क्या हुआ: चक्रवात ‘अर्नब’ के आंध्र प्रदेश तट पार करने के बाद दक्षिण ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़ आ गई; गंजाम और गजपति में 60 हज़ार से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए
कब: चक्रवात 28 अक्टूबर को तट से टकराया; ओडिशा में बाढ़ 29 अक्टूबर को; अगला सिस्टम 31 अक्टूबर के आसपास
कहां: आंध्र प्रदेश के तटीय ज़िले, ओडिशा के गंजाम, गजपति, कंधमाल
आपके लिए मतलब: हावड़ा-चेन्नई रूट की कम से कम 30 ट्रेनें रद्द हुईं; पूर्वी तट की ओर सफर करने वालों को दिक्कत
क्या करें: ओडिशा या आंध्र की ट्रेन का टिकट है तो रेलवे की NTES ऐप या 139 पर स्टेटस ज़रूर देखें
चक्रवात ‘अर्नब’ कमज़ोर ज़रूर पड़ गया है, लेकिन उसके पीछे आई बारिश ने दक्षिण ओडिशा में बाढ़ की हालत बना दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गुरुवार को गंजाम ज़िले के पात्रपुर में 24 घंटे में 546 मिलीमीटर और सोराडा में 503 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। रिपोर्ट के अनुसार गंजाम में 40 हज़ार से ज़्यादा और गजपति में करीब 20 हज़ार लोग प्रभावित हुए हैं और करीब 70 गांव कट गए हैं।
आंध्र में तबाही, फसलें डूबीं
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अर्नब 28 अक्टूबर की सुबह यानम के दक्षिण-पश्चिम में नरसापुर के पास बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में तट से टकराया। तब हवा की रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटा थी और झोंके 150 किमी तक पहुंचे। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पांच मौतों की आधिकारिक पुष्टि करते हुए पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख रुपये देने का एलान किया; मीडिया रिपोर्टों में मौतों की संख्या सात से नौ के बीच बताई गई है।
शुरुआती सरकारी आकलन के अनुसार 14 ज़िलों में करीब 2.24 लाख हेक्टेयर फसल खराब हुई और करीब 3.45 लाख किसान इससे प्रभावित हैं। नायडू के मुताबिक करीब 15 हज़ार बिजली के खंभे उखड़ गए।
ओडिशा में हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
गंजाम प्रशासन के अनुरोध पर कोस्ट गार्ड ने ALH हेलिकॉप्टर भेजा, जिसने बाढ़ में फंसे छह लोगों को निकाला। दोनों ज़िलों में करीब 29 हज़ार लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। रुशिकुल्या नदी खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बह रही थी। राहत के लिए आंध्र और ओडिशा में NDRF की 16 और SDRF की 11 टीमें लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि चक्रवात के दौरान राज्य ने ‘ज़ीरो कैज़ुअल्टी’ का लक्ष्य हासिल किया। हालांकि सोराडा के स्पिलवे में एक व्यक्ति के बह जाने की खबर है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
केंद्र की मदद, और खतरा अभी टला नहीं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से बात कर हर मदद का भरोसा दिया और कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) भेजी जाएंगी। उधर IMD ने बताया है कि दक्षिण अंडमान सागर में नया कम दबाव का क्षेत्र बना है, जो 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन बनकर आंध्र तट की ओर बढ़ सकता है। यानी नवंबर की शुरुआत में इन इलाकों में फिर बारिश हो सकती है।
दिल्ली से ओडिशा, आंध्र या दक्षिण भारत जाने वालों के लिए असर सीधा है: रेलवे ट्रैक पर पानी आने से हावड़ा-चेन्नई रूट की कम से कम 30 ट्रेनें रद्द की गईं। सफर से पहले ट्रेन का ताज़ा स्टेटस देख लें।
चक्रवात अर्नब कहां टकराया?
28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश तट पर, यानम के पास नरसापुर के करीब।
ओडिशा में कौन से ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं?
गंजाम और गजपति; यहां 60 हज़ार से ज़्यादा लोग प्रभावित हैं और 70 गांव कटे हुए हैं।
क्या एक और चक्रवात आ रहा है?
IMD के अनुसार अंडमान सागर का नया कम दबाव क्षेत्र 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन बन सकता है और आंध्र तट की ओर बढ़ सकता है। अभी इसे चक्रवात नहीं कहा गया है।
यह भी पढ़ें
- दिल्ली में बारिश, ओलों का येलो अलर्ट
- ट्रेन में रात 11 से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग बंद
- 1 नवंबर से बदल रहे ये नियम





