क्या हुआ: शाहदरा में स्कूल/अस्पताल/वृद्धाश्रम/साइलेंस जोन से 300 मीटर नो-क्रैकर जोन; सिर्फ QR वाले ग्रीन पटाखे, सिर्फ 7–8 नवंबर सुबह 6–7 और रात 8–10
कब: DCP बयान ANI 7 नवंबर 2026; दिवाली/छोटी दिवाली खिड़की 7 और 8 नवंबर
कहां: शाहदरा, पूर्वी दिल्ली; झिलमिल मार्केट गश्त भी
आपके लिए मतलब: अवैध/बिना QR पटाखे और गलत समय पर फोड़ना कानूनी कार्रवाई का जोखिम; स्थानीय प्रदूषण/शोर नियंत्रण
क्या करें: अधिकृत विक्रेता से ग्रीन पटाखा लें; टाइमिंग मानें; 300 मी. जोन में बिल्कुल न फोड़ें; शक हो तो पुलिस को बताएं
छोटी दिवाली और दिवाली से ठीक पहले शाहदरा पुलिस ने साफ संदेश दिया है—पटाखों पर “खुली छूट” नहीं। ANI के जरिए Daily Prabhat में प्रकाशित बयान में डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीना ने कहा कि जिला में केवल greencrackers—CSIR-NEERI प्रमाणित, वैध QR कोड वाले—अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदे जा सकते हैं। फोड़ने की अनुमति सिर्फ 7 और 8 नवंबर को सुबह 6–7 बजे तथा रात 8–10 बजे है। स्कूल, अस्पताल, वृद्धाश्रम और अधिसूचित साइलेंस जोन के आसपास 300 मीटर का घेरा पूरी तरह नो-क्रैकर जोन घोषित है; उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई का वादा किया गया।
Hindustan Times की 7 नवंबर रिपोर्ट के अनुसार शाहदरा में अवैध पटाखों के खिलाफ छापे जारी हैं और जिला पुलिस ने एक हजार किलो से अधिक अवैध स्टॉक जब्त करने का दावा किया। पुरानी दिल्ली के कुछ विक्रेताओं पर नियमों की अनदेखी का जिक्र भी रिपोर्ट में है—यानी कागजी पाबंदी और जमीनी बिक्री के बीच फासला अभी भी चुनौती है। पूर्वी रेंज के जॉइंट सीपी मिलिंद महादेव डोंबेरे ने झिलमिल मार्केट का दौरा कर दिवाली सुरक्षा व्यवस्था चेक की; बाजारों में भीड़, अस्थायी स्टॉल और यातायात दबाव को देखते हुए गश्त बढ़ाई गई है।
समय-सीमा और “ग्रीन” का मतलब
दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट/सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप दो दिन और तीन घंटे प्रति दिन की खिड़की लागू है। “ग्रीन” का मतलब सिर्फ पैकेट का रंग नहीं—QR स्कैन से प्रमाणन और अधिकृत चेन से खरीद जरूरी है। बिना लेबल, बिना QR या सड़क किनारे खुले ढेर से खरीदारी न सिर्फ जुर्माना/जब्ती का खतरा बढ़ाती है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के आसपास अनियंत्रित धमाकों का जोखिम भी। शाहदरा जैसे घने आवासीय इलाकों में स्कूल-अस्पताल की दूरी अक्सर 300 मीटर से कम होती है—यही वजह है कि डीसीपी ने जोन को “सख्ती से ऑफ-लिमिट” बताया।
पूर्वी दिल्ली के लिए व्यावहारिक सलाह
त्योहारी रातों में यातायात और पार्किंग पहले से तंग रहती है। अगर आपके मोहल्ले में अस्पताल या स्कूल पास है, तो पटाखे की जगह दीये-माला चुनना सुरक्षित विकल्प है। GRAP-3 जैसे प्रदूषण चरणों में निजी वाहन और धुआं दोनों दबाव बढ़ाते हैं; ग्रीन पटाखे भी शून्य प्रदूषण नहीं मानने चाहिए। पड़ोस में अवैध भंडारण या रात भर निरंतर धमाके दिखें तो नजदीकी थाने/हेल्पलाइन पर सूचना दें—अनावश्यक झगड़े से बचें, सबूत के रूप में समय-स्थान साफ बताएं।
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स्रोत
- ANI / Daily Prabhat — DCP Shahdara no-cracker zones
- Hindustan Times — curbs flouted / Shahdara seizures
By SunoHub News

