क्या हुआ: शाहदरा थाने में हुए विवाद के विरोध में दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों के वकीलों ने एक दिन के लिए न्यायिक काम का बहिष्कार किया; पुलिस ने भी 15-20 वकीलों पर केस दर्ज किया है
कब: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 (विवाद 23-24 अक्टूबर से)
कहां: कड़कड़डूमा समेत दिल्ली की सभी ज़िला अदालतें; विवाद शाहदरा थाने का
आपके लिए मतलब: आज ज़्यादातर मामलों में वकील पेश नहीं होंगे, इसलिए सुनवाई टल सकती है और अगली तारीख मिल सकती है
क्या करें: अगर आज आपकी तारीख थी तो अपने वकील से अगली तारीख पूछें या ज़िला अदालत की वेबसाइट/eCourts ऐप पर केस स्टेटस देखें
कड़कड़डूमा कोर्ट में आज तारीख पर पहुंचे कई लोगों को बिना सुनवाई लौटना पड़ सकता है। दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों के वकील मंगलवार को एक दिन की हड़ताल पर हैं। यह फैसला ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स बार एसोसिएशंस की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस पर हुई आपात बैठक में लिया।
विवाद की शुरुआत कहां से हुई
कमेटी के सर्कुलर के मुताबिक मामला शाहदरा थाने में दर्ज FIR नंबर 0248/2026 से जुड़ा है। इसमें वकील ललित बंसल के साथ मारपीट का आरोप है, जिसमें उन्हें सिर में गंभीर चोट आई। शिकायतकर्ता वकील अमूल्य रतन हैं।
सर्कुलर में कहा गया है कि 23 अक्टूबर की शाम कई वकील थाने पहुंचे थे और उन्हें आश्वासन मिला था कि नामजद लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। 24 अक्टूबर को वकीलों को पता चला कि आरोपियों को कथित तौर पर छोड़ दिया गया है। जब वे दोबारा थाने गए, तो वहां मौजूद एक ACP पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप बार कमेटी के सर्कुलर का हिस्सा है; पुलिस की ओर से इस पर अब तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस ने भी दर्ज किया केस
दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने शाहदरा थाने में 15 से 20 वकीलों के खिलाफ केस दर्ज किया है। PTI के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज की और सरकारी काम में बाधा डाली। अधिकारियों के मुताबिक एक वकील ने SHO का हाथ पकड़कर खींचने की भी कोशिश की। बार कमेटी ने सर्कुलर में इस FIR (नंबर 0252/2026) पर गहरी चिंता जताई है।
वकीलों की मांग
- संबंधित ACP और SHO को निष्पक्ष जांच पूरी होने तक तुरंत निलंबित किया जाए।
- वकील ललित बंसल पर हमले के मामले में प्रभावी कार्रवाई हो।
सर्कुलर की कॉपी दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और ज़िलों के प्रधान ज़िला एवं सत्र न्यायाधीशों को भेजी गई है।
आपकी तारीख का क्या होगा
हड़ताल के दिन आम तौर पर जज बैठते हैं, लेकिन वकीलों के न आने से ज़्यादातर मामलों में सिर्फ अगली तारीख दी जाती है। कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में शाहदरा, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी ज़िलों के मामले चलते हैं, इसलिए सुंदर नगरी, नंद नगरी, सीलमपुर और यमुना विहार जैसे इलाकों के लोगों पर इसका सीधा असर है। जमानत या रिमांड जैसे ज़रूरी मामलों के लिए अदालतें अलग व्यवस्था करती रही हैं, इसलिए ऐसे मामले में अपने वकील से तुरंत बात करें।
27 अक्टूबर को दिल्ली की अदालतों में काम क्यों नहीं हो रहा?
शाहदरा थाने के विवाद के विरोध में ज़िला अदालतों के वकीलों ने एक दिन का न्यायिक कार्य बहिष्कार किया है।
क्या कड़कड़डूमा कोर्ट भी प्रभावित है?
हां, कोऑर्डिनेशन कमेटी का आह्वान दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों के लिए है।
मेरी आज की तारीख का पता कैसे करूं?
eCourts सर्विसेज़ ऐप या ज़िला अदालत की वेबसाइट पर केस नंबर डालकर अगली तारीख देखें, या अपने वकील से पूछें।
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