क्या हुआ: दिल्ली सरकार इस बार 1,400 से ज़्यादा छठ घाट तैयार करवा रही है; यमुना किनारे 17 मॉडल घाट और 23 बड़े प्राकृतिक घाट बनेंगे, सीलमपुर के वासुदेव घाट पर भी अस्थायी इंतज़ाम हो रहे हैं
कब: मुख्यमंत्री ने बुनियादी तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी करने को कहा है; 16 नवंबर को छठ की सरकारी छुट्टी घोषित
कहां: पल्ला से कालिंदी कुंज-ओखला तक यमुना का किनारा; पूर्वी दिल्ली में सीलमपुर (युधिष्ठिर सेतु के सामने वासुदेव घाट) और सभी 11 ज़िलों के पार्क-मैदान
आपके लिए मतलब: यमुनापार के पूर्वांचली परिवारों को इस बार घर के पास कृत्रिम घाट और यमुना किनारे टेंट, पानी, शौचालय, CCTV और मेडिकल कैंप जैसी सुविधाएं मिलनी हैं
क्या करें: अपने इलाके का घाट पहले से देख लें; घाट पर कमी दिखे तो अपने विधायक कार्यालय, ज़िला प्रशासन या छठ पूजा समिति को समय रहते बताएं
दिवाली के ठीक बाद आने वाले छठ महापर्व के लिए दिल्ली में घाट बनाने का काम तेज़ हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 अक्टूबर को समीक्षा बैठक में अफसरों से कहा कि सभी घाटों पर बुनियादी तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी हो जाएं। उसके बाद सिर्फ घाट में पानी भरने, टेंट लगाने और आखिरी सफाई जैसे काम बचें। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक CM ने अफसरों से खुद घाटों पर जाकर जांच करने को भी कहा है, सिर्फ प्रोग्रेस रिपोर्ट पर भरोसा नहीं।
इस बार कितने घाट
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार इस साल दिल्ली में 1,400 से ज़्यादा छठ घाट बनने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल 1,326 घाट बने थे। NDTV इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना के किनारे पल्ला गांव से कालिंदी कुंज तक 17 मॉडल छठ घाट और 23 बड़े प्राकृतिक घाट तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा सभी 11 ज़िलों के पार्कों, सोसायटियों और खुले मैदानों में करीब 1,300 कृत्रिम घाट बनाने की तैयारी है।
प्राकृतिक घाटों की सूची में सूर घाट, ITO का यमुना घाट, निगमबोध घाट, वज़ीराबाद ब्रिज घाट, कालिंदी कुंज घाट, कुदेसिया घाट, वासुदेव घाट, बुराड़ी घाट, संगम विहार घाट और इंद्रपुरी घाट शामिल बताए गए हैं।
पूर्वी दिल्ली में क्या हो रहा है
सीलमपुर का वासुदेव घाट
दिल्ली सरकार के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने जीटी रोड पर युधिष्ठिर सेतु के सामने, यमुना के बाएं किनारे पर बने वासुदेव घाट पर छठ पूजा 2026 के अस्थायी इंतज़ामों का टेंडर निकाला है। यह इलाका सीलमपुर, शास्त्री पार्क, वेलकम और जाफराबाद के श्रद्धालुओं के सबसे पास पड़ता है।
कॉलोनियों में कृत्रिम घाट
सुंदर नगरी, नंद नगरी, शाहदरा, त्रिलोकपुरी, मयूर विहार और लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में हर साल पार्कों और DDA मैदानों में अस्थायी घाट बनते हैं। इस बार भी ज़िला प्रशासन और स्थानीय छठ समितियों के ज़रिए यही इंतज़ाम होने हैं। किस पार्क में घाट बनेगा, इसकी सूची ज़िलेवार जारी होती है।
सुविधाएं और 16 नवंबर की छुट्टी
बड़े घाटों पर CCTV निगरानी, कपड़े बदलने के लिए टेंट, साफ पीने का पानी, मोबाइल टॉयलेट और मेडिकल कैंप का इंतज़ाम होना है। नवंबर में ठंड की आशंका को देखते हुए CM ने बड़े और मध्यम घाटों पर ढके हुए टेंट लगाने को कहा है। साथ ही 16 नवंबर को सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है।
यमुना का दिल्ली वाला हिस्सा देश के सबसे प्रदूषित नदी हिस्सों में गिना जाता है और हर साल छठ से पहले झाग की तस्वीरें चिंता बढ़ाती हैं। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए साफ पानी वाले कृत्रिम घाट भी उतने ही अहम हैं।
दिल्ली में इस बार कितने छठ घाट बनेंगे?
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक 1,400 से ज़्यादा, जबकि पिछले साल 1,326 घाट बने थे।
क्या छठ पर दिल्ली में छुट्टी है?
हां, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 16 नवंबर को सरकारी छुट्टी घोषित की है।
पूर्वी दिल्ली में यमुना किनारे कौन सा घाट पास है?
सीलमपुर में जीटी रोड पर युधिष्ठिर सेतु के सामने वासुदेव घाट, जहां सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग अस्थायी इंतज़ाम कर रहा है।
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