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  • अमित शाह 4 साल बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे: प्रदर्शन, महिला सुरक्षा, गैंगस्टर और ड्रग्स पर बड़ी समीक्षा बैठक

    अमित शाह 4 साल बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे: प्रदर्शन, महिला सुरक्षा, गैंगस्टर और ड्रग्स पर बड़ी समीक्षा बैठक

    क्या हुआ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के आला अफसरों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की
    कब: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, दोपहर करीब 3 बजे से
    कहाँ: दिल्ली पुलिस मुख्यालय, जय सिंह रोड, नई दिल्ली
    आपके लिए क्या मतलब: त्योहारों से पहले महिला सुरक्षा, ड्रग्स, गैंगस्टर और प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के रवैये पर सख्ती और नए निर्देश आ सकते हैं
    क्या करें: आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें; प्रदर्शन या रैली वाले दिनों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइज़री देखकर ही निकलें

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और राजधानी की कानून-व्यवस्था पर अफसरों से सीधा हिसाब लिया। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह चार साल से ज़्यादा समय बाद उनका पुलिस मुख्यालय का दौरा है। इससे पहले वे 30 अगस्त 2022 को यहां आए थे।

    इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुए। पुलिस कमिश्नर के साथ सभी स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, ज़िलों के डीसीपी और स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच के अधिकारी मौजूद रहे।

    किन मुद्दों पर हुई बात

    रिपोर्टों के मुताबिक गृह मंत्री के सामने दिल्ली पुलिस के कामकाज की रिपोर्ट रखी गई। चर्चा के मुख्य बिंदु ये रहे:

    • पिछले पांच महीनों में दिल्ली में हुए प्रदर्शन और उनसे निपटने का तरीका
    • महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा
    • पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले
    • नशे का कारोबार, गैंगवार और विदेश में बैठकर गिरोह चलाने वाले गैंगस्टर
    • पुलिस और आम लोगों के बीच सीधा संवाद

    बैठक का समय क्यों अहम है

    यह दौरा ऐसे वक्त हुआ है जब दिल्ली पुलिस प्रदर्शनों को लेकर सवालों के घेरे में है। जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के आरोप लगे थे। सुप्रीम कोर्ट की बनाई उच्चस्तरीय जांच समिति 29 और 30 अक्टूबर को दिल्ली में बैठकर प्रभावित लोगों के बयान दर्ज करेगी, जिसमें पेलेट गन के इस्तेमाल और महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी के आरोपों पर सबूत सुने जाएंगे।

    दूसरी ओर, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के प्रदर्शन जारी हैं। शुक्रवार को बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास मार्च के चलते ट्रैफिक पुलिस को दोपहर 1 से 5 बजे तक डायवर्ज़न लगाना पड़ा था। INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में पुलिस पर भीड़ प्रबंधन का दबाव और बढ़ेगा।

    त्योहारों में सुरक्षा भी बड़ी चुनौती

    धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। बाज़ारों में भीड़, अवैध पटाखों की बिक्री और जेबकतरी जैसे अपराध हर साल इसी मौसम में बढ़ते हैं। पूर्वी दिल्ली में हाल ही में त्रिलोकपुरी में 707 किलो अवैध पटाखे पकड़े गए थे। राजधानी में प्रदूषण को लेकर GRAP-1 की पाबंदियां भी लागू हैं, जिनकी निगरानी में पुलिस की भूमिका है।

    खबर लिखे जाने तक गृह मंत्रालय या दिल्ली पुलिस की ओर से बैठक में दिए गए निर्देशों का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं हुआ था। ब्योरा आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।

    अमित शाह दिल्ली पुलिस मुख्यालय कब पहुंचे?

    शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे, जय सिंह रोड स्थित मुख्यालय में।

    बैठक में कौन-कौन शामिल था?

    रिपोर्टों के मुताबिक उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पुलिस कमिश्नर, स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, डीसीपी और स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच के अधिकारी।

    बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

    प्रदर्शनों से निपटना, महिला सुरक्षा, पुलिस पर हमले, ड्रग्स, गैंगवार और विदेश से चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क।

    स्रोत

  • दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को ग्रामीण से शहरी (urbanised) दर्जा देने का फैसला किया
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी
    कहाँ: पूरी दिल्ली के 48 गांव; पूर्वी हिस्से से सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा), पुर शाहदरा, सबापुर और जाफराबाद शामिल
    आपके लिए क्या मतलब: सड़क, सीवर, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट की योजना शहरी ढांचे के हिसाब से बन सकेगी
    क्या करें: अधिसूचना जारी होने तक इंतज़ार करें; निर्माण या ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव से पहले नियम और मंज़ूरी ज़रूर देखें

    दिल्ली के जिन गांवों में आज भी गलियों में सीवर लाइन और पक्की नाली का इंतज़ार है, उनके लिए शुक्रवार को एक अहम फैसला आया। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 48 गांवों को शहरी दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह कदम दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत उठाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से इन गांवों में ज़मीन के इस्तेमाल, सड़क संपर्क, सीवर, जलापूर्ति और साफ-सफाई जैसी ज़रूरतों पर ज़्यादा व्यवस्थित ढंग से काम हो सकेगा। उनके शब्दों में, गांव दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं और लक्ष्य उनकी पहचान का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से गांव

    सूची में शाहदरा इलाके के सुंगरपुर और जगतपुर, पुर शाहदरा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सबापुर और सीलमपुर से सटा जाफराबाद शामिल हैं। यमुना किनारे के बदरपुर खादर का नाम भी सूची में है। इन इलाकों में बीते सालों में आबादी तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन कागज़ों में इनकी पहचान अब भी गांव की थी।

    पूरी सूची

    बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर (नई दिल्ली), सुंगरपुर (शाहदरा), ताजपुर कलां, टिहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रशीदपुर, चटेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर (उत्तरी दिल्ली), जगतपुर (शाहदरा), सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, सबापुर, बदरपुर खादर, बदरपुर माजरा बुराड़ी, बकियाबाद, खानपुर खानी, जाफराबाद, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, बदूसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटीकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेड़ी, बकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला।

    शहरी दर्जे से क्या बदलेगा

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक अधिसूचना जारी होते ही इन गांवों का दर्जा ग्रामीण से शहरी हो जाएगा। इससे यह साफ होगा कि यहां कौन से कानूनी और प्रशासनिक नियम लागू होंगे। सड़क, अंदरूनी संपर्क मार्ग, पानी, सीवर नेटवर्क, नाली, कचरा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं की ज़रूरत का आकलन संबंधित एजेंसियां कर सकेंगी। यह पूरी प्रक्रिया मास्टर प्लान-2041 के मसौदे से भी जोड़ी जाएगी।

    लेकिन यह मान लेना जल्दबाज़ी होगी कि कल से ही गलियों में काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने खुद कहा है कि एजेंसियां मौजूदा नीतियों, मंज़ूर योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से ही आगे बढ़ेंगी। निर्माण, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव या कोई भी विकास कार्य भवन उपनियमों और ज़रूरी अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा।

    गांव वालों के लिए सलाह

    • अधिसूचना की कॉपी अपने निगम पार्षद या SDM कार्यालय से लेकर रखें।
    • ज़मीन की खरीद-बिक्री से पहले किसी भरोसेमंद वकील से नए नियम समझ लें; “शहरी हो गया, अब सब जायज़” जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें।
    • गली में सीवर, पानी या नाली की कमी हो तो इसे लिखित शिकायत के रूप में MCD और दिल्ली जल बोर्ड तक पहुंचाएं, ताकि सर्वे में आपकी गली छूटे नहीं।

    पूर्वी दिल्ली में इन दिनों 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर भी है। वोटर लिस्ट से जुड़ा 25 अक्टूबर का विशेष कैंप और कोंडली STP समेत यमुना परियोजनाएं वाली खबर भी पढ़ें।

    दिल्ली के कितने गांवों को शहरी दर्जा मिलेगा?

    दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को शहरी घोषित करने का फैसला किया है।

    यह फैसला किस कानून के तहत लिया गया?

    दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत।

    शाहदरा के कौन से गांव सूची में हैं?

    सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा) और पुर शाहदरा; पास के जाफराबाद और सबापुर भी सूची में हैं।

    क्या शहरी दर्जे के बाद बिना मंज़ूरी निर्माण हो सकेगा?

    नहीं, सरकार के मुताबिक निर्माण और ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव के लिए नियम और अनुमति ज़रूरी रहेंगे।

    स्रोत