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  • महादेव सट्टा ऐप: चंद्राकर के बाद सह-प्रमोटर रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, भारत ने शुरू की प्रत्यर्पण की कोशिश

    महादेव सट्टा ऐप: चंद्राकर के बाद सह-प्रमोटर रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, भारत ने शुरू की प्रत्यर्पण की कोशिश

    क्या हुआ: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के सह-प्रमोटर रवि उप्पल (46) को इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर दुबई में गिरफ्तार किया गया है; भारत उनके प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटा है
    कब: खबर बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सामने आई
    कहां: दुबई (UAE); जांच CBI और ED कर रही हैं, आरोपी छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले
    आपके लिए मतलब: सौरभ चंद्राकर के बाद दूसरे बड़े आरोपी की गिरफ्तारी से पैसों के लेन-देन और फायदा उठाने वालों की परतें खुल सकती हैं
    क्या करें: किसी भी ऑनलाइन सट्टा या “गारंटीड कमाई” वाले ऐप से दूर रहें; ऐसे लिंक मिलें तो cybercrime.gov.in या 1930 पर शिकायत करें

    महादेव सट्टा ऐप मामले में एक हफ्ते के भीतर जांच एजेंसियों को दूसरी बड़ी कामयाबी मिली है। ऐप के सह-प्रमोटर रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि 46 साल के उप्पल को भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर पकड़ा गया और अब भारत उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

    यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब 1 नवंबर को CBI की टीम उप्पल के साथी और ऐप के दूसरे प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत ले आई थी। बुधवार को रायपुर की विशेष अदालत ने चंद्राकर को आठ दिन की CBI हिरासत में भेज दिया।

    अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार

    हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक भारतीय एजेंसियों को उप्पल की गिरफ्तारी की जानकारी अनौपचारिक माध्यमों से मिली है और UAE ने अभी औपचारिक रूप से भारत को सूचित नहीं किया है। अधिकारी सही चैनलों से जानकारी जुटा रहे हैं ताकि प्रत्यर्पण जल्द हो सके। गौर करने वाली बात है कि दिसंबर 2023 में भी उप्पल दुबई में हिरासत में लिए गए थे, लेकिन करीब 45 दिन में छूट गए थे, जबकि ED ने जनवरी 2024 में प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था।

    ED के आरोप क्या हैं

    ED ने अक्टूबर 2023 की चार्जशीट में उप्पल पर अपराध से कमाई गई रकम का इस्तेमाल करने और उसे छिपाने का आरोप लगाया था। एजेंसी के मुताबिक उप्पल दुबई के हेड ऑफिस से ऐप का वित्तीय नेटवर्क, यानी हवाला डिलीवरी और सट्टा ऑपरेटरों का काम, देखते थे, जबकि चंद्राकर प्रचार और संचालन संभालते थे। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार दोनों ने वानुअतु का पासपोर्ट भी हासिल कर लिया था। उप्पल ने इंटरपोल से रेड नोटिस हटवाने की कोशिश भी की थी, जो कामयाब नहीं हुई। ये सभी आरोप हैं, जिन पर अदालत में फैसला होना बाकी है।

    कितना बड़ा है मामला

    CBI के अनुसार महादेव ऑनलाइन बुक 2019-20 में शुरू हुआ और कोरोना काल में इसके यूज़र तेज़ी से बढ़े। एजेंसी का अनुमान है कि हज़ारों ‘पैनलों’ के ज़रिए 2019 से अब तक करीब 80,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। ED मनी लॉन्ड्रिंग वाले हिस्से में करीब 6,000 करोड़ रुपये की बात कहती है। जांचकर्ताओं का मानना है कि उप्पल से पूछताछ पैसों की पूरी कड़ी और इसका फायदा उठाने वालों तक पहुंचने में अहम होगी।

    रवि उप्पल कौन हैं?

    रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के सह-प्रमोटर हैं और भिलाई (छत्तीसगढ़) के रहने वाले हैं।

    उन्हें कहां और कैसे गिरफ्तार किया गया?

    इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर दुबई (UAE) में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

    सौरभ चंद्राकर कहां हैं?

    चंद्राकर को 1 नवंबर को ओमान से भारत लाया गया और रायपुर की विशेष अदालत ने उन्हें 8 दिन की CBI हिरासत में भेजा है।

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    स्रोत

    By SunoHub News