दिल्ली, देश और दुनिया की ताज़ा हिंदी ख़बरें

ताज़ा ख़बर

टैग: दिल्ली जल बोर्ड

  • यमुना सफाई की 43 परियोजनाएँ शुरू: कोंडली STP का अपग्रेड भी शामिल, पूर्वी दिल्ली को क्या मिलेगा

    यमुना सफाई की 43 परियोजनाएँ शुरू: कोंडली STP का अपग्रेड भी शामिल, पूर्वी दिल्ली को क्या मिलेगा

    कहाँ: दिल्ली; पूर्वी दिल्ली के कोंडली STP का अपग्रेड भी सूची में
    कब: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
    क्या हुआ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ₹8,941 करोड़ की 43 DJB परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया—10 पूरी, 33 की नींव
    आपके लिए क्या मतलब: सीवर कनेक्शन, STP क्षमता और नालों को रोकने के काम से आने वाले सालों में यमुना में गिरने वाला गंदा पानी घटाने का लक्ष्य
    क्या करें: अपनी कॉलोनी में सीवर लाइन के काम की जानकारी स्थानीय DJB दफ़्तर से लें; सीवर ओवरफ़्लो की शिकायत 1916 पर करें

    यमुना की सफाई के लिए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की 43 परियोजनाओं की शुरुआत गुरुवार को हुई। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में करीब ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। शाह ने मई 2029 से पहले यमुना को साफ करने का लक्ष्य दोहराया।

    परियोजनाओं में क्या-क्या

    हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार ₹2,827.11 करोड़ की 10 परियोजनाएँ चालू की गईं और ₹6,114.11 करोड़ की 33 परियोजनाओं की नींव रखी गई। इनमें पुराने STP का आधुनिकीकरण, नए और विकेंद्रीकृत STP, पंपिंग स्टेशन, नालों को रोककर STP तक ले जाना और नई सीवर लाइनें शामिल हैं।

    • आठ मौजूदा STP का ₹1,041 करोड़ से अपग्रेड, क्षमता 78.2 MGD से बढ़ाकर 140.8 MGD।
    • करीब ₹1,161 करोड़ में ओखला का 124 MGD STP और रिठाला व कोंडली में अपग्रेड।
    • बारापुला और महारानी बाग़ नालों का पानी बाटला हाउस के नए 35 MGD पंपिंग स्टेशन से ओखला STP तक।
    • ₹1,691 करोड़ से करीब 1,034 किमी सीवर नेटवर्क, जिससे लगभग 25.82 लाख लोगों को फ़ायदा बताया गया।
    • चंद्रावल में 477 MLD का नया जल शोधन संयंत्र।

    पूर्वी दिल्ली के लिए क्या मायने

    कोंडली STP

    कोंडली STP पूर्वी दिल्ली में है और इलाके के सीवेज के शोधन में अहम भूमिका निभाता है। इसके अपग्रेड का ज़िक्र परियोजनाओं की सूची में है, लेकिन कोंडली के लिए अलग से कितनी लागत और कितनी क्षमता बढ़ेगी, यह ब्योरा अभी सार्वजनिक रिपोर्टों में अलग से नहीं दिया गया है। काम पूरा होने की समय-सीमा भी परियोजना के हिसाब से अलग होगी।

    गाज़ीपुर लैंडफिल

    PIB के मुताबिक शाह ने अपने भाषण में कहा कि ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ 30-40 मीटर तक और गाज़ीपुर का 10-15 मीटर तक कम हुआ है, और दो साल में इनकी जगह बगीचे बनाने का दावा किया। गाज़ीपुर लैंडफिल के पास रहने वाले मयूर विहार, कोंडली और खोड़ा के लोगों के लिए यह बड़ा मुद्दा है।

    दावे और ज़मीनी तस्वीर

    परियोजनाओं की शुरुआत के अगले ही दिन, शुक्रवार सुबह कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर झाग दिखा। विशेषज्ञ मानते हैं कि STP क्षमता बढ़ाना ज़रूरी है, पर असर तभी दिखेगा जब हर कॉलोनी का सीवर नेटवर्क से जुड़ाव हो और प्लांट पूरी क्षमता से चलें। पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर की खबर भी पढ़ें।

    यमुना सफाई की कितनी परियोजनाएँ शुरू हुईं?

    22 अक्टूबर 2026 को ₹8,941 करोड़ की 43 DJB परियोजनाएँ—10 का उद्घाटन और 33 का शिलान्यास।

    क्या कोंडली STP भी इसमें शामिल है?

    हाँ, रिपोर्टों के मुताबिक ओखला के 124 MGD STP के साथ रिठाला और कोंडली STP का अपग्रेड करीब ₹1,161 करोड़ के हिस्से में है।

    यमुना कब तक साफ करने का लक्ष्य है?

    केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार मई 2029 से पहले।

    स्रोत

  • पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर, अपर गंगा नहर की सफाई बनी वजह

    कहाँ: सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र से पानी पाने वाले इलाके—पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण और मध्य दिल्ली के हिस्से
    कब: 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक
    क्या हुआ: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत कर रहा है, जिससे दिल्ली को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है
    आपके लिए क्या मतलब: पानी कम दबाव से या कम समय के लिए आ सकता है, स्वाद बदला हुआ और पानी गंदला हो सकता है
    क्या करें: ज़रूरत भर पानी जमा करें, पीने का पानी उबालकर या फ़िल्टर कर इस्तेमाल करें, शिकायत DJB हेल्पलाइन 1916 पर करें

    अपडेट (25 अक्टूबर 2026): दैनिक जागरण की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक गंगनहर बंद होने के बाद पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों से कम दबाव और काला-गंदला पानी आने की शिकायतें आ रही हैं। रिपोर्ट में दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (DDC) के अध्यक्ष जितेंद्र महाजन के हवाले से कहा गया है कि प्लांटों पर फिलहाल यमुना के पानी का शोधन कर सप्लाई दी जा रही है। गंदला पानी आए तो उसे उबालकर ही पिएं और शिकायत 1916 पर दर्ज कराएं। (स्रोत: दैनिक जागरण)

    दिवाली से पहले पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों घरों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई और मरम्मत के चलते सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्रों (WTP) तक पहुँचने वाला गंगा का कच्चा पानी घट गया है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने एडवाइज़री जारी कर बताया है कि सोनिया विहार WTP से सप्लाई 8 नवंबर की आधी रात तक बंद रहेगी।

    कितना पानी आता है गंगा नहर से

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली को मुरादनगर रेगुलेटर के ज़रिये अपर गंगा नहर से रोज़ करीब 256 मिलियन गैलन (MGD) कच्चा पानी मिलता है। इसमें से लगभग 144 MGD सोनिया विहार और 112 MGD भागीरथी प्लांट को जाता है। इस दौरान दोनों प्लांटों पर यमुना के पानी से काम चलाया जाएगा, इसलिए सप्लाई में कमी और पानी के स्वाद में बदलाव की बात कही गई है। एक DJB अधिकारी के मुताबिक नहर से थोड़ा पानी अब भी आ रहा है और काम जल्दी पूरा कराने के लिए UP सिंचाई विभाग से बात चल रही है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से इलाके

    NDMC ने अपने इलाकों—खान मार्केट, लोदी एस्टेट, गोल्फ लिंक्स, किदवई नगर आदि—की सूची दी है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट (DJB अधिकारियों के हवाले से) के अनुसार सोनिया विहार प्लांट के नेटवर्क में मयूर विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर, पांडव नगर, कोंडली, त्रिलोकपुरी, न्यू अशोक नगर, सीलमपुर, वेलकम, जाफराबाद, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, विवेक विहार, यमुना विहार, गोकुलपुरी और करावल नगर जैसे इलाके आते हैं। भागीरथी प्लांट गोकलपुर, भागीरथी विहार, भजनपुरा, मुस्तफाबाद, यमुना विहार और आसपास के उत्तर-पूर्वी इलाकों को पानी देता है। सुंदर नगरी, नंद नगरी जैसी कॉलोनियों के लोग भी अपने इलाके के जल बोर्ड दफ़्तर से सप्लाई का समय पता कर लें।

    उसी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने हरियाणा से हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने को कहा है; इस पर हरियाणा का फ़ैसला अभी सामने नहीं आया है।

    क्यों बढ़ जाती है गंदलेपन की शिकायत

    अधिकारियों के मुताबिक नहर की सफाई के दौरान पानी में गंदलापन (टर्बिडिटी) बढ़ता है। यमुना का पानी इन दिनों खुद भी प्रदूषित है—कालिंदी कुंज में फिर दिखा जहरीला झाग इसकी ताज़ा मिसाल है। ऐसे में घरों में पानी उबालकर या फ़िल्टर करके पीना बेहतर है।

    इन दिनों क्या करें

    • सुबह सप्लाई के समय टंकी और ड्रम भर लें, पानी की बर्बादी रोकें।
    • पानी न आए या बहुत गंदा आए तो DJB हेल्पलाइन 1916 पर शिकायत करें और शिकायत नंबर नोट करें।
    • ज़रूरत हो तो DJB से टैंकर की माँग करें।
    • बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए पीने का पानी अलग से सुरक्षित रखें।

    पूर्वी दिल्ली की दूसरी खबरें: वेलकम में बालकनी गिरने का हादसा और वोटर लिस्ट SIR का विशेष कैंप।

    पूर्वी दिल्ली में पानी की सप्लाई कब तक प्रभावित रहेगी?

    अधिकारियों के मुताबिक 8 नवंबर 2026 की आधी रात तक सप्लाई कम या अनियमित रह सकती है।

    पानी की कमी क्यों हो रही है?

    उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई-मरम्मत से सोनिया विहार और भागीरथी प्लांट को गंगा का कच्चा पानी कम मिल रहा है।

    पानी न आए तो शिकायत कहाँ करें?

    दिल्ली जल बोर्ड की हेल्पलाइन 1916 पर कॉल करें; ज़रूरत पड़ने पर टैंकर की माँग भी की जा सकती है।

    स्रोत

  • कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर जहरीले झाग की परत, छठ से पहले DJB की डिफोमिंग तैयारी

    कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर जहरीले झाग की परत, छठ से पहले DJB की डिफोमिंग तैयारी

    कहाँ: कालिंदी कुंज, ओखला बैराज के पास यमुना (दक्षिण-पूर्वी दिल्ली)
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 की सुबह
    क्या हुआ: नदी की सतह पर सफेद जहरीले झाग की मोटी परत दिखी; सरकारी अधिकारी के मुताबिक कुछ देर बाद नदी साफ दिखी
    आपके लिए क्या मतलब: छठ (नवंबर मध्य) से पहले यमुना के पानी की हालत फिर चिंता का विषय है
    क्या करें: झाग वाले पानी में नहाने या उसे छूने से बचें, त्वचा पर जलन हो तो साफ पानी से धोएँ और डॉक्टर को दिखाएँ

    सर्दी की आहट के साथ यमुना पर फिर वही पुरानी तस्वीर लौट आई है। शुक्रवार सुबह कालिंदी कुंज के पास नदी की सतह पर बर्फ जैसी दिखने वाली सफेद झाग की परत तैरती दिखी। समाचार एजेंसी ANI ने सुबह का वीडियो साझा किया, जबकि PTI से बात करते हुए एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि झाग सुबह कुछ समय के लिए दिखा और बाद में नदी साफ हो गई।

    https://x.com/ANI/status/2113480866366398905

    झाग क्यों बनता है

    विशेषज्ञों और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुताबिक यह झाग साबुन जैसे रसायनों यानी सर्फेक्टेंट से बनता है। ये रसायन बिना ट्रीटमेंट वाले घरेलू सीवेज, फैक्ट्रियों के गंदे पानी और धोबी घाटों से नदी में पहुँचते हैं। सड़ती जलकुंभी, पत्तियाँ और घास जैसी जैविक चीज़ें भी इसमें भूमिका निभाती हैं। ओखला बैराज पर पानी ऊँचाई से गिरता है तो उसमें मंथन होता है और झाग उठता है। तापमान गिरने पर ये बुलबुले ज़्यादा देर टिके रहते हैं, इसलिए अक्टूबर से दिसंबर के बीच यह समस्या सबसे ज़्यादा दिखती है।

    दिल्ली सरकार के कहने पर TERI ने पिछले साल जो अध्ययन किया था, उसमें शहर के कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के ठीक से काम न करने को भी वजह बताया गया था।

    छठ से पहले DJB की डिफोमिंग तैयारी

    DJB हर सर्दी कालिंदी कुंज पर झाग कम करने के लिए डिफोमर नाम के रसायन का छिड़काव करता है। एक DJB अधिकारी ने PTI को बताया कि यह अभियान 2022 से चल रहा है, इस साल भी कंपनियों के लिए टेंडर निकाला गया है और पिछले साल का बचा हुआ स्टॉक रखने के लिए दो कैंप बनाए गए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पिछले सीज़न में अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच 63 दिनों में करीब 48,000 किलो डिफोमिंग रसायन इस्तेमाल हुआ था।

    हालाँकि यमुना पर काम करने वाले कार्यकर्ता, जैसे SANDRP से जुड़े भीम सिंह रावत, कहते हैं कि छिड़काव सिर्फ़ दिखने वाले लक्षण को दबाता है; असली समस्या नदी में लगातार गिर रहा गंदा पानी है।

    राजनीति भी तेज़

    आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने डिफोमर खरीद के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। यह एक राजनीतिक आरोप है, जिसकी किसी जाँच में पुष्टि नहीं हुई है। झाग की यह तस्वीर ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही यमुना सफाई से जुड़ी ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ था।

    छठ व्रतियों और घाट जाने वालों के लिए

    • झाग वाले हिस्से में डुबकी लगाने से बचें; प्रशासन की ओर से तैयार किए गए घाटों का ही इस्तेमाल करें।
    • बच्चों को पानी से दूर रखें, पूजा के बाद हाथ-पैर साफ पानी से धोएँ।
    • त्वचा पर खुजली, आँखों में जलन हो तो नज़दीकी डिस्पेंसरी में दिखाएँ।

    हवा की हालत भी इन दिनों ठीक नहीं है—GRAP-1 के तहत चल रही सख्ती के बारे में भी पढ़ें। पूर्वी दिल्ली में 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर की खबर भी देखें।

    कालिंदी कुंज में यमुना पर झाग कब दिखा?

    23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार की सुबह कालिंदी कुंज के पास यमुना पर सफेद झाग की परत दिखी।

    यमुना में झाग क्यों बनता है?

    सीवेज, औद्योगिक कचरे और डिटर्जेंट में मौजूद सर्फेक्टेंट और सड़ती जलकुंभी के कारण; ओखला बैराज पर पानी गिरने से झाग उठता है और ठंड में ज़्यादा टिकता है।

    क्या झाग हटाने के लिए कुछ किया जा रहा है?

    DJB 2022 से कालिंदी कुंज पर डिफोमर का छिड़काव करता है और इस साल भी छठ से पहले इसकी तैयारी है।

    स्रोत