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दिल्ली की हवा 288 दिन में सबसे जहरीली: AQI 377, विवेक विहार समेत 21 स्टेशन गंभीर; 6-7 नवंबर को और बिगड़ेगी

सुनोहब डेस्क

दिल्ली के आसमान में छाया घना स्मॉग

क्या हुआ: दिल्ली की हवा बुधवार को 288 दिनों में सबसे खराब रही; CPCB के 4 बजे के बुलेटिन में औसत AQI 377 दर्ज हुआ और 59 में से 21-22 स्टेशन “गंभीर” श्रेणी में पहुंच गए
कब: बुधवार, 4 नवंबर 2026 (शाम 4 बजे का बुलेटिन); पूर्वानुमान 5 से 7 नवंबर तक
कहां: पूरी दिल्ली; IIT दिल्ली, जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, मुंडका और पूर्वी दिल्ली का विवेक विहार सबसे प्रदूषित स्टेशनों में
आपके लिए मतलब: IITM के मुताबिक गुरुवार को हवा “बहुत खराब” रहेगी और शुक्रवार-शनिवार (6-7 नवंबर) को “गंभीर” हो सकती है, यानी दिवाली के आसपास हालात और बिगड़ने का खतरा
क्या करें: सुबह-शाम की सैर और बाहर व्यायाम टालें, बाहर निकलें तो N95 मास्क पहनें, बुजुर्गों-बच्चों और सांस के मरीजों का खास ध्यान रखें

दिवाली से ठीक पहले दिल्ली की हवा ने इस साल का सबसे बुरा रूप दिखाया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के बुधवार शाम 4 बजे के बुलेटिन में राजधानी का 24 घंटे का औसत AQI 377 रहा। द ट्रिब्यून के अनुसार इससे खराब हवा आखिरी बार 20 जनवरी को दर्ज हुई थी, जब AQI 378 था। यानी पूरे 288 दिन बाद दिल्ली इस स्तर पर पहुंची है।

21-22 स्टेशन गंभीर श्रेणी में

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक 59 निगरानी स्टेशनों में से 21 पर AQI 400 के पार गया, जबकि ट्रिब्यून ने यह संख्या 22 बताई। सिर्फ गिनती के स्टेशन “खराब” श्रेणी में रहे, बाकी सब “बहुत खराब” या “गंभीर” में थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि शाम 6:30 बजे तक IIT दिल्ली पर AQI 455, जहांगीरपुरी 449, पंजाबी बाग 446, मुंडका 439 और पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में 436 था। रोहिणी, अलीपुर और नरेला भी 429-432 के बीच रहे। पड़ोसी गुरुग्राम (322) और नोएडा (330) की हवा भी “बहुत खराब” रही।

पांच दिन में 60 से 377 तक

गिरावट कितनी तेज़ रही, यह आंकड़ों से साफ है। बीते शुक्रवार को बारिश और तेज़ हवा के बाद AQI 60 था, जो “संतोषजनक” श्रेणी है। शनिवार को यह 117, रविवार को 261, सोमवार को 324 और मंगलवार को 350 हुआ। बुधवार लगातार पांचवां दिन था जब हवा और बिगड़ी।

पराली सबसे बड़ा कारण

IITM पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के अनुसार बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का हिस्सा 20.2% रहा, जो सबसे बड़ा पहचाना गया स्रोत है। वाहनों का योगदान 15.5% आंका गया। NCR के ज़िलों में गाजियाबाद का हिस्सा 7% रहा, जो यमुनापार के लोगों के लिए खास चिंता की बात है। इसी बीच वायु गुणवत्ता आयोग (CAQM) ने पंजाब में पराली जलाने पर सख्ती शुरू की है।

आगे क्या: शुक्रवार से “गंभीर” का अनुमान

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम का अनुमान है कि गुरुवार, 5 नवंबर को हवा “बहुत खराब” रहेगी, जबकि 6 और 7 नवंबर को यह “गंभीर” श्रेणी में जा सकती है। ये वही दिन हैं जब सुप्रीम कोर्ट की छूट के तहत ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। HT के अनुसार इसके बाद करीब एक हफ्ते तक हवा गंभीर बनी रह सकती है। गुरुवार तड़के निजी ट्रैकर्स पर कुछ स्टेशनों की रीडिंग 450 के ऊपर दिखी, हालांकि यह CPCB का आधिकारिक दैनिक बुलेटिन नहीं है।

डॉक्टर लगातार सलाह दे रहे हैं कि ऐसे दिनों में घर के अंदर रहना ही बेहतर है। जिनके घर में अस्थमा या दिल के मरीज हैं, वे दवाइयां पहले से रख लें।

दिल्ली का AQI 4 नवंबर को कितना था?

CPCB के शाम 4 बजे के बुलेटिन में औसत AQI 377 रहा, जो 288 दिनों में सबसे खराब है।

क्या हवा और खराब होगी?

IITM के पूर्वानुमान के मुताबिक 6 और 7 नवंबर को AQI “गंभीर” श्रेणी (401-500) में जा सकता है।

प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत क्या रहा?

IITM पुणे के अनुमान में पराली जलाना 20.2% हिस्से के साथ सबसे बड़ा स्रोत रहा, वाहनों का हिस्सा 15.5% था।

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स्रोत

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