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होर्मुज़ में 4 टैंकर बारूदी सुरंग से टकराए, ईरान का दावा; हूतियों का सऊदी पर हमला, भारत के तेल पर क्या असर

सुनोहब डेस्क

संकरे समुद्री रास्ते में धुआं छोड़ता जलता हुआ तेल टैंकर (AI से बनी प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्या हुआ: ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में चार तेल टैंकर बारूदी सुरंगों से टकराए; यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नए हमलों का दावा किया
कब: दावे 29-30 अक्टूबर 2026 को सामने आए; अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव
कहां: होर्मुज़ जलडमरूमध्य, ओमान के खसब के पास समुद्र; सऊदी अरब
आपके लिए मतलब: दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा ऊर्जा सप्लाई इसी रास्ते से जाती रही है, इसलिए तनाव बढ़ने पर तेल और गैस के दाम पर असर पड़ सकता है
क्या करें: अफवाहों पर पेट्रोल-डीज़ल या LPG जमा करने की ज़रूरत नहीं; दाम में बदलाव की आधिकारिक घोषणा पर ही भरोसा करें

खाड़ी में पहले से जारी तनाव एक बार फिर तेज़ हो गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन टैंकर ओमान तट के पास उस रास्ते पर बारूदी सुरंगों से टकराकर आग की चपेट में आ गए, जिसे उसने ‘बिना अनुमति वाला दक्षिणी रूट’ बताया। ईरानी सेना के मुताबिक चौथा टैंकर जलडमरूमध्य के पूर्व में जला। अमेरिकी चैनल CNBC की रिपोर्ट में ये दावे ईरान के हवाले से दिए गए हैं।

ब्रिटेन की एजेंसी ने क्या बताया

ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी ने अलग से बताया कि ओमान के खसब से करीब 25 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक छोटी नाव ने एक टैंकर पर दो विस्फोटक लगाए। धमाकों से इंजन रूम में आग लगी और जहाज़ बेकार हो गया, हालांकि चालक दल सुरक्षित है।

अमेरिका और ईरान के दावों में टकराव

IRGC ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के उस बयान को भी चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ के मुख्य रास्तों से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं। IRGC प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने कहा कि इस दावे को बयान से नहीं, स्वतंत्र सबूतों से साबित किया जाए। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इसी बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में हवाई अड्डों और तेल ठिकानों पर छह सैन्य ऑपरेशन का दावा किया। सऊदी अधिकारियों ने इन हमलों की पुष्टि नहीं की, पर कहा कि उनके एयर डिफेंस ने मक्का क्षेत्र की ओर भेजे गए एक हूती ड्रोन को मार गिराया।

3 नवंबर पर क्यों है नज़र

CNBC के मुताबिक क्षेत्र के अधिकारियों और विश्लेषकों को आशंका है कि अमेरिका के 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव के आसपास लड़ाई फिर भड़क सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि क्षेत्र के शीर्ष अमेरिकी कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान से जुड़े सैन्य विकल्पों पर जानकारी दी। दूसरी तरफ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतर के मध्यस्थों के ज़रिए ईरान को बातचीत के ढांचे का प्रस्ताव भेजा है। यह संघर्ष अब नौवें महीने में है।

भारत और आपकी जेब पर असर

होर्मुज़ से दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा ऊर्जा सप्लाई गुज़रती रही है, और भारत अपना ज़्यादातर कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए इस रास्ते पर हर नया हमला अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार को बेचैन करता है, जिसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीज़ल, LPG और माल ढुलाई के खर्च पर पड़ सकता है। फिलहाल देश में ईंधन के दाम बदलने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए घबराकर ईंधन जमा करने की ज़रूरत नहीं है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या हुआ?

ईरान का दावा है कि चार टैंकर बारूदी सुरंगों से टकराए; ब्रिटेन की UKMTO ने खसब के पास एक टैंकर पर विस्फोटक हमले की पुष्टि की, चालक दल सुरक्षित है।

क्या भारत में पेट्रोल-डीज़ल महंगा होगा?

अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है। तनाव लंबा चला तो अंतरराष्ट्रीय तेल दामों के ज़रिए असर पड़ सकता है।

होर्मुज़ इतना अहम क्यों है?

दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा ऊर्जा सप्लाई इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुज़रती रही है।

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स्रोत

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