क्या हुआ: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर बैंक की लापरवाही से डिजिटल अरेस्ट या साइबर फ्रॉड हुआ, तो पीड़ित को कम से कम गंवाई गई पूरी रकम के बराबर मुआवज़ा मिले
कब: गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 की सुनवाई
कहां: सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली; असर देशभर के बैंकों पर
आपके लिए मतलब: RBI के नए KYC नियमों में मुआवज़े की पक्की व्यवस्था करने को कहा गया है; ये नियम 30 नवंबर तक नोटिफाई होने हैं
क्या करें: ठगी हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और बैंक को फौरन बताएं
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी में जीवनभर की कमाई गंवाने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी बात सामने आई है। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि अगर जांच में पाया जाए कि फ्रॉड बैंक की ड्यू डिलिजेंस में चूक की वजह से हुआ, तो पीड़ित को कम से कम उतना मुआवज़ा मिलना चाहिए जितनी रकम उसने गंवाई।
RBI के नए नियमों पर कोर्ट की नज़र
बेंच ने कहा कि वह पहले RBI के प्रस्तावित KYC संशोधन निर्देश 2026 को देखेगी। इन्हें 30 नवंबर तक नोटिफाई और 31 दिसंबर तक लागू किया जाना है। कोर्ट ने ज़ोर दिया कि इन नियमों में ऐसे पीड़ितों को मुआवज़ा देने का प्रावधान ज़रूरी हो। RBI से अगली सुनवाई तक सभी अधिकृत वित्तीय संस्थानों की सूची भी मांगी गई है, ताकि निर्देश सब पर एक साथ लागू हों।
बैंकों से क्या उम्मीद
- खाते के पुराने रिकॉर्ड से हटकर होने वाले असामान्य लेन-देन को कुछ समय के लिए रोकना।
- संदिग्ध लेन-देन की अपने आप रिपोर्टिंग।
- ज़रूरत हो तो लेन-देन की असलियत जांचने के लिए फिज़िकल वेरिफिकेशन।
- डिजिटल अरेस्ट के शिकार लग रहे ग्राहक के असामान्य लेन-देन की सूचना पास के थाने को देना।
India Today के मुताबिक सुनवाई में CJI ने पूछा कि जो व्यक्ति आमतौर पर 10-20 हज़ार रुपये निकालता है, वह अचानक बड़ी रकम ट्रांसफर करे तो क्या उसे फ्लैग नहीं किया जाना चाहिए। Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार बेंच ने बैंकों को “प्रोटेक्टिव अंब्रेला” बताया और AI से संदिग्ध पैटर्न पकड़ने का सुझाव भी दिया।
अभी क्या नियम है
RBI के 24 जून 2026 के सर्कुलर के तहत 50 हज़ार रुपये तक के इलेक्ट्रॉनिक फ्रॉड में, अगर पीड़ित ने 5 दिन के अंदर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल और बैंक को शिकायत दी हो, तो नुकसान का 85% या 25 हज़ार रुपये, जो भी कम हो, जीवन में एक बार मुआवज़ा मिल सकता है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी इससे कहीं आगे की बात करती है, हालांकि अंतिम नियम अभी आने बाकी हैं।
याद रखें
कोई भी पुलिस, CBI या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। ऐसा कॉल आए तो तुरंत काटें और 1930 पर शिकायत करें।
क्या अब साइबर फ्रॉड की पूरी रकम बैंक लौटाएगा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर फ्रॉड बैंक की लापरवाही से हुआ हो तो कम से कम गंवाई गई रकम के बराबर मुआवज़ा मिले। इसके लिए RBI के नए नियम आने बाकी हैं।
RBI के नए KYC नियम कब आएंगे?
प्रस्तावित निर्देश 30 नवंबर 2026 तक नोटिफाई और 31 दिसंबर 2026 तक लागू होने हैं।
साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करें?
तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और अपने बैंक को सूचना दें।

