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  • तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप: 16 की मौत, 65 घायल; भारत और दिल्ली के लिए क्या सबक

    तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप: 16 की मौत, 65 घायल; भारत और दिल्ली के लिए क्या सबक

    कहाँ: बाचेन (Baqen) काउंटी, नागचू, तिब्बत (चीन का शिज़ांग क्षेत्र)
    कब: 22 अक्टूबर 2026, रात 10:33 बजे (बीजिंग समय) यानी भारतीय समय के अनुसार रात क़रीब 8:03 बजे
    क्या हुआ: 7.0 तीव्रता का भूकंप; 16 लोगों की मौत, 65 घायल
    आपके लिए क्या मतलब: हिमालयी क्षेत्र भूकंप के लिहाज़ से बेहद संवेदनशील है; दिल्ली भी भूकंपीय ज़ोन-IV में आती है
    क्या करें: घर में भूकंप सुरक्षा की तैयारी रखें – “झुको, ढको, पकड़ो” का अभ्यास करें

    तिब्बत के नागचू शहर की बाचेन काउंटी में गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई और 65 लोग घायल हुए हैं। चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक भूकंप का केंद्र ज़मीन से 10 किलोमीटर नीचे था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश और घायलों के इलाज के लिए पूरी ताक़त लगाने का निर्देश दिया है।

    कहाँ और कितना नुक़सान

    चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर के अनुसार भूकंप का केंद्र मारू टाउनशिप में था, जो काउंटी मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। काउंटी मुख्यालय में बिजली गुल हो गई और संचार सेवाएँ बाधित हुईं। स्थानीय अधिकारियों ने मकान ढहने की सूचना दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सैकड़ों मकान ढहे या क्षतिग्रस्त हुए और हज़ारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया गया।

    झटके तिब्बत के छामदो और न्यिंगची जैसे दूसरे हिस्सों में भी महसूस हुए। क़रीब 40 मिनट बाद पड़ोसी छिंगहाई प्रांत की ज़ादोई काउंटी में 4.3 तीव्रता का एक और झटका आया। तिब्बत प्रशासन ने लेवल-II आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की है।

    ऊँचाई और ठंड से बचाव मुश्किल

    प्रभावित इलाक़ा बहुत ऊँचाई पर है, जहाँ अक्टूबर में ही रातें बेहद ठंडी होती हैं। शी जिनपिंग ने भी आफ़्टरशॉक और मौसम पर नज़र रखने तथा बेघर हुए लोगों के लिए ठहरने का इंतज़ाम करने पर ज़ोर दिया है।

    भारत के लिए यह ख़बर क्यों अहम

    यह इलाक़ा उसी हिमालयी-तिब्बती पट्टी का हिस्सा है जहाँ भारतीय और यूरेशियाई प्लेटें आपस में टकराती हैं। इसी वजह से उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल और पूर्वोत्तर भूकंप के लिहाज़ से संवेदनशील हैं। दिल्ली भी भूकंपीय ज़ोन-IV में आती है, और पूर्वी दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले इलाक़ों में पुरानी और बिना नक़्शे की बनी इमारतें जोखिम बढ़ाती हैं।

    भूकंप आए तो क्या करें

    • झुको, ढको, पकड़ो: मज़बूत मेज़ के नीचे जाएँ, सिर ढकें और झटके रुकने तक पकड़े रहें।
    • झटकों के दौरान सीढ़ियों या लिफ़्ट से भागने की कोशिश न करें; खिड़की-शीशे और भारी अलमारी से दूर रहें।
    • बाहर हों तो इमारतों, बिजली के खंभों और तारों से दूर खुले में रहें।
    • घर में टॉर्च, पानी, दवाइयाँ और ज़रूरी काग़ज़ों वाला इमरजेंसी बैग तैयार रखें।
    • भूकंप की आधिकारिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) की वेबसाइट seismo.gov.in देखें।

    पुरानी इमारतों के ख़तरे पर हमारी लोकल रिपोर्ट भी पढ़ें: वेलकम में इमारत की बालकनी गिरी। दुनिया की और ख़बरें दुनिया सेक्शन में।

    तिब्बत में भूकंप कब आया?

    22 अक्टूबर 2026 को रात 10:33 बजे बीजिंग समय (भारतीय समय क़रीब 8:03 बजे) बाचेन काउंटी, नागचू में।

    भूकंप में कितने लोगों की मौत हुई?

    स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक 16 लोगों की मौत हुई और 65 घायल हुए।

    दिल्ली किस भूकंपीय ज़ोन में है?

    दिल्ली भूकंपीय ज़ोन-IV में आती है, जिसे ज़्यादा जोखिम वाला माना जाता है।

    स्रोत