क्या हुआ: शाहदरा थाने में 23-24 अक्टूबर के विवाद के बाद वकीलों ने निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और दूसरे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है; दिल्ली हाईकोर्ट 6 नवंबर को सुनवाई करेगा
कब: हाईकोर्ट ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सुनवाई की तारीख तय की; सुनवाई शुक्रवार, 6 नवंबर को
कहां: दिल्ली हाईकोर्ट; मूल विवाद शाहदरा थाना और रोहताश नगर, शाहदरा ज़िला
आपके लिए मतलब: शाहदरा का पुलिस-वकील विवाद अब अदालत में है; ज़िला अदालतों में कामकाज सामान्य है क्योंकि वकीलों की हड़ताल पहले ही खत्म हो चुकी है
क्या करें: अदालत में तारीख वाले लोग अपने वकील से 6 नवंबर की सुनवाई के बाद की स्थिति पता करते रहें; सोशल मीडिया पर चल रहे बिना पुष्टि वाले वीडियो आगे न बढ़ाएं
शाहदरा थाने से शुरू हुआ पुलिस और वकीलों का विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और दूसरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली वकीलों की याचिका पर शुक्रवार, 6 नवंबर को सुनवाई करेगा। वकीलों का आरोप है कि इन अधिकारियों ने उन्हें धमकाया।
“शुक्रवार को लिस्ट करें”
PTI के हवाले से इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मामला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच के सामने तुरंत सुनवाई के लिए रखा गया था। बेंच ने कहा, “इसे शुक्रवार को लिस्ट करें।” कुछ वकीलों ने पहले अदालत से खुद संज्ञान लेने की अपील की थी, लेकिन बेंच ने ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि वे सारी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करें।
मंगलवार को वकीलों ने अदालत को बताया था कि वकीलों के खिलाफ “AK-47 के इस्तेमाल” और “काले कोट के गुंडे” जैसी टिप्पणियां की गईं।
बाइक पार्किंग से शुरू हुआ था झगड़ा
नवभारत टाइम्स की क्रोनोलॉजी के मुताबिक 23 अक्टूबर को रोहताश नगर में एक दुकान के आगे बाइक खड़ी करने को लेकर दुकानदार और वकील पक्ष में झगड़ा हुआ। मामला शाहदरा थाने पहुंचा, जहां हाथापाई में वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई। अगले दिन थाने में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और ACP के बीच बहस हुई। ACP ने कुछ वकीलों पर केस दर्ज कराया, जबकि वकीलों ने आरोप लगाया कि ACP ने पिस्तौल लहराकर धमकाया। इसके बाद ज़िला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जो बाद में खत्म हुई।
तबादला, प्रदर्शन और फिर निलंबन
28 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों और बार के बीच बैठक के बाद गांधी नगर की SDPO रहीं मनस्वी वशिष्ठ को महिला एवं बाल विशेष पुलिस इकाई और शाहदरा SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट भेज दिया गया। इस फैसले से निचले स्टाफ में नाराज़गी फैली और 2 नवंबर को पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों पर टिप्पणियां हुईं, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने ACP को निलंबित कर दिया।
अब शुक्रवार की सुनवाई में तय होगा कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है। यमुनापार के लोगों के लिए यह विवाद इसलिए भी अहम है क्योंकि कड़कड़डूमा और शाहदरा की अदालतों में रोज़ हज़ारों लोग अपने मुकदमों के लिए पहुंचते हैं।
हाईकोर्ट इस याचिका पर कब सुनवाई करेगा?
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को।
याचिका किसके खिलाफ है?
निलंबित ACP मनस्वी वशिष्ठ और कुछ दूसरे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ, जिन पर वकीलों को धमकाने का आरोप है।
क्या हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया?
नहीं, बेंच ने खुद संज्ञान लेने से मना किया और वकीलों से सारी सामग्री के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा।

