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फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन: घर में गिरने से सिर में चोट, पुलिस ने दर्ज की ADR; “काँटे” से “काबिल” तक का सफर

सुनोहब डेस्क

खाली सिनेमा हॉल की लाल कुर्सियां, फिल्म जगत में शोक का प्रतीक

क्या हुआ: “काँटे”, “शूटआउट एट लोखंडवाला” और “काबिल” से जुड़े फिल्ममेकर संजय गुप्ता का मुंबई में निधन हो गया; पुलिस के मुताबिक घर में गिरने से सिर में चोट लगी
कब: 30 अक्टूबर 2026 की देर रात हादसा, 31 अक्टूबर की सुबह परिवार को पता चला
कहां: वर्सोवा, मुंबई; कूपर अस्पताल में मृत घोषित
आपके लिए मतलब: पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है और अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला; मौत की वजह पर अफवाहों से बचें
क्या करें: आधिकारिक पुलिस बयान और भरोसेमंद रिपोर्ट्स ही शेयर करें; घर में बुज़ुर्गों और अकेले रहने वालों के लिए रात में रोशनी और फिसलन से बचाव का ध्यान रखें

हिंदी सिनेमा में स्टाइलिश एक्शन-थ्रिलर की पहचान बनाने वाले फिल्ममेकर संजय गुप्ता नहीं रहे। मुंबई पुलिस के मुताबिक शुक्रवार, 30 अक्टूबर की देर रात वर्सोवा स्थित घर में वे गिर गए और उनके सिर में चोट लगी। शनिवार सुबह परिवार ने उन्हें देखा। उन्हें कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

उनकी उम्र पर रिपोर्ट्स अलग-अलग हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडियन एक्सप्रेस ने उम्र 57 साल बताई है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में 59 साल लिखा गया है।

पुलिस ने क्या कहा

हिंदुस्तान टाइम्स और इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वर्सोवा पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि वे रात में किचन की तरफ गए थे, संतुलन बिगड़ा और गिर गए। उस समय घर के बाकी लोग सो रहे थे, इसलिए सुबह तक किसी को पता नहीं चला। पुलिस के अनुसार अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, परिवार ने कोई शिकायत नहीं की है और पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच जारी है।

“आतिश” से “काबिल” तक

संजय गुप्ता ने 1994 में “आतिश” से निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद “जंग”, “काँटे” (2002), “मुसाफिर” (2004) और “ज़िंदा” जैसी फिल्में बनाईं। “काँटे” अपने अंदाज़, स्लो-मोशन शॉट्स और मल्टी-स्टार कास्ट के कारण आज भी चर्चा में रहती है।

निर्माता के तौर पर वे “शूटआउट एट लोखंडवाला” (2007) से जुड़े, जिसे उन्होंने सह-लिखा भी था। 2013 में “शूटआउट एट वडाला” आई, जिसका निर्देशन उन्होंने किया। ऋतिक रोशन की “काबिल” (2017) का निर्देशन भी संजय गुप्ता ने किया था। मुंबई अंडरवर्ल्ड और पुलिस एनकाउंटर पर बनी कहानियों को उन्होंने बड़े परदे पर एक खास रंग दिया।

इंडस्ट्री में शोक

फिल्ममेकर मिलाप ज़वेरी ने PTI से उनके निधन की पुष्टि की और कहा कि वे अपनी अगली फिल्म संजय गुप्ता को समर्पित करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर उन्हें भाई कहकर याद किया और लिखा कि दोनों हाल में “काँटे 2” पर बात कर रहे थे। अंतिम संस्कार में फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग पहुंचे।

उनके जाने से उस पीढ़ी का एक फिल्ममेकर चला गया, जिसने 2000 के दशक की शुरुआत में हिंदी एक्शन फिल्मों का लुक बदल दिया था।

संजय गुप्ता की मौत कैसे हुई?

मुंबई पुलिस के मुताबिक 30 अक्टूबर की देर रात वर्सोवा स्थित घर में गिरने से उनके सिर में चोट लगी। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की है।

संजय गुप्ता की प्रमुख फिल्में कौन-सी हैं?

आतिश, काँटे, मुसाफिर, ज़िंदा, शूटआउट एट वडाला और काबिल का निर्देशन; शूटआउट एट लोखंडवाला के निर्माता।

क्या मामले में कुछ संदिग्ध मिला?

पुलिस के अनुसार अब तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला है और परिवार ने कोई शिकायत नहीं की है।

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स्रोत

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