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  • सत्य निकेतन PG ढहने का केस: 638 पन्नों की चार्जशीट, छह आरोपी; सात मौतें

    सत्य निकेतन PG ढहने का केस: 638 पन्नों की चार्जशीट, छह आरोपी; सात मौतें

    क्या हुआ: सत्य निकेतन PG इमारत ढहने (6 सितंबर) के मामले में दिल्ली पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ 638 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया
    कब: चार्जशीट ~5 नवंबर 2026 (पटियाला हाउस); घटना 6 सितंबर 2026
    कहां: सत्य निकेतन, दक्षिण दिल्ली (दिल्ली विश्वविद्यालय साउथ कैंपस इलाका)
    आपके लिए मतलब: छात्र-PG किराएदारों के लिए इमारत मरम्मत/बेसमेंट खुदाई के खतरे की चेतावनी; सात मौतों वाला केस कोर्ट में आगे बढ़ेगा
    क्या करें: PG चुनते समय मालिकाना/मरम्मत का हाल पूछें; अवैध बेसमेंट काम दिखे तो शिकायत दर्ज कराएं

    चावड़ी बाज़ार में इमारत ढहने की खबरों के बीच दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन का पुराना मामला भी अदालत में अगले पड़ाव पर पहुंच गया। The Hindu, NDTV और Times of India के अनुसार दिल्ली पुलिस ने 6 सितंबर को ढही पांच मंजिला PG इमारत—जिसमें सात लोगों की मौत हुई—के मामले में छह लोगों के खिलाफ करीब 638 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच में 87 गवाहों के बयान शामिल बताए गए हैं।

    किसके नाम चार्जशीट में

    पुलिस सूत्रों/चार्जशीट के हवाले से आरोपियों में भवन से जुड़े हरि राम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता, उनके पुत्र महेश गुप्ता, मजदूर/ठेकेदार सनोज कुमार तथा PG संचालक सुधांशु लवनीश कुमार और शुभम त्यागी शामिल बताए गए हैं। नामों की वर्तनी रिपोर्टों में थोड़ी भिन्न हो सकती है। आरोप हैं कि मरम्मत/निर्माण के दौरान छात्र इमारत में ही रह रहे थे, जिससे जान जोखिम में पड़ी।

    BNS की धाराओं में कथित रूप से 105 (हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध), 125(क) (जीवन संकट में डालने वाला उतावलापन), 3(5) (सामान्य आशय), 290 (निर्माण/मरम्मत में लापरवाही), 115(2) और 324 से जुड़े प्रावधानों का जिक्र रिपोर्टों में है। ये आरोप हैं—अदालत में साबित होना बाकी है।

    जांच में क्या निकला

    TOI के अनुसार चार्जशीट कहती है कि संरचनात्मक बदलाव के लिए सक्षम प्राधिकरण से मंजूरी नहीं ली गई। बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर पर लाने के लिए मलबा भरा गया; घटना वाले दिन दुकान के लिए दीवार तोड़ी गई। कथित तौर पर महेश गुप्ता ने मरम्मत करवाई; संचालकों ने अगस्त 2025 में मासिक किराए पर फ्लोर लिए थे। FSL रिपोर्ट सप्लीमेंटरी चार्जशीट में आने का उल्लेख है। मौतों में पांच छात्र और दो मजदूर शामिल बताए गए हैं।

    SunoHub पाठकों—खासकर साउथ कैंपस के छात्रों—के लिए सबक साफ है: सस्ते किराए के पीछे ढांचागत खतरा छिपा हो सकता है। मरम्मत चल रही हो तो वैकल्पिक ठहरने की व्यवस्था पर जोर दें।

    चार्जशीट कितने पन्नों की?

    रिपोर्टों के अनुसार करीब 638 पन्ने; 87 गवाह।

    कितने आरोपी?

    छह—मालिक/परिवार, ठेकेदार और दो PG संचालक (कथित)।

    घटना कब हुई?

    6 सितंबर 2026; सात मौतें।

    मुख्य आरोप क्या?

    कथित आपराधिक मानव वध (गैर-हत्या), लापरवाह निर्माण/मरम्मत आदि—अदालत में लंबित।

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    स्रोत

    By SunoHub News