क्या हुआ: शाहदरा ज़िले के मानसरोवर पार्क इलाके में दिनदहाड़े पिस्तौल दिखाकर हुई 44 लाख रुपये की लूट के सभी छह आरोपी गिरफ्तार; कुल 26,41,500 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद
कब: लूट 27 अगस्त 2026 को हुई थी; पुलिस ने 27 अक्टूबर को पूरे केस का खुलासा किया
कहां: मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र, शाहदरा (पूर्वी दिल्ली); बरामदगी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से
आपके लिए मतलब: बड़ी रकम लेकर निकलने वाले कारोबारियों के लिए यह केस बताता है कि नकदी ले जाने के समय की जानकारी अंदर से ही लीक हुई थी
क्या करें: मोटी नकदी लेकर अकेले न निकलें, समय और रास्ता बदलते रहें, जहां हो सके बैंक ट्रांसफर करें और कुछ संदिग्ध लगे तो तुरंत 112 पर कॉल करें
शाहदरा में दो महीने पहले हुई 44 लाख रुपये की सनसनीखेज़ लूट की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ ‘डेविल’ समेत सभी छह आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। लूटी गई रकम में से 26 लाख रुपये से ज़्यादा वापस मिल गए हैं, जिनमें से बड़ा हिस्सा मुख्य आरोपी की बहन के पास से निकला।
27 अगस्त को क्या हुआ था
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक वारदात 27 अगस्त को मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में हुई थी। बदमाशों ने पिस्तौल तानकर शिकायतकर्ता से 44 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया था और फरार हो गए थे। दिनदहाड़े हुई इस लूट से इलाके के कारोबारियों में डर का माहौल बन गया था।
‘डेविल’ की निशानदेही पर झाड़ियों से मिली पिस्तौल
पुलिस ने बताया कि सत्यम को उत्तर प्रदेश से दिल्ली लाया गया और 16 अक्टूबर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। अदालत की इजाज़त से उससे चार दिन हिरासत में पूछताछ हुई। उसी की निशानदेही पर 18 अक्टूबर को सुल्तानपुर ज़िले में झाड़ियों से पिस्तौल और मैगज़ीन बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक भागते वक्त उसने हथियार वहीं फेंक दिया था। सत्यम अब न्यायिक हिरासत में है।
किस आरोपी की क्या भूमिका
पुलिस ने बाकी पांच आरोपियों के नाम प्रांजल तिवारी, सरब तिवारी उर्फ प्रफुल्ल, अमरीश तिवारी उर्फ चंचल, गौरव तिवारी और रामजीत बताए हैं। पुलिस का दावा है कि:
- प्रांजल ने बाकी आरोपियों को बताया कि नकदी कब ले जाई जाएगी।
- सरब लूट करने वालों और मुख्य आरोपी के बीच तालमेल बिठा रहा था।
- अमरीश वारदात के वक्त सत्यम के साथ मौजूद था।
- गौरव ने आरोपियों के ठहरने का इंतज़ाम किया।
- रामजीत ने भागने के लिए गाड़ी दी और गिरफ्तारी से बचने में मदद की।
बहन के पास से मिले 22.51 लाख
डीसीपी मीणा ने बताया कि शुरुआती कार्रवाई में 3.90 लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल कार और तीन मोबाइल फोन ज़ब्त किए गए थे। बाद में सुल्तानपुर में एक और छापे में मुख्य आरोपी की 19 साल की बहन के पास से 22.51 लाख रुपये नकद मिले। उसे लूट की रकम छिपाने में मदद के आरोप में केस में नामजद किया गया है। इस तरह अब तक कुल 26,41,500 रुपये बरामद हुए हैं। यानी करीब 17.6 लाख रुपये अभी बरामद होने बाकी हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपियों पर उत्तर प्रदेश में मारपीट, धमकी और धोखाधड़ी जैसे मामले पहले से दर्ज हैं। ये सभी आरोप पुलिस के हैं और अदालत में साबित होने बाकी हैं।
शाहदरा, विवेक विहार और मानसरोवर पार्क जैसे इलाकों में थोक कारोबार और नकद लेन-देन बहुत होता है। इस केस में टिप अंदर से मिलने की बात सामने आने के बाद व्यापारियों को अपने कर्मचारियों और नकदी ले जाने के तरीके पर दोबारा सोचने की ज़रूरत है।
शाहदरा की 44 लाख की लूट कब और कहां हुई थी?
27 अगस्त 2026 को मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में, पिस्तौल दिखाकर बैग छीना गया था।
कितने आरोपी पकड़े गए और कितनी रकम मिली?
सभी छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और कुल 26,41,500 रुपये नकद बरामद हुए हैं।
मुख्य आरोपी कौन है?
पुलिस के मुताबिक सत्यम विश्वकर्मा उर्फ ‘डेविल’, जो अब न्यायिक हिरासत में है।
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