CAQM निर्माण प्रतिबंध का पहला दिन: गुरुग्राम-नोएडा में कई साइट्स पर काम जारी, धूल नियंत्रण कमजोर; 5–20 नवंबर पाबंदी

सुनोहब डेस्क

क्रेन और निर्माण स्थल पर प्रतिबंध चिन्ह का ग्राफिक – प्रतीकात्मक चित्र

क्या हुआ: CAQM का 5–20 नवंबर निर्माण/विध्वंस प्रतिबंध लागू होने के पहले दिन गुरुग्राम-नोएडा समेत NCR में कई साइट्स पर काम जारी; धूल नियंत्रण कमजोर
कब: प्रतिबंध 5 नवंबर से; TOI ग्राउंड रिपोर्ट 6 नवंबर 2026
कहां: दिल्ली-NCR—खासकर गुरुग्राम (उद्योग विहार, सेक्टर 23, सुशांत लोक-1, DLF फेज-2, सेक्टर 28) और नोएडा सेक्टर 62 आदि
आपके लिए मतलब: हाईवे/सड़क/फ्लाईओवर/पाइपलाइन पर भी प्रतिबंध; रेल/मेट्रो/एयरपोर्ट/अस्पताल/रक्षा आदि छूट; ऑफिस 50% WFH
क्या करें: साइट देखें तो शिकायत HSPCB/UPPCB/स्थानीय प्रशासन से करें; >500 वर्ग गज साइट्स पर पंजीकरण और AQI मॉनिटर जरूरी

प्रदूषण काटने के लिए Commission for Air Quality Management (CAQM) ने 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली-NCR में धूल पैदा करने वाले निर्माण और विध्वंस पर रोक लगाई थी। Indian Express के अनुसार यह आदेश करीब 30 अक्टूबर को आया। लेकिन Times of India की 6 नवंबर की ग्राउंड रिपोर्ट कहती है—पहले दिन कई जगहों पर काम थमा नहीं, धूल नियंत्रण लगभग नदारद रहा।

गुरुग्राम और नोएडा में क्या दिखा

TOI के अनुसार गुरुग्राम में उद्योग विहार, सेक्टर 23, सुशांत लोक-1, DLF फेज-2 और सेक्टर 28 में काम चलता दिखा। कई जगह रेत-गिट्टी खुली पड़ी थी, सड़क किनारे सामग्री रखी थी। उद्योग विहार फेज-3 में ऊपरी मंजिलों पर काम और रास्ते पर धूल दर्ज की गई।

नोएडा सेक्टर 62 में AQI तीसरे दिन भी गंभीर (400+) बताया गया—गुरुवार को 412। सेक्टर 126 जैसी जगहों पर स्मॉग गन/स्प्रिंकलर लगे होने के बावजूद इस्तेमाल कम होने की शिकायतें TOI ने दर्ज कीं। गाजियाबाद के वैशाली-इंदिरापुरम में खुदी सड़कें और धूल का गुबार आम लोगों की तकलीफ बढ़ा रहा है।

क्या छूट है, क्या नहीं

CAQM आदेश में रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, ISBT, अस्पताल, जल आपूर्ति/सैनिटेशन, राष्ट्रीय सुरक्षा/रक्षा और “राष्ट्रीय महत्व” की परियोजनाओं को छूट है। हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पाइपलाइन और टेलीकॉम जैसी परियोजनाएं छूट में नहीं हैं। दिल्ली समेत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी/निजी ऑफिसों को 50% स्टाफ वर्क-फ्रॉम-होम पर रखने का निर्देश भी है।

प्रशासन क्या कह रहा है

गुरुग्राम में डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर SDO और HSPCB अधिकारियों को रोज निरीक्षण कर शाम 5 बजे तक रिपोर्ट देनी है। हरियाणा के अर्बन डेवलपमेंट सलाहकार डी.एस. ढेसी ने सख्ती का निर्देश दिया—500 वर्ग गज से बड़ी साइट्स को पोर्टल पर रजिस्टर करना और AQI मॉनिटर लगाना जरूरी; पेट्रोल पंप केवल वैध PUC वाले वाहनों को ईंधन दें।

Greater Noida Authority और स्थानीय प्रदूषण बोर्ड मॉनिटरिंग का दावा करते हैं, लेकिन TOI की रिपोर्ट में आम लोगों का अनुभव अलग है—”पाबंदी का फर्क समझ ही नहीं आता।” प्रदूषण पहले से बहुत खराब है; निर्माण धूल उसमें और जोड़ती है।

निर्माण प्रतिबंध कब तक है?

CAQM के अनुसार 5 से 20 नवंबर 2026 तक दिल्ली-NCR में धूल वाले निर्माण/विध्वंस पर रोक।

किन कामों को छूट है?

रेल, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, जल/सैनिटेशन, रक्षा और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं; हाईवे-सड़क-फ्लाईओवर छूट में नहीं।

ऑफिसों पर क्या नियम है?

दिल्ली और 5 NCR जिलों में सरकारी/निजी ऑफिस 50% स्टाफ WFH रखें।

उल्लंघन पर क्या हो रहा है?

TOI के अनुसार पहले दिन कई साइट्स पर काम जारी; प्रशासन निरीक्षण और कार्रवाई का दावा कर रहा है।

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स्रोत

By SunoHub News

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