क्या हुआ: दिल्ली का औसत AQI रविवार को 261 पर पहुंचकर “खराब” श्रेणी में चला गया, जो इस मौसम का सबसे बुरा और 198 दिन का सबसे ऊंचा स्तर है; इसी दिन सर्दियों की नई पाबंदियां लागू होने से बॉर्डर पर गाड़ियों की जांच के चलते लंबे जाम लगे
कब: रविवार, 1 नवंबर 2026; पाबंदियां 1 नवंबर से अलग-अलग अवधि में 28 फरवरी तक
कहां: पूरी दिल्ली; सबसे खराब हवा जहांगीरपुरी (AQI 378); जाम DND, गाज़ीपुर, राजोकरी, सिंघु, टिकरी, बदरपुर जैसे एंट्री पॉइंट पर
आपके लिए मतलब: अगले कुछ दिन हवा “खराब” से “बहुत खराब” रह सकती है; बाहर से आने वाली BS-IV या पुरानी गाड़ियां लौटाई जा रही हैं, पार्किंग का चार्ज दोगुना है और दफ्तरों में 50% हाज़िरी का नियम है
क्या करें: सुबह-शाम की सैर और बच्चों-बुज़ुर्गों का बाहर रहना कम करें, ज़रूरत हो तो मास्क पहनें; नोएडा-गाज़ियाबाद से आना हो तो समय लेकर निकलें या मेट्रो लें; गाड़ी का PUC साथ रखें
नवंबर का पहला दिन दिल्ली के लिए दोहरी परेशानी लेकर आया। एक तरफ हवा अचानक भारी हो गई, दूसरी तरफ प्रदूषण रोकने के लिए लागू हुई नई पाबंदियों के पहले ही दिन शहर की सीमाओं पर गाड़ियों की कतारें लग गईं। PTI के मुताबिक रविवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 261 दर्ज हुआ, जो इस सीज़न का सबसे खराब और पिछले 198 दिनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले AQI 17 अप्रैल को 250 के पार (263) गया था।
एक दिन में 144 अंक की छलांग
अमर उजाला के मुताबिक शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 117 यानी “मध्यम” श्रेणी में था। रविवार को यह 144 अंक उछलकर 261 पहुंचा और शाम 6 बजे के बाद 272 दर्ज किया गया। उत्तर-पश्चिमी हवाओं को इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है। शहर के 57 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 22 पर हवा “बहुत खराब”, 21 पर “खराब” और 14 पर “मध्यम” रही। जहांगीरपुरी 378 के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि 401 से “गंभीर” श्रेणी शुरू होती है। सबसे बड़ा प्रदूषक PM2.5 रहा।
प्रदूषण कहां से आ रहा है
डिसीज़न सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुमान के मुताबिक रविवार को दिल्ली के प्रदूषण में गाड़ियों के धुएं का हिस्सा 16.4% और पराली जलाने का हिस्सा 18.5% तक रहा। पड़ोसी ज़िलों में झज्जर (9.2%) और गुरुग्राम (4.8%) का योगदान सबसे ज़्यादा आंका गया।
बॉर्डर पर जांच, घंटों का जाम
1 नवंबर से बाहर रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुरानी गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगी है। परिवहन विभाग ने करीब 250 कर्मचारियों की 39 टीमें 13 बड़े टोल प्लाज़ा पर लगाई हैं, जिनमें DND, गाज़ीपुर, राजोकरी (NH-48), सिंघु, टिकरी और बदरपुर शामिल हैं। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान वाले कैमरों से भी नियम तोड़ने वाली गाड़ियां पकड़ी जा रही हैं। दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर सबसे ज़्यादा जाम दिखा। सोशल मीडिया पर एक यात्री ने लिखा कि वह तीन घंटे बॉर्डर पर फंसा रहा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक 1 नवंबर को रात 12 से शाम 8 बजे तक 7,279 गाड़ियों की जांच हुई। इनमें से 714 गाड़ियां वापस लौटाई गईं, 38 ज़ब्त हुईं और 10 के चालान कटे।
और कौन-सी पाबंदियां लागू
- धूल उड़ाने वाले बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ पर 31 जनवरी तक रोक; 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक लगभग पूरी रोक (ज़रूरी सरकारी प्रोजेक्ट को छूट)
- अधिकृत पार्किंग में चार्ज 28 फरवरी तक दोगुना
- सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% हाज़िरी, बाकी घर से काम; ज़रूरी सेवाओं को छूट
- MCD दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे, दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक
यमुनापार के लिए क्या मतलब
शाहदरा, दिलशाद गार्डन, लक्ष्मी नगर और मयूर विहार के बहुत से लोग रोज़ नोएडा-गाज़ियाबाद आते-जाते हैं। गाज़ीपुर और DND पर जांच के चलते सुबह-शाम देरी बढ़ सकती है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक 2-3 नवंबर को हवा “खराब” रहेगी और उसके बाद के छह दिनों में “बहुत खराब” तक जा सकती है। सांस, दमा या दिल के मरीज़ खास ध्यान रखें।
दिल्ली का AQI 1 नवंबर को कितना था?
रविवार 1 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत AQI 261 (खराब) रहा, जो इस सीज़न का सबसे ऊंचा स्तर है। शाम 6 बजे के बाद यह 272 दर्ज हुआ।
किन गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री बंद है?
दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुराने मानक वाली गाड़ियों पर रोक है। इलेक्ट्रिक, CNG, इमरजेंसी और सरकारी ड्यूटी वाली गाड़ियों को छूट है।
आगे हवा कैसी रहेगी?
अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक 2-3 नवंबर को हवा खराब रहेगी और अगले छह दिन खराब से बहुत खराब के बीच रह सकती है।
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