क्या हुआ: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में ESTIC 2026 का उद्घाटन किया; वैज्ञानिकों-स्टार्टअप्स से तीन साल का ठोस लक्ष्य तय करने को कहा
कब: उद्घाटन 27 अक्टूबर 2026; कॉन्क्लेव 27 से 29 अक्टूबर तक
कहां: भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली
आपके लिए मतलब: AI, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सरकार का ज़ोर पढ़ाई और नौकरी के नए मौके बना रहा है
क्या करें: छात्र और स्टार्टअप ESTIC की आधिकारिक वेबसाइट पर सत्रों और अनुसंधान योजनाओं की जानकारी देख सकते हैं
“AI जल्दी जवाब दे सकता है, लेकिन उस जवाब को परखने की ज़िम्मेदारी वैज्ञानिक की ही है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के भारत मंडपम में यह बात कही, जहां उन्होंने इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC) 2026 का उद्घाटन किया। तीन दिन का यह कॉन्क्लेव 29 अक्टूबर तक चलेगा।
परमाणु ऊर्जा से शुरुआत
PIB के मुताबिक प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत परमाणु ऊर्जा से की, क्योंकि 30 अक्टूबर को डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जयंती है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले देश में बने 500 मेगावॉट के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘फर्स्ट क्रिटिकैलिटी’ हासिल की, यानी रिएक्टर में नियंत्रित परमाणु प्रतिक्रिया पहली बार लगातार चलने लगी। आयातित परमाणु ईंधन पर निर्भरता घटाने के लिहाज़ से इसे बड़ा कदम माना जाता है।
इस साल की बड़ी उपलब्धियां, PM ने गिनाईं
- एक भारतीय स्पेस स्टार्टअप ने पहली ही कोशिश में देसी रॉकेट से उपग्रह कक्षा में पहुंचाया।
- भारत ने सैटेलाइट डॉकिंग की क्षमता हासिल की।
- AI इम्पैक्ट समिट की मेज़बानी और भारत का अपना AI मॉडल।
- भारत में बने सेमीकंडक्टर चिप दुनिया को भेजे जाने शुरू हुए।
रिसर्च पर 24,000 करोड़ की नई प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले साल इसी मंच पर अनुसंधान, विकास और नवाचार के लिए एक लाख करोड़ रुपये का ऐलान हुआ था। बीते एक साल में बाज़ार के लिए तैयार लैब तकनीकों पर सरकार के 12,000 करोड़ रुपये के बराबर ही निजी निवेशकों ने भी 12,000 करोड़ रुपये लगाए हैं। उनके मुताबिक देश में सालाना पेटेंट आवेदन दस साल पहले के 50,000 से कम से बढ़कर पिछले साल करीब 1.5 लाख हो गए।
तीन साल का लक्ष्य तय करें
मोदी ने कॉन्क्लेव में मौजूद हर शोधकर्ता, उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक और छात्र से कहा कि वे तय करें कि अगले तीन साल में कौन सी तकनीक, प्रोटोटाइप या प्रोडक्ट बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव सिर्फ विचारों के लेन-देन तक सीमित न रहे, बल्कि नापे जा सकने वाले नतीजे दे। साथ ही उन्होंने AI के दौर में वित्तीय नेटवर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए AI और क्वांटम आधारित सुरक्षा समाधान बनाने पर ज़ोर दिया।
दिल्ली-NCR के इंजीनियरिंग और साइंस छात्रों के लिए यह संकेत साफ है: सेमीकंडक्टर, क्वांटम, बायोटेक, रोबोटिक्स और स्पेस जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय मिशनों के ज़रिए रिसर्च के मौके बढ़ रहे हैं।
ESTIC 2026 कब और कहां हो रहा है?
27 से 29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में।
प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कितनी क्षमता का है?
500 मेगावॉट का; प्रधानमंत्री के मुताबिक इसने कुछ महीने पहले फर्स्ट क्रिटिकैलिटी हासिल की।
AI पर प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
AI जल्दी जवाब दे सकता है, लेकिन जवाब की सच्चाई परखने की ज़िम्मेदारी वैज्ञानिक की है।

