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  • दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    दिल्ली के 48 गांव होंगे शहरी: सुंगरपुर, पुर शाहदरा, जगतपुर, जाफराबाद भी सूची में—जानिए क्या बदलेगा

    क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को ग्रामीण से शहरी (urbanised) दर्जा देने का फैसला किया
    कब: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी
    कहाँ: पूरी दिल्ली के 48 गांव; पूर्वी हिस्से से सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा), पुर शाहदरा, सबापुर और जाफराबाद शामिल
    आपके लिए क्या मतलब: सड़क, सीवर, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट की योजना शहरी ढांचे के हिसाब से बन सकेगी
    क्या करें: अधिसूचना जारी होने तक इंतज़ार करें; निर्माण या ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव से पहले नियम और मंज़ूरी ज़रूर देखें

    दिल्ली के जिन गांवों में आज भी गलियों में सीवर लाइन और पक्की नाली का इंतज़ार है, उनके लिए शुक्रवार को एक अहम फैसला आया। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 48 गांवों को शहरी दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह कदम दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत उठाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से इन गांवों में ज़मीन के इस्तेमाल, सड़क संपर्क, सीवर, जलापूर्ति और साफ-सफाई जैसी ज़रूरतों पर ज़्यादा व्यवस्थित ढंग से काम हो सकेगा। उनके शब्दों में, गांव दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं और लक्ष्य उनकी पहचान का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कौन से गांव

    सूची में शाहदरा इलाके के सुंगरपुर और जगतपुर, पुर शाहदरा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सबापुर और सीलमपुर से सटा जाफराबाद शामिल हैं। यमुना किनारे के बदरपुर खादर का नाम भी सूची में है। इन इलाकों में बीते सालों में आबादी तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन कागज़ों में इनकी पहचान अब भी गांव की थी।

    पूरी सूची

    बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर (नई दिल्ली), सुंगरपुर (शाहदरा), ताजपुर कलां, टिहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रशीदपुर, चटेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर (उत्तरी दिल्ली), जगतपुर (शाहदरा), सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, सबापुर, बदरपुर खादर, बदरपुर माजरा बुराड़ी, बकियाबाद, खानपुर खानी, जाफराबाद, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, बदूसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटीकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेड़ी, बकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला।

    शहरी दर्जे से क्या बदलेगा

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक अधिसूचना जारी होते ही इन गांवों का दर्जा ग्रामीण से शहरी हो जाएगा। इससे यह साफ होगा कि यहां कौन से कानूनी और प्रशासनिक नियम लागू होंगे। सड़क, अंदरूनी संपर्क मार्ग, पानी, सीवर नेटवर्क, नाली, कचरा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं की ज़रूरत का आकलन संबंधित एजेंसियां कर सकेंगी। यह पूरी प्रक्रिया मास्टर प्लान-2041 के मसौदे से भी जोड़ी जाएगी।

    लेकिन यह मान लेना जल्दबाज़ी होगी कि कल से ही गलियों में काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने खुद कहा है कि एजेंसियां मौजूदा नीतियों, मंज़ूर योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से ही आगे बढ़ेंगी। निर्माण, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव या कोई भी विकास कार्य भवन उपनियमों और ज़रूरी अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा।

    गांव वालों के लिए सलाह

    • अधिसूचना की कॉपी अपने निगम पार्षद या SDM कार्यालय से लेकर रखें।
    • ज़मीन की खरीद-बिक्री से पहले किसी भरोसेमंद वकील से नए नियम समझ लें; “शहरी हो गया, अब सब जायज़” जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें।
    • गली में सीवर, पानी या नाली की कमी हो तो इसे लिखित शिकायत के रूप में MCD और दिल्ली जल बोर्ड तक पहुंचाएं, ताकि सर्वे में आपकी गली छूटे नहीं।

    पूर्वी दिल्ली में इन दिनों 8 नवंबर तक पानी सप्लाई पर असर भी है। वोटर लिस्ट से जुड़ा 25 अक्टूबर का विशेष कैंप और कोंडली STP समेत यमुना परियोजनाएं वाली खबर भी पढ़ें।

    दिल्ली के कितने गांवों को शहरी दर्जा मिलेगा?

    दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को शहरी घोषित करने का फैसला किया है।

    यह फैसला किस कानून के तहत लिया गया?

    दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(A) के तहत।

    शाहदरा के कौन से गांव सूची में हैं?

    सुंगरपुर (शाहदरा), जगतपुर (शाहदरा) और पुर शाहदरा; पास के जाफराबाद और सबापुर भी सूची में हैं।

    क्या शहरी दर्जे के बाद बिना मंज़ूरी निर्माण हो सकेगा?

    नहीं, सरकार के मुताबिक निर्माण और ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव के लिए नियम और अनुमति ज़रूरी रहेंगे।

    स्रोत