क्या हुआ: शाहदरा थाने में वकीलों से झड़प के बाद हुए तबादले के विरोध में पुलिस मुख्यालय पर धरने की अगुवाई करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ को “अनुशासन उल्लंघन” के आरोप में निलंबित कर दिया गया
कब: निलंबन की खबर मंगलवार, 3 नवंबर 2026 सुबह; धरना सोमवार 2 नवंबर को हुआ था
कहां: दिल्ली पुलिस मुख्यालय, जय सिंह मार्ग; विवाद की जड़ शाहदरा थाना (यमुनापार)
आपके लिए मतलब: पुलिस और वकीलों के बीच तालमेल के लिए ज़िला और मुख्यालय स्तर पर संयुक्त समन्वय समिति बनेगी; शाहदरा कोर्ट-थाने का कामकाज सामान्य है
क्या करें: कोर्ट या थाने के काम से पहले फोन कर स्थिति पता करें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले संदेश आगे न बढ़ाएं
सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर 1 पर जिस अफसर के इर्द-गिर्द सैकड़ों पुलिसकर्मी जमा थे, मंगलवार सुबह वही अफसर निलंबित हो गया। द हिंदू ने दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि ACP मनस्वी वशिष्ठ को “अनुशासन के उल्लंघन” के लिए सस्पेंड किया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी निलंबन की पुष्टि की है।
वशिष्ठ अब तक गांधी नगर के सब-डिविज़नल पुलिस ऑफिसर (SDPO) थे। शाहदरा विवाद के बाद उन्हें महिला और बच्चों के लिए बनी स्पेशल पुलिस यूनिट में और शाहदरा SHO अरुण कुमार को सिक्योरिटी ब्रांच भेज दिया गया था। इसी तबादले के खिलाफ सोमवार का धरना था।
23 अक्टूबर से शुरू हुआ विवाद
मामला 23 अक्टूबर का है, जब शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिस के बीच कहासुनी हुई और एक वकील के सिर में चोट आई। वकीलों का आरोप था कि ACP और SHO ने थाने पहुंचे अधिवक्ताओं को धमकाया। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि टकराव के दौरान ACP ने सर्विस पिस्तौल निकाली; वशिष्ठ ने इससे इनकार करते हुए कहा कि वह पिस्तौल स्टाफ को लौटाने से पहले सिर्फ गोलियां गिन रहे थे। इसके बाद ज़िला अदालतों के वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जो दोनों अफसरों के तबादले के बाद खत्म हुई।
धरने में क्या हुआ था
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक धरना सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुआ। दोपहर में पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और स्पेशल कमिश्नरों ने आदर्श ऑडिटोरियम में पुलिसकर्मियों से बात की। शाम को दूसरे दौर की बातचीत जॉइंट CP नूपुर प्रसाद के साथ हुई। बाहर आकर वशिष्ठ ने अखबार से कहा था कि उन्हें भरोसा दिया गया है कि धरने में शामिल लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी। अगली सुबह कार्रवाई उन्हीं पर हो गई।
पुलिसकर्मियों की पांच मांगें
- वकीलों से टकराव की स्थिति के लिए तय प्रक्रिया (SOP) बने।
- एक समय में थाने में अधिकतम पांच वकील ही आएं।
- पुलिस से दुर्व्यवहार करने वाले वकीलों पर FIR दर्ज हो।
- मुख्यालय पर वकीलों से जुड़ी शिकायतों के लिए अलग सेल बने।
- अदालतों के आकार के हिसाब से कोर्टरूम में पुलिस की तैनाती हो।
आगे क्या
मिलेनियम पोस्ट के अनुसार दिल्ली पुलिस ने बार एसोसिएशनों और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के सदस्यों को लेकर ज़िला और मुख्यालय स्तर पर संयुक्त समन्वय समिति बनाने की घोषणा की है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मियों से संवाद मंगलवार शाम 4 बजे तय है, जिसके लिए हर ज़िले से 20 कर्मियों को नामित किया गया है।
यमुनापार के लोगों के लिए राहत की बात इतनी है कि शाहदरा कोर्ट में वकीलों की हड़ताल पहले ही खत्म हो चुकी है। लेकिन पुलिस बल के भीतर की नाराज़गी और वकीलों के साथ खिंचाव आने वाले दिनों में थानों और अदालतों के माहौल पर असर डाल सकता है।
ACP मनस्वी वशिष्ठ को क्यों निलंबित किया गया?
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक उन्हें पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने की अगुवाई के बाद “अनुशासन उल्लंघन” के लिए निलंबित किया गया।
शाहदरा विवाद कब शुरू हुआ?
23 अक्टूबर 2026 को शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प से, जिसमें एक वकील घायल हुआ।
उपराज्यपाल पुलिसकर्मियों से कब मिलेंगे?
3 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे, किंग्सवे कैंप के उत्सव सदन में।
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