, नंद नगरी जैसी कॉलोनियों के लोग भी अपने इलाके के जल बोर्ड दफ़्तर से सप्लाई का समय पता कर लें।

    उसी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने हरियाणा से हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने को कहा है; इस पर हरियाणा का फ़ैसला अभी सामने नहीं आया है।

    क्यों बढ़ जाती है गंदलेपन की शिकायत

    अधिकारियों के मुताबिक नहर की सफाई के दौरान पानी में गंदलापन (टर्बिडिटी) बढ़ता है। यमुना का पानी इन दिनों खुद भी प्रदूषित है—कालिंदी कुंज में फिर दिखा जहरीला झाग इसकी ताज़ा मिसाल है। ऐसे में घरों में पानी उबालकर या फ़िल्टर करके पीना बेहतर है।

    इन दिनों क्या करें

    • सुबह सप्लाई के समय टंकी और ड्रम भर लें, पानी की बर्बादी रोकें।
    • पानी न आए या बहुत गंदा आए तो DJB हेल्पलाइन 1916 पर शिकायत करें और शिकायत नंबर नोट करें।
    • ज़रूरत हो तो DJB से टैंकर की माँग करें।
    • बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए पीने का पानी अलग से सुरक्षित रखें।

    पूर्वी दिल्ली की दूसरी खबरें: वेलकम में बालकनी गिरने का हादसा और वोटर लिस्ट SIR का विशेष कैंप।

    पूर्वी दिल्ली में पानी की सप्लाई कब तक प्रभावित रहेगी?

    अधिकारियों के मुताबिक 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक सप्लाई कम या अनियमित रह सकती है।

    पानी की कमी क्यों हो रही है?

    उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत से सोनिया विहार और भागीरथी प्लांट को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है।

    पानी न आए तो शिकायत कहाँ करें?

    दिल्ली जल बोर्ड की हेल्पलाइन 1916 पर कॉल करें; ज़रूरत पड़ने पर टैंकर की माँग भी की जा सकती है।

    स्रोत

  • वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी: दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को निकाला, बच्चा घायल

    वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी: दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को निकाला, बच्चा घायल

    कहाँ: फोटो चौक, वेलकम इलाका (उत्तर-पूर्वी दिल्ली)
    कब: 22-23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात
    क्या हुआ: एक इमारत की बालकनी अचानक टूटकर गिर गई; दमकल ने सीढ़ी से दो लोगों को बाहर निकाला, एक बच्चा घायल हुआ
    आपके लिए क्या मतलब: घनी आबादी वाली पुरानी इमारतों में रहने वालों को बालकनी, छज्जे और सीढ़ियों की हालत पर नज़र रखनी होगी
    क्या करें: ख़तरनाक इमारत की शिकायत MCD 311 ऐप पर करें; हादसे की स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गुरुवार देर रात भरभरा कर गिर गई। हादसे के बाद आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुँची। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।

    दमकल ने सीढ़ी लगाकर दो लोगों को निकाला

    फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक बालकनी गिरने के बाद इमारत में फँसे दो लोगों को दमकल की सीढ़ी के ज़रिये सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस हादसे में एक बच्चे को चोट आई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को ख़ाली करा लिया गया। बालकनी गिरने की वजह क्या थी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    समाचार एजेंसी ANI ने मौके के वीडियो साझा किए, जिनमें सड़क पर मलबा बिखरा दिख रहा है:

    https://x.com/ANI/status/2113362174873887008

    वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद जैसे इलाकों के लिए यह चेतावनी क्यों

    वेलकम, सीलमपुर, जाफराबाद, शाहदरा और आसपास की कॉलोनियों में बड़ी संख्या में इमारतें दशकों पुरानी हैं। कई घरों में समय के साथ ऊपर मंज़िलें जोड़ी गईं, जबकि नीचे का ढाँचा वही रहा। संकरी गलियों में बालकनी और छज्जे अक्सर सड़क की ओर निकले होते हैं, इसलिए उनके गिरने से राहगीरों और दुकानदारों को भी ख़तरा रहता है। ऐसे इलाकों में दमकल की गाड़ियों का अंदर तक पहुँचना भी मुश्किल होता है।

    इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें

    • बालकनी या छज्जे के नीचे लंबी दरारें, प्लास्टर का बार-बार झड़ना
    • छत या बीम से जंग लगी सरिया दिखना
    • दीवारों में लगातार सीलन और पानी का रिसाव
    • बालकनी का हल्का सा झुकाव या उस पर चलने पर कंपन महसूस होना
    • बालकनी पर भारी पानी की टंकी, गमले या कबाड़ का बोझ

    ख़तरा दिखे तो क्या करें

    1. शिकायत दर्ज करें: दिल्ली नगर निगम (MCD) के 311 ऐप पर इमारत से जुड़ी शिकायत फोटो के साथ दर्ज की जा सकती है। शिकायत नंबर संभाल कर रखें।

    2. बोझ हटाएँ: कमज़ोर बालकनी पर बैठना, सामान रखना या भीड़ जुटाना तुरंत बंद करें।

    3. इंजीनियर से जाँच: मकान मालिक किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जाँच करवाकर मरम्मत कराएँ। किरायेदार यह बात लिखित में मकान मालिक को बताएँ।

    4. आपात स्थिति में: इमारत गिरने या किसी के फँसने पर 112 पर कॉल करें; दमकल के लिए 101 डायल करें। मलबे में ख़ुद घुसने की बजाय बचाव दल का इंतज़ार करें और रास्ता ख़ाली रखें।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की और ख़बरों के लिए हमारा पूर्वी दिल्ली सेक्शन देखें। आज दिल्ली में हवा की हालत पर भी पढ़ें: GRAP-1 लागू, बॉर्डर पर बसों की जाँच सख़्त।

    वेलकम इलाके में बालकनी कब गिरी?

    22 और 23 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात फोटो चौक के पास एक इमारत की बालकनी गिरी।

    क्या हादसे में कोई घायल हुआ?

    फायर ऑफिसर अनूप सिंह के मुताबिक एक बच्चा घायल हुआ जिसे अस्पताल ले जाया गया; किसी की मौत नहीं हुई। दो लोगों को सीढ़ी से निकाला गया।

    दिल्ली में ख़तरनाक इमारत की शिकायत कहाँ करें?

    MCD के 311 ऐप पर फोटो के साथ शिकायत दर्ज करें। आपात स्थिति में 112 या दमकल के लिए 101 पर कॉल करें।

    यह भी पढ़ें: हर्ष विहार में निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, दो की मौत

    स्रोत